मक्का में ड्रोन से हड़कंप! पवित्र शहर में पहली बार मंडराया बड़ा खतरा, आखिर किसने भेजा ड्रोन?
मक्का के पास ड्रोन रोका गया, सऊदी अरब ने जारी किया अलर्ट
निष्कर्ष भारत, संवाददाता (पटना)। मक्का ड्रोन अलर्ट ने मंगलवार को सऊदी अरब की सुरक्षा व्यवस्था और क्षेत्रीय तनाव को लेकर चिंता बढ़ा दी। सऊदी अरब के मुताबिक, मक्का की दिशा में आ रहे एक ड्रोन को पवित्र शहर के प्रतिबंधित हवाई क्षेत्र में प्रवेश करने से पहले ही एयर डिफेंस ने रोककर नष्ट कर दिया। सऊदी नेतृत्व वाले गठबंधन के प्रवक्ता तुर्की अल-मलिकी ने बताया कि रॉयल सऊदी एयर डिफेंस फोर्सेज ने ड्रोन को मक्का के दक्षिण में रोक लिया। वहीं हूती संगठन ने मक्का को निशाना बनाने के सऊदी दावे से इनकार किया है।
घटना के बाद सऊदी सिविल डिफेंस ने मक्का, जेद्दा और ताइफ समेत पश्चिमी तट के कई इलाकों में हवाई खतरे के अलर्ट जारी किए। मक्का में जारी अलर्ट कुछ समय बाद हटा लिया गया। अधिकारियों ने लोगों से सुरक्षा निर्देशों का पालन करने और घटना वाली जगहों पर भीड़ नहीं लगाने की अपील की।
मक्का के पास रोका गया ड्रोन
सऊदी अधिकारियों के अनुसार, ड्रोन को प्रतिबंधित हवाई क्षेत्र में दाखिल होने से पहले ही इंटरसेप्ट कर लिया गया। इस घटना में पवित्र शहर के भीतर किसी नुकसान की सूचना नहीं दी गई है। उपलब्ध रिपोर्टों के मुताबिक ग्रैंड मस्जिद, काबा या अन्य पवित्र स्थलों को भी कोई नुकसान नहीं पहुंचा।
सऊदी नेतृत्व वाले गठबंधन के प्रवक्ता तुर्की अल-मलिकी ने कहा कि श्रद्धालुओं और दोनों पवित्र मस्जिदों की सुरक्षा सऊदी अरब के लिए बेहद महत्वपूर्ण है। उन्होंने इस घटना को नागरिकों को डराने और नुकसान पहुंचाने की कोशिश के रूप में बताया।
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हालांकि, इस दावे का दूसरा पक्ष भी सामने आया है। हूती राजनीतिक ब्यूरो के सदस्य हाजेम अल-असद ने मक्का को निशाना बनाए जाने से इनकार किया है। हूती पक्ष ने सऊदी दावे को गलत बताया और कहा कि संगठन पवित्र स्थलों को निशाना नहीं बनाता
मक्का में पहली बार जारी हुआ ऐसा अलर्ट
इस घटना की खास वजह मक्का को लेकर जारी किया गया हवाई खतरे का अलर्ट है। ताजा रिपोर्टों के अनुसार, मौजूदा घटनाक्रम के दौरान मक्का में इस तरह का सुरक्षा अलर्ट पहली बार जारी किया गया। हालांकि, 2017 में भी मक्का की दिशा में मिसाइल हमले की कोशिश को लेकर सुरक्षा चिंता सामने आई थी।

मक्का इस्लाम के सबसे पवित्र शहरों में शामिल है। यहां स्थित मस्जिद अल-हरम में काबा है, जिसकी ओर दुनिया भर के मुसलमान नमाज के दौरान रुख करते हैं। हर साल बड़ी संख्या में श्रद्धालु हज और उमरा के लिए मक्का पहुंचते हैं। ऐसे में शहर के आसपास किसी भी हवाई सुरक्षा घटना को लेकर स्वाभाविक रूप से विशेष सतर्कता बरती जाती है।
मक्का के साथ जेद्दा और ताइफ में भी अलर्ट
सऊदी सिविल डिफेंस ने सिर्फ मक्का ही नहीं, बल्कि जेद्दा और ताइफ समेत पश्चिमी सऊदी अरब के अन्य इलाकों में भी हवाई खतरे की चेतावनी जारी की थी। बाद में मक्का का अलर्ट हटा दिया गया। अधिकारियों ने नागरिकों से सुरक्षा निर्देशों का पालन करने और घटनास्थल पर भीड़ लगाने से बचने को कहा। साथ ही लोगों को घटना की तस्वीरें या वीडियो बनाने से भी रोकने की अपील की गई।
