ICC के सितंबर अवॉर्ड पर भारत का कब्जा, गिल-शेफाली बने विजेता
Gill and Shafali Win ICC Awards for September
निष्कर्ष भारत, संवाददाता (नई दिल्ली)। भारतीय क्रिकेट के लिए सितंबर महीने के प्रदर्शन पर एक और बड़ी उपलब्धि जुड़ गई है। इंटरनेशनल क्रिकेट काउंसिल (ICC) ने सितंबर 2026 के प्लेयर ऑफ द मंथ पुरस्कारों की घोषणा कर दी है। पुरुष वर्ग में भारत के कप्तान शुभमन गिल और महिला वर्ग में सलामी बल्लेबाज शेफाली वर्मा को विजेता चुना गया है। दोनों खिलाड़ियों ने अपने शानदार प्रदर्शन के दम पर दुनिया भर के क्रिकेटरों के बीच यह सम्मान हासिल किया।
शुभमन गिल ने पांचवीं बार ICC पुरुष प्लेयर ऑफ द मंथ का पुरस्कार जीतकर अपना रिकॉर्ड और मजबूत किया है। वहीं, शेफाली वर्मा ने दूसरी बार यह सम्मान अपने नाम किया। खास बात यह है कि तीसरी बार भारतीय खिलाड़ियों ने एक ही महीने में पुरुष और महिला, दोनों वर्गों के पुरस्कार जीते हैं। ICC के मुताबिक, यह पांचवां मौका है, जब किसी एक क्रिकेट बोर्ड के खिलाड़ियों ने दोनों श्रेणियों में एक साथ जीत दर्ज की है।
गिल को वेस्टइंडीज के खिलाफ वनडे सीरीज में शानदार बल्लेबाजी का फायदा मिला, जबकि शेफाली ने महिला एशिया कप और एशियाई खेलों में अपने बल्ले और गेंद से प्रभावशाली प्रदर्शन किया। दोनों खिलाड़ियों की उपलब्धि भारतीय क्रिकेट के लिए इसलिए भी महत्वपूर्ण है, क्योंकि पुरुष और महिला टीमों ने अलग-अलग प्रतियोगिताओं में अपनी क्षमता का प्रदर्शन किया है।
ICC Player of the Month: शुभमन गिल ने पांचवीं बार जीता पुरस्कार
शुभमन गिल के लिए सितंबर का महीना बेहद खास रहा। वेस्टइंडीज के खिलाफ वनडे सीरीज में उन्होंने जिस अंदाज में बल्लेबाजी की, उसने उन्हें इस पुरस्कार का मजबूत दावेदार बना दिया। ICC ने उन्हें पुरुष वर्ग में भारत के अभिषेक शर्मा और जिम्बाब्वे के कप्तान सिकंदर रजा से आगे रखते हुए विजेता घोषित किया।
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गिल इससे पहले जनवरी 2023, सितंबर 2023, फरवरी 2025 और जुलाई 2025 में भी यह पुरस्कार जीत चुके हैं। सितंबर 2026 का सम्मान उनके करियर का पांचवां ICC पुरुष प्लेयर ऑफ द मंथ पुरस्कार है। इस उपलब्धि के साथ उन्होंने पुरुष वर्ग में सर्वाधिक बार यह सम्मान जीतने का अपना रिकॉर्ड बढ़ाया है। वह वेस्टइंडीज की हेले मैथ्यूज के पांच पुरस्कारों के रिकॉर्ड की भी बराबरी कर चुके हैं, हालांकि दोनों अलग-अलग श्रेणियों में खेलते हैं।
गिल की यह उपलब्धि उनकी निरंतरता को दर्शाती है। अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में लंबे समय तक अच्छा प्रदर्शन करना किसी भी बल्लेबाज के लिए बड़ी चुनौती होती है। अलग-अलग परिस्थितियों, गेंदबाजों और मैच की जरूरत के हिसाब से अपनी बल्लेबाजी में बदलाव करना पड़ता है। वेस्टइंडीज के खिलाफ गिल ने बड़े लक्ष्य का पीछा करते हुए जिस तरह अपनी पारी को आगे बढ़ाया, उसने उनकी बल्लेबाजी की क्षमता को फिर सामने रखा।
ICC अवॉर्ड के लिए गिल ने वेस्टइंडीज के खिलाफ मचाया धमाल
शुभमन गिल ने वेस्टइंडीज के खिलाफ वनडे सीरीज के शुरुआती दो मैचों में कुल 333 रन बनाए। पहले वनडे में उन्होंने 110 रन की पारी खेली। इसके बाद दूसरे मुकाबले में उनका बल्ला और भी आक्रामक अंदाज में चला और उन्होंने 133 गेंदों पर नाबाद 223 रन बना दिए।
