सारण में कांवरियों की आड़ में शराब तस्करी का भंडाफोड़, 276 लीटर शराब के साथ 8 गिरफ्तार

कांवरियों

। बलिया मोड़ के पास स्कॉर्पियो और पिकअप से 276 लीटर अंग्रेजी शराब बरामद हुई

निष्कर्ष भारत संवाददाता: सावन के अंतिम दौर में बिहार में शराब तस्करी के खिलाफ चल रही कार्रवाई के बीच सारण जिले में पुलिस ने तस्करों की एक बड़ी साजिश का खुलासा किया है। मांझी थाना क्षेत्र में पुलिस ने कांवरियों की आड़ में शराब की खेप बिहार लाने की कोशिश को नाकाम करते हुए दो वाहनों से 276 लीटर अंग्रेजी शराब बरामद की है। कार्रवाई के दौरान पुलिस ने दोनों वाहनों पर सवार आठ आरोपितों को गिरफ्तार किया है।

पुलिस के अनुसार, तस्करों ने अपनी पहचान छिपाने और चेकिंग से बचने के लिए वाहनों को भगवा झंडों से सजाया था। दोनों वाहनों को इस तरह तैयार किया गया था कि वे कांवरियों के जत्थे का हिस्सा नजर आएं। हालांकि, पुलिस को मिली गुप्त सूचना के बाद तस्करों की यह योजना कामयाब नहीं हो सकी।

गुप्त सूचना पर पुलिस ने बिछाया जाल

मांझी थानाध्यक्ष बिनोद कुमार को शनिवार सुबह करीब साढ़े सात बजे सूचना मिली थी कि कुछ लोग कांवरियों के वेश में शराब की बड़ी खेप लेकर बिहार में प्रवेश करने वाले हैं।

सूचना को गंभीरता से लेते हुए थानाध्यक्ष ने पुलिस टीम को तत्काल सक्रिय किया। इसके बाद पुलिसकर्मियों ने संदिग्ध वाहनों की निगरानी शुरू कर दी। पुलिस को आशंका थी कि शराब तस्कर धार्मिक यात्रा में शामिल लोगों की भीड़ और कांवरियों के वेश का फायदा उठाकर आसानी से बिहार में प्रवेश करने की कोशिश कर सकते हैं।

इसी दौरान बलिया मोड़ के समीप अप्रोच सड़क पर पुलिस को संदिग्ध स्कॉर्पियो और पिकअप वाहन दिखाई दिए। पुलिस टीम ने दोनों वाहनों को रोककर जांच शुरू की।

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भगवा झंडों से सजे थे दोनों वाहन

पुलिस की जांच में सामने आया कि दोनों वाहनों को भगवा रंग के झंडों से सजाया गया था। वाहनों का स्वरूप ऐसा बनाया गया था कि वे कांवरियों के वाहनों या जत्थे का हिस्सा दिखाई दें।

पुलिस के मुताबिक, तस्करों ने संभवत: इसी पहचान का फायदा उठाकर रास्ते में होने वाली जांच से बचने की योजना बनाई थी। लेकिन गुप्त सूचना के आधार पर पहले से सतर्क पुलिस ने दोनों वाहनों को रोक लिया।

तलाशी के दौरान पुलिस को वाहनों के अंदर शराब की बड़ी खेप मिली। शराब बरामद होते ही पुलिस ने वाहनों पर सवार सभी आठ लोगों को हिरासत में ले लिया।

276 लीटर अंग्रेजी शराब बरामद

मांझी पुलिस ने दोनों वाहनों से कुल 276 लीटर अंग्रेजी शराब बरामद की है। शराब बरामद होने के बाद दोनों वाहनों को भी जब्त कर लिया गया।

पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि बरामद शराब की खेप में कौन-कौन से ब्रांड शामिल थे और इसकी कुल कीमत कितनी है। साथ ही पुलिस गिरफ्तार आरोपितों से यह जानने की कोशिश कर रही है कि शराब की सप्लाई में उनके अलावा और कौन लोग शामिल हैं।

