CJP के दीपके हिरासत में लिए गए, फिर रिहा; बोले- जेल जाने को तैयार, महाराष्ट्र में सियासी हलचल
CJP के दीपके हिरासत में लिए गए, रिहा हुए; जेल जाने की कही बात
निष्कर्ष भारत, संवाददाता (मुंबई)। CJP के संस्थापक अभिजीत दीपके को मुंबई के मरीन ड्राइव से गुरुवार को कुछ देर के लिए पुलिस हिरासत में लिया गया और पूछताछ के बाद छोड़ दिया गया। पुलिस के मुताबिक दीपके अपने समर्थकों के साथ मरीन ड्राइव पर प्लेकार्ड लेकर पहुंचे थे। पुलिस की एक टीम ने उन्हें वैन से मरीन ड्राइव पुलिस स्टेशन पहुंचाया, जहां कुछ देर बाद उन्हें छोड़ दिया गया। इस घटनाक्रम के बाद दीपके ने कहा कि वह जेल जाने से नहीं डरते और आंदोलन जारी रखेंगे।
यह घटनाक्रम ऐसे समय हुआ है, जब CJP ने 2 अक्टूबर को मुंबई के शिवाजी पार्क में मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के खिलाफ प्रदर्शन का ऐलान किया है। मुंबई पुलिस ने इस प्रदर्शन की अनुमति नहीं दी है। इसके बावजूद CJP ने आंदोलन जारी रखने की बात कही है। दीपके ने इसे असहमति और लोकतांत्रिक अधिकार से जोड़ते हुए कहा है कि अगर जरूरत पड़ी तो वह जेल जाने के लिए भी तैयार हैं।
मरीन ड्राइव पर प्लेकार्ड लेकर पहुंचे थे दीपके
पुलिस अधिकारी के अनुसार, दीपके गुरुवार को समर्थकों के साथ मरीन ड्राइव पहुंचे थे। उनके हाथों में प्लेकार्ड थे। इसके बाद पुलिस टीम उनके पास पहुंची। टीम में एक महिला निरीक्षक भी शामिल थीं। पुलिस के अनुसार, दीपके और उनके साथ मौजूद लोगों को मरीन ड्राइव पुलिस स्टेशन ले जाया गया।
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पुलिस के मुताबिक स्टेशन के प्रतीक्षा कक्ष में कुछ देर रखने के बाद दीपके को वरिष्ठ अधिकारियों से मिलने के लिए कहा गया। इसके बाद वह कुछ ही देर में स्टेशन से बाहर निकल गए। इस पूरे घटनाक्रम का वीडियो भी सोशल मीडिया पर सामने आया।
हालांकि, हिरासत को लेकर CJP की ओर से अलग दावा भी किया गया। पार्टी ने सोशल मीडिया पर हिरासत से जुड़ी खबरों को फर्जी बताया और दीपके ने एक कार के भीतर अपनी सेल्फी पोस्ट की। बाद की रिपोर्टों में पुलिस अधिकारी के हवाले से उन्हें थोड़ी देर के लिए थाने ले जाने की बात सामने आई। इस वजह से शुरुआती रिपोर्टों में घटनाक्रम को लेकर भ्रम की स्थिति बनी रही।
CJP बोली- जेल जाने से नहीं डरते
हिरासत से बाहर आने के बाद दीपके ने आंदोलन को लेकर अपना रुख स्पष्ट किया। उन्होंने कहा कि वह जेल जाने से नहीं डरते और यदि उन्हें गिरफ्तार किया जाता है तो वह दोबारा प्रदर्शन के लिए लौटेंगे।
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दीपके का कहना है कि असहमति लोकतंत्र का हिस्सा है। उन्होंने मुंबई में प्रदर्शन की अनुमति नहीं मिलने पर सवाल उठाया कि यदि राजनीतिक कार्यक्रमों के लिए शिवाजी पार्क का इस्तेमाल किया जा सकता है तो उनकी ओर से प्रदर्शन क्यों नहीं किया जा सकता।
यह बयान महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की उस चेतावनी के संदर्भ में भी आया, जिसमें उन्होंने प्रदर्शनकारियों से कहा था कि गिरफ्तारी की स्थिति में जमानत मिलने में कुछ समय लग सकता है। दीपके ने इसके जवाब में जेल जाने की तैयारी की बात कही है।
CJP के शिवाजी पार्क प्रदर्शन पर रोक
CJP ने 2 अक्टूबर को गांधी जयंती के मौके पर शिवाजी पार्क में प्रदर्शन का ऐलान किया है। पार्टी की मांग मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे से जुड़ी है। CJP ने चुनाव आयोग के कामकाज और मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR को लेकर भी सवाल उठाए हैं।

मुंबई पुलिस ने शिवाजी पार्क में प्रदर्शन की अनुमति देने से इनकार किया है। रिपोर्टों के मुताबिक इसके पीछे सार्वजनिक सभा से जुड़े नियम, जरूरी स्थानीय अनुमति, यातायात प्रबंधन और आपातकालीन वाहनों के रास्ते को लेकर चिंताएं बताई गई हैं। इसके बावजूद CJP ने प्रदर्शन नहीं रोकने की घोषणा की है।
CJP की ओर से इसे ‘जेल भरो’ आंदोलन के रूप में आगे बढ़ाने की बात कही गई है। संगठन का कहना है कि वह शिवाजी पार्क में निर्धारित कार्यक्रम करेगा और गिरफ्तारी की स्थिति में कार्यकर्ताओं के जेल जाने से पीछे नहीं हटेगा।
CJP क्यों कर रही है ज्ञानेश कुमार का विरोध?
