पटना में अपराधी का एनकाउंटर, पुलिस ने दौड़ाकर मारी गोली, 5 पिस्टल और कारतूस बरामद
पटना एनकाउंटर में अंजनी हत्याकांड का आरोपी घायल, हथियार बरामद
निष्कर्ष भारत, संवाददाता (पटना)। पटना में गैराज संचालक अंजनी नंदन कुमार की हत्या के मामले में पुलिस को बड़ी कार्रवाई में सफलता मिलने की बात सामने आई है। इस मामले के मुख्य आरोपी बताए जा रहे सौरभ सिंह को बख्तियारपुर थाना क्षेत्र के कल्याण बीघा रोड पर हथियार बरामद कराने के दौरान गोली लगी। पुलिस के अनुसार, कार्रवाई के दौरान फायरिंग हुई और जवाबी गोली सौरभ के पैर में लगी। घायल आरोपी को पहले बख्तियारपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया, जहां से बेहतर इलाज के लिए पटना के पीएमसीएच रेफर कर दिया गया।
पटना पुलिस ने इस मामले में सौरभ सिंह के अलावा समर्थ दुबे और दीपांशु मिश्रा को भी गिरफ्तार किया है। अधिकारियों के मुताबिक, आरोपियों से पूछताछ और उनके बयान के आधार पर हत्या में इस्तेमाल हथियार छिपाए जाने की जानकारी मिली थी। पटना के घटनास्थल से दो पिस्टल, दो मैगजीन और 14 कारतूस बरामद किए जाने की जानकारी पुलिस ने दी है। शुरुआती विवरण में पांच पिस्टल और 50 से अधिक कारतूस मिलने का भी दावा किया गया है, हालांकि बरामदगी के दोनों आंकड़ों में अंतर है।
बख्तियारपुर में हथियार बरामदगी के दौरान एनकाउंटर
पुलिस के मुताबिक, गैराज संचालक हत्याकांड की जांच के दौरान 24 अक्टूबर को तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया गया था। इनमें सौरभ सिंह, समर्थ दुबे और दीपांशु मिश्रा शामिल हैं। पूछताछ के दौरान पुलिस को कथित तौर पर पता चला कि अंजनी नंदन कुमार की हत्या में इस्तेमाल हथियार बख्तियारपुर थाना क्षेत्र में कल्याण बीघा रोड के पास नमो गंगा परियोजना के नजदीक छिपाए गए हैं।
इसी सूचना के आधार पर पुलिस टीम आरोपियों को लेकर हथियार बरामद करने पहुंची थी। पुलिस अधिकारी के अनुसार, इसी दौरान सौरभ सिंह ने फायरिंग की, जिसके जवाब में पुलिस ने भी गोली चलाई। इस कार्रवाई में सौरभ के पैर में गोली लगी। इसके बाद पुलिस ने उसे अपने कब्जे में लेकर अस्पताल पहुंचाया।
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हालांकि, मुठभेड़ के पूरे घटनाक्रम, फायरिंग की शुरुआत और मौके पर मौजूद अन्य लोगों की भूमिका के संबंध में विस्तृत आधिकारिक जानकारी सामने आना बाकी है। इसलिए फिलहाल घटना के बारे में उपलब्ध विवरण पुलिस के बयान पर आधारित हैं।
एनकाउंटर के बाद अस्पताल में भर्ती, पीएमसीएच रेफर
गोली लगने के बाद घायल सौरभ सिंह को बख्तियारपुर के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया। वहां प्राथमिक उपचार के बाद उसकी स्थिति को देखते हुए बेहतर इलाज के लिए पटना मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल (पीएमसीएच) रेफर किया गया। पुलिस की निगरानी में आरोपी का इलाज कराया जा रहा है।
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सौरभ सिंह की उम्र करीब 28 वर्ष बताई गई है। वह पटना के कंकड़बाग स्थित पत्रकार नगर इलाके का निवासी बताया जा रहा है। पुलिस के अनुसार, उसके खिलाफ पहले से भी आपराधिक मामले दर्ज हैं। इनमें दो हत्या और आर्म्स एक्ट के दो मामले शामिल बताए गए हैं। इन मामलों की विस्तृत स्थिति और उनमें आरोपों का वर्तमान कानूनी स्तर संबंधित अभिलेखों से स्पष्ट होगा।
तीन आरोपी गिरफ्तार, हत्या में इस्तेमाल हथियार की तलाश
