नवरात्र में तेजस्वी यादव को भाजपा ने बताया ‘10 सिर वाला रावण’, राजद ने रोजगार के मुद्दे पर किया पलटवार
तेजस्वी यादव को BJP ने बताया ‘10 सिर वाला रावण’, RJD का रोजगार के मुद्दे पर पलटवार
निष्कर्ष भारत संवाददाता- पटना- बिहार की राजनीति में नवरात्र के मौके पर नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव को लेकर भाजपा और राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के बीच जुबानी जंग तेज हो गई है। भाजपा ने तेजस्वी यादव की तुलना 10 सिर वाले रावण से करते हुए उन पर झूठे वादे, परिवारवाद और भ्रष्टाचार को बढ़ावा देने जैसे आरोप लगाए हैं। वहीं, राजद ने भाजपा के हमले का जवाब रोजगार और नियुक्तियों के मुद्दे पर दिया है। राजद प्रवक्ता एजाज अहमद ने तेजस्वी यादव के 17 महीने के कार्यकाल का हवाला देते हुए भाजपा नेताओं को अपने कामकाज का हिसाब देखने की सलाह दी।
इस राजनीतिक विवाद में भाजपा ने लैंड फॉर जॉब्स मामले को भी उठाया है। वहीं, राजद ने रोजगार, शिक्षकों की बहाली और युवाओं के प्रति सरकार के रवैये को लेकर भाजपा पर सवाल खड़े किए हैं। दोनों दलों के बीच आरोप-प्रत्यारोप से बिहार में राजनीतिक माहौल गरमा गया है।
‘दस सिर-दस झूठ’, भाजपा ने तेजस्वी यादव पर साधा निशाना
भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता नीरज कुमार शर्मा ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट साझा कर तेजस्वी यादव पर हमला बोला। उन्होंने तेजस्वी की तुलना रावण से करते हुए लिखा, ‘तेजस्वी यादव का रावण रूप अब छिप नहीं रहा। दस सिर-दस झूठ।’
भाजपा प्रवक्ता ने आरोप लगाया कि तेजस्वी यादव युवाओं को नौकरी देने के नाम पर खोखले वादे करते हैं। उन्होंने अपराधियों को संरक्षण देने और बिहार में कथित तौर पर फिर से ‘जंगलराज’ लाने की कोशिश करने का भी आरोप लगाया।

नीरज कुमार शर्मा ने परिवारवाद और भ्रष्टाचार का मुद्दा उठाते हुए कहा कि तेजस्वी यादव की राजनीति बिहार को फिर से पिछड़ेपन की ओर ले जा सकती है। भाजपा ने इन आरोपों के जरिए राजद नेतृत्व और तेजस्वी यादव के राजनीतिक दावों पर सवाल खड़े किए हैं।
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हालांकि, भाजपा की ओर से लगाए गए ये आरोप राजनीतिक बयानबाजी का हिस्सा हैं। इन पर राजद ने भी अपनी प्रतिक्रिया दी है।
लैंड फॉर जॉब्स मामले में लालू परिवार को घेरा
भाजपा ने तेजस्वी यादव पर हमले के दौरान लैंड फॉर जॉब्स यानी नौकरी के बदले जमीन मामले का भी जिक्र किया। नीरज कुमार शर्मा ने लालू परिवार पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि नौकरी के बदले गरीबों और पिछड़ों से जमीन ली गई।
भाजपा प्रवक्ता ने मांग की कि ऐसी जमीनों को संबंधित लोगों को वापस किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि बिहार की जनता अब जागरूक हो चुकी है और अन्याय के खिलाफ खड़ी है।
लैंड फॉर जॉब्स मामला लंबे समय से बिहार की राजनीति में चर्चा का विषय रहा है। इस मामले को लेकर भाजपा लगातार राजद नेतृत्व पर सवाल उठाती रही है। वहीं, आरोपों से जुड़े कानूनी पहलुओं का अंतिम निर्धारण संबंधित न्यायिक प्रक्रिया के आधार पर ही किया जा सकता है।
