40 के बाद दिल की सेहत पर दें खास ध्यान, अपनाएं ये 10 आसान आदतें और घटाएं हार्ट अटैक का खतरा
40 की उम्र पार करते ही शरीर में कई जैविक और हार्मोनल बदलाव होने लगते हैं, जिनका सीधा असर दिल की सेहत पर पड़ता है। इस उम्र के बाद हार्ट अटैक, हाई ब्लड प्रेशर, कोलेस्ट्रॉल और डायबिटीज जैसी समस्याओं का खतरा तेजी से बढ़ जाता है। विशेषज्ञों के अनुसार नसों में सख्ती आना, सूजन बढ़ना, मेटाबॉलिज्म का धीमा होना और अनियमित जीवनशैली इसके प्रमुख कारण हैं।
40 की उम्र पार करते ही शरीर में कई जैविक और हार्मोनल बदलाव होने लगते हैं, जिनका सीधा असर दिल की सेहत पर पड़ता है। इस उम्र के बाद हार्ट अटैक, हाई ब्लड प्रेशर, कोलेस्ट्रॉल और डायबिटीज जैसी समस्याओं का खतरा तेजी से बढ़ जाता है। विशेषज्ञों के अनुसार नसों में सख्ती आना, सूजन बढ़ना, मेटाबॉलिज्म का धीमा होना और अनियमित जीवनशैली इसके प्रमुख कारण हैं। हालांकि राहत की बात यह है कि कुछ आसान और नियमित आदतें अपनाकर दिल की बीमारियों से काफी हद तक बचाव किया जा सकता है।

योग सेंटर के वरिष्ठ विशेषज्ञ डॉ. नरेंद्र के. शेट्टी के अनुसार 40 के बाद दिल को स्वस्थ रखने के लिए दवाओं से ज्यादा जरूरी जीवनशैली में सुधार है। वे दिल की सेहत के लिए 10 आसान लेकिन प्रभावी आदतें बताते हैं।
1. रोजाना हल्की-फुल्की एक्सरसाइज करें
हर दिन 20 से 30 मिनट की तेज चाल से वॉक, साइकिल चलाना, योग या सूर्य नमस्कार दिल के लिए बेहद फायदेमंद है। इससे ब्लड सर्कुलेशन बेहतर होता है और खराब कोलेस्ट्रॉल (LDL) कम होता है। अगर सीने में दर्द, सांस फूलना या चक्कर जैसी समस्या हो तो एक्सरसाइज शुरू करने से पहले डॉक्टर की सलाह जरूर लें।

2. हफ्ते में दो दिन स्ट्रेंथ ट्रेनिंग करें
स्क्वैट्स, दीवार के सहारे पुश-अप या रेजिस्टेंस बैंड से की गई एक्सरसाइज मांसपेशियों को मजबूत बनाती हैं और ब्लड प्रेशर को नियंत्रित रखने में मदद करती हैं। जिन लोगों का बीपी अनियंत्रित रहता है, उन्हें यह अभ्यास विशेषज्ञ की निगरानी में करना चाहिए।
3. फाइबर से भरपूर आहार लें

फल, हरी सब्जियां, दालें, साबुत अनाज, नट्स और बीज दिल की सेहत के लिए वरदान हैं। फाइबर सूजन कम करता है और नसों में चर्बी जमने से रोकता है। यदि किसी को किडनी या पाचन से जुड़ी समस्या है तो फाइबर की मात्रा डॉक्टर की सलाह से तय करें।
4. पूरी और गहरी नींद लें
हर दिन 7 से 8 घंटे की अच्छी नींद दिल को आराम देती है। नींद की कमी से हाई बीपी और हार्ट अटैक का खतरा बढ़ जाता है। सोने से पहले मोबाइल और टीवी से दूरी बनाएं। अगर जोर से खर्राटे आते हैं या नींद के दौरान सांस रुकने की समस्या है, तो जांच कराना जरूरी है।
5. तनाव कम करने की आदत डालें
तनाव दिल की बीमारियों का एक बड़ा कारण है। रोजाना 10 मिनट ध्यान, प्राणायाम या माइंडफुलनेस करने से मानसिक शांति मिलती है और दिल पर पड़ने वाला दबाव कम होता है। अगर सांस की एक्सरसाइज करते समय चक्कर आए, तो इसे हल्का रखें।
6. पेट की चर्बी पर रखें नियंत्रण
पेट की चर्बी हार्ट अटैक, डायबिटीज और हाई कोलेस्ट्रॉल का बड़ा संकेत मानी जाती है। मीठा, तला-भुना, प्रोसेस्ड फूड और देर रात खाना खाने से बचें। संतुलित डाइट और नियमित वॉक से पेट की चर्बी कम की जा सकती है।
7. भरपूर पानी पिएं
दिन में 6 से 8 गिलास पानी पीने से खून का प्रवाह सही रहता है और दिल पर अतिरिक्त दबाव नहीं पड़ता। हालांकि किडनी या हृदय रोगियों को पानी की मात्रा डॉक्टर से पूछकर तय करनी चाहिए।
8. शराब सीमित करें और धूम्रपान छोड़ें
सिगरेट नसों को नुकसान पहुंचाती है और हार्ट अटैक का खतरा कई गुना बढ़ा देती है। वहीं अधिक शराब पीने से ब्लड प्रेशर और ट्राइग्लिसराइड्स बढ़ते हैं। इसकी जगह हर्बल चाय या ग्रीन टी जैसे स्वस्थ विकल्प अपनाएं।
9. खाने के बाद थोड़ी वॉक करें
खाने के बाद 10 से 15 मिनट की हल्की वॉक करने से ब्लड शुगर और फैट कंट्रोल में रहता है। जिन लोगों को घुटनों में दर्द है, वे बैठकर पैरों को हल्का हिलाकर भी फायदा पा सकते हैं।
10. 40 के बाद हर साल हार्ट जांच कराएं

40 की उम्र के बाद दिल की नियमित जांच बेहद जरूरी हो जाती है, क्योंकि कई बार हार्ट से जुड़ी समस्याएं बिना किसी लक्षण के बढ़ती रहती हैं। सालाना हार्ट स्क्रीनिंग में लिपिड प्रोफाइल, ब्लड प्रेशर, HbA1c, ईसीजी, इकोकार्डियोग्राफी और जरूरत पड़ने पर स्ट्रेस टेस्ट शामिल होते हैं। समय पर जांच से गंभीर बीमारी से पहले ही बचाव संभव है।
निष्कर्ष
40 के बाद दिल की सेहत को नजरअंदाज करना भारी पड़ सकता है। लेकिन थोड़े से अनुशासन, सही खानपान, नियमित व्यायाम और समय-समय पर जांच से दिल को लंबे समय तक स्वस्थ रखा जा सकता है। याद रखें, दिल की देखभाल आज से करेंगे, तभी आने वाला कल सुरक्षित रहेगा।
पटना से भूमि आर्या की रिपोर्ट
