बिहार में शराबबंदी और निबंधन विभाग की बड़ी उपलब्धि: 8,403 करोड़ का रिकॉर्ड राजस्व, कार्रवाई में भी तेजी

शराबबंदी कानून

राज्य में शराबबंदी कानून को सख्ती से लागू करने के लिए बड़े पैमाने पर कार्रवाई की गई है, वहीं दूसरी ओर निबंधन विभाग ने राजस्व संग्रह में नया रिकॉर्ड बनाकर राज्य की आय को मजबूत किया है।

बिहार सरकार के मद्यनिषेध, उत्पाद एवं निबंधन विभाग ने सोमवार को आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में अपनी ताजा रिपोर्ट पेश की, जिसमें दो बड़े मोर्चों पर उल्लेखनीय सफलता का दावा किया गया। एक ओर राज्य में शराबबंदी कानून को सख्ती से लागू करने के लिए बड़े पैमाने पर कार्रवाई की गई है, वहीं दूसरी ओर निबंधन विभाग ने राजस्व संग्रह में नया रिकॉर्ड बनाकर राज्य की आय को मजबूत किया है।

प्रेस कॉन्फ्रेंस में डिप्टी सीएम और मद्य निषेध विभाग के मंत्री विजेंद्र यादव ने कहा कि सरकार ने तकनीक और पारदर्शिता को प्राथमिकता देकर कानून व्यवस्था और राजस्व संग्रह दोनों क्षेत्रों में बेहतर परिणाम हासिल किए हैं।


राजस्व संग्रह में ऐतिहासिक उपलब्धि

निबंधन विभाग के आंकड़ों के अनुसार, वित्तीय वर्ष 2025-26 में कुल 8,403.46 करोड़ रुपये का राजस्व संग्रह किया गया, जो अब तक का सबसे बड़ा आंकड़ा है। सरकार ने इस वर्ष के लिए 8,250 करोड़ रुपये का लक्ष्य निर्धारित किया था, लेकिन विभाग ने इसे पार करते हुए 101.86 प्रतिशत उपलब्धि हासिल की।

यह सफलता राज्य में बढ़ते डिजिटल सिस्टम, पारदर्शी प्रक्रियाओं और प्रशासनिक सुधारों का परिणाम मानी जा रही है। विशेषज्ञों के अनुसार, यह प्रदर्शन बिहार की आर्थिक स्थिति को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण संकेत है।


शराबबंदी कानून के तहत बड़े पैमाने पर कार्रवाई

राज्य में लागू शराबबंदी कानून को प्रभावी बनाने के लिए लगातार सख्त अभियान चलाया जा रहा है। रिपोर्ट के मुताबिक, 1 अप्रैल 2016 से 31 मार्च 2026 तक कुल 11,37,731 मामले दर्ज किए गए हैं। इस दौरान 17,18,058 लोगों को गिरफ्तार किया गया।

ये आंकड़े दर्शाते हैं कि सरकार इस कानून को लागू करने में कोई ढिलाई नहीं बरत रही है। हालांकि, इन आंकड़ों को लेकर समय-समय पर बहस भी होती रही है, लेकिन सरकार का दावा है कि इसका उद्देश्य समाज को नशामुक्त बनाना है।


तकनीक के सहारे शराब तस्करी पर नियंत्रण

शराब तस्करी रोकने के लिए सरकार ने आधुनिक तकनीकों का सहारा लिया है। दियारा और नदी क्षेत्रों में निगरानी के लिए 42 ड्रोन और 12 स्पीड मोटर बोट तैनात किए गए हैं। इसके अलावा राज्यभर में 84 चेक पोस्ट स्थापित किए गए हैं, जिनमें 67 अंतरराज्यीय चेक पोस्ट शामिल हैं।

सभी चेक पोस्ट को सीसीटीवी कैमरों से लैस किया गया है, जिससे गतिविधियों पर नजर रखना आसान हो गया है। विभाग के अनुसार, मार्च 2026 तक जब्त की गई अवैध शराब का लगभग 98 प्रतिशत हिस्सा नष्ट किया जा चुका है।


