पटना में 21 हजार किलो मिठाई जब्त, खाद्य विभाग की छापेमारी से हड़कंप

पटना

पटना में खाद्य विभाग की छापेमारी, 21,339 किलो मिठाई जब्त

निष्कर्ष भारत, संवाददाता (पटना)। त्योहारों और शादी-ब्याह के मौसम में मिठाइयों की मांग बढ़ने के साथ ही उनकी गुणवत्ता और शुद्धता को लेकर सवाल भी खड़े होने लगे हैं। बाजार में बिकने वाली मिठाइयों की जांच के लिए खाद्य संरक्षा विभाग ने पटना में विशेष अभियान तेज कर दिया है। इसी अभियान के तहत मंगलवार, 3 नवंबर 2026 को बड़ी पहाड़ी, अगमकुआं के पास स्थित पवन मिष्ठान पर छापेमारी की गई। कार्रवाई के दौरान विभागीय टीम ने करीब 21 हजार 339 किलोग्राम पेड़ा, मिल्क केक और लड्डू जब्त किए। जब्त मिठाइयों की अनुमानित कीमत 23 लाख 13 हजार 820 रुपये बताई गई है।

इतनी बड़ी मात्रा में मिठाइयों की जब्ती से शहर के मिठाई कारोबार में हड़कंप मच गया है। जांच में प्रतिष्ठान के पास वैध खाद्य लाइसेंस या पंजीकरण नहीं होने की बात सामने आई। इसके साथ ही साफ-सफाई, कर्मचारियों के स्वास्थ्य प्रमाणपत्र और खाद्य पदार्थों के भंडारण में भी गंभीर कमियां मिलीं। विभाग की कार्रवाई केवल एक दुकान तक सीमित नहीं रही। शहर के दूसरे मिठाई और बेकरी प्रतिष्ठानों का भी निरीक्षण किया गया, जहां नियमों के उल्लंघन पर नोटिस जारी किए गए।

पटना में पवन मिष्ठान पर बड़ी कार्रवाई, 21 हजार किलो से अधिक मिठाई जब्त

खाद्य संरक्षा पदाधिकारी के नेतृत्व में पहुंची टीम ने पवन मिष्ठान में मिठाइयों के निर्माण, भंडारण और कारोबार से जुड़े दस्तावेजों की जांच की। इस दौरान पता चला कि प्रतिष्ठान में बड़े पैमाने पर मिठाइयों का कारोबार हो रहा था, लेकिन इसके लिए जरूरी वैध खाद्य लाइसेंस अथवा पंजीकरण उपलब्ध नहीं था। खाद्य कारोबार के लिए निर्धारित नियमों के तहत लाइसेंस और पंजीकरण जरूरी है। इसके बिना कारोबार करना खाद्य सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करता है।

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कार्रवाई के दौरान टीम ने लगभग 4,700 किलोग्राम पेड़ा, 12 हजार किलोग्राम से अधिक मिल्क केक और 4,144 किलोग्राम लड्डू जब्त किए। इनकी कुल मात्रा करीब 21,339 किलोग्राम बताई गई है। जब्त मिठाइयों की कीमत 23 लाख रुपये से अधिक आंकी गई। इतनी बड़ी खेप मिलने से यह भी स्पष्ट हुआ कि प्रतिष्ठान में खाद्य पदार्थों का कारोबार बड़े पैमाने पर संचालित हो रहा था।

हालांकि, जब्ती की कार्रवाई को मिठाइयों के प्रयोगशाला परीक्षण में असुरक्षित साबित होने के बराबर नहीं माना जाना चाहिए। विभाग की ओर से सामने आई प्रमुख अनियमितता वैध लाइसेंस का अभाव और खाद्य सुरक्षा से जुड़े नियमों का उल्लंघन है। मिठाइयों की गुणवत्ता को लेकर अंतिम निष्कर्ष संबंधित जांच और परीक्षण के आधार पर ही निकाला जा सकता है।

