मिथिलेश तिवारी का तेजस्वी पर तंज, कहा- पहले वे अपने क्षेत्र में जाएं, लगातार हो रहा काम

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मिथिलेश तिवारी बोले- तेजस्वी पहले राघोपुर जाकर बाढ़ पीड़ितों से मिलें

निष्कर्ष भारत, संवाददाता (पटना)। मिथिलेश तिवारी ने बुधवार को नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव के उस पत्र पर निशाना साधा है, जो उन्होंने बिहार में बाढ़ की स्थिति को लेकर प्रधानमंत्री को लिखा है। शिक्षा मंत्री ने कहा कि केवल चिट्ठी लिखने से बाढ़ पीड़ितों की समस्या का समाधान नहीं होगा। उन्होंने तेजस्वी यादव को सलाह दी कि पत्र की राजनीति करने के बजाय उन्हें अपने विधानसभा क्षेत्र राघोपुर समेत अन्य बाढ़ प्रभावित इलाकों में जाकर जमीनी स्थिति देखनी चाहिए और पीड़ितों से सीधे मुलाकात करनी चाहिए।

मिथिलेश तिवारी ने आरोप लगाया कि आपदा जैसी गंभीर स्थिति में विपक्ष के नेता सोशल मीडिया और पत्राचार के जरिए राजनीति चमकाने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने राहुल गांधी और तेजस्वी यादव की कार्यशैली पर भी सवाल उठाते हुए दोनों नेताओं पर जनसमस्याओं को लेकर गंभीर नहीं होने का आरोप लगाया।

तेजस्वी के पत्र पर मिथिलेश तिवारी का पलटवार

बिहार में इस समय कई इलाके बाढ़ की चपेट में हैं। ऐसे में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने प्रधानमंत्री को पत्र लिखकर राज्य में बाढ़ की स्थिति और प्रभावित लोगों की परेशानियों की ओर ध्यान दिलाया है। इसी पत्र को लेकर सत्ता पक्ष की ओर से प्रतिक्रिया सामने आई है।

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मिथिलेश तिवारी ने कहा कि बाढ़ जैसी आपदा के समय राजनीतिक बयानबाजी के बजाय प्रभावित लोगों के बीच जाकर उनकी समस्याएं सुनना जरूरी है। उनके मुताबिक, यदि तेजस्वी यादव अपने क्षेत्र राघोपुर और अन्य प्रभावित इलाकों में जाकर लोगों से मिलते हैं तो उन्हें वास्तविक स्थिति का बेहतर अंदाजा हो सकता है।

राघोपुर का जिक्र कर साधा निशाना

मिथिलेश तिवारी ने खास तौर पर राघोपुर विधानसभा क्षेत्र का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि तेजस्वी यादव को पहले अपने क्षेत्र में जाकर बाढ़ प्रभावित लोगों की स्थिति देखनी चाहिए। राघोपुर गंगा नदी के आसपास का इलाका है और बाढ़ के दौरान यहां के कई क्षेत्रों में लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ता है।

शिक्षा मंत्री के बयान के बाद बिहार की राजनीति में बाढ़ के मुद्दे पर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच आरोप-प्रत्यारोप और तेज होने के संकेत मिल रहे हैं। विपक्ष जहां सरकार से राहत और बचाव कार्यों में तेजी की मांग कर रहा है, वहीं सरकार की ओर से दावा किया जा रहा है कि प्रशासन लगातार प्रभावित इलाकों में काम कर रहा है।

‘राजनीतिक पर्यटन’ को लेकर हमला

मिथिलेश तिवारी ने राहुल गांधी और तेजस्वी यादव पर भी तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि संकट के समय विपक्ष के कुछ नेता केवल ‘राजनीतिक पर्यटन’ करते हैं। उनका कहना था कि

जनहित और आपदा जैसे गंभीर मुद्दों को राजनीतिक लाभ के लिए इस्तेमाल करने के बजाय प्रभावित लोगों की मदद पर ध्यान दिया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि बाढ़ पीड़ितों की वास्तविक जरूरतों को समझने के लिए जमीन पर जाना जरूरी है। केवल पत्र लिखने या सोशल मीडिया पर मुद्दा उठाने से प्रभावित परिवारों को तत्काल राहत नहीं मिल सकती।

सरकार ने राहत-बचाव तेज करने का दावा किया

मिथिलेश तिवारी ने कहा कि आपदा की इस घड़ी में राज्य सरकार बाढ़ प्रभावित परिवारों के साथ मजबूती से खड़ी है। प्रशासनिक अधिकारियों को राहत और बचाव अभियान में तेजी लाने के निर्देश दिए गए हैं। सरकार की प्राथमिकता प्रभावित नागरिकों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाना और उन्हें जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराना है।

शिक्षा मंत्री के अनुसार, बाढ़ प्रभावित इलाकों में लोगों को राहत सामग्री और मेडिकल सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। प्रशासन को स्थिति पर लगातार नजर रखने और जरूरत के अनुसार तत्काल कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं।

बाढ़ पीड़ितों के लिए राहत पर जोर

सरकार की ओर से कहा गया है कि बाढ़ प्रभावित परिवारों को हर संभव सहायता देने की कोशिश की जा रही है। प्रभावित लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने के साथ उनके लिए भोजन, राहत सामग्री और स्वास्थ्य सेवाओं की व्यवस्था पर जोर दिया जा रहा है।

मिथिलेश तिवारी ने कहा कि सरकार का लक्ष्य एक तरफ बाढ़ जैसी आपदा से प्रभावित लोगों को सुरक्षा और सहायता देना है, वहीं दूसरी तरफ राज्य के प्रतिभावान युवाओं को आगे बढ़ने के अवसर उपलब्ध कराना भी है। उन्होंने भरोसा जताया कि प्रशासन की सक्रियता और लगातार चल रहे राहत अभियानों के कारण आने वाले दिनों में हालात सामान्य होने की दिशा में बढ़ेंगे।

बिहार में बाढ़ पर सियासत जारी

बिहार में बाढ़ की स्थिति के बीच राहत और बचाव कार्यों को लेकर राजनीतिक बयानबाजी लगातार तेज हो रही है। विपक्ष सरकार पर प्रभावित लोगों तक पर्याप्त मदद नहीं पहुंचाने का आरोप लगा रहा है, जबकि सत्ता पक्ष इन आरोपों को खारिज करते हुए प्रशासन की ओर से किए जा रहे कार्यों का हवाला दे रहा है।

मिथिलेश तिवारी का ताजा बयान इसी राजनीतिक टकराव की एक कड़ी माना जा रहा है। उन्होंने विपक्षी नेताओं से अपील की कि आपदा के समय राजनीति से ऊपर उठकर लोगों की मदद को प्राथमिकता दी जानी चाहिए। अब देखना होगा कि बाढ़ की स्थिति को लेकर आने वाले दिनों में सरकार और विपक्ष के बीच यह सियासी बहस किस दिशा में आगे बढ़ती है।

Nishkarsh Bharat

राजकुमार सिंह की रिपोर्ट

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