भागलपुर में मजदूरों से नदी नाव गंगा में पलटी, एसडीआरएफ ने सभी को बचाया, मची अफरा-तफरी
भागलपुर में मजदूरों से भरी नाव गंगा में पलटी, 11 बचाए गए।
निष्कर्ष भारत संवाददाता, भागलपुर। जिले में मजदूरों से भरी नाव मंगलवार को भागलपुर में गंगा नदी की तेज धारा की चपेट में आकर पलट गई। नाव पर फ्लड फाइटिंग के काम में जुटे कुल 11 मजदूर सवार थे। नाव के गंगा के बीच पलटते ही मौके पर अफरा-तफरी मच गई। घटना की सूचना मिलते ही एसडीआरएफ की टीम मौके पर पहुंची और राहत-बचाव अभियान शुरू किया। फिलहाल सभी 11 मजदूरों के सुरक्षित होने की जानकारी सामने आई है।
बताया जा रहा है कि तेज बहाव के कारण नाव गंगा के बीच कई बार घूमने लगी। इसी दौरान संतुलन बिगड़ने से नाव पलट गई। नाव पर फ्लड फाइटिंग में इस्तेमाल होने वाले बोरे भी लदे हुए थे। स्थिति बिगड़ती देख मजदूरों ने बोरे नाव से निकालकर नदी में फेंक दिए, जिससे नाव का भार कम हो सके।
गंगा की तेज धारा में पलटी मजदूरों की नाव
भागलपुर के बाढ़ प्रभावित क्षेत्र में इन दिनों गंगा का जलस्तर और तेज बहाव चुनौती बना हुआ है। तटबंधों को सुरक्षित रखने के लिए फ्लड फाइटिंग का काम चल रहा है। इसी कार्य में लगे मजदूरों को नाव के जरिए नदी के रास्ते ले जाया जा रहा था।
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मंगलवार को अचानक तेज धारा के बीच नाव का संतुलन बिगड़ गया। प्रत्यक्ष जानकारी के अनुसार नाव कई बार घूमी और फिर नदी में पलट गई। घटना के बाद मजदूरों के बीच भी अफरा-तफरी की स्थिति बन गई।
मजदूरों ने नाव का भार किया कम
नाव पर फ्लड फाइटिंग के लिए इस्तेमाल किए जाने वाले बोरे भी मौजूद थे। नाव के असंतुलित होने के बाद मजदूरों ने तत्काल बोरे नदी में फेंक दिए। इसका उद्देश्य नाव का वजन कम करना और स्थिति को संभालना बताया जा रहा है।
इसी बीच घटना की सूचना बचाव दल तक पहुंची। एसडीआरएफ की टीम ने मौके पर पहुंचकर राहत एवं बचाव की कार्रवाई शुरू की। सभी मजदूरों को सुरक्षित बचा लिए जाने की जानकारी है।
एसडीआरएफ ने संभाला मोर्चा
नाव पलटने की सूचना मिलते ही एसडीआरएफ की टीम सक्रिय हुई। गंगा की तेज धारा के बीच बचाव अभियान चलाना चुनौतीपूर्ण था, लेकिन टीम ने मौके पर पहुंचकर मजदूरों को सुरक्षित निकालने की कार्रवाई की।
सभी 11 मजदूरों के सुरक्षित होने की जानकारी के बाद प्रशासन और स्थानीय लोगों ने राहत की सांस ली। इसके बाद पलटी नाव को सुरक्षित तरीके से किनारे लाने की कोशिश शुरू की गई।
मजदूरों की सुरक्षा पर फिर उठे सवाल
भागलपुर में फ्लड फाइटिंग के दौरान नाव पलटने की यह घटना पहली नहीं है। इससे पहले 26 अगस्त को भी नवगछिया में फ्लड फाइटिंग में लगे मजदूरों से भरी नाव गंगा में पलट गई थी।
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उस नाव पर 21 मजदूर सवार थे। एसडीआरएफ की टीम ने 19 मजदूरों को सुरक्षित निकाल लिया था, जबकि दो मजदूरों के लापता होने की जानकारी सामने आई थी।

लगातार ऐसी घटनाओं के बीच बाढ़ निरोधी काम में लगे मजदूरों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है। तेज बहाव वाली नदी में काम करने वाले कर्मचारियों और मजदूरों के लिए नाव की क्षमता, सुरक्षा उपकरण और बचाव व्यवस्था बेहद महत्वपूर्ण हो जाती है।
