पटना-लखनऊ Indigo फ्लाइट पर गिरी बिजली, 170 यात्री सहमे, इमरजेंसी लैंडिंग

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पटना-लखनऊ फ्लाइट पर 17 हजार फीट पर गिरी बिजली, 170 यात्री सुरक्षित

निष्कर्ष भारत, संवाददाता (पटना)। पटना से लखनऊ जा रही इंडिगो की फ्लाइट बुधवार को खराब मौसम के बीच आकाशीय बिजली की चपेट में आ गई। करीब 17 हजार फीट की ऊंचाई पर हुई इस घटना से विमान में सवार 170 यात्रियों में हड़कंप मच गया। बिजली गिरने से विमान के आगे यानी नोज वाले हिस्से को नुकसान पहुंचा। हालांकि पायलट ने स्थिति को संभालते हुए विमान को सुरक्षित लखनऊ एयरपोर्ट पर उतार लिया। सभी यात्री सुरक्षित रहे।

पटना-लखनऊ फ्लाइट में अचानक मची हलचल

इंडिगो की फ्लाइट 6E925 ने बुधवार दोपहर 3:10 बजे पटना एयरपोर्ट से लखनऊ के लिए उड़ान भरी थी। उड़ान के दौरान मौसम खराब था। लखनऊ पहुंचने से पहले करीब 17 हजार फीट की ऊंचाई पर विमान आकाशीय बिजली की चपेट में आ गया।

बिजली गिरने के बाद विमान में मौजूद यात्रियों को तेज चमक और जोरदार आवाज का सामना करना पड़ा। घटना अचानक हुई, लेकिन पायलट ने बिना घबराए स्थिति का आकलन किया और लखनऊ एयर ट्रैफिक कंट्रोल यानी ATC से संपर्क किया।

लखनऊ में इमरजेंसी लैंडिंग की तैयारी

विमान में तकनीकी नुकसान की आशंका को देखते हुए पायलट ने लखनऊ एयरपोर्ट पर लैंडिंग का फैसला लिया। ATC ने रनवे को खाली कराया और आपात स्थिति को देखते हुए एंबुलेंस तथा अन्य जरूरी सेवाओं को भी तैयार रखा गया।

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विमान शाम 4:05 बजे लखनऊ एयरपोर्ट पर सुरक्षित उतर गया। इसका निर्धारित आगमन समय 4:20 बजे था। यानी विमान तय समय से पहले ही लखनऊ पहुंच गया। लैंडिंग के बाद सभी 170 यात्रियों को सुरक्षित विमान से उतारा गया।

पटना से उड़ान भरने वाले विमान की जांच में क्या मिला?

लैंडिंग के बाद तकनीकी टीम ने विमान की विस्तृत जांच शुरू की। निरीक्षण में विमान के आगे के हिस्से में नुकसान पाया गया। सुरक्षा मानकों को देखते हुए एयरलाइन ने विमान को तत्काल ग्राउंड कर दिया।

इस घटना की जानकारी विमानन नियामक डीजीसीए को भी दी गई। तकनीकी जांच पूरी होने और आवश्यक मरम्मत के बाद ही विमान को दोबारा उड़ान भरने की अनुमति दी जाएगी।

यही विमान आगे अहमदाबाद जाने वाला था

दिलचस्प बात यह है कि पटना से लखनऊ पहुंचा यही विमान आगे अहमदाबाद के लिए भी उड़ान भरने वाला था। इसे इंडिगो की फ्लाइट 6E6968 के रूप में शाम 5:05 बजे लखनऊ से अहमदाबाद जाना था।

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लेकिन विमान में तकनीकी नुकसान सामने आने के बाद उसे आगे उड़ाने का फैसला टाल दिया गया। इंडिगो ने यात्रियों के लिए दूसरे विमान की व्यवस्था की। इसके बाद यात्रियों को शाम करीब 6:22 बजे दूसरे विमान से अहमदाबाद भेजा गया।

खराब विमान की मरम्मत में जुटी इंजीनियरिंग टीम

लखनऊ एयरपोर्ट पर ग्राउंड किए गए विमान की इंजीनियरों की टीम जांच कर रही है। विमान की नोज को हुए नुकसान की मरम्मत की जाएगी। मरम्मत के बाद विमान का ट्रायल किया जाएगा।

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तकनीकी जांच और ट्रायल की रिपोर्ट डीजीसीए को भेजी जाएगी। नियामक की अनुमति मिलने के बाद ही विमान को दोबारा सेवा में शामिल किया जाएगा। जरूरत पड़ने पर विमान की बिना यात्रियों के परीक्षण उड़ान भी कराई जा सकती है।

पटना-लखनऊ फ्लाइट को उतारना क्यों जरूरी था?

