दिवाली और छठ से पहले बिहार की बल्ले-बल्ले, केंद्र ने दिए 10,845 करोड़, CM ने जताया आभार
दिवाली और छठ से पहले केंद्र ने बिहार को 10,845 करोड़ रुपये दिए। कर हस्तांतरण की अग्रिम किस्त मिलने पर CM ने पीएम मोदी और वित्त मंत्री का आभार जताया।
निष्कर्ष भारत, संवाददाता (पटना)। दिवाली और छठ महापर्व से पहले बिहार को केंद्र सरकार की ओर से बड़ी आर्थिक सौगात मिली है। राज्य की वित्तीय स्थिति को मजबूती देने और विकास योजनाओं को गति देने के लिए केंद्र सरकार ने कर हस्तांतरण की अग्रिम किस्त के रूप में 10,845 करोड़ रुपये जारी किए हैं। त्योहारों के ठीक पहले मिली इस बड़ी राशि से बिहार सरकार को विकास कार्यों और जनकल्याणकारी योजनाओं के संचालन में आर्थिक मदद मिलेगी। इस केंद्रीय सहयोग पर मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण का आभार जताया है।
राज्य सरकार के लिए यह राशि ऐसे समय में आई है, जब दिवाली और छठ को लेकर बिहार में तैयारियां तेज हैं। त्योहारों के दौरान प्रशासनिक व्यवस्थाओं से लेकर बुनियादी सुविधाओं के रखरखाव तक सरकार के सामने कई जिम्मेदारियां होती हैं। ऐसे में केंद्र से मिली 10,845 करोड़ रुपये की राशि राज्य के वित्तीय प्रबंधन को बेहतर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है। सरकार का कहना है कि इस धनराशि से विकास योजनाओं को समय पर पूरा करने और आम लोगों से जुड़ी सुविधाओं को मजबूत करने में मदद मिलेगी।
बिहार को केंद्र से मिली 10,845 करोड़ की बड़ी राशि
केंद्र सरकार ने बिहार को कर हस्तांतरण की अग्रिम किस्त के तौर पर 10,845 करोड़ रुपये उपलब्ध कराए हैं। यह राशि राज्यों को केंद्र सरकार के कर राजस्व में मिलने वाले हिस्से के तहत जारी की गई है। इसका उद्देश्य राज्यों को उनकी वित्तीय जरूरतों के अनुरूप संसाधन उपलब्ध कराना और विकास कार्यों को लगातार जारी रखने में मदद करना है।
बिहार जैसे बड़े और तेजी से विकास कर रहे राज्य के लिए इस तरह का वित्तीय सहयोग काफी अहम माना जा रहा है। राज्य में सड़क, बिजली, पेयजल, शिक्षा, स्वास्थ्य और शहरी सुविधाओं के विस्तार से जुड़े कई काम लगातार चल रहे हैं। इन योजनाओं को आगे बढ़ाने के लिए सरकार को नियमित वित्तीय संसाधनों की जरूरत होती है।
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केंद्र से मिली इस राशि के बाद राज्य सरकार को अपने बजट प्रबंधन में अतिरिक्त सहारा मिलेगा। इससे विभिन्न विभागों की विकास संबंधी जरूरतों को पूरा करने और पहले से चल रही योजनाओं को गति देने में मदद मिलने की उम्मीद है।
दिवाली और छठ से पहले बिहार को आर्थिक राहत
बिहार में दिवाली और छठ का पर्व केवल धार्मिक और सांस्कृतिक आयोजन नहीं है, बल्कि इन त्योहारों के दौरान राज्य में आर्थिक और प्रशासनिक गतिविधियां भी काफी बढ़ जाती हैं। बाजारों में खरीदारी बढ़ती है, बड़ी संख्या में प्रवासी बिहार लौटते हैं और सार्वजनिक सुविधाओं पर अतिरिक्त दबाव रहता है।