पटना में मिठाई बनाने की जगह पर मिलीं कई गंभीर खामियां

जांच के दौरान खाद्य संरक्षा विभाग की टीम को प्रतिष्ठान में साफ-सफाई की स्थिति संतोषजनक नहीं मिली। कर्मचारियों के स्वास्थ्य प्रमाणपत्र भी उपलब्ध नहीं थे। खाद्य पदार्थों को सुरक्षित तरीके से रखने और उनके भंडारण में भी कमियां पाई गईं। खाद्य कारोबार में स्वच्छता का महत्व इसलिए भी बढ़ जाता है, क्योंकि मिठाइयां दूध, खोया, बेसन और चीनी जैसी सामग्री से तैयार होती हैं। इनके निर्माण और भंडारण में लापरवाही होने पर खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता प्रभावित हो सकती है।

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टीम ने पैकेटों पर जरूरी जानकारियों की भी जांच की। कई पैकेटों पर निर्माण तिथि, इस्तेमाल की अंतिम तारीख और बैच नंबर जैसी अनिवार्य जानकारियां दर्ज नहीं थीं। इन विवरणों के बिना उपभोक्ताओं के लिए यह जानना मुश्किल हो जाता है कि मिठाई कब तैयार की गई है और उसका इस्तेमाल कितने समय तक सुरक्षित रह सकता है।

इसके अलावा मौके से 166 किलोग्राम रद्दी मिठाई के टुकड़े और 150 किलोग्राम मिल्क घोल भी मिला। कुल 316 किलोग्राम सामग्री को मानव उपभोग के लिए अनुपयुक्त पाए जाने पर नष्ट कराया गया। यह कार्रवाई खाद्य पदार्थों के रखरखाव और खराब सामग्री के निस्तारण को लेकर कारोबारियों की जिम्मेदारी की याद दिलाती है।

पटना के सागर स्वीट्स एंड बेकरी को 14 दिन का सुधार नोटिस

खाद्य संरक्षा विभाग की टीम ने आलमगंज क्षेत्र के गांधी सेतु रोड स्थित बजरंगपुरी में सागर स्वीट्स एंड बेकरी का भी निरीक्षण किया। यहां खाद्य पदार्थों के रखरखाव और भंडारण की व्यवस्था में कमियां मिलीं। इसके साथ ही तापमान नियंत्रण, साफ-सफाई और कीट नियंत्रण से जुड़े मानकों का पालन भी संतोषजनक नहीं पाया गया।

निरीक्षण के दौरान कर्मचारियों के स्वास्थ्य संबंधी दस्तावेजों में भी कमी सामने आई। खाद्य प्रतिष्ठानों में काम करने वाले कर्मचारियों का स्वास्थ्य और कामकाज की जगह की स्वच्छता उपभोक्ताओं की सुरक्षा से सीधे जुड़े विषय हैं। इसी वजह से विभाग ने प्रतिष्ठान को खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 की धारा 32 के तहत सुधार नोटिस जारी किया।

दुकान संचालक को 14 दिनों के भीतर कमियों को दूर कर अनुपालन का प्रमाण देने का निर्देश दिया गया है। इसका मतलब है कि प्रतिष्ठान को निर्धारित समय में व्यवस्था सुधारने और विभाग को इसकी जानकारी देने की जिम्मेदारी निभानी होगी।

जकरियापुर की अनित केक बेकरी में भी मिली लापरवाही

जांच अभियान के दौरान शिवनगर, जकरियापुर स्थित अनित केक बेकरी का भी निरीक्षण किया गया। यहां कर्मचारियों के स्वास्थ्य और कीट नियंत्रण से संबंधित प्रमाणपत्र उपलब्ध नहीं मिले। खाद्य सामग्री तैयार करने और रखने वाली जगहों पर कीटों की रोकथाम जरूरी होती है, क्योंकि इनके संपर्क में आने से खाद्य पदार्थ दूषित हो सकते हैं।

विभाग ने इस प्रतिष्ठान को भी सुधार नोटिस जारी किया है। ऐसे मामलों में कारोबारियों से अपेक्षा की जाती है कि वे निर्धारित मानकों के अनुसार व्यवस्था दुरुस्त करें और जरूरी दस्तावेज उपलब्ध कराएं। त्योहारों के दौरान केक, मिठाई और बेकरी उत्पादों की मांग बढ़ जाती है। ऐसे में इन प्रतिष्ठानों की जिम्मेदारी भी बढ़ जाती है कि वे उपभोक्ताओं को सुरक्षित खाद्य सामग्री उपलब्ध कराएं।