CJP का आंदोलन चुनाव आयोग के भीतर सामने आए मतभेदों की रिपोर्ट के बाद तेज हुआ है। इंडियन एक्सप्रेस की एक जांच रिपोर्ट के मुताबिक चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी ने पिछले 10 महीनों में कम से कम 14 मौकों पर आयोग के फैसलों और आदेशों को लेकर औपचारिक आपत्तियां दर्ज की थीं। इन आपत्तियों का संबंध मतदाता पंजीकरण, मतदाता सूची और आयोग के डेटा व तकनीकी व्यवस्था समेत कई मुद्दों से था।
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रिपोर्ट सामने आने के बाद चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली और SIR को लेकर राजनीतिक बहस तेज हुई। हालांकि चुनाव आयोग ने कहा है कि तीन सदस्यीय आयोग ने SIR समेत फैसले सर्वसम्मति से लिए हैं। इस पूरे विवाद को लेकर सुप्रीम कोर्ट में भी CEC के कामकाज और SIR को चुनौती देने वाली याचिका पर सुनवाई की सहमति बनी है। CJP इसी विवाद को आधार बनाकर ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग कर रही है। संगठन की ओर से SIR पर रोक और मतदाता सूची से जुड़े बदलावों को लेकर भी मांगें रखी गई हैं।
मुंबई से शुरू होगा देशव्यापी आंदोलन
दीपके ने घोषणा की है कि आंदोलन सिर्फ मुंबई तक सीमित नहीं रहेगा। CJP के अनुसार मुंबई से शुरू होने वाला अभियान देश के दूसरे हिस्सों तक ले जाया जाएगा। बिहार, उत्तर प्रदेश, झारखंड, कर्नाटक, गोवा और पश्चिम बंगाल समेत कई राज्यों में प्रदर्शन करने की योजना बताई गई है।
इसके बाद अक्टूबर के अंत तक दिल्ली के जंतर-मंतर पर अनिश्चितकालीन धरना शुरू करने की बात कही गई है। संगठन का कहना है कि जब तक उसकी प्रमुख मांगें पूरी नहीं होतीं, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।
राजनीतिक बहस के बीच बढ़ी हलचल
CJP के आंदोलन के ऐलान के बाद महाराष्ट्र में राजनीतिक और प्रशासनिक स्तर पर हलचल बढ़ी है। एक तरफ संगठन बिना अनुमति प्रदर्शन करने पर अड़ा है, वहीं पुलिस ने शिवाजी पार्क में कार्यक्रम की अनुमति नहीं दी है। ऐसे में 2 अक्टूबर का प्रस्तावित प्रदर्शन प्रशासन और प्रदर्शनकारियों के बीच टकराव की स्थिति पैदा कर सकता है।
दीपके को मरीन ड्राइव से कुछ देर के लिए थाने ले जाने और फिर छोड़े जाने की घटना ने आंदोलन को लेकर चर्चा और तेज कर दी है। दीपके ने साफ किया है कि पुलिस कार्रवाई या संभावित गिरफ्तारी से उनका आंदोलन रुकने वाला नहीं है। वहीं CJP ने भी अपने प्रस्तावित प्रदर्शन को आगे बढ़ाने की बात दोहराई है।
राज कुमार की रिपोर्ट