दूसरे वनडे में वेस्टइंडीज ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 405 रन बनाए थे। इतना बड़ा लक्ष्य हासिल करना भारतीय टीम के लिए बड़ी चुनौती थी, लेकिन गिल ने शानदार बल्लेबाजी करते हुए लक्ष्य का पीछा आसान बना दिया। भारत ने आठ विकेट से जीत दर्ज की और लक्ष्य हासिल करने के लिए 39 गेंदें भी शेष रहीं।
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गिल की 223 रन की पारी वनडे इतिहास में सबसे तेज दोहरा शतक रही। उन्होंने केवल 117 गेंदों में दोहरा शतक पूरा किया। इस पारी में चौकों और छक्कों की बरसात देखने को मिली। रोहित शर्मा के साथ उनकी 255 रन की शुरुआती साझेदारी ने भी भारतीय पारी को मजबूत आधार दिया।
इस प्रदर्शन ने गिल को केवल मैच जिताने वाला बल्लेबाज ही नहीं, बल्कि बड़े लक्ष्य का पीछा करने में सक्षम कप्तान के रूप में भी स्थापित किया। हालांकि भारत ने सीरीज 2-1 से जीती, लेकिन गिल के शुरुआती दो मुकाबलों का प्रदर्शन पुरस्कार जीतने में निर्णायक साबित हुआ।
शेफाली वर्मा ने दूसरी बार जीता ICC महिला पुरस्कार
महिला वर्ग में शेफाली वर्मा को सितंबर 2026 के लिए ICC प्लेयर ऑफ द मंथ चुना गया है। भारतीय सलामी बल्लेबाज ने एशिया कप और एशियाई खेलों में अपने प्रदर्शन से चयनकर्ताओं और प्रशंसकों का ध्यान खींचा।
शेफाली इससे पहले नवंबर 2025 में भी यह पुरस्कार जीत चुकी थीं। उस समय महिला वनडे विश्व कप में भारत की खिताबी जीत के दौरान उनके प्रदर्शन को विशेष पहचान मिली थी। अब सितंबर 2026 का पुरस्कार जीतकर उन्होंने अपने अंतरराष्ट्रीय करियर में एक और महत्वपूर्ण उपलब्धि जोड़ ली है।
शेफाली की बल्लेबाजी की सबसे बड़ी विशेषता उनका आक्रामक अंदाज है। वह पारी की शुरुआत से ही गेंदबाजों पर दबाव बनाने की कोशिश करती हैं। सीमित ओवरों के क्रिकेट में तेज शुरुआत टीम को मजबूत स्थिति में पहुंचा सकती है और बड़े स्कोर की नींव रख सकती है।
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सितंबर के दौरान शेफाली ने बल्ले से शानदार योगदान दिया और गेंदबाजी में भी उपयोगी प्रदर्शन किया। ICC के अनुसार, उन्होंने इस अवधि में 360 रन बनाए और छह विकेट हासिल किए। उनका स्ट्राइक रेट 184.61 रहा। यह आंकड़ा उनके आक्रामक खेल और टीम के लिए दोहरी भूमिका निभाने की क्षमता को दिखाता है।
एशिया कप और एशियाई खेलों में शेफाली का शानदार प्रदर्शन
शेफाली वर्मा का प्रदर्शन केवल एक प्रतियोगिता तक सीमित नहीं रहा। महिला एशिया कप में वह भारतीय टीम की प्रमुख रन बनाने वाली बल्लेबाज रहीं। उनकी बल्लेबाजी ने टीम को महत्वपूर्ण मुकाबलों में मजबूती दी और भारत की खिताबी सफलता में योगदान दिया।
एशियाई खेलों में भी शेफाली ने शानदार प्रदर्शन जारी रखा। बांग्लादेश के खिलाफ सेमीफाइनल में उन्होंने शतक लगाया, जबकि श्रीलंका के खिलाफ फाइनल में 48 रन बनाए। इन पारियों ने दबाव वाले मुकाबलों में उनकी बल्लेबाजी क्षमता को सामने रखा।
शेफाली ने गेंदबाजी में भी योगदान दिया और छह विकेट हासिल किए। इससे स्पष्ट होता है कि उनका प्रभाव केवल रन बनाने तक सीमित नहीं रहा। टीम को जरूरत पड़ने पर उन्होंने गेंद से भी उपयोगी भूमिका निभाई।

बड़े टूर्नामेंट में लगातार अच्छा प्रदर्शन करना खिलाड़ियों के आत्मविश्वास और अनुभव को बढ़ाता है। शेफाली के लिए यह पुरस्कार इसलिए भी अहम है, क्योंकि उन्होंने अलग-अलग प्रतियोगिताओं में भारत की सफलता में योगदान देने के बाद यह सम्मान हासिल किया।
ICC पुरस्कारों में भारत ने तीसरी बार किया क्लीन स्वीप