पटना के संजय मिठाई घर में संदिग्ध सामग्री मिली, बंद करने का आदेश

बहादुरपुर के भूतनाथ स्थित संजय मिठाई घर में जांच के दौरान टीम को मेटालिन येलो के 30 पैकेट और हाइड्रो के 3 पैकेट मिले। विभागीय टीम ने इन पैकेटों को मौके पर ही नष्ट करा दिया। इसके अलावा बेसन के लड्डू का नमूना लेकर जांच के लिए प्रयोगशाला भेजा गया है।

प्रतिष्ठान में वैध खाद्य लाइसेंस से जुड़े अभिलेख उपलब्ध नहीं होने पर उसे बंद करने का आदेश दिया गया। इस कार्रवाई से स्पष्ट है कि विभाग अब केवल निरीक्षण और चेतावनी तक सीमित नहीं रहना चाहता, बल्कि नियमों के उल्लंघन पर सीधे कार्रवाई भी कर रहा है।

बेसन के लड्डू के नमूने की प्रयोगशाला जांच से उसकी गुणवत्ता के बारे में अधिक स्पष्ट जानकारी मिलेगी। जांच रिपोर्ट आने के बाद ही नमूने से संबंधित अंतिम निष्कर्ष निकाला जा सकेगा।

मिठाई खरीदते समय ग्राहक किन बातों का रखें ध्यान?

त्योहारों और शादी-ब्याह के मौसम में मिठाइयों की खरीदारी बढ़ जाती है। ऐसे समय में ग्राहकों को केवल मिठाई की कीमत और दिखावट देखकर खरीदारी नहीं करनी चाहिए। पैक की गई मिठाइयों पर निर्माण तिथि, इस्तेमाल की अंतिम तारीख और बैच नंबर जैसी जानकारियां देखना जरूरी है। खुले में रखी मिठाइयों के मामले में भी दुकान की साफ-सफाई और भंडारण की स्थिति पर ध्यान देना चाहिए।

दूध और खोया से तैयार मिठाइयों को सुरक्षित तापमान पर रखना जरूरी होता है। लंबे समय तक गलत तरीके से रखी गई मिठाइयों की गुणवत्ता प्रभावित हो सकती है। ग्राहक खरीदारी के समय दुकान पर खाद्य लाइसेंस या पंजीकरण का विवरण भी देख सकते हैं। किसी खाद्य सामग्री को लेकर संदेह होने पर संबंधित खाद्य सुरक्षा विभाग में शिकायत की जा सकती है।

पटना में खाद्य विभाग का अभियान, कारोबारियों को सख्त संदेश

पटना में हुई इस कार्रवाई ने मिठाई और बेकरी कारोबार से जुड़े प्रतिष्ठानों को स्पष्ट संदेश दिया है कि खाद्य सुरक्षा के नियमों की अनदेखी अब भारी पड़ सकती है। वैध लाइसेंस, साफ-सफाई, सुरक्षित भंडारण, कर्मचारियों के स्वास्थ्य प्रमाणपत्र और कीट नियंत्रण जैसी व्यवस्थाएं केवल औपचारिकताएं नहीं, बल्कि उपभोक्ताओं की सुरक्षा के लिए जरूरी शर्तें हैं।

त्योहारों के मौसम में बाजार में मिठाइयों की मांग बढ़ने के साथ विभाग की निगरानी भी महत्वपूर्ण हो जाती है। बड़ी मात्रा में मिठाई जब्त होने, कई प्रतिष्ठानों को नोटिस दिए जाने और एक दुकान को बंद करने का आदेश जारी होने के बाद अब कारोबारियों पर नियमों का पालन करने का दबाव बढ़ेगा।

सबसे अहम सवाल यह है कि इस अभियान के बाद मिठाई कारोबार में स्वच्छता और गुणवत्ता के मानकों को कितनी गंभीरता से लागू किया जाता है। उपभोक्ताओं को सुरक्षित खाद्य सामग्री उपलब्ध कराने के लिए जरूरी है कि विभाग की जांच नियमित रहे और दुकानदार भी अपनी जिम्मेदारी समझें।

Nishkarsh Bharat

राजकुमार सिंह की रिपोर्ट

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