बाढ़ के एसडीपीओ-2 आयुष श्रीवास्तव के अनुसार, अंजनी कुमार हत्याकांड में गिरफ्तार तीनों आरोपियों से पूछताछ के बाद हथियारों की बरामदगी के लिए कार्रवाई की गई। पुलिस का कहना है कि आरोपियों के बयान के आधार पर पहले भी चित्रकूट नगर थाना क्षेत्र में कुछ बरामदगी की गई थी। इसके बाद हत्या में इस्तेमाल हथियार को लेकर मिली जानकारी पर बख्तियारपुर में कार्रवाई की गई।
पुलिस अब इस बात की जांच कर रही है कि हत्या की साजिश में कौन-कौन शामिल था, हथियारों की व्यवस्था कहां से हुई और वारदात के बाद आरोपियों ने किन रास्तों से बचने की कोशिश की। जांच के दौरान आरोपियों के आपसी संपर्क, संभावित मददगारों और हथियारों के स्रोत की भी पड़ताल की जा सकती है।

प्रारंभिक जानकारी में यह भी दावा किया गया है कि अंजनी की हत्या के लिए एक बिल्डर से 20 लाख रुपये की सुपारी ली गई थी। इस दावे की स्वतंत्र पुष्टि और कथित सुपारी देने वाले व्यक्ति की भूमिका के संबंध में पुलिस की विस्तृत आधिकारिक जानकारी सामने आना जरूरी है। फिलहाल इसे जांच से जुड़ा आरोप मानकर ही देखा जाना चाहिए।
क्या है अंजनी नंदन कुमार हत्याकांड?
यह मामला 26 सितंबर की रात का है। पटना के रामकृष्ण नगर थाना क्षेत्र के भूपतिपुर इलाके में नंदन ऑटोमोबाइल गैराज चलाने वाले अंजनी नंदन कुमार पर बदमाशों ने गोलीबारी की थी। घटना के बाद उन्हें इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया, लेकिन उनकी मौत हो गई।
जानकारी के अनुसार, अंजनी रोज की तरह गैराज बंद करने के बाद घर लौट रहे थे। इसी दौरान पहले से घात लगाए बदमाशों ने उन पर ताबड़तोड़ गोलियां चला दीं। अचानक हुई इस वारदात से इलाके में दहशत फैल गई थी। घटना के बाद पुलिस ने हत्या का मामला दर्ज कर आरोपियों की पहचान और गिरफ्तारी के लिए जांच शुरू की।
जांच आगे बढ़ने के साथ पुलिस को सौरभ सिंह और उसके कथित साथियों के नाम सामने आने की बात कही गई। अब तीन गिरफ्तारियों और हथियार बरामदगी के बाद पुलिस वारदात की पूरी कड़ी जोड़ने में जुटी है। जांच का एक अहम पहलू यह भी है कि अंजनी को निशाना बनाने के पीछे वास्तविक वजह क्या थी और कथित सुपारी की बात के समर्थन में कौन से साक्ष्य मौजूद हैं।
पुलिस जांच के बाद साफ होगी हत्या की पूरी साजिश
बख्तियारपुर में हुई गोलीबारी को पुलिस की कार्रवाई का अहम हिस्सा माना जा रहा है, क्योंकि इसी दौरान हत्या में इस्तेमाल हथियार बरामद किए जाने की बात सामने आई है। हालांकि, बरामद हथियारों की संख्या को लेकर उपलब्ध विवरणों में अंतर है। एक ओर पांच पिस्टल और 50 से अधिक कारतूस मिलने की जानकारी दी गई है, वहीं एसडीपीओ के बयान में घटनास्थल से दो पिस्टल, दो मैगजीन और 14 कारतूस बरामद होने का उल्लेख है। अंतिम और स्पष्ट आंकड़ा आधिकारिक पुष्टि के बाद ही माना जाना चाहिए।
फिलहाल सौरभ सिंह अस्पताल में भर्ती है और पुलिस मामले की आगे की जांच कर रही है। गिरफ्तार अन्य आरोपियों से पूछताछ, हथियारों की फॉरेंसिक जांच और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर हत्या की साजिश से जुड़े तथ्यों को सत्यापित किया जाएगा। अंजनी नंदन कुमार के परिजनों को न्याय दिलाने के लिए जांच में सामने आने वाले तथ्यों और अदालत में पेश किए जाने वाले साक्ष्यों की भूमिका महत्वपूर्ण होगी। आरोपियों के दोष और जिम्मेदारी का अंतिम निर्धारण न्यायिक प्रक्रिया के तहत होगा।
राजकुमार सिंह की रिपोर्ट