पटना अव्वल, दानापुर का शानदार प्रदर्शन

राजस्व वसूली के मामले में पटना जिला राज्य में पहले स्थान पर रहा। इसके बाद अरवल और औरंगाबाद जिलों का स्थान रहा। वहीं, निबंधन कार्यालयों की बात करें तो दानापुर ने सबसे बेहतर प्रदर्शन करते हुए 134 प्रतिशत राजस्व प्राप्ति दर्ज की, जो पूरे राज्य में सर्वाधिक है।

यह आंकड़े बताते हैं कि जिला स्तर पर भी प्रशासनिक दक्षता और निगरानी व्यवस्था में सुधार हुआ है।


रजिस्ट्री प्रक्रिया में डिजिटल क्रांति

सरकार ने रजिस्ट्री प्रक्रिया को आसान और पारदर्शी बनाने के लिए डिजिटाइजेशन को तेजी से लागू किया है। ई-निबंधन पोर्टल के माध्यम से अब लोग घर बैठे ऑनलाइन अपॉइंटमेंट ले सकते हैं, शुल्क जमा कर सकते हैं और जरूरी दस्तावेज डाउनलोड कर सकते हैं।

विभाग ने 1995 से 2026 तक के करीब 2.34 करोड़ दस्तावेजों को डिजिटल रूप में सुरक्षित कर लिया है। इसके अलावा ‘बिहार निबंधन नियमावली 2026’ लागू होने के बाद पूरी प्रक्रिया पेपरलेस हो जाएगी, जिससे भ्रष्टाचार पर लगाम लगाने में मदद मिलेगी।


महिलाओं और बुजुर्गों के लिए विशेष सुविधाएं

सरकार ने महिलाओं और वरिष्ठ नागरिकों के लिए भी विशेष प्रावधान किए हैं। महिलाओं के नाम जमीन की रजिस्ट्री कराने पर निबंधन शुल्क में 0.4 प्रतिशत की छूट दी जा रही है, जिससे उन्हें संपत्ति में हिस्सेदारी बढ़ाने के लिए प्रोत्साहन मिल रहा है।

वहीं, 80 वर्ष से अधिक आयु के बुजुर्गों के लिए घर जाकर रजिस्ट्री करने की सुविधा शुरू की गई है। इस पहल से उन्हें सरकारी दफ्तरों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे और प्रक्रिया अधिक सरल हो जाएगी।


अगले साल 10,000 करोड़ का लक्ष्य

सरकार ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए 10,000 करोड़ रुपये राजस्व संग्रह का महत्वाकांक्षी लक्ष्य तय किया है। इसे हासिल करने के लिए GIS तकनीक, मोबाइल ऐप और ई-फाइलिंग व्यवस्था को और मजबूत किया जाएगा।

सरकार का मानना है कि तकनीक के बढ़ते उपयोग से पारदर्शिता में वृद्धि होगी, भ्रष्टाचार में कमी आएगी और आम नागरिकों को बेहतर सेवाएं मिलेंगी।


बिहार सरकार की यह रिपोर्ट दर्शाती है कि राज्य प्रशासन दो अहम क्षेत्रों—कानून व्यवस्था और आर्थिक मजबूती—पर समान रूप से ध्यान दे रहा है। जहां एक ओर शराबबंदी कानून को लागू करने के लिए सख्त कदम उठाए जा रहे हैं, वहीं दूसरी ओर डिजिटल सुधारों के जरिए राजस्व संग्रह में रिकॉर्ड वृद्धि हासिल की गई है।

आने वाले समय में यदि सरकार अपने डिजिटल और पारदर्शी मॉडल को इसी तरह लागू करती रही, तो बिहार न केवल प्रशासनिक सुधारों में बल्कि आर्थिक विकास के क्षेत्र में भी नई ऊंचाइयों को छू सकता है।

Nishkarsh Bharat

पटना से भूमि आर्या की रिपोर्ट

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