हादसा : सोन नदी में स्नान करने गए 8 बच्चे डूबे, ग्रामीणों ने 6 को सुरक्षित निकाला
सोन नदी में नहाने गए 8 बच्चे डूबे, 6 बचाए गए, 2 लापता
निष्कर्ष भारत संवाददाता अरवल। सोन नदी में रविवार को नहाने के दौरान बड़ा हादसा हो गया। अरवल जिले के परासी थाना क्षेत्र स्थित लक्ष्मणपुर बाथे घाट पर स्नान करने गए आठ बच्चे अचानक गहरे पानी में चले गए और डूबने लगे। बच्चों को डूबता देखकर नदी किनारे मौजूद लोगों में अफरातफरी मच गई। शोर सुनकर आसपास के ग्रामीण मौके पर पहुंचे और नदी में उतरकर छह बच्चों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया। वहीं, चंदन कुमार और हरिओम कुमार का अब तक पता नहीं चल सका है। दोनों की तलाश के लिए रेस्क्यू अभियान जारी है।
घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों को सूचना दी गई। इसके बाद सोन नदी लापता बच्चों की तलाश के लिए बचाव अभियान शुरू किया गया। हादसे की खबर गांव में पहुंचते ही बड़ी संख्या में लोग नदी किनारे जुटने लगे। वहीं, दोनों बच्चों के परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।
सोन नदी में नहाने गए थे आठ बच्चे
जानकारी के अनुसार, लक्ष्मणपुर बाथे गांव के आठ बच्चे रविवार को सोन नदी में नहाने के लिए घर से निकले थे। बच्चे नदी के घाट पर पहुंचे और स्नान करने लगे। इसी दौरान वे पानी के गहरे हिस्से में चले गए। गहराई का अंदाजा नहीं होने के कारण सभी बच्चे अचानक डूबने लगे।

बताया जा रहा है कि बच्चों को परेशानी में देखकर वहां मौजूद अन्य बच्चों ने शोर मचाना शुरू कर दिया। आवाज सुनकर आसपास के ग्रामीण तत्काल घटनास्थल की ओर दौड़े। ग्रामीणों ने बिना देर किए सोन नदी में छलांग लगाई और डूब रहे बच्चों को बाहर निकालने की कोशिश शुरू कर दी।
ग्रामीणों की तत्परता से छह बच्चों की बची जान
हादसे के दौरान ग्रामीणों की तत्परता से छह बच्चों को नदी से बाहर निकाल लिया गया। बाहर निकाले गए बच्चों को सुरक्षित बताया जा रहा है। घटना के तुरंत बाद ग्रामीणों ने राहत और बचाव में अहम भूमिका निभाई।
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हालांकि, दो बच्चे गहरे पानी में चले गए और उनका पता नहीं चल पाया। काफी प्रयास के बाद भी चंदन कुमार और हरिओम कुमार को खोजा नहीं जा सका। इसके बाद प्रशासन को घटना की जानकारी दी गई और लापता बच्चों की तलाश के लिए रेस्क्यू अभियान शुरू कराया गया।
सोन नदी में दो बच्चों की तलाश जारी
हादसे के बादसोन नदी में लापता दोनों बच्चों की तलाश लगातार की जा रही है। बचाव दल नदी के संभावित स्थानों पर खोज अभियान चला रहा है। घटनास्थल पर ग्रामीणों की भीड़ जुटी हुई है और हर कोई दोनों बच्चों के सुरक्षित मिलने की उम्मीद कर रहा है।

नदी में पानी की गहराई और बहाव के कारण बचाव अभियान में चुनौती भी सामने आ सकती है। प्रशासन की निगरानी में तलाश अभियान को आगे बढ़ाया जा रहा है। हालांकि, दोनों बच्चों की वर्तमान स्थिति को लेकर अभी कोई आधिकारिक पुष्टि सामने नहीं आई है।
परिजनों की आंखों के सामने टूटी उम्मीद
जैसे ही हादसे की खबर लापता बच्चों के परिवार तक पहुंची, घर में कोहराम मच गया। परिजन घटनास्थल की ओर दौड़ पड़े। नदी किनारे अपने बच्चों की तलाश में परिजनों की बेचैनी बढ़ती जा रही है। उनके रोने और चीत्कार से पूरा माहौल गमगीन हो गया है।
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परिजन लगातार इस उम्मीद में हैं कि रेस्क्यू टीम दोनों बच्चों को खोजकर सुरक्षित बाहर निकालेगी। वहीं, गांव के लोग भी घटनास्थल पर मौजूद रहकर बचाव अभियान की जानकारी लेते रहे।
कैसे हुआ सोन नदी में हादसा?
हादसे को लेकर सामने आई प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक, सभी आठ बच्चे एक साथ नदी में नहाने गए थे। नहाने के दौरान बच्चे गहरे पानी में चले गए और देखते ही देखते डूबने लगे। हालांकि, बच्चे किस स्थान पर और किस तरह गहरे पानी में पहुंचे, इसकी पूरी जानकारी जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।
नदी में स्नान के दौरान बच्चों के डूबने की घटनाएं अक्सर पानी की गहराई, तेज बहाव और अचानक पैर फिसलने जैसी वजहों से होती हैं। ऐसे में इस घटना के बाद घाट पर सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। गांव में पसरा मातम, घाट पर जुटे लोग घटना के बाद लक्ष्मणपुर बाथे गांव में मातम का माहौल है। जिन छह बच्चों को सुरक्षित बचा लिया गया, उनके परिवारों ने राहत की सांस ली है। वहीं, दो बच्चों के लापता होने से उनके परिवारों की चिंता लगातार बढ़ती जा रही है।
अमन की रिपोर्ट
