पटना में ताबड़तोड़ फायरिंग के बाद 3 शूटरों का एनकाउंटर, मुठभेड़ में SHO भी जख्मी, तीनों की मौत

पटना

पटना के मनेर में 20 मिनट तक चली मुठभेड़ में तीन अपराधियों की मौत हुई। पुलिस पर 24 राउंड फायरिंग, SHO घायल और पैक्स अध्यक्ष हत्याकांड से जुड़ा मामला।

निष्कर्ष भारत, संवाददाता (पटना)। पटना में अपराधियों के खिलाफ पुलिस की कार्रवाई के दौरान शुक्रवार सुबह भीषण मुठभेड़ हुई। मनेर थाना क्षेत्र के शेरपुर गंगा घाट के पास पुलिस और तीन अपराधियों के बीच करीब 20 मिनट तक ताबड़तोड़ गोलीबारी हुई। इस दौरान अपराधियों ने पुलिस टीम पर 24 राउंड फायरिंग की, जबकि जवाब में पुलिस की ओर से 18 राउंड गोलियां चलाई गईं। मुठभेड़ में तीनों अपराधी राजेश शर्मा, बबलू कुमार और जेपी यादव घायल हो गए। उन्हें अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। गोलीबारी में मनेर थाना के SHO रजनीश कुमार भी घायल हुए हैं। उनके हाथ में गोली लगी है और उन्हें इलाज के लिए अस्पताल भेजा गया है।

पटना SSP कार्तिकेय शर्मा के मुताबिक, मारे गए तीनों अपराधियों का पुराना आपराधिक इतिहास रहा है। पुलिस के अनुसार, वे पेशेवर शूटर थे और सुपारी लेकर हत्या की वारदातों को अंजाम देते थे। तीनों पर पैक्स अध्यक्ष संजीत कुमार उर्फ भोलू की हत्या में शामिल होने का आरोप था। हालांकि, मृतक जेपी यादव के परिजनों ने इस दावे पर सवाल उठाए हैं।

पटना में 20 मिनट तक चली मुठभेड़, 24 राउंड फायरिंग

शेरपुर गंगा घाट के पास शुक्रवार सुबह पुलिस की कार्रवाई अचानक गोलीबारी में बदल गई। पुलिस टीम जब संदिग्ध अपराधियों के पास पहुंची, तो आरोपियों की ओर से फायरिंग शुरू कर दी गई। इसके बाद पुलिस ने मोर्चा संभालते हुए जवाबी कार्रवाई की। करीब 20 मिनट तक दोनों ओर से गोलियां चलती रहीं।

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पुलिस के अनुसार, अपराधियों ने टीम को निशाना बनाते हुए 24 राउंड फायरिंग की। जवाब में पुलिस ने 18 राउंड गोलियां चलाईं। लगातार गोलीबारी के बीच पुलिस ने अपराधियों को घेर लिया। इसी दौरान तीनों को गोली लगी। घटनास्थल से एक देशी पिस्टल और दो देशी कट्टा बरामद किए गए हैं।

मुठभेड़ के बाद इलाके में पुलिस की तैनाती बढ़ा दी गई। पटना SSP कार्तिकेय शर्मा भी घटनास्थल पर पहुंचे और मामले की जानकारी ली। फॉरेंसिक साइंस लैब (FSL) की टीम ने मौके पर पहुंचकर जांच शुरू की। सीनियर वैज्ञानिक अनिल कुमार के नेतृत्व में टीम ने घटनास्थल से साक्ष्य जुटाए। गोलीबारी के बाद वहां से खोखे भी बरामद किए गए हैं।

पटना पुलिस को मिली थी अपराधियों के जुटने की सूचना

पटना SSP कार्तिकेय शर्मा ने बताया कि अपराध की रोकथाम के लिए पुलिस ऑपरेशन की तैयारी कर रही थी। इसी क्रम में स्पेशल टास्क फोर्स (STF) और जिला पुलिस की अलग-अलग टीमें विभिन्न क्षेत्रों में गश्त कर रही थीं। इसी दौरान सूचना मिली कि कुछ आपराधिक इतिहास वाले लोग शेरपुर में जुटे हैं और किसी बड़ी वारदात को अंजाम देने की तैयारी में हैं।

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सूचना के आधार पर पुलिस टीम मौके पर पहुंची। SSP के मुताबिक, पुलिस के पहुंचते ही अपराधियों ने फायरिंग शुरू कर दी। इसके बाद मनेर थाना के SHO और उनकी टीम ने जवाबी कार्रवाई की। गोलीबारी खत्म होने के बाद पुलिस ने तीन घायल लोगों को अस्पताल पहुंचाया, जहां उनकी मौत की पुष्टि हुई।

SSP ने बताया कि तीनों के शव पोस्टमॉर्टम के लिए भेजे जा रहे हैं। पुलिस आसपास के इलाकों में भी निगरानी कर रही है, ताकि घटना के बाद किसी तरह की अप्रिय स्थिति उत्पन्न न हो।

पटना एनकाउंटर पर परिजनों ने उठाए सवाल

मुठभेड़ में मारे गए जेपी यादव के बड़े भाई रामाशीष यादव ने पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाया है। उनका दावा है कि पैक्स अध्यक्ष संजीत कुमार की हत्या के मामले में तीनों आरोपियों का नाम दर्ज नहीं था। उन्होंने कहा कि यदि हत्या के मामले में कोई दोषी है, तो उसके खिलाफ मुकदमा चलाया जाना चाहिए।