खासकर छठ महापर्व के दौरान घाटों की सफाई, रोशनी, पेयजल, सुरक्षा और यातायात व्यवस्था पर विशेष ध्यान देना पड़ता है। नगर निकायों और संबंधित विभागों को भी अतिरिक्त संसाधनों की जरूरत होती है। ऐसे समय में केंद्र से मिली बड़ी राशि राज्य सरकार के लिए वित्तीय स्तर पर राहत देने वाली है।
हालांकि, जारी की गई पूरी राशि केवल त्योहारों की तैयारियों पर खर्च नहीं की जाएगी। यह राज्यों को मिलने वाले कर हस्तांतरण का हिस्सा है, जिसका उपयोग राज्य सरकार अपनी वित्तीय जरूरतों और निर्धारित बजटीय प्राथमिकताओं के अनुसार कर सकती है।
मुख्यमंत्री ने पीएम मोदी और वित्त मंत्री का जताया आभार
बिहार को मिली इस आर्थिक सहायता पर मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के प्रति आभार व्यक्त किया है। उन्होंने कहा कि त्योहारों के मौके पर केंद्र सरकार की ओर से मिला यह सहयोग बिहार के विकास के प्रति उसकी प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
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मुख्यमंत्री के मुताबिक, केंद्र सरकार का यह कदम राज्य की विकास योजनाओं को आगे बढ़ाने में सहायक होगा। बिहार को मिलने वाली इस तरह की आर्थिक सहायता से आधारभूत संरचना को मजबूत करने, जनकल्याणकारी योजनाओं को सुचारू रूप से चलाने और विकास कार्यों को निर्धारित समय पर पूरा करने में मदद मिलेगी।
राज्य सरकार का मानना है कि केंद्र और राज्य के बीच बेहतर समन्वय से बिहार में विकास की रफ्तार को और तेज किया जा सकता है। मुख्यमंत्री ने इस सहयोग को विकसित और समृद्ध बिहार के लक्ष्य की दिशा में महत्वपूर्ण बताया है।
बिहार में किन विकास कार्यों को मिल सकती है मजबूती?
केंद्र से मिली 10,845 करोड़ रुपये की राशि का महत्व केवल राज्य के खजाने में धन बढ़ने तक सीमित नहीं है। इससे सरकार को अपनी अलग-अलग वित्तीय जिम्मेदारियों को पूरा करने में मदद मिल सकती है। राज्य में कई ऐसे क्षेत्र हैं, जहां लगातार निवेश और संसाधनों की जरूरत बनी रहती है।
सबसे पहले आधारभूत संरचना के विकास की बात करें तो बिहार में सड़क निर्माण, पुल-पुलियों, ग्रामीण संपर्क मार्गों और शहरी परिवहन व्यवस्था को बेहतर बनाने की जरूरत है। राज्य के अलग-अलग हिस्सों में आवागमन की सुविधा मजबूत होने से व्यापार, रोजगार और स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी फायदा मिलता है।

इसके अलावा बिजली और पेयजल जैसी बुनियादी सुविधाओं का विस्तार भी विकास की प्राथमिकताओं में शामिल है। ग्रामीण इलाकों में बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने के साथ शहरों में बढ़ती आबादी के अनुसार संसाधन विकसित करना भी सरकार के सामने बड़ी चुनौती है।
शिक्षा और स्वास्थ्य के क्षेत्र में भी लगातार खर्च की आवश्यकता होती है। सरकारी स्कूलों में सुविधाओं का विस्तार, अस्पतालों में बेहतर व्यवस्था और आम लोगों तक स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच सुनिश्चित करने के लिए पर्याप्त बजट जरूरी है। केंद्र से मिलने वाली राशि राज्य के समग्र वित्तीय प्रबंधन को मजबूत करने में मदद कर सकती है।
