पीके की मधुबनी में हुंकार, रौशन यादव के परिजनों से मिले, SSP ऑफिस भी पहुंचे, 10 दिनों का अल्टीमेटम, होगा बड़ा आंदोलन

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मधुबनी में पीके रौशन यादव के परिजनों से मिले

निष्कर्ष भारत, (संवाददाता) मधुबनी। जन सुराज पार्टी के संस्थापक और बांकीपुर से विधायक पीकेर शनिवार शाम बेनीपट्टी प्रखंड की परकौली पंचायत स्थित राणा टोल पहुंचे। यहां उन्होंने मंडल कारा में मृत बंदी रौशन कुमार यादव के परिजनों से मुलाकात की। प्रशांत किशोर के गांव पहुंचने की सूचना मिलते ही रौशन के घर पर बड़ी संख्या में ग्रामीणों की भीड़ जुट गई। इस दौरान मृतक के परिवार ने जेल में रौशन की मौत से जुड़े घटनाक्रम की जानकारी उन्हें दी और न्याय की गुहार लगाई। पीके ने रौशन की मां और बहन से अलग-अलग बातचीत कर पूरे मामले की जानकारी ली। परिजनों ने बताया कि रौशन की मौत के बाद परिवार लगातार परेशान है और उन्हें अब तक इस घटना की पूरी सच्चाई जानने की चिंता बनी हुई है। परिवार के लोगों ने भावुक होकर कहा कि उन्हें न्याय दिलाने में मदद की जाए।

परिजनों ने पीके से कहा- आप ही हमें न्याय दिला सकते हैं, उन्हीं से न्याय की उम्मीद

मुलाकात के दौरान रौशन के परिजनों ने प्रशांत किशोर से भावुक अपील करते हुए कहा कि अब उन्हें उन्हीं से न्याय की उम्मीद है। परिवार के सदस्यों ने अपनी परेशानी बताते हुए कहा कि रौशन की स्थिति और उसके साथ हुई घटनाओं को लेकर उन्हें समय पर सही जानकारी नहीं दी गई। प्रशांत किशोर ने परिवार की बातें गंभीरता से सुनीं और हरसंभव मदद का भरोसा दिया। उन्होंने परिजनों से घटना से जुड़ी सभी जानकारियां विस्तार से साझा करने को कहा। इस दौरान रौशन की मां और बहन समेत परिवार के अन्य सदस्य भावुक दिखाई दिए।

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रौशन की बहन ने पीके को बताया थाने में क्या हुआ

पीके ने रौशन की बहन से पूछा कि जब वे लोग अपने भाई से मिलने या उसकी जानकारी लेने थाने जाते थे, तो पुलिस की ओर से क्या जवाब दिया जाता था। इस पर रौशन की बहन ने आरोप लगाया कि पुलिसकर्मी उन्हें वहां से भगा देते थे और भाई की हालत के बारे में कोई स्पष्ट जानकारी नहीं देते थे। बहन ने सिलसिलेवार तरीके से अपनी आपबीती पीके को बताई। उन्होंने कहा कि परिवार करीब सात दिनों तक रौशन को ढूंढता रहा। इस दौरान उन्हें यह तक पता नहीं चल पा रहा था कि उनका भाई कहां है और किस स्थिति में है। बहन के मुताबिक, किसी तरह उन्हें जानकारी मिली कि रौशन को रहिका थाना में रखा गया है। इसके बाद परिवार के लोग वहां पहुंचे। उन्होंने बताया कि थाने पहुंचने पर उन्हें रौशन से मिलने नहीं दिया गया और वहां से चले जाने के लिए कहा गया।

परिजन बोले- थाने के पीछे दिखाई दिया भाई, फिर भी नहीं मिलने दिया, पीके से कही बात

रौशन की बहन ने बताया कि जब परिवार के लोग थाने पहुंचे थे, तब उन्हें वहां से हटाने की कोशिश की गई। इसी दौरान वे लोग पानी पीने के लिए थाने के पीछे की तरफ गए। वहीं पीछे से उन्हें उनका भाई रौशन दिखाई दिया। भाई को देखने के बाद परिवार के लोगों ने उससे मिलने की इच्छा जताई। उन्होंने पुलिसकर्मियों से रौशन से मिलने की अनुमति मांगी, लेकिन उनकी बात नहीं मानी गई। बहन का कहना है कि पुलिसकर्मियों ने उन्हें वहां से भी भगा दिया। परिवार के मुताबिक, उस समय उन्हें यह अंदाजा नहीं था कि आगे चलकर रौशन की मौत की खबर उन्हें मिलेगी।

ग्रामीणों ने निष्पक्ष जांच की पीके से उठाई मांग

प्रशांत किशोर के राणा टोल पहुंचने की खबर आसपास के गांवों में भी फैल गई। इसके बाद बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर पहुंच गए। महिलाओं और बच्चों की भी भीड़ जुट गई। ग्रामीणों ने रौशन कुमार यादव की मौत की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की। ग्रामीणों का कहना था कि मामले की पूरी सच्चाई सामने आनी चाहिए और यह स्पष्ट होना चाहिए कि रौशन की मौत किन परिस्थितियों में हुई। लोगों ने परिवार को न्याय दिलाने के लिए मामले की गंभीरता से जांच किए जाने की मांग उठाई।

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स्थानीय स्तर पर बढ़ी मामले की चर्चा

रौशन यादव की जेल में मौत को लेकर उसके गांव और आसपास के इलाके में लगातार चर्चा बनी हुई है। परिजन घटना से जुड़े कई सवालों के जवाब चाहते हैं। खासकर रौशन के थाना में रखे जाने, परिवार को उसके बारे में जानकारी नहीं दिए जाने और बाद में मंडल कारा में उसकी मौत होने की परिस्थितियों को लेकर परिवार की ओर से सवाल उठाए गए हैं। पीके की इस मुलाकात के बाद मामले को लेकर स्थानीय स्तर पर राजनीतिक और सामाजिक चर्चा भी तेज हो गई है। हालांकि, घटना के वास्तविक कारणों और जिम्मेदारी से जुड़े तथ्यों का निर्धारण जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा। मुलाकात के दौरान जन सुराज पार्टी के जिला अध्यक्ष अनिल कुमार मिश्रा, जिला महामंत्री शमशुल हक, पूर्व जिला अध्यक्ष इंदुशेखर झा, संभावित मुखिया प्रत्याशी संतोष मिश्रा, गोपाल झा और समाजसेवी संजय कुमार झा समेत बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे। परिजनों और ग्रामीणों ने एक स्वर में रौशन की मौत की पूरी जांच कर सच्चाई सामने लाने और दोषियों पर कार्रवाई की मांग की।

Nishkarsh Bharat

पटना से राजकुमार सिंह की रिपोर्ट

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