अनंत सिंह का पटना से प्रयागराज तक भव्य रोड शो, बक्सर में चांदी का मुकुट पहनाया, कहा- सब देखा जायेगा

अनंत सिंह

अनंत सिंह का पटना से प्रयागराज तक भव्य रोड शो, बक्सर में चांदी का मुकुट पहनाया

निष्कर्ष भारत, संवाददाता (पटना)। मोकामा विधायक अनंत सिंह एक बार फिर अपने समर्थकों के बीच चर्चा में हैं। सुप्रीम कोर्ट के सरेंडर आदेश के बीच अनंत सिंह गुरुवार को पटना से प्रयागराज के लिए रवाना हुए। उनके इस सफर को सामान्य यात्रा के साथ-साथ राजनीतिक शक्ति प्रदर्शन के तौर पर भी देखा जा रहा है। पटना से प्रयागराज तक उनके स्वागत की भव्य तैयारियां की गईं। रास्ते में कई जगहों पर समर्थकों ने फूल-मालाओं से उनका अभिनंदन किया।

अनंत सिंह के काफिले में 100 से ज्यादा गाड़ियां शामिल रहीं। उनके समर्थकों में खासा उत्साह देखने को मिला। आरा और बक्सर में स्वागत कार्यक्रमों के दौरान बड़ी संख्या में लोग जुटे। बक्सर में समर्थकों ने उन्हें चांदी का मुकुट पहनाकर सम्मानित किया। वहीं, उनकी गाड़ी पर जेसीबी मशीन से फूलों की बारिश भी की गई। इन तस्वीरों और स्वागत कार्यक्रमों ने यात्रा को खास बना दिया।

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पटना से निकलते समय अनंत सिंह ने कहा कि वह प्रयागराज अपने पुराने मित्र पप्पू सलमान के घर शादी समारोह में शामिल होने जा रहे हैं। उन्होंने अपने मित्र को बेहद करीबी बताया और कहा कि बिहार ही नहीं, पूरे देश में उनके समर्थक हैं। उनके इस बयान को समर्थकों के बीच अपनी लोकप्रियता का संदेश देने के रूप में भी देखा जा रहा है।

अनंत सिंह के रोड शो में आरा और बक्सर में भव्य स्वागत

प्रयागराज जाने के दौरान अनंत सिंह के स्वागत के लिए बिहार के कई शहरों में तैयारियां की गई थीं। आरा में जब उनसे पूछा गया कि वहां आकर कैसा लग रहा है, तो उन्होंने संक्षिप्त जवाब देते हुए कहा, ‘बहुत बढ़िया।’ इसके बाद बक्सर में उनके स्वागत का कार्यक्रम और अधिक भव्य नजर आया।

बक्सर में समर्थकों ने अनंत सिंह को चांदी का मुकुट पहनाया। उनकी गाड़ी पर जेसीबी से फूल बरसाए गए। काफिले में शामिल वाहनों और समर्थकों की भीड़ के कारण यात्रा चर्चा का विषय बनी रही। आरा, बक्सर, मोहनिया और वाराणसी होते हुए रात 9 बजे प्रयागराज पहुंचने का कार्यक्रम निर्धारित किया गया था।

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इस पूरे रोड शो को लेकर राजनीतिक हलकों में भी चर्चा तेज है। खासकर ऐसे समय में जब अनंत सिंह को सुप्रीम कोर्ट के आदेश के तहत सरेंडर करना है, उनके समर्थकों की बड़ी मौजूदगी को शक्ति प्रदर्शन से जोड़कर देखा जा रहा है। हालांकि, अनंत सिंह ने अपनी यात्रा को मित्र के शादी समारोह में शामिल होने का कार्यक्रम बताया है।

बेटी की शादी में लालू यादव और तेजस्वी को देंगे निमंत्रण

अनंत सिंह ने अपनी छोटी बेटी शिवांगी सिंह की शादी को लेकर भी महत्वपूर्ण बयान दिया। उन्होंने कहा कि बेटी की शादी में लालू प्रसाद यादव, तेजस्वी यादव और अन्य नेताओं को निमंत्रण देने उनके घर जाएंगे। उन्होंने स्पष्ट किया कि राजनीति अपनी जगह है, लेकिन बेटी की शादी एक पारिवारिक समारोह है और उसमें सभी को आमंत्रित किया जाएगा।

