जहानाबाद में मिलावटी मिठाइयों का भंडाफोड़, 4 कारखानों पर छापा, केमिकल बरामद
जहानाबाद में चार मिठाई कारखानों पर छापा, मिलावटी मिठाइयां और केमिकल जब्त
निष्कर्ष भारत, संवाददाता (जहानाबाद)। धनतेरस और दीपावली के त्योहार नजदीक आते ही बाजारों में मिठाइयों की मांग तेजी से बढ़ गई है। घरों में त्योहार की तैयारियां चल रही हैं और लोग अपनों के लिए मिठाइयां खरीदने बाजार पहुंच रहे हैं। लेकिन इसी बढ़ती मांग के बीच मिलावट का खतरा भी सामने आने लगा है। बिहार के जहानाबाद में खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने मिलावटी मिठाइयां तैयार करने के संदेह में चार अलग-अलग मिठाई कारखानों पर छापेमारी की है। इस दौरान भारी मात्रा में संदिग्ध मिठाइयां, घटिया गुणवत्ता का खोवा और मिठाई बनाने में इस्तेमाल होने वाले कई तरह के केमिकल बरामद किए गए हैं।
कार्रवाई के बाद शहर के मिठाई कारोबारियों में हड़कंप मच गया है। खाद्य सुरक्षा विभाग की इस छापेमारी ने त्योहारों के दौरान बाजार में बिकने वाली मिठाइयों की गुणवत्ता और उनकी शुद्धता को लेकर एक बार फिर सवाल खड़े कर दिए हैं। फिलहाल बरामद सामग्री के नमूने जांच के लिए प्रयोगशाला भेजे गए हैं। रिपोर्ट आने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि जब्त मिठाइयों और उनमें इस्तेमाल की गई सामग्री में किस स्तर की मिलावट मौजूद थी।
जहानाबाद में चार मिठाई कारखानों पर अचानक छापेमारी
त्योहारों के मौसम में मिठाइयों की खपत बढ़ने के साथ ही मिलावट की आशंका भी बढ़ जाती है। इसी को देखते हुए खाद्य सुरक्षा विभाग ने जहानाबाद में विशेष जांच अभियान शुरू किया है। इसके लिए चार सदस्यीय टीम गठित की गई थी। टीम ने शहर के चार अलग-अलग मिठाई कारखानों में अचानक पहुंचकर जांच की।
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छापेमारी के दौरान अधिकारियों ने मिठाई बनाने में इस्तेमाल होने वाली सामग्री, उसके भंडारण और तैयार उत्पादों की गुणवत्ता की जांच की। इस दौरान कई कारखानों में इस्तेमाल की जा रही सामग्री को लेकर गंभीर गड़बड़ियां सामने आईं। टीम को बड़ी मात्रा में ऐसी मिठाइयां मिलीं, जिनकी गुणवत्ता और निर्माण प्रक्रिया पर संदेह जताया गया है।
कार्रवाई के दौरान खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने मौके से संदिग्ध मिठाइयों के साथ उनके निर्माण में इस्तेमाल होने वाली सामग्री भी जब्त की। बरामद सामान में घटिया गुणवत्ता का खोवा और कई तरह के केमिकल शामिल हैं। हालांकि, इन सामग्रियों में मिलावट की वास्तविक प्रकृति और मात्रा का पता प्रयोगशाला जांच के बाद ही चल पाएगा।
जहानाबाद में छेना के नाम पर मिठाई बनाने का मामला
छापेमारी के दौरान एक कारखाने में छेना के नाम पर तैयार की जा रही मिठाई को लेकर भी गंभीर मामला सामने आया है। आरोप है कि मिठाई तैयार करने में दूध और पनीर जैसी पारंपरिक सामग्री के बजाय स्वास्थ्य के लिए नुकसानदायक मानी जाने वाली सामग्री और केमिकल का इस्तेमाल किया जा रहा था।
छेना से बनी मिठाइयों की मांग त्योहारों के दौरान काफी रहती है। रसगुल्ला, छेना की मिठाई और दूसरी दुग्ध उत्पादों से बनी मिठाइयां बड़ी संख्या में खरीदी जाती हैं। ऐसे में यदि इनके निर्माण में निर्धारित गुणवत्ता वाली सामग्री के बजाय संदिग्ध पदार्थों का इस्तेमाल किया जाता है, तो यह उपभोक्ताओं के स्वास्थ्य के लिए चिंता का विषय बन सकता है।
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हालांकि, छापेमारी में सामने आए आरोपों की अंतिम पुष्टि जांच रिपोर्ट के बाद ही होगी। खाद्य सुरक्षा विभाग ने संदिग्ध सामग्री को जब्त कर उसके नमूने प्रयोगशाला भेज दिए हैं। रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
त्योहारों में मिठाइयों की मांग बढ़ने के साथ मिलावट का खतरा