राजद का पलटवार, 17 महीने के कार्यकाल का दिया हवाला
भाजपा के आरोपों पर राजद प्रवक्ता एजाज अहमद ने पलटवार किया। उन्होंने तेजस्वी यादव के महागठबंधन सरकार में रहे 17 महीने के कार्यकाल का हवाला देते हुए रोजगार और नियुक्तियों के मुद्दे पर भाजपा को घेरा।
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एजाज अहमद ने दावा किया कि इस अवधि में 5.5 लाख नौकरियां दी गईं और 3.5 लाख रिक्तियां छोड़ी गईं। उन्होंने 70 दिनों में 2.17 लाख शिक्षकों की बहाली का भी दावा किया।
राजद प्रवक्ता ने इन आंकड़ों के जरिए भाजपा के उन आरोपों को खारिज करने की कोशिश की, जिनमें तेजस्वी यादव पर युवाओं से नौकरी के नाम पर वादे करने का आरोप लगाया गया था।
ये आंकड़े राजद प्रवक्ता की ओर से दिए गए दावे हैं। रोजगार और नियुक्तियों को लेकर राजनीतिक दलों के बीच जारी बहस में इनकी पुष्टि संबंधित सरकारी आंकड़ों से की जानी चाहिए।
‘रोजगार मांगने वाले युवाओं पर होता है लाठीचार्ज’
एजाज अहमद ने भाजपा पर युवाओं की समस्याओं की अनदेखी करने का आरोप भी लगाया। उन्होंने कहा कि नौकरी और रोजगार की मांग करने वाले युवाओं पर लाठीचार्ज किया जाता है।
राजद प्रवक्ता ने महिलाओं के खिलाफ हुई घटनाओं का जिक्र करते हुए भी भाजपा पर निशाना साधा। उनका कहना था कि भाजपा नेताओं को दूसरों पर आरोप लगाने से पहले अपने कार्यकाल और कामकाज की समीक्षा करनी चाहिए।
उन्होंने महागठबंधन सरकार के कार्यकाल का उल्लेख करते हुए दावा किया कि उस दौरान बिहार में नफरत की राजनीति समाप्त हुई और आपसी प्रेम तथा भाईचारे को बढ़ावा मिला।
‘आरोप लगाने से पहले अपने गिरेबान में झांकें’
राजद प्रवक्ता ने भाजपा नेताओं को आत्ममंथन करने की नसीहत देते हुए कहा कि उन्हें दूसरों पर आरोप लगाने से पहले अपनी उपलब्धियों और कामकाज पर ध्यान देना चाहिए।
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एजाज अहमद ने तेजस्वी यादव के कार्यकाल में रोजगार और शिक्षकों की बहाली से जुड़े दावों को सामने रखकर भाजपा के आरोपों का जवाब दिया। इस तरह भाजपा ने जहां परिवारवाद, भ्रष्टाचार और लैंड फॉर जॉब्स मामले को राजनीतिक मुद्दा बनाया, वहीं राजद ने रोजगार और युवाओं पर कार्रवाई के सवाल उठाए।
बिहार की राजनीति में रोजगार और भ्रष्टाचार बने बड़े मुद्दे
नवरात्र के दौरान शुरू हुई यह बयानबाजी बिहार की राजनीति में जारी आरोप-प्रत्यारोप को दर्शाती है। भाजपा तेजस्वी यादव को घेरने के लिए भ्रष्टाचार, परिवारवाद और कानून-व्यवस्था के मुद्दे उठा रही है। दूसरी ओर, राजद रोजगार, नियुक्तियों और युवाओं के सवालों को लेकर भाजपा पर पलटवार कर रहा है।
अब देखना होगा कि आने वाले दिनों में दोनों दल इस राजनीतिक विवाद को किस दिशा में ले जाते हैं। फिलहाल, तेजस्वी यादव को लेकर भाजपा के ‘दस सिर-दस झूठ’ वाले बयान और राजद के रोजगार संबंधी जवाब ने बिहार की सियासत में नई बहस छेड़ दी है।
भूमि आर्या की रिपोर्ट
