प्रदेश में देर से आएगी सर्दी, वापस लौटा मानसून, उमस का रहेगा असर

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बिहार में मानसून की विदाई, उमस बरकरार; जानें कब शुरू होगी सर्दी

निष्कर्ष भारत, संवाददाता ( पटना)। बिहार में दक्षिण-पश्चिम मानसून की विदाई के बाद मौसम में बदलाव का दौर शुरू हो गया है। मौसम विभाग के अनुसार, 14 अक्टूबर को मानसून राज्य के सभी हिस्सों से वापस लौट गया। इसके साथ ही प्रदेश में बारिश की गतिविधियों में कमी आने और मौसम मुख्य रूप से शुष्क रहने की संभावना है।

हालांकि, मानसून की विदाई के बावजूद लोगों को तत्काल गर्मी से राहत मिलने के आसार कम हैं। दिन में तेज धूप और वातावरण में नमी के कारण उमस परेशान कर सकती है। वहीं, इस साल अल नीनो के संभावित प्रभाव के कारण सर्दी की शुरुआत में देरी होने की आशंका जताई जा रही है। ऐसे में अक्टूबर के दूसरे पखवाड़े से लेकर आने वाले महीनों तक बिहार के मौसम में कई बदलाव देखने को मिल सकते हैं।

बिहार में मानसून की विदाई, अब कैसा रहेगा मौसम?

बिहार से मानसून की वापसी के बाद मौसम का मिजाज धीरे-धीरे बदलने लगेगा। बारिश की गतिविधियां कम होने के साथ ही अधिकांश जिलों में आसमान साफ रहने और दिन में धूप निकलने की संभावना है। ऐसे मौसम में लोगों को सुबह और शाम के समय अपेक्षाकृत राहत मिल सकती है, लेकिन दोपहर में गर्मी और उमस का असर बना रह सकता है।

मानसून की विदाई का मतलब यह नहीं है कि राज्य में तापमान तुरंत गिरने लगेगा। बारिश के बाद वातावरण में मौजूद नमी और तेज धूप के कारण कई जगहों पर गर्मी महसूस हो सकती है। मौसम में ठंडक आने की प्रक्रिया धीरे-धीरे आगे बढ़ती है। इसलिए आने वाले दिनों में दिन और रात के तापमान के बीच अंतर बढ़ने की संभावना बनी रहेगी।

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पिछले पांच वर्षों के आंकड़ों के मुताबिक, बिहार से मानसून की वापसी की तारीख में कुछ अंतर रहा है। इस वर्ष 14 अक्टूबर को मानसून की विदाई हुई है, जबकि पिछले वर्षों में इसकी वापसी 11 से 15 अक्टूबर के बीच दर्ज की गई थी। इससे स्पष्ट है कि मानसून की विदाई की तारीख हर साल मौसम की परिस्थितियों के अनुसार बदल सकती है।

मानसून के बाद बिहार में बढ़ेगी गर्मी और उमस

मानसून के लौटने के बाद बिहार में बारिश की संभावना सामान्य तौर पर कम हो जाती है। हालांकि, स्थानीय मौसमी परिस्थितियों के कारण कहीं-कहीं बादल बन सकते हैं और मौसम में अस्थायी बदलाव देखने को मिल सकता है। फिलहाल प्रदेश में मौसम शुष्क रहने की संभावना है।

राजधानी पटना समेत राज्य के विभिन्न हिस्सों में दिन के समय धूप निकलने से गर्मी महसूस हो सकती है। घर से बाहर निकलने वाले लोगों को उमस के कारण परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। खासकर दोपहर के समय धूप की तीव्रता के कारण सामान्य से अधिक गर्मी महसूस हो सकती है।

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अक्टूबर का दूसरा पखवाड़ा आमतौर पर बिहार में मौसम परिवर्तन का समय माना जाता है। इस दौरान दिन का तापमान धीरे-धीरे कम होने लगता है, जबकि सुबह और रात में हल्की ठंडक महसूस होने लगती है। हालांकि, इस बार सर्दी की शुरुआत कब होगी, यह आने वाले दिनों के तापमान और मौसमी परिस्थितियों पर निर्भर करेगा।

क्या इस साल देर से आएगी सर्दी?

बिहार में इस बार सर्दी की शुरुआत को लेकर लोगों की नजर मौसम विभाग के पूर्वानुमान पर है। मौसम संबंधी आकलनों में अल नीनो के संभावित प्रभाव को लेकर चर्चा है। इसके कारण सर्दी के मौसम में तापमान सामान्य से ऊपर रहने की आशंका जताई जा रही है। हालांकि, इसका वास्तविक असर कितना होगा, यह आने वाले महीनों की परिस्थितियों से स्पष्ट होगा।

अल नीनो प्रशांत महासागर के भूमध्यरेखीय हिस्से में समुद्र की सतह के तापमान में सामान्य से अधिक वृद्धि से जुड़ी जलवायु संबंधी घटना है। इसका प्रभाव दुनिया के अलग-अलग क्षेत्रों में तापमान और बारिश के सामान्य पैटर्न पर पड़ सकता है। भारत में इसका असर हर मौसम और हर क्षेत्र में एक जैसा नहीं होता।

