छठ पर घर लौटने वाले प्रवासियों के लिए खेसारी लाल ने उठाई आवाज, सरकार से की बड़ी मांग

खेसारी लाल यादव

खेसारी ने छठ पर प्रवासियों के लिए स्पेशल ट्रेन चलाने की मांग

निष्कर्ष भारत संवाददाता-पटना- बिहार में लोकआस्था के महापर्व छठ की तैयारियों के बीच भोजपुरी अभिनेता और गायक खेसारी लाल यादव ने दूसरे राज्यों में रहने वाले बिहार के प्रवासी कामगारों की घर वापसी का मुद्दा उठाया है। उन्होंने केंद्र सरकार और बिहार सरकार से छठ पर्व के दौरान बिहार आने वाले यात्रियों के लिए अतिरिक्त ट्रेनें चलाने की मांग की है। खेसारी का कहना है कि त्योहार के समय हवाई टिकटों की कीमतें काफी बढ़ जाती हैं और नियमित ट्रेनों में कन्फर्म टिकट मिलना मुश्किल हो जाता है। ऐसे में हजारों लोगों के लिए अपने परिवार के साथ छठ मनाने घर पहुंचना बड़ी चुनौती बन जाता है।

छठ पर घर वापसी के लिए अतिरिक्त ट्रेनें चलाने की मांग

छठ महापर्व बिहार और पूर्वांचल के लोगों के लिए विशेष धार्मिक और भावनात्मक महत्व रखता है। देश के अलग-अलग राज्यों में रोजगार और कारोबार के सिलसिले में रहने वाले लाखों लोग इस पर्व पर अपने घर लौटने की कोशिश करते हैं। महाराष्ट्र, पंजाब, हरियाणा, पश्चिम बंगाल और दिल्ली जैसे राज्यों में काम करने वाले बिहार के प्रवासियों के लिए त्योहार के दौरान यात्रा करना आसान नहीं होता।

इसी समस्या को लेकर खेसारी लाल यादव ने सरकार का ध्यान आकर्षित किया है। उन्होंने अपील की है कि छठ के अवसर पर प्रमुख औद्योगिक और बड़े शहरों से बिहार के अलग-अलग हिस्सों के लिए विशेष रेल सेवाओं की व्यवस्था की जाए। उनका कहना है कि अतिरिक्त ट्रेनों से यात्रियों को टिकट की मारामारी और भीड़भाड़ से राहत मिल सकती है।

खेसारी की मांग है कि रेलवे प्रशासन त्योहार को देखते हुए पहले से तैयारी करे, ताकि यात्रियों को आखिरी समय में परेशानियों का सामना न करना पड़े।

हवाई टिकटों का किराया 30 से 40 हजार रुपये तक पहुंचने का दावा

खेसारी लाल यादव ने अपने वीडियो संदेश में हवाई यात्रा के बढ़ते किराये का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने कहा कि छठ जैसे बड़े त्योहार के समय विमान का किराया 30 से 40 हजार रुपये तक पहुंच जाता है। इतनी महंगी हवाई यात्रा सामान्य आय वाले कामगारों और उनके परिवारों के लिए संभव नहीं है।

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उन्होंने यह भी कहा कि नियमित ट्रेनों में कन्फर्म टिकट मिलना लगभग असंभव हो जाता है। बड़ी संख्या में लोग त्योहार से पहले ही टिकट बुक कराने की कोशिश करते हैं, लेकिन मांग अधिक होने के कारण सीटें जल्दी भर जाती हैं।

ऐसे में कई लोगों को वेटिंग टिकट या लंबी दूरी की यात्रा के लिए दूसरे विकल्प तलाशने पड़ते हैं। कई प्रवासी चाहकर भी छठ के मौके पर अपने घर नहीं पहुंच पाते।

एक्स पर वीडियो जारी कर प्रवासियों की परेशानी बताई

भोजपुरी अभिनेता ने अपने आधिकारिक एक्स अकाउंट पर वीडियो संदेश साझा कर प्रवासियों की समस्याओं को सामने रखा। उन्होंने छठ को केवल धार्मिक पर्व नहीं, बल्कि लोगों की आस्था और भावनाओं से जुड़ा त्योहार बताया।

