राम विलास पासवान के नाम पर होगा पटना मरीन ड्राइव का गोलंबर, चिराग की पार्टी ने CM को सौंपा पत्र

मरीन ड्राइव

मरीन ड्राइव के गोलंबर को राम विलास पासवान के नाम पर रखने की मांग

निष्कर्ष भारत, संवाददाता (पटना)। राजधानी पटना के मरीन ड्राइव से जुड़ी एक प्रमुख मांग को लेकर लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) ने बिहार सरकार के सामने प्रस्ताव रखा है। पार्टी ने मरीन ड्राइव के एक प्रमुख गोलंबर का नाम “पद्म भूषण श्रद्धेय राम विलास पासवान गोलंबर” रखने की मांग की है। इसके साथ ही गोलंबर पर पूर्व केंद्रीय मंत्री और लोजपा के संस्थापक राम विलास पासवान की भव्य आदमकद प्रतिमा स्थापित करने का आग्रह भी किया गया है।

इस मांग को लेकर लोजपा (रा) के प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी से मुलाकात की। प्रतिनिधिमंडल में पार्टी के बिहार प्रभारी सह जमुई सांसद अरुण भारती, प्रदेश अध्यक्ष सुरेंद्र विवेक और राष्ट्रीय महासचिव सह राष्ट्रीय मीडिया प्रभारी धीरेन्द्र कुमार मुन्ना शामिल रहे। नेताओं ने मुख्यमंत्री के सामने राम विलास पासवान के सार्वजनिक जीवन और सामाजिक योगदान का उल्लेख करते हुए गोलंबर के नामकरण और प्रतिमा स्थापित करने की मांग रखी।

मरीन ड्राइव के गोलंबर के नामकरण की मांग

लोजपा (रा) नेताओं का कहना है कि पटना का मरीन ड्राइव राजधानी की पहचान से जुड़ता जा रहा है। मरीन ड्राइव ऐसे महत्वपूर्ण स्थल पर राम विलास पासवान के नाम पर गोलंबर का नामकरण उनके सार्वजनिक जीवन और सामाजिक योगदान को सम्मान देने का एक स्थायी माध्यम बन सकता है।

पार्टी की ओर से मुख्यमंत्री को दिए गए ज्ञापन में मांग की गई है कि मरीन ड्राइव के किसी प्रमुख मरीन ड्राइव गोलंबर का नाम “पद्म भूषण श्रद्धेय राम विलास पासवान गोलंबर” रखा जाए। पार्टी ने केवल नामकरण तक ही सीमित नहीं रहते हुए वहां राम विलास पासवान की भव्य आदमकद प्रतिमा लगाने की भी मांग की है।

पार्टी नेताओं ने बताया कि इस प्रस्ताव के पीछे उनका उद्देश्य राम विलास पासवान की राजनीतिक और सामाजिक विरासत को आने वाली पीढ़ियों तक पहुंचाना है। उनका मानना है कि राजधानी के प्रमुख स्थल पर नामकरण और प्रतिमा स्थापित होने से लोग उनके लंबे सार्वजनिक जीवन और समाज के वंचित वर्गों के लिए किए गए कार्यों को याद कर सकेंगे।

करीब पांच दशक तक सार्वजनिक जीवन में सक्रिय रहे पासवान

लोजपा (रा) के नेताओं ने मुख्यमंत्री के सामने राम विलास पासवान के करीब पांच दशक लंबे सार्वजनिक जीवन का भी उल्लेख किया। पार्टी के अनुसार, उन्होंने अपने राजनीतिक जीवन में गरीबों, दलितों, पिछड़ों और वंचित वर्गों के अधिकार और सम्मान के लिए लगातार आवाज उठाई।

राम विलास पासवान भारतीय राजनीति में लंबे समय तक सक्रिय रहे और केंद्र सरकार में विभिन्न महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां भी संभालीं। लोजपा नेताओं का कहना है कि सामाजिक न्याय और समानता से जुड़े मुद्दों पर उनकी भूमिका महत्वपूर्ण रही। इसी योगदान को आधार बनाकर पार्टी राजधानी में उनके नाम पर एक स्थायी स्मृति स्थल विकसित करने की मांग कर रही है।