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यदि आने वाले महीनों में तापमान सामान्य से अधिक रहता है, तो बिहार में ठंड का प्रभाव देर से महसूस हो सकता है। ऐसी स्थिति में अक्टूबर और नवंबर के दौरान दिन में गर्मी बनी रह सकती है। रात के तापमान में भी अपेक्षित गिरावट देर से होने की संभावना होगी।

हालांकि, केवल अल नीनो के आधार पर यह निश्चित रूप से नहीं कहा जा सकता कि बिहार में पूरी सर्दी कम ठंड पड़ेगी। स्थानीय मौसम, हवा की दिशा, पश्चिमी विक्षोभ और अन्य मौसमी प्रणालियां भी तापमान को प्रभावित करती हैं। इसलिए सर्दी के संबंध में किसी निश्चित निष्कर्ष पर पहुंचने के लिए नियमित मौसम पूर्वानुमान पर नजर रखना जरूरी है।

नवंबर से बदलेगा मौसम का मिजाज, सुबह-शाम बढ़ सकती है ठंडक

मानसून की विदाई के बाद बिहार में मौसम का अगला चरण धीरे-धीरे ठंड की ओर बढ़ने का होगा। अक्टूबर के अंतिम दिनों और नवंबर के दौरान सुबह तथा शाम के समय हल्की ठंडक महसूस होने की संभावना रहती है। हालांकि, तापमान में गिरावट की रफ्तार सभी जिलों में एक जैसी नहीं होगी।

ग्रामीण इलाकों में खुले वातावरण और स्थानीय परिस्थितियों के कारण सुबह-शाम ठंडक का अनुभव अलग हो सकता है। वहीं, पटना जैसे शहरी क्षेत्रों में दिन के समय धूप और गर्मी का असर कुछ समय तक बना रह सकता है।

सर्दी की शुरुआत में तापमान में उतार-चढ़ाव सामान्य बात है। कभी आसमान साफ रहने से दिन गर्म हो सकता है, तो कभी हवा की दिशा बदलने से रात का तापमान नीचे जा सकता है। ऐसे में लोगों को मौसम के अचानक बदलने के लिए तैयार रहने की जरूरत है।

जनवरी-फरवरी में बढ़ सकती है ठंड, कोहरे का भी रहेगा असर

बिहार में सर्दी का प्रभाव आमतौर पर दिसंबर से फरवरी के बीच अधिक महसूस किया जाता है। जनवरी और फरवरी में ठंडी हवाओं, पश्चिमी विक्षोभ और स्थानीय मौसमी परिस्थितियों के कारण तापमान में गिरावट आ सकती है। कुछ इलाकों में घना कोहरा और शीतलहर जैसी परिस्थितियां भी बन सकती हैं।

हालांकि, इस बार जनवरी और फरवरी में ठंड कितनी पड़ेगी, इसका आकलन अभी से निश्चित रूप से करना उचित नहीं होगा। आने वाले महीनों में जारी होने वाले मौसमी पूर्वानुमान से इसकी बेहतर जानकारी मिलेगी।

कोहरे के दौरान सड़क और रेल यातायात प्रभावित होने की आशंका रहती है। ऐसे में वाहन चालकों को सावधानी बरतनी चाहिए। सुबह के समय यात्रा करने वालों को दृश्यता कम होने की स्थिति में धीमी गति से वाहन चलाने और यातायात नियमों का पालन करने की सलाह दी जाती है।

किसानों के लिए भी मौसम में बदलाव महत्वपूर्ण रहेगा। तापमान और नमी में होने वाले परिवर्तन का असर रबी फसलों की बुवाई और शुरुआती विकास पर पड़ सकता है। इसलिए किसानों को कृषि संबंधी गतिविधियों की योजना बनाते समय स्थानीय मौसम पूर्वानुमान और कृषि विभाग की सलाह पर ध्यान देना चाहिए।

फिलहाल बिहार के लोगों को गर्मी से तुरंत राहत नहीं

बिहार से 14 अक्टूबर को मानसून की विदाई के बाद प्रदेश में मौसम शुष्क रहने की संभावना है। दिन में तेज धूप और उमस का असर कुछ समय तक बना रह सकता है, जबकि सुबह और शाम धीरे-धीरे राहत मिलने की उम्मीद है। अल नीनो के संभावित प्रभाव के कारण सर्दी की शुरुआत में देरी की आशंका जरूर जताई जा रही है, लेकिन ठंड की वास्तविक स्थिति आने वाले महीनों के मौसम पर निर्भर करेगी।

फिलहाल लोगों को तापमान में अचानक गिरावट की उम्मीद करने के बजाय मौसम के धीरे-धीरे बदलने के संकेतों पर ध्यान देना चाहिए। बारिश, तापमान और ठंड से संबंधित सटीक जानकारी के लिए मौसम विभाग के ताजा पूर्वानुमान को देखना जरूरी है।

Nishkarsh Bharat

राज कुमार की रिपोर्ट

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