सितंबर 2026 के पुरस्कारों में भारत की सफलता एक और वजह से महत्वपूर्ण है। पुरुष और महिला दोनों वर्गों में भारतीय खिलाड़ियों का विजेता बनना देश के क्रिकेट ढांचे की व्यापक सफलता को दर्शाता है।
ICC के मुताबिक, यह तीसरी बार है जब भारत के खिलाड़ियों ने एक ही महीने में दोनों पुरस्कार जीते हैं। इससे पहले जून 2024 में जसप्रीत बुमराह और स्मृति मंधाना ने यह उपलब्धि हासिल की थी। सितंबर 2025 में अभिषेक शर्मा और स्मृति मंधाना दोनों वर्गों में विजेता बने थे। अब सितंबर 2026 में शुभमन गिल और शेफाली वर्मा ने यह उपलब्धि दोहराई है।
यह उपलब्धि भारतीय क्रिकेट में पुरुष और महिला खिलाड़ियों के प्रदर्शन को एक साथ रेखांकित करती है। अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में किसी एक महीने में दोनों वर्गों में पुरस्कार जीतना इस बात का संकेत है कि भारतीय खिलाड़ी अलग-अलग प्रारूपों और प्रतियोगिताओं में प्रभाव छोड़ रहे हैं।
हालांकि, पुरस्कार किसी एक अवधि के प्रदर्शन के आधार पर दिया जाता है। इसलिए इसे पूरे साल की टीम रैंकिंग या किसी प्रतियोगिता में अंतिम सफलता का विकल्प नहीं माना जा सकता। फिर भी, खिलाड़ियों के व्यक्तिगत प्रदर्शन को पहचान दिलाने में ऐसे सम्मान की अहम भूमिका होती है।
ICC अवॉर्ड की दौड़ में कौन-कौन था शामिल?
पुरुष वर्ग में शुभमन गिल के साथ भारत के अभिषेक शर्मा और जिम्बाब्वे के कप्तान सिकंदर रजा को नामांकित किया गया था। अभिषेक ने टी20 अंतरराष्ट्रीय मुकाबलों में तेज बल्लेबाजी करते हुए शानदार रन बनाए थे, जबकि सिकंदर रजा ने जिम्बाब्वे की ओर से बल्ले और गेंद दोनों से योगदान दिया।
महिला वर्ग में श्रीलंका की कप्तान चमारी अटापट्टू, भारत की शेफाली वर्मा और भारतीय बाएं हाथ की स्पिनर श्री चरणी को नामांकित किया गया था। तीनों खिलाड़ियों ने अपनी-अपनी टीमों के लिए महत्वपूर्ण प्रदर्शन किया।
विजेताओं का चयन ICC की प्रक्रिया के तहत किया जाता है, जिसमें विशेषज्ञों के पैनल और दुनिया भर के पंजीकृत प्रशंसकों के वोट शामिल होते हैं। ICC के अनुसार, विशेषज्ञ पैनल के वोट का हिस्सा 90 प्रतिशत और प्रशंसकों के वोट का हिस्सा 10 प्रतिशत होता है।
गिल और शेफाली की जीत से भारतीय क्रिकेट को मिली नई पहचान
शुभमन गिल और शेफाली वर्मा की जीत भारतीय क्रिकेट के लिए एक खास उपलब्धि है। गिल ने वनडे क्रिकेट में बड़े लक्ष्य का पीछा करते हुए ऐतिहासिक दोहरा शतक लगाया, जबकि शेफाली ने एशिया कप और एशियाई खेलों में लगातार प्रभावशाली प्रदर्शन किया।
दोनों खिलाड़ियों की सफलता अलग-अलग प्रारूपों में भारतीय क्रिकेट की ताकत को सामने लाती है। गिल की बल्लेबाजी ने पुरुष टीम को वेस्टइंडीज के खिलाफ महत्वपूर्ण जीत दिलाने में मदद की, वहीं शेफाली के प्रदर्शन ने महिला टीम की खिताबी सफलता में योगदान दिया।
अब दोनों खिलाड़ियों की नजर आने वाली अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं पर होगी। गिल के लिए चुनौती अपनी बल्लेबाजी और कप्तानी में निरंतरता बनाए रखने की होगी, जबकि शेफाली से भी आने वाले मैचों में इसी तरह के आक्रामक और उपयोगी प्रदर्शन की उम्मीद रहेगी।
सितंबर 2026 का ICC प्लेयर ऑफ द मंथ पुरस्कार दोनों खिलाड़ियों के लिए यादगार उपलब्धि बन गया है। गिल का पांचवां और शेफाली का दूसरा पुरस्कार भारतीय क्रिकेट के खाते में एक और महत्वपूर्ण सम्मान जोड़ता है।
राज कुमार की रिपोर्ट