राघोपुर-नरकटिया तटबंध पर जारी है काम
भागलपुर के खरीक प्रखंड क्षेत्र में पिछले कुछ समय से गंगा का कटाव लगातार चुनौती बना हुआ है। राघोपुर-नरकटिया तटबंध पर कटावरोधी और फ्लड फाइटिंग का काम चल रहा है।
गंगा की तेज धारा के कारण मजदूरों को काम करने में परेशानी हो रही है। नदी का बहाव तेज होने से तटबंध के संवेदनशील हिस्सों पर दबाव बना हुआ है। ऐसे में कटाव रोकने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं।
मजदूरों के सामने तेज बहाव बड़ी चुनौती
फ्लड फाइटिंग के दौरान बोरे और दूसरे सामान नदी के किनारे या तटबंध तक पहुंचाने में नावों का इस्तेमाल किया जा रहा है। लेकिन तेज धारा में नाव संचालन जोखिम भरा हो सकता है।
मंगलवार की घटना ने इसी चुनौती को सामने ला दिया। नाव के पलटने के बाद अगर एसडीआरएफ समय पर नहीं पहुंचती तो स्थिति और गंभीर हो सकती थी। इस घटना के बाद बचाव व्यवस्था और मजदूरों की सुरक्षा पर विशेष ध्यान देने की जरूरत महसूस की जा रही है।
30 साल पुराना दुर्गा मंदिर भी कटाव की भेंट
गंगा के बढ़ते दबाव के बीच बांध पर स्थित करीब 30 साल पुराना दुर्गा मंदिर भी कटाव की चपेट में आ गया और नदी में समा गया। यह घटना इलाके में जारी कटाव की गंभीरता को बताती है।
बताया गया कि जल संसाधन विभाग की ओर से क्षेत्र में काम किया जा रहा था, लेकिन गंगा के तेज बहाव के कारण स्थिति लगातार चुनौतीपूर्ण बनी हुई है। मंदिर के नदी में समाने से स्थानीय लोगों में भी चिंता बढ़ गई है।
बाढ़ से हजारों परिवार प्रभावित
भागलपुर जिले में बाढ़ का असर बड़ी आबादी पर पड़ा है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार जिले में करीब 40 हजार लोग बाढ़ से प्रभावित हैं। कई इलाकों में पानी पहुंचने से लोगों को आवागमन और रोजमर्रा की जरूरतों में परेशानी हो रही है।
बाढ़ और कटाव की दोहरी चुनौती के बीच प्रशासन के सामने तटबंधों की सुरक्षा के साथ प्रभावित लोगों को राहत पहुंचाने की जिम्मेदारी भी है।
मंत्री बुलो मंडल के घर में भी घुसा पानी
बाढ़ की स्थिति का असर राजनीतिक और सार्वजनिक जीवन से जुड़े लोगों के घरों तक पहुंच गया है। जानकारी के अनुसार मंत्री बुलो मंडल के घर में भी बाढ़ का पानी प्रवेश कर गया है।
इससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि इलाके में बाढ़ का असर कितना व्यापक है। ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले लोगों की सबसे बड़ी चिंता घरों, खेतों और संपर्क मार्गों को लेकर बनी हुई है।
भागलपुर में गंगा का तेज बहाव, कटाव और बाढ़ लगातार प्रशासन के लिए चुनौती बने हुए हैं। मंगलवार को मजदूरों से भरी नाव पलटने की घटना ने राहत एवं बचाव कार्य में लगे लोगों की सुरक्षा को भी अहम मुद्दा बना दिया है।
फिलहाल 11 मजदूरों के सुरक्षित बचने से बड़ी अनहोनी टल गई है। लेकिन लगातार हो रही ऐसी घटनाओं के बीच जरूरी है कि फ्लड फाइटिंग में लगे मजदूरों के लिए सुरक्षित नाव, जीवन रक्षक उपकरण और तत्काल बचाव व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। वहीं, राघोपुर-नरकटिया तटबंध और आसपास के संवेदनशील इलाकों में कटाव रोकने के प्रयासों पर भी लोगों की नजर बनी हुई है।
राज कुमार की रिपोर्ट