खेसारी के मुताबिक, छठ के मौके पर घर लौटना प्रवासियों के लिए सिर्फ यात्रा नहीं, बल्कि अपने परिवार और परंपराओं से जुड़ने का अवसर होता है। टिकटों की कमी और महंगे किराये के कारण जब लोग घर नहीं पहुंच पाते, तो उन्हें मानसिक और भावनात्मक परेशानी भी होती है।

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उन्होंने सरकार से आग्रह किया कि इस समस्या को गंभीरता से लिया जाए और समय रहते विशेष ट्रेनों की व्यवस्था की जाए। उनका मानना है कि त्योहार के दौरान अतिरिक्त रेल सेवाएं उपलब्ध होने से बड़ी संख्या में यात्रियों को फायदा मिल सकता है।

केंद्र और बिहार सरकार दोनों से की अपील

खेसारी लाल यादव ने अपने संदेश में कहा कि इस समय बिहार और केंद्र दोनों जगह एनडीए की सरकार है। ऐसे में उन्होंने दोनों सरकारों से मिलकर प्रवासी कामगारों की घर वापसी को आसान बनाने की अपील की है।

उनका कहना है कि रेलवे प्रशासन को उन रूटों पर विशेष ध्यान देना चाहिए, जहां से बिहार आने वाले यात्रियों की संख्या अधिक रहती है। महाराष्ट्र, पंजाब, हरियाणा और पश्चिम बंगाल जैसे राज्यों से बिहार के विभिन्न जिलों तक अतिरिक्त ट्रेनें चलाई जा सकती हैं।

इसके अलावा, यात्रियों की संख्या को देखते हुए ट्रेनों में अतिरिक्त कोच लगाने और जरूरत के अनुसार विशेष रेलगाड़ियों की संख्या बढ़ाने जैसे विकल्पों पर भी विचार किया जा सकता है।

छठ स्पेशल ट्रेनों की मांग क्यों बढ़ जाती है?

छठ पूजा के दौरान बिहार आने वाले यात्रियों की संख्या में काफी बढ़ोतरी होती है। खासकर दिल्ली, मुंबई, पुणे, सूरत, कोलकाता और पंजाब-हरियाणा के औद्योगिक क्षेत्रों में काम करने वाले लोग अपने परिवार के साथ पर्व मनाने के लिए घर लौटते हैं।

इस दौरान रेलवे स्टेशनों पर सामान्य दिनों की तुलना में अधिक भीड़ देखने को मिलती है। लंबी दूरी की ट्रेनों में सीटों की मांग बढ़ जाती है और कन्फर्म टिकट मिलना मुश्किल हो जाता है। यही वजह है कि हर साल त्योहार के आसपास छठ स्पेशल ट्रेनों की मांग तेज हो जाती है।

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हालांकि, अतिरिक्त ट्रेनें चलाने के लिए रेलवे को यात्रियों की संख्या, उपलब्ध रेक, परिचालन क्षमता और रूट की स्थिति को ध्यान में रखना पड़ता है।

अब सरकार और रेलवे के फैसले पर नजर

खेसारी लाल यादव की इस अपील के बाद अब प्रवासी कामगारों को उम्मीद है कि छठ के दौरान उनकी घर वापसी के लिए बेहतर रेल व्यवस्था की जाएगी। हालांकि, अतिरिक्त ट्रेनों की संख्या, रूट और परिचालन से संबंधित कोई आधिकारिक घोषणा इस खबर में उपलब्ध जानकारी के आधार पर सामने नहीं आई है।

छठ बिहार के लोगों के लिए आस्था, परंपरा और परिवार से जुड़ने का बड़ा अवसर है। ऐसे में खेसारी लाल यादव ने प्रवासियों की परेशानी को उठाकर सरकार और रेलवे प्रशासन के सामने एक अहम सवाल रखा है—क्या इस बार हर परदेसी को छठ पर घर लौटने के लिए पर्याप्त रेल सुविधा मिल पाएगी?

Nishkarsh Bharat

भूमि आर्या की रिपोर्ट

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