आकाशीय बिजली गिरने के बाद विमान का उड़ते रहना अपने आप में असामान्य बात नहीं है। आधुनिक यात्री विमान इस तरह की स्थिति को ध्यान में रखकर डिजाइन किए जाते हैं। लेकिन बिजली गिरने के बाद विमान की तकनीकी जांच बेहद जरूरी मानी जाती है।

यही कारण है कि पायलट ने लखनऊ में विमान उतारने का फैसला किया। जमीन पर विमान के बाहरी हिस्से और महत्वपूर्ण सिस्टम की जांच की जा सकती थी। नुकसान सामने आने के बाद विमान को आगे उड़ाने की अनुमति नहीं दी गई।

क्या विमान पर बिजली गिरना बहुत खतरनाक है?

विमान पर आकाशीय बिजली गिरने की घटना सुनने में जितनी डरावनी लगती है, हर बार उतनी खतरनाक नहीं होती। आधुनिक विमानों की बाहरी संरचना इस तरह डिजाइन की जाती है कि बिजली का विद्युत प्रवाह मुख्य रूप से विमान की बाहरी सतह से होकर गुजर सके।

आमतौर पर बिजली विमान के नोज, विंगटिप या किसी अन्य उभरे हुए हिस्से से टकरा सकती है और फिर बाहरी सतह के रास्ते विमान के दूसरे हिस्से से बाहर निकल जाती है।

यात्रियों को बिजली का झटका क्यों नहीं लगता?

विमान की संरचना यात्रियों और केबिन के अंदर मौजूद लोगों को विद्युत प्रवाह से बचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। इसलिए बिजली गिरने की स्थिति में यात्रियों को आम तौर पर बिजली का झटका नहीं लगता।

हालांकि, यात्रियों को अचानक तेज चमक, धमाके जैसी आवाज या विमान में हल्का झटका महसूस हो सकता है। इसके बावजूद विमान के सिस्टम सामान्य रहने पर उड़ान जारी रखना संभव हो सकता है।

बिजली गिरने के बाद विमान की जांच क्यों जरूरी?

बिजली गिरने के बाद विमान को सिर्फ देखकर सुरक्षित घोषित नहीं किया जाता। तकनीकी टीम विमान की बाहरी सतह, इलेक्ट्रिकल सिस्टम, एवियोनिक्स और अन्य महत्वपूर्ण हिस्सों की जांच करती है।

कई मामलों में बिजली गिरने के बाद केवल छोटे निशान या मामूली क्षति दिखाई देती है। लेकिन अगर विमान के किसी महत्वपूर्ण हिस्से में नुकसान पाया जाता है तो उसे उड़ान से रोक दिया जाता है। यही वजह है कि लखनऊ पहुंचने के बाद इंडिगो के इस विमान को ग्राउंड किया गया।

जून में भी इंडिगो विमान पर गिरी थी बिजली

इस तरह की घटना पहले भी सामने आ चुकी है। 19 जून 2026 को कोलकाता एयरपोर्ट पर खड़े इंडिगो के विमान 6E6068 पर आकाशीय बिजली गिर गई थी। उस समय विमान में 141 यात्री और छह क्रू सदस्य मौजूद थे।

घटना के बाद सभी यात्रियों को सुरक्षित विमान से उतार लिया गया और बाद में दूसरे विमान से अगरतला भेजा गया। इस घटना में किसी यात्री के घायल होने की जानकारी सामने नहीं आई थी।

पटना से उड़ान भरने वाले यात्रियों के लिए राहत की बात

पटना से लखनऊ जा रही फ्लाइट में बिजली गिरने की घटना ने कुछ समय के लिए यात्रियों की चिंता जरूर बढ़ा दी, लेकिन सबसे महत्वपूर्ण बात यह रही कि विमान सुरक्षित लखनऊ पहुंच गया और सभी 170 यात्री सुरक्षित रहे।

घटना के बाद एयरलाइन ने विमान को दोबारा उड़ाने के बजाय तकनीकी जांच को प्राथमिकता दी। विमानन क्षेत्र में सुरक्षा के लिहाज से यही प्रक्रिया सबसे महत्वपूर्ण मानी जाती है। यात्रियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए तकनीकी टीम की रिपोर्ट और नियामकीय मंजूरी के बाद ही विमान को फिर से उड़ान भरने की अनुमति दी जाएगी।

Nishkarsh Bharat

राज कुमार की रिपोर्ट

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