पार्टी नेताओं के मुताबिक, राम विलास पासवान का राजनीतिक जीवन केवल एक दल या चुनावी राजनीति तक सीमित नहीं था। उन्होंने समाज के उन वर्गों से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता से उठाया, जिन्हें लंबे समय तक राजनीतिक और सामाजिक रूप से पिछड़ा माना जाता रहा है। यही वजह है कि लोजपा (रा) उनके नाम पर गोलंबर और प्रतिमा स्थापित करने को सम्मान का उचित माध्यम मान रही है।

मरीन ड्राइव पर प्रतिमा स्थापित करने का भी आग्रह

लोजपा (रा) की मांग में गोलंबर के नामकरण के साथ राम विलास पासवान की आदमकद प्रतिमा स्थापित करने का प्रस्ताव भी शामिल है। पार्टी चाहती है कि जिस गोलंबर का नाम उनके नाम पर रखा जाए, वहीं उनकी भव्य प्रतिमा भी स्थापित की जाए।

पार्टी नेताओं का कहना है कि किसी सार्वजनिक स्थल का नाम किसी जननेता के नाम पर रखना उनके योगदान को याद करने का एक तरीका है, लेकिन प्रतिमा स्थापित होने से उस स्थान की पहचान और मजबूत होगी। इससे राजधानी आने वाले लोगों और स्थानीय नागरिकों को भी उनके योगदान के बारे में जानने का अवसर मिलेगा।

मुख्यमंत्री से मुलाकात में रखी गई मांग

राम विलास पासवान के नाम पर गोलंबर के नामकरण की मांग को लेकर लोजपा (रा) का प्रतिनिधिमंडल मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी से मिला। पार्टी के बिहार प्रभारी और जमुई सांसद अरुण भारती, प्रदेश अध्यक्ष सुरेंद्र विवेक तथा राष्ट्रीय महासचिव सह राष्ट्रीय मीडिया प्रभारी धीरेन्द्र कुमार मुन्ना ने मुख्यमंत्री के समक्ष ज्ञापन सौंपकर अपनी मांग रखी।

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पार्टी के बिहार प्रदेश मीडिया प्रभारी निशांत मिश्रा ने बताया कि प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री से मुलाकात कर पूरे प्रस्ताव की जानकारी दी। नेताओं ने राम विलास पासवान के योगदान और उनके प्रति लोगों की भावनाओं का हवाला देते हुए सरकार से इस दिशा में सकारात्मक कदम उठाने का आग्रह किया।

लोजपा नेताओं के अनुसार, मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने प्रतिनिधिमंडल की बात को गंभीरता और संवेदनशीलता के साथ सुना। पार्टी ने उम्मीद जताई है कि सरकार इस प्रस्ताव पर विचार करते हुए सकारात्मक निर्णय लेगी।

नामकरण को लेकर अब सरकार के फैसले पर नजर

मरीन ड्राइव के गोलंबर का नाम राम विलास पासवान के नाम पर रखने की मांग सामने आने के बाद अब सरकार के फैसले पर नजर रहेगी। फिलहाल पार्टी की ओर से मुख्यमंत्री को ज्ञापन सौंपकर प्रस्ताव रखा गया है। सरकार की ओर से इस संबंध में अंतिम निर्णय या औपचारिक प्रक्रिया को लेकर कोई जानकारी सामने नहीं आई है।

लोजपा (रा) का कहना है कि राम विलास पासवान ने सामाजिक न्याय, समानता और वंचित वर्गों के हितों के लिए लंबे समय तक काम किया। ऐसे में पटना जैसे महत्वपूर्ण शहर में उनके नाम पर सार्वजनिक स्थल का नामकरण और प्रतिमा स्थापित करना उनके योगदान को सम्मान देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम होगा।

राजधानी पटना में मरीन ड्राइव तेजी से एक प्रमुख सार्वजनिक स्थल के रूप में अपनी पहचान बना रहा है। ऐसे में यहां किसी प्रमुख गोलंबर का नाम राम विलास पासवान के नाम पर रखने का प्रस्ताव राजनीतिक और सामाजिक दोनों दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। अब देखना होगा कि बिहार सरकार इस मांग पर क्या निर्णय लेती है।

Nishkarsh Bharat

अमन कुमार की रिपोर्ट

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