जनकल्याणकारी योजनाओं के संचालन में मिलेगी मदद
बिहार में बड़ी आबादी सरकारी कल्याणकारी योजनाओं पर निर्भर है। गरीब परिवारों, ग्रामीण क्षेत्रों, महिलाओं, किसानों और जरूरतमंद लोगों तक सरकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाने के लिए राज्य सरकार को लगातार वित्तीय संसाधनों की जरूरत पड़ती है।
विभिन्न सामाजिक सुरक्षा योजनाओं, ग्रामीण विकास कार्यक्रमों और सार्वजनिक सुविधाओं से जुड़े खर्चों का प्रबंधन भी राज्य के बजट का अहम हिस्सा है। केंद्र से मिलने वाली कर हस्तांतरण की राशि राज्य को इन जिम्मेदारियों के बीच वित्तीय संतुलन बनाए रखने में मदद कर सकती है।
हालांकि, यह स्पष्ट करना जरूरी है कि 10,845 करोड़ रुपये किसी एक विशेष योजना या विभाग के लिए अलग से जारी नहीं किए गए हैं। यह केंद्र के कर राजस्व में राज्यों के हिस्से के तहत बिहार को मिलने वाली राशि है। इसलिए इसका उपयोग राज्य सरकार अपनी बजटीय जरूरतों के अनुसार करेगी।
क्या होता है राज्यों को कर हस्तांतरण?
केंद्र सरकार विभिन्न प्रकार के करों से राजस्व जुटाती है। इसमें आयकर, कॉरपोरेट टैक्स और अन्य केंद्रीय करों से प्राप्त होने वाली रकम शामिल होती है। इस राजस्व का एक निर्धारित हिस्सा वित्त आयोग की सिफारिशों के आधार पर राज्यों के बीच बांटा जाता है।
इसी व्यवस्था को कर हस्तांतरण या टैक्स डिवोल्यूशन कहा जाता है। इसका उद्देश्य राज्यों को वित्तीय रूप से सक्षम बनाना है, ताकि वे अपने क्षेत्र में विकास कार्यों, प्रशासनिक जरूरतों और जनकल्याणकारी योजनाओं का संचालन कर सकें।
राज्यों को मिलने वाली यह राशि उनके लिए महत्वपूर्ण राजस्व स्रोत होती है। इससे राज्य सरकारों को अपनी योजनाओं के लिए संसाधन जुटाने में मदद मिलती है और उन्हें केवल अपने स्तर पर होने वाली राजस्व प्राप्तियों पर निर्भर नहीं रहना पड़ता।
विकसित बिहार के लक्ष्य को मिलेगी नई मजबूती
बिहार में विकास की गति तेज करने के लिए आधारभूत सुविधाओं का विस्तार, रोजगार के अवसर बढ़ाना और ग्रामीण तथा शहरी क्षेत्रों के बीच विकास का संतुलन बनाना जरूरी है। इसके लिए राज्य और केंद्र सरकार के बीच वित्तीय सहयोग की महत्वपूर्ण भूमिका है।
दिवाली और छठ से पहले मिली 10,845 करोड़ रुपये की राशि को इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण सहयोग के तौर पर देखा जा रहा है। इससे राज्य सरकार को अपनी वित्तीय प्राथमिकताओं के अनुसार योजनाओं को आगे बढ़ाने में मदद मिलेगी।
अब लोगों की नजर इस बात पर रहेगी कि राज्य सरकार इस राशि का इस्तेमाल किन विकास कार्यों और वित्तीय जरूरतों को पूरा करने में करती है। फिलहाल इतना तय है कि त्योहारों से पहले केंद्र की ओर से मिला यह आर्थिक सहयोग बिहार के लिए बड़ी राहत है। सरकार को उम्मीद है कि केंद्र और राज्य के साझा प्रयासों से विकास योजनाओं को नई गति मिलेगी और विकसित एवं समृद्ध बिहार का लक्ष्य हासिल करने की दिशा में आगे बढ़ा जा सकेगा।
पटना से संवाददाता की रिपोर्ट