बलिया से समस्तीपुर पहुंचनी थी शराब की खेप

प्रारंभिक पूछताछ में गिरफ्तार आरोपितों ने पुलिस को बताया कि शराब की खेप उत्तर प्रदेश के बलिया से लोड की गई थी। इसे बिहार के समस्तीपुर पहुंचाया जाना था।

पुलिस के अनुसार, शराब को बिहार में लाने के बाद आगे इसकी डिलीवरी की जानी थी। फिलहाल पुलिस आरोपितों से पूछताछ कर पूरे नेटवर्क की जानकारी जुटाने में लगी है।

जांच का एक अहम पहलू यह भी है कि शराब की खेप किस व्यक्ति ने उपलब्ध कराई थी और समस्तीपुर में इसे किसे सौंपा जाना था। पुलिस इन सवालों के जवाब तलाश रही है।

तस्करी के लिए धार्मिक यात्रा की आड़ क्यों?

बिहार में शराबबंदी लागू होने के बाद दूसरे राज्यों से शराब की अवैध तस्करी रोकना पुलिस और उत्पाद विभाग के लिए बड़ी चुनौती बनी हुई है। तस्कर अक्सर पुलिस की नजर से बचने के लिए अलग-अलग तरीके अपनाते हैं।

इस मामले में धार्मिक यात्रा और कांवरियों के जत्थे की आड़ लेने की कोशिश ने पुलिस को भी चौंकाया है। भगवा झंडों से वाहनों को सजाने का उद्देश्य संभवत: चेकिंग के दौरान संदेह कम करना था।

हालांकि, पुलिस को पहले से मिली सूचना के कारण दोनों वाहनों की जांच की गई और शराब बरामद हो गई।

आठों आरोपित गिरफ्तार

शराब बरामद होने के बाद पुलिस ने दोनों वाहनों में मौजूद सभी आठ आरोपितों को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस अब गिरफ्तार लोगों की आपराधिक पृष्ठभूमि और उनके पूर्व के संपर्कों की भी जानकारी जुटा रही है।

जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने का प्रयास कर रही हैं कि क्या ये लोग पहले भी शराब की तस्करी कर चुके हैं या किसी बड़े गिरोह के लिए काम कर रहे थे।

उत्पाद अधिनियम के तहत प्राथमिकी

मामले में पुलिस ने उत्पाद अधिनियम के तहत प्राथमिकी दर्ज कर ली है। दोनों वाहनों को जब्त करने के साथ ही गिरफ्तार आरोपितों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी गई है।

पुलिस गिरोह से जुड़े अन्य लोगों की तलाश में भी जुटी है। अधिकारियों का कहना है कि पूछताछ और जांच के आधार पर मामले में आगे और गिरफ्तारियां हो सकती हैं।

पुलिस की सतर्कता से नाकाम हुई तस्करी

सारण के मांझी में हुई यह कार्रवाई बताती है कि शराब तस्कर पुलिस की निगरानी से बचने के लिए लगातार नए तरीके अपना रहे हैं। धार्मिक यात्रा में शामिल होने का दिखावा कर शराब की खेप बिहार लाने की कोशिश इसी तरह की एक रणनीति थी।

लेकिन समय पर मिली गुप्त सूचना और पुलिस की तत्परता के कारण तस्करों की योजना विफल हो गई। 276 लीटर शराब की बरामदगी और आठ गिरफ्तारियों के बाद अब पुलिस की नजर इस नेटवर्क के दूसरे सदस्यों पर है।

फिलहाल गिरफ्तार आरोपितों से पूछताछ जारी है और पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि बलिया से समस्तीपुर तक शराब पहुंचाने के इस नेटवर्क में और कौन-कौन लोग शामिल हैं।

Nishkarsh Bharat

भूमि आर्या की रिपोर्ट

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