शिवांगी सिंह की शादी 25 नवंबर 2026 को निर्धारित है। शादी को लेकर मोकामा के नदवां गांव में तैयारियां चल रही हैं। अनंत सिंह ने कहा कि वह सभी लोगों को शादी का कार्ड देंगे। उनके इस बयान को बिहार की राजनीति में व्यक्तिगत संबंधों और राजनीतिक मतभेदों के बीच संतुलन बनाने के संदेश के तौर पर भी देखा जा रहा है।

लालू यादव और तेजस्वी यादव को निमंत्रण देने की बात इसलिए भी महत्वपूर्ण है, क्योंकि बिहार की राजनीति में जदयू और राजद के बीच लंबे समय से राजनीतिक प्रतिस्पर्धा रही है। अनंत सिंह ने हालांकि इस मुद्दे पर कोई राजनीतिक टिप्पणी नहीं की और इसे पारिवारिक आयोजन तक सीमित रखा।

विधानसभा के नोटिस पर अनंत सिंह का जवाब, शादी के बाद करेंगे प्रतिक्रिया

बिहार विधानसभा की ओर से अनंत सिंह से उनकी सदस्यता समाप्त करने से जुड़े मामले में सात दिनों के भीतर जवाब मांगा गया है। इस संबंध में सवाल पूछे जाने पर उन्होंने कहा कि वह शादी के बाद जवाब देंगे। उनका कहना था कि पहले अपना काम पूरा करेंगे और उसके बाद नोटिस का जवाब देंगे।

अनंत सिंह ने जदयू की समीक्षा बैठक में नीतीश कुमार, निशांत कुमार और ललन सिंह की गैरमौजूदगी से जुड़े सवालों पर भी टिप्पणी करने से इनकार कर दिया। उन्होंने कहा कि फिलहाल नेतागिरी से जुड़े सवालों पर कुछ नहीं बोलेंगे। प्रयागराज से लौटने के बाद इस विषय पर जानकारी देंगे।

वहीं, तेजस्वी यादव के बिहार के बाढ़ पीड़ितों को केंद्र से सहायता नहीं मिलने के बयान पर भी अनंत सिंह ने अपनी अनभिज्ञता जताई। उन्होंने कहा कि वापस आने के बाद इस मामले पर कुछ बता सकेंगे।

अनंत सिंह को 4 दिसंबर तक सरेंडर करने का सुप्रीम कोर्ट का आदेश

अनंत सिंह की प्रयागराज यात्रा के बीच दुलारचंद यादव हत्याकांड में सुप्रीम कोर्ट का आदेश भी चर्चा में है। इस मामले में शीर्ष अदालत ने अनंत सिंह को 4 दिसंबर 2026 तक या उससे पहले संबंधित जांच अधिकारी के समक्ष सरेंडर करने का निर्देश दिया है। यह आदेश उनके लिए कानूनी रूप से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

सुप्रीम कोर्ट ने पटना हाईकोर्ट के 19 मार्च 2026 के जमानत आदेश को अगली सुनवाई तक निलंबित कर दिया है। सुनवाई के दौरान अदालत ने कहा कि हाईकोर्ट ने अनंत सिंह को जमानत देते समय उनके खिलाफ दर्ज आपराधिक मामलों की संख्या और आरोपों की गंभीरता पर पर्याप्त विचार नहीं किया।

अदालत ने इस बात पर भी सवाल उठाया कि उनके खिलाफ दर्ज मामलों को राजनीतिक प्रतिद्वंद्विता से जोड़कर किस आधार पर देखा गया। सुप्रीम कोर्ट ने जांच अधिकारी को चार महीने के भीतर जांच पूरी कर पूरक आरोपपत्र दाखिल करने का निर्देश दिया है। मामले की अगली सुनवाई चार महीने बाद निर्धारित है।

हालांकि, अनंत सिंह की जमानत रद्द करने को लेकर अंतिम फैसला अभी नहीं आया है। ऐसे में आगामी सुनवाई और जांच की प्रगति इस मामले में महत्वपूर्ण होगी।

अनंत सिंह ने दुलारचंद यादव हत्याकांड में खुद को बताया निर्दोष

सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बीच अनंत सिंह ने दो दिन पहले एक इंटरव्यू में दुलारचंद यादव हत्याकांड को लेकर अपना पक्ष रखा था। उन्होंने दावा किया कि जिस समय घटनास्थल पर विवाद हुआ, उनकी गाड़ी वहां से करीब पांच किलोमीटर आगे निकल चुकी थी।

