बिहार प्रशासनिक सेवा के 8 अधिकारियों का तबादला, समस्तीपुर को मिला नया नगर आयुक्त; मधेपुरा में नए डीडीसी की तैनाती
बिहार में प्रशासनिक स्तर पर बड़ा फेरबदल, सामान्य प्रशासन विभाग ने 8 अधिकारियों का किया तबादला और सौंपी नई जिम्मेदारियां।
निष्कर्ष भारत संवाददाता पटना: बिहार में एक बार फिर बड़ा प्रशासनिकअधिकारियों फेरबदल किया गया है। सामान्य प्रशासन विभाग ने बिहार प्रशासनिक सेवा के 8 अधिकारियों का तबादला और नई पदस्थापना की है। राज्यपाल के आदेश से सरकार के उप सचिव राजीव रंजन दास द्वारा 6 सितंबर 2026 को इस संबंध में आधिकारिक अधिसूचना जारी की गई।
जारी आदेश के अनुसार, स्थानांतरित किए गए सभी अधिकारियों को बिना पारगमन काल का उपभोग किए तत्काल अपने नए पदस्थापन स्थल पर योगदान देने और प्रभार ग्रहण करने का निर्देश दिया गया है। इस प्रशासनिक फेरबदल में समस्तीपुर, मधेपुरा, भागलपुर, पटना, बांका, सिवान और अन्य जिलों के अधिकारियों को नई जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं।
गौतम कुमार बने समस्तीपुर के नए नगर आयुक्त
तबादला सूची में सबसे अहम नियुक्तियों में गौतम कुमार का नाम शामिल है। वित्त विभाग के भविष्य निधि निदेशालय में सहायक निदेशक के पद पर कार्यरत गौतम कुमार को अब समस्तीपुर नगर निगम का नगर आयुक्त बनाया गया है।
समस्तीपुर जैसे महत्वपूर्ण शहरी क्षेत्र में नगर आयुक्त की जिम्मेदारी काफी अहम मानी जाती है। शहर की सफाई व्यवस्था, विकास योजनाएं, नगर निगम से जुड़ी प्रशासनिक गतिविधियां और नागरिक सुविधाओं को बेहतर बनाने की जिम्मेदारी नगर आयुक्त के कंधों पर होगी।
नई नियुक्ति के बाद समस्तीपुर में नगर प्रशासन अधिकारियों और विकास कार्यों को नई गति मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।
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दिनेश राम को योजना परिषद में संयुक्त सचिव की जिम्मेदारी
भागलपुर में अपर समाहर्त्ता-सह-अपर जिला दंडाधिकारी के पद पर कार्यरत दिनेश राम को भी नई जिम्मेदारी दी गई है। उन्हें स्थानांतरित कर पटना स्थित योजना परिषद में संयुक्त सचिव नियुक्त किया गया है।
योजना परिषद राज्य की विकास योजनाओं और प्रशासनिक नीतियों से जुड़े महत्वपूर्ण कार्यों में भूमिका निभाती है। ऐसे में दिनेश राम की नई पदस्थापना को प्रशासनिक दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
भागलपुर में प्रशासनिक जिम्मेदारी संभालने के बाद अब वे राज्य स्तर पर योजना और विकास से जुड़े कार्यों में योगदान देंगे।
अरुण कुमार बने मधेपुरा के नए डीडीसी
प्रशासनिक फेरबदल के तहत अरुण कुमार को मधेपुरा में बड़ी जिम्मेदारी सौंपी गई है। तिरहुत प्रमंडल, मुजफ्फरपुर के क्षेत्रीय परिवहन अधिकारियों में संयुक्त आयुक्त-सह-सचिव के पद पर कार्यरत अरुण कुमार को अब मधेपुरा का उप विकास आयुक्त-सह-मुख्य कार्यपालक पदाधिकारी (DDC-cum-CEO) बनाया गया है।
उप विकास आयुक्त जिले में विकास योजनाओं के संचालन और उनकी निगरानी में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। ग्रामीण विकास, सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन और जिला स्तर पर विभिन्न विकास परियोजनाओं की समीक्षा जैसी जिम्मेदारियां इस पद से जुड़ी होती हैं।
अरुण कुमार की नियुक्ति के बाद मधेपुरा जिले में विकास कार्यों और प्रशासनिक अधिकारियों योजनाओं को नई दिशा मिलने की संभावना है।
सरफराज नवाज को पशु संसाधन विभाग में नई जिम्मेदारी
भागलपुर जिले के कहलगांव में भूमि सुधार उप समाहर्त्ता (DCLR) के पद पर कार्यरत मो. सरफराज नवाज को भी स्थानांतरित किया गया है।
उन्हें पटना स्थित डेयरी, मत्स्य एवं पशु संसाधन विभाग में विशेष कार्य पदाधिकारी (OSD) नियुक्त किया गया है।
बिहार सरकार का डेयरी, मत्स्य एवं पशु संसाधन विभाग राज्य की ग्रामीण अर्थव्यवस्था और पशुपालन क्षेत्र के लिए महत्वपूर्ण विभागों में शामिल है। विभाग से जुड़ी योजनाओं के प्रभावी संचालन में विशेष कार्य पदाधिकारी की भूमिका अहम होती है।