धनतेरस और दीपावली जैसे त्योहारों पर मिठाइयों की बिक्री सामान्य दिनों की तुलना में काफी बढ़ जाती है। लोग घरों में पूजा-पाठ, मेहमानों के स्वागत और उपहार देने के लिए मिठाइयां खरीदते हैं। बाजार में मांग बढ़ने के कारण मिठाई बनाने वाले कारखानों और दुकानों में उत्पादन भी तेज हो जाता है।
इसी दौरान कुछ कारोबारी अधिक मुनाफा कमाने के लालच में घटिया गुणवत्ता वाली सामग्री का इस्तेमाल कर सकते हैं। खोवा, छेना और दूध से बनी मिठाइयों में मिलावट की आशंका को लेकर हर साल खाद्य सुरक्षा विभाग को जांच अभियान चलाना पड़ता है। जहानाबाद में हुई ताजा कार्रवाई भी इसी चुनौती की ओर ध्यान खींचती है।
मिठाई खरीदने वाले उपभोक्ताओं के लिए सबसे बड़ी परेशानी यह है कि सामान्य तौर पर दुकान पर मिठाई देखकर उसकी वास्तविक गुणवत्ता का पता लगाना आसान नहीं होता। आकर्षक रंग, सजावट और अच्छी पैकिंग हमेशा शुद्धता की गारंटी नहीं होते। इसलिए त्योहारों के समय मिठाई खरीदते हुए दुकानदार और उत्पाद की विश्वसनीयता पर ध्यान देना जरूरी है।
जांच रिपोर्ट के बाद होगी कानूनी कार्रवाई
खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने छापेमारी के दौरान बरामद संदिग्ध मिठाइयों और निर्माण सामग्री के नमूने एकत्र किए हैं। इन्हें जांच के लिए प्रयोगशाला भेजा गया है। अधिकारियों के अनुसार, प्रयोगशाला की रिपोर्ट आने के बाद संबंधित कारखानों के संचालकों के खिलाफ नियमानुसार आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
विभाग ने स्पष्ट किया है कि त्योहारों के दौरान मिठाइयों में मिलावट कर लोगों की सेहत के साथ खिलवाड़ करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा। इसके लिए जांच अभियान लगातार जारी रहेगा। यदि जांच में खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता से जुड़ी गड़बड़ी की पुष्टि होती है, तो संबंधित कारोबारियों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
इस कार्रवाई का उद्देश्य केवल संदिग्ध मिठाइयों को जब्त करना नहीं, बल्कि त्योहारों के दौरान लोगों को सुरक्षित खाद्य पदार्थ उपलब्ध कराने के लिए बाजार में निगरानी बनाए रखना भी है। खाद्य सुरक्षा विभाग की जांच से यह संदेश देने की कोशिश की जा रही है कि अधिक मांग और त्योहारों की व्यस्तता के बावजूद खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता से समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा।
मिठाई खरीदते समय उपभोक्ता भी रहें सतर्क
जहानाबाद में हुई छापेमारी के बाद उपभोक्ताओं के मन में यह सवाल उठना स्वाभाविक है कि त्योहारों पर वे शुद्ध मिठाई की पहचान कैसे करें। खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता का अंतिम पता वैज्ञानिक जांच से ही चलता है, फिर भी खरीदारी के दौरान कुछ सावधानियां बरती जा सकती हैं।
उपभोक्ताओं को मिठाई खरीदते समय साफ-सफाई, भंडारण की स्थिति और दुकानदार की विश्वसनीयता पर ध्यान देना चाहिए। खुले में रखी, धूल-मिट्टी के संपर्क में आने वाली या असामान्य रंग और गंध वाली मिठाइयों से बचना बेहतर है। पैक्ड मिठाइयां खरीदते समय पैकेट पर निर्माण और उपयोग की अंतिम तिथि जैसी जानकारी देखनी चाहिए। किसी मिठाई की गुणवत्ता को लेकर संदेह हो तो उसे खरीदने से बचें और संबंधित खाद्य सुरक्षा विभाग को शिकायत करें।
फिलहाल जहानाबाद में चार मिठाई कारखानों पर हुई छापेमारी के बाद अब सबकी नजर प्रयोगशाला जांच रिपोर्ट पर टिकी है। रिपोर्ट से यह साफ होगा कि जब्त मिठाइयों और निर्माण सामग्री में खाद्य सुरक्षा मानकों का कितना उल्लंघन हुआ है। त्योहारों के बीच विभाग की यह कार्रवाई मिठाई कारोबारियों के लिए चेतावनी है कि मुनाफे के लिए लोगों की सेहत को जोखिम में डालना भारी पड़ सकता है।
राजकुमार सिंह की रिपोर्ट