अनंत सिंह के मुताबिक, 30 अक्टूबर 2025 को खाना खाने के बाद वह अपने समर्थकों और काफिले के साथ निकले थे। उनके काफिले में कई गाड़ियां शामिल थीं। कुछ वाहन आगे निकल चुके थे, जबकि कुछ पीछे चल रहे थे। इसी दौरान उन्हें सूचना मिली कि पीछे विवाद और मारपीट हुई है।

उन्होंने बताया कि घटना की जानकारी मिलने के बाद पीछे चल रही गाड़ियों में मौजूद समर्थकों को फोन कर स्थिति के बारे में जानने की कोशिश की थी। अनंत सिंह ने आरोप लगाया कि उन्हें इस मामले में फंसाया जा रहा है।

यह अनंत सिंह का अपना पक्ष और दावा है। हत्याकांड में उनकी भूमिका को लेकर कानूनी प्रक्रिया जारी है। मामले में अंतिम न्यायिक निर्णय अभी नहीं आया है।

क्या है दुलारचंद यादव हत्याकांड?

दुलारचंद यादव हत्याकांड बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के दौरान मोकामा में हुई हिंसा से जुड़ा है। 30 अक्टूबर 2025 को जन सुराज प्रत्याशी पीयूष प्रियदर्शी के चुनाव प्रचार के दौरान दो पक्षों के काफिले आमने-सामने आ गए थे। उस समय अनंत सिंह जदयू के टिकट पर मोकामा विधानसभा सीट से चुनाव लड़ रहे थे, जबकि दुलारचंद यादव जन सुराज प्रत्याशी के समर्थन में प्रचार कर रहे थे।

चुनावी प्रचार के दौरान दोनों पक्षों के बीच विवाद हुआ। इस दौरान हिंसा में दुलारचंद यादव की मौत हो गई थी। घटना के बाद अनंत सिंह को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया था। हालांकि, जेल में रहते हुए भी उन्होंने मोकामा विधानसभा सीट से चुनाव जीत लिया था।

मार्च 2026 में पटना हाईकोर्ट से जमानत मिलने के बाद अनंत सिंह जेल से बाहर आए थे। लेकिन सुप्रीम कोर्ट के ताजा आदेश ने उनके सामने फिर से सरेंडर करने की स्थिति पैदा कर दी है।

सरेंडर से पहले अनंत सिंह की सक्रियता पर राजनीतिक चर्चा

अनंत सिंह की पटना से प्रयागराज तक की यात्रा कई मायनों में महत्वपूर्ण है। एक ओर सुप्रीम कोर्ट का सरेंडर आदेश है, तो दूसरी ओर बेटी की शादी की तैयारियां और समर्थकों के बीच उनकी सक्रियता बनी हुई है।

100 से अधिक गाड़ियों के काफिले, आरा और बक्सर में स्वागत, चांदी के मुकुट और जेसीबी से फूल बरसाने जैसे कार्यक्रमों ने इस यात्रा को सुर्खियों में ला दिया है। समर्थकों के उत्साह को देखते हुए इसे अनंत सिंह के प्रभाव और जनसंपर्क से जोड़कर देखा जा रहा है।

हालांकि, इस यात्रा का घोषित उद्देश्य शादी समारोह में शामिल होना है। अनंत सिंह ने राजनीतिक सवालों पर फिलहाल चुप्पी साध रखी है। उन्होंने विधानसभा के नोटिस, जदयू की समीक्षा बैठक और बाढ़ मुआवजे जैसे मुद्दों पर लौटने के बाद जवाब देने की बात कही है।

अब सबकी नजरें 25 नवंबर को होने वाली उनकी बेटी शिवांगी सिंह की शादी और 4 दिसंबर तक निर्धारित सरेंडर की समयसीमा पर टिकी हैं। आने वाले दिनों में अनंत सिंह की राजनीतिक गतिविधियों के साथ-साथ दुलारचंद यादव हत्याकांड की कानूनी प्रक्रिया भी बिहार की राजनीति में चर्चा का प्रमुख विषय बनी रह सकती है।

Nishkarsh Bharat

राजकुमार सिंह की रिपोर्ट

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