इस घटनाक्रम से यह भी स्पष्ट होता है कि सऊदी अरब के सामने मौजूदा क्षेत्रीय तनाव के बीच सुरक्षा चुनौती केवल सीमावर्ती इलाकों तक सीमित नहीं रह गई है। हाल के दिनों में देश के अलग-अलग हिस्सों में मिसाइल और ड्रोन से जुड़े हमलों के बाद सुरक्षा अलर्ट बढ़ाए गए हैं।
हूतियों और सऊदी अरब के बीच फिर बढ़ा तनाव
मक्का की घटना ऐसे समय हुई है जब सऊदी अरब और हूती संगठन के बीच तनाव फिर बढ़ रहा है। हाल के दिनों में हूती हमलों के कारण सऊदी अरब के कई इलाकों में सुरक्षा चेतावनियां जारी की गई हैं। सऊदी अधिकारियों के अनुसार, हूती हमलों में मिसाइल और ड्रोन का इस्तेमाल हुआ है। दूसरी ओर हूती पक्ष ने इन हमलों को सऊदी कार्रवाई के जवाब के तौर पर पेश किया है। ([Al Jazeera][4])
अल-जजीरा की रिपोर्ट के मुताबिक, हालिया हमलों में खमिस मुशैत, अबहा और ताइफ सहित कई स्थानों पर लोगों के घायल होने और संपत्ति को नुकसान पहुंचने की जानकारी सऊदी पक्ष ने दी है। हूतियों ने खमिस मुशैत स्थित किंग खालिद एयरबेस पर बड़े मिसाइल और ड्रोन हमले का भी दावा किया है। हालांकि, संघर्ष से जुड़ी कई सैन्य दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। ([Al Jazeera][4])
2015 से जारी संघर्ष की पृष्ठभूमि
सऊदी अरब और हूतियों के बीच संघर्ष की मौजूदा पृष्ठभूमि 2015 से चली आ रही है। 2022 में संयुक्त राष्ट्र की मध्यस्थता से हुए संघर्षविराम के बाद सऊदी क्षेत्र में हूती हमलों में काफी कमी आई थी। हालांकि, हाल के हफ्तों में यमन और सऊदी अरब से जुड़े घटनाक्रमों के बीच तनाव दोबारा बढ़ा है।
हालिया घटनाक्रम में लाल सागर और बाब-अल-मंदेब क्षेत्र की रणनीतिक स्थिति भी महत्वपूर्ण है। हूती गतिविधियों के बढ़ने से समुद्री मार्गों, क्षेत्रीय सुरक्षा और ऊर्जा आपूर्ति को लेकर भी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चिंता बढ़ी है।
मक्का की सुरक्षा पर क्यों है खास नजर?
मक्का केवल सऊदी अरब का एक प्रमुख शहर नहीं, बल्कि दुनिया भर के मुसलमानों के लिए धार्मिक रूप से अत्यंत महत्वपूर्ण केंद्र है। यहां हर साल हज और पूरे वर्ष उमरा के लिए बड़ी संख्या में लोग पहुंचते हैं। इसलिए शहर के आसपास किसी भी सुरक्षा खतरे की स्थिति में प्रशासन के लिए भीड़ प्रबंधन और श्रद्धालुओं की सुरक्षा सबसे महत्वपूर्ण जिम्मेदारियों में शामिल हो जाती है।

ताजा घटना में सऊदी अधिकारियों ने बताया है कि ड्रोन को पवित्र शहर के प्रतिबंधित हवाई क्षेत्र में प्रवेश से पहले ही नष्ट कर दिया गया। इस कारण मक्का के भीतर किसी नुकसान की सूचना नहीं है। दूसरी ओर हूती पक्ष द्वारा मक्का को निशाना बनाने से इनकार किए जाने के कारण ड्रोन के वास्तविक उद्देश्य को लेकर दोनों पक्षों के दावे अलग-अलग हैं।
मक्का में जारी हवाई खतरे का अलर्ट हटा लिया गया है। लेकिन सऊदी अरब के अलग-अलग हिस्सों में जारी मिसाइल और ड्रोन हमलों के बीच मक्का की सुरक्षा पर विशेष नजर बनी हुई है। आने वाले दिनों में क्षेत्रीय तनाव और उससे जुड़े सुरक्षा घटनाक्रम इस मामले की आगे की दिशा तय कर सकते हैं।
राजकुमार सिंह की रिपोर्ट