लखीसराय के शशिकुमार को भविष्य निधि निदेशालय भेजा गया
लखीसराय में वरीय उप समाहर्त्ता के पद पर कार्यरत शशिकुमार को भी नई जिम्मेदारी दी गई है। उन्हें पटना स्थित वित्त विभाग के भविष्य निधि निदेशालय में सहायक निदेशक नियुक्त किया गया है।
यह पद सरकारी कर्मचारियों और भविष्य निधि से जुड़े प्रशासनिक कार्यों के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जाता है। नई नियुक्ति के बाद शशिकुमार अब राज्य स्तर पर वित्त विभाग से जुड़े कार्यों की जिम्मेदारी संभालेंगे।
कटिहार के शशि भूषण कुमार शशि बने बांका के DCLR
कटिहार में वरीय उप समाहर्त्ता के पद पर कार्यरत शशि भूषण कुमार शशि का स्थानांतरण कर उन्हें बांका का भूमि सुधार उप समाहर्त्ता (DCLR) नियुक्त किया गया है।
भूमि सुधार उप समाहर्त्ता का पद राजस्व और भूमि विवादों से जुड़े मामलों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। भूमि रिकॉर्ड, दाखिल-खारिज और भूमि सुधार से संबंधित प्रशासनिक मामलों की जिम्मेदारी इस पद से जुड़ी होती है।
बांका में उनकी नई तैनाती के बाद भूमि प्रशासन से जुड़े मामलों के निस्तारण में तेजी आने की उम्मीद की जा रही है। नरकटियागंज, पश्चिम चंपारण में भूमि सुधार उप समाहर्त्ता के पद पर कार्यरत चन्द्रशेखर कुमारन को पटना स्थानांतरित किया गया है। उन्हें पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग में विशेष कार्य पदाधिकारी नियुक्त किया गया है।
राज्य में पर्यावरण संरक्षण, वन प्रबंधन और जलवायु परिवर्तन से जुड़ी योजनाओं के कारण इस विभाग की भूमिका लगातार महत्वपूर्ण होती जा रही है। ऐसे में चन्द्रशेखर कुमारन को राज्य स्तर पर नई प्रशासनिक जिम्मेदारी सौंपी गई है।
तनुजा श्री बनीं सिवान की जिला आपूर्ति पदाधिकारी
इस तबादला सूची में तनुजा श्री को भी महत्वपूर्ण जिम्मेदारी मिली है। वैशाली में वरीय उप समाहर्त्ता के पद पर कार्यरत तनुजा श्री को स्थानांतरित कर सिवान का जिला आपूर्ति पदाधिकारी (DSO) नियुक्त किया गया है।
जिला आपूर्ति पदाधिकारीअधिकारियों की जिम्मेदारी सार्वजनिक वितरण प्रणाली, राशन व्यवस्था और आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति से जुड़ी होती है। सिवान जिले में नई जिम्मेदारी संभालने के बाद तनुजा श्री के सामने खाद्यान्न वितरण व्यवस्था को सुचारू बनाए रखने की अहम चुनौती होगी।
बिना पारगमन काल के तुरंत योगदान का निर्देश
सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा जारी अधिसूचना में स्पष्ट किया गया है कि स्थानांतरित सभी अधिकारी पारगमन काल का उपभोग किए बिना तत्काल अपने नए पदों पर योगदान देंगे।
सरकार के इस निर्देश से साफ है कि प्रशासनिक व्यवस्था में बदलाव को तुरंत प्रभावी बनाने की तैयारी की गई है। अधिकारियों को जल्द से जल्द पुराना प्रभार छोड़कर नए पदों की जिम्मेदारी संभालनी होगी।
प्रशासनिक व्यवस्था को मजबूत करने की कवायद
बिहार में समय-समय पर होने वाले प्रशासनिक फेरबदल को सरकार की कार्यप्रणाली और विकास योजनाओं को प्रभावी बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जाता है। इस बार बिहार प्रशासनिक सेवा के 8 अधिकारियों को अलग-अलग जिलों और विभागों में नई जिम्मेदारियां देकर प्रशासनिक ढांचे में बदलाव किया गया है।
समस्तीपुर में नए नगर आयुक्त, मधेपुरा में नए डीडीसी और सिवान में नए जिला आपूर्ति पदाधिकारी की नियुक्ति जैसे फैसले सीधे तौर पर स्थानीय प्रशासन और आम लोगों से जुड़ी सेवाओं को प्रभावित करेंगे।
अब इन अधिकारियों के नए पदों पर योगदान के बाद यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि वे अपनी नई जिम्मेदारियों को किस तरह संभालते हैं और संबंधित जिलों व विभागों में प्रशासनिक कार्यों को कितना प्रभावी बना पाते हैं।
पटना से कीमती कुमारी का रिपोर्ट
