बिहार में बदलेगा मौसम, बारिश के बाद बढ़ेगी ठंड, जानें नया अपडेट

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बिहार में 27 अक्टूबर से 1 नवंबर तक बारिश, आंधी और बिजली गिरने की आशंका है। बारिश के बाद तापमान गिर सकता है और ठंड बढ़ सकती है।

निष्कर्ष भारत, संवाददाता (पटना)। बिहार में अक्टूबर के आखिरी सप्ताह में मौसम का मिजाज बदलने वाला है। फिलहाल राज्य के अधिकांश जिलों में मौसम शुष्क रहने का अनुमान है, लेकिन 27 अक्टूबर से बारिश, गरज-चमक और तेज हवाओं का दौर शुरू हो सकता है। मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक, 27 अक्टूबर से 1 नवंबर के बीच राज्य के कई हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है। कुछ इलाकों में भारी से बहुत भारी बारिश भी हो सकती है। इस दौरान आकाशीय बिजली गिरने और 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवा चलने की आशंका जताई गई है।

मौसम में इस बदलाव का असर तापमान पर भी पड़ सकता है। बारिश के बाद अधिकतम तापमान में गिरावट आने और सुबह-शाम ठंड का अहसास बढ़ने की संभावना है। अभी दिन में धूप निकलने के कारण गर्मी महसूस हो रही है, जबकि सुबह और रात का मौसम अपेक्षाकृत सुहावना बना हुआ है। आने वाले दिनों में बारिश के साथ तापमान गिरने पर लोगों को मौसम में स्पष्ट बदलाव महसूस हो सकता है।

बिहार में 27 अक्टूबर से बदलेगा मौसम

मौसम विभाग के अनुसार, 25 और 26 अक्टूबर को बिहार के अधिकांश जिलों में मौसम शुष्क रहने का अनुमान है। इस अवधि में किसी बड़े मौसम संबंधी अलर्ट की जानकारी नहीं दी गई है। हालांकि, 27 अक्टूबर से बादलों की सक्रियता बढ़ने और राज्य के अलग-अलग हिस्सों में गरज-चमक के साथ बारिश होने की संभावना है।

शुरुआती दौर में दक्षिण-पश्चिम और दक्षिण-मध्य बिहार के कुछ इलाकों में आंधी, बिजली और तेज हवा का असर दिख सकता है। इसके बाद 28 अक्टूबर से बारिश की गतिविधियां बढ़ने का अनुमान है। 29 अक्टूबर से कुछ स्थानों पर भारी बारिश की आशंका है, जबकि 30 और 31 अक्टूबर को भी कई इलाकों में मौसम खराब रह सकता है।

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इसलिए अगले कुछ दिन मौसम के लिहाज से महत्वपूर्ण माने जा रहे हैं। हालांकि, हर जिले में एक जैसी बारिश नहीं होगी। कहीं हल्की बूंदाबांदी हो सकती है, तो कहीं तेज बारिश और गरज-चमक की स्थिति बन सकती है। लोगों को अपने जिले का ताजा पूर्वानुमान और मौसम विभाग की चेतावनी देखते रहने की सलाह दी जाती है।

बंगाल की खाड़ी में बने सिस्टम से बदलेगा बिहार का मौसम

मौसम में बदलाव की प्रमुख वजह बंगाल की खाड़ी के ऊपर बना निम्न दबाव का क्षेत्र बताया जा रहा है। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, 24 अक्टूबर की सुबह तक मध्य बंगाल की खाड़ी और आसपास के क्षेत्रों में कम दबाव का क्षेत्र मौजूद था। इसके मजबूत होने और ऊपरी वायुमंडल में सक्रिय रहने की संभावना जताई गई है।

इस मौसम प्रणाली के प्रभाव से वातावरण में नमी बढ़ सकती है। साथ ही पूर्वी हवाओं के सक्रिय होने से बिहार में बादलों का जमाव और बारिश की गतिविधियां तेज होने की आशंका है। इसी कारण अक्टूबर के अंतिम दिनों में राज्य के कई हिस्सों में मौसम अस्थिर रह सकता है।

मौसम विभाग की चेतावनी के मुताबिक, कुछ इलाकों में तेज हवा के साथ बिजली गिरने की आशंका भी है। ऐसे में केवल बारिश ही नहीं, बल्कि आंधी और वज्रपात से जुड़े जोखिमों को भी ध्यान में रखना जरूरी होगा।

पटना में 27 और 28 अक्टूबर को कैसा रहेगा मौसम?