रामाशीष यादव के मुताबिक, तीनों को प्रशासन ने एनकाउंटर में मार दिया है। उन्होंने मामले में दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। परिजनों के इस बयान के बाद मुठभेड़ को लेकर सवाल भी सामने आए हैं।

मारे गए जेपी यादव का घर दानापुर के खंरजा रोड पर बताया गया है। बबलू कुमार मनेर थाना क्षेत्र का निवासी था और वर्तमान में शाहपुर मुबारकपुर फार्म में रह रहा था। राजेश शर्मा दियारा के गंगहारा का रहने वाला था।

पुलिस की ओर से तीनों के आपराधिक इतिहास और बरामद हथियारों का हवाला दिया गया है। वहीं, परिजनों के आरोपों के संबंध में आगे की जांच और आधिकारिक जानकारी महत्वपूर्ण होगी।

पटना में पैक्स अध्यक्ष संजीत कुमार की हत्या की कहानी

मनेर के ब्यापुर में पैक्स अध्यक्ष संजीत कुमार उर्फ भोलू की हत्या दुर्गा पूजा के दौरान महाअष्टमी की रात हुई थी। 19 अक्टूबर की रात करीब 9 से 10 बजे के बीच संजीत कुमार और प्रखंड प्रमुख के पति पिंटू कुमार अपने दलान पर बैठे हुए थे। इसी दौरान दो बाइक से चार नकाबपोश अपराधी वहां पहुंचे।

बताया गया कि दोनों को संभलने का मौका दिए बिना अपराधियों ने ताबड़तोड़ फायरिंग शुरू कर दी। वारदात के दौरान करीब एक दर्जन राउंड गोलियां चलने की बात सामने आई थी। गोली लगने से संजीत कुमार और पिंटू कुमार गंभीर रूप से घायल हो गए। परिजन उन्हें तुरंत अस्पताल लेकर पहुंचे।

इलाज के दौरान पैक्स अध्यक्ष संजीत कुमार की मौत हो गई। वहीं, प्रखंड प्रमुख के पति पिंटू कुमार की जांघ में गोली लगी थी और उनका इलाज जारी रहा। घटना के बाद इलाके में तनाव का माहौल बन गया था।

पटना पैक्स अध्यक्ष हत्याकांड में चुनावी रंजिश का एंगल

पैक्स अध्यक्ष संजीत कुमार की हत्या के पीछे चुनावी रंजिश की बात सामने आई थी। पंचायत चुनाव को लेकर विवाद होने की आशंका जताई गई थी। उस समय दानापुर SDPO-2 अमरेंद्र कुमार झा ने बताया था कि पूर्व की रंजिश के कारण घटना को अंजाम दिया गया।

अब इस हत्याकांड से जुड़े तीन संदिग्ध अपराधियों की मुठभेड़ में मौत के बाद मामले ने नया मोड़ ले लिया है। पुलिस के मुताबिक, तीनों का आपराधिक इतिहास था और वे किसी बड़ी घटना की तैयारी में थे। हालांकि, परिजनों ने हत्या के मामले में नामजद होने से इनकार किया है।

ऐसे में पैक्स अध्यक्ष हत्याकांड की जांच, मुठभेड़ के घटनाक्रम और परिजनों के आरोपों से जुड़े पहलुओं पर आगे की जानकारी अहम होगी।

बिहार में इससे पहले भी हुआ था तीन अपराधियों का एनकाउंटर

बिहार में एक साथ तीन अपराधियों के मारे जाने की घटना पहले भी सामने आ चुकी है। 17 मार्च 2019 को वैशाली जिले के महनार स्थित हसनपुर दियारा इलाके में STF और अपराधियों के बीच मुठभेड़ हुई थी। उस कार्रवाई में तीन अपराधियों की मौत हुई थी, जबकि तीन अन्य को गिरफ्तार किया गया था।

बताया गया था कि मारे गए अपराधी अंतरराज्यीय सोना लूट गिरोह के सदस्य थे। उनके खिलाफ NDPS एक्ट और आर्म्स एक्ट सहित कई मामले दर्ज थे। STF जब उनके ठिकाने पर पहुंची, तो अपराधियों ने गोलीबारी शुरू कर दी थी। इसके बाद दोनों ओर से फायरिंग हुई। करीब 70 मिनट तक चली मुठभेड़ में तीन अपराधी मारे गए थे।

उस घटना में मारे गए अपराधियों में वैशाली के राघोपुर निवासी मनीष सिंह, समस्तीपुर के मोहम्मद अब्दुल अमन उर्फ तिवारी और मुजफ्फरपुर के मनियारी निवासी अब्दुल इमाम उर्फ राजकुमार शामिल थे। पुलिस ने मौके से विनोद कुमार सिंह, मुकेश कुमार सिंह और बच्चू साह को गिरफ्तार किया था, जबकि सुबोध सिंह फरार हो गया था।

पटना के मनेर में हुई ताजा मुठभेड़ ने एक बार फिर बिहार में अपराध और पुलिस कार्रवाई को चर्चा में ला दिया है। पुलिस के दावों, बरामद हथियारों, फॉरेंसिक जांच और परिजनों के आरोपों के बीच अब आगे की जांच से घटनाक्रम के अन्य पहलुओं के स्पष्ट होने की उम्मीद है।

Nishkarsh Bharat

राजकुमार सिंह की रिपोर्ट

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