राजधानी पटना में 27 अक्टूबर की सुबह आसमान में आंशिक रूप से बादल छाए रह सकते हैं। दिन चढ़ने के साथ बादलों की सक्रियता बढ़ने और दोपहर, शाम या रात में मौसम बदलने की संभावना है। शुरुआती पूर्वानुमान में अधिकतम तापमान करीब 31 डिग्री और न्यूनतम तापमान 22 डिग्री सेल्सियस रहने की बात कही गई थी।

28 अक्टूबर को भी पटना में बादल छाए रहने और कुछ समय के लिए बारिश या गरज-चमक की स्थिति बनने का अनुमान है। इस दिन अधिकतम तापमान करीब 30 डिग्री और न्यूनतम तापमान 21 डिग्री सेल्सियस रह सकता है। इसके बाद बारिश का असर बढ़ने पर दिन के तापमान में और गिरावट देखने को मिल सकती है।

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हालांकि, तापमान और बारिश के अनुमान मौसम प्रणाली की दिशा और तीव्रता के साथ बदल सकते हैं। इसलिए यात्रा, खुले में काम या किसी आयोजन की योजना बनाने वालों को ताजा स्थानीय पूर्वानुमान पर नजर रखनी चाहिए।

बिहार में बारिश के बाद बढ़ेगी ठंड

अक्टूबर के अंतिम सप्ताह में संभावित बारिश के बाद बिहार के तापमान में गिरावट आ सकती है। बादलों और बारिश के कारण दिन की गर्मी कुछ कम हो सकती है, जबकि सुबह और रात के समय मौसम अधिक ठंडा महसूस होने की संभावना है।

फिलहाल इसे कड़ाके की ठंड की शुरुआत मानना जल्दबाजी होगी। तापमान में कितनी गिरावट आएगी, यह बारिश की मात्रा, हवा की दिशा और अगले दिनों की मौसम प्रणाली पर निर्भर करेगा। फिर भी मौसम में बदलाव के साथ हल्के गर्म कपड़ों की जरूरत महसूस हो सकती है, खासकर सुबह जल्दी निकलने वाले लोगों और रात में यात्रा करने वालों को।

बारिश के कारण सड़क पर फिसलन, जलजमाव और यातायात में परेशानी की स्थिति भी बन सकती है। तेज हवा से पेड़ों की कमजोर डालियां, अस्थायी ढांचे और खुले में रखी वस्तुएं प्रभावित हो सकती हैं। इसलिए खराब मौसम के दौरान सावधानी बरतना जरूरी है।

किसानों की बढ़ सकती है चिंता, फसल बचाने की सलाह

बिहार में इस समय खरीफ फसलों की कटाई और उपज को सुरक्षित रखने का काम कई इलाकों में चल रहा है। ऐसे में लगातार बारिश या तेज हवा किसानों के लिए परेशानी बढ़ा सकती है। खेतों में खड़ी फसलों के साथ कटाई के बाद खुले में रखी उपज भी भीगने या खराब होने के खतरे में पड़ सकती है।

किसानों को सलाह दी जाती है कि मौसम विभाग की चेतावनी देखकर कटाई और उपज के भंडारण की योजना बनाएं। पहले से काटी गई फसल को खुले में छोड़ने के बजाय सुरक्षित स्थान पर रखें। यदि उपज खुले में रखनी पड़े, तो उसे तिरपाल से ढकें और खेतों में जलनिकासी की व्यवस्था दुरुस्त रखें। तेज हवा और बिजली गिरने की चेतावनी के दौरान खेतों में काम करने से बचना चाहिए।

आंधी और बिजली के दौरान इन बातों का रखें ध्यान

बारिश और वज्रपात की आशंका के बीच लोगों को मौसम विभाग के निर्देशों का पालन करना चाहिए। गरज-चमक शुरू होने पर खुले मैदान, खेत, पेड़ के नीचे या बिजली के खंभों के पास खड़े होने से बचें। संभव हो तो सुरक्षित पक्के भवन के भीतर रहें। तेज हवा के दौरान कमजोर छतों, होर्डिंग और अस्थायी निर्माण के पास जाने से बचना चाहिए।

26 अक्टूबर तक अपेक्षाकृत शुष्क मौसम के बाद बिहार में 27 अक्टूबर से 1 नवंबर के बीच बारिश, तेज हवा और आकाशीय बिजली की गतिविधियां बढ़ने का अनुमान है। इसके बाद तापमान में गिरावट से ठंड का अहसास बढ़ सकता है। किसानों, यात्रियों और आम लोगों के लिए सबसे जरूरी है कि वे अपने जिले का ताजा मौसम अपडेट देखते रहें, क्योंकि बारिश और चेतावनी की स्थिति अलग-अलग क्षेत्रों में अलग हो सकती है।

Nishkarsh Bharat

राजकुमार सिंह की रिपोर्ट