पटना में TRE-4 को लेकर फिर उबाल: गांधी मैदान में अभ्यर्थियों का प्रदर्शन, बजट सत्र में आंदोलन की चेतावनी

TRE

पटना में TRE-4 को लेकर फिर उबाल: गांधी मैदान में अभ्यर्थियों का प्रदर्शन, बजट सत्र में आंदोलन की चेतावनी

पटना। बिहार में शिक्षक बहाली की TRE-4 प्रक्रिया को लेकर एक बार फिर माहौल गर्म हो गया है। लंबे समय से वैकेंसी जारी होने का इंतजार कर रहे अभ्यर्थी शुक्रवार को पटना के गांधी मैदान में बड़ी संख्या में जुटे और राज्य सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। प्रदर्शन कर रहे अभ्यर्थियों ने सरकार पर सिर्फ आश्वासन देने और बार-बार बहाली प्रक्रिया टालने का आरोप लगाया।

अभ्यर्थियों का कहना है कि पिछले कई महीनों से TRE-4 को लेकर केवल बयानबाजी हो रही है, लेकिन अब तक आधिकारिक अधिसूचना जारी नहीं की गई है। इससे हजारों युवाओं का भविष्य अधर में लटका हुआ है, जो वर्षों से शिक्षक बनने की तैयारी कर रहे हैं।

“वैकेंसी जल्द जारी होगी” वाला बयान कब खत्म होगा?

इस प्रदर्शन के दौरान छात्र नेता खुशबू पाठक ने शिक्षा विभाग और राज्य सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि जब भी TRE-4 को लेकर शिक्षा मंत्री से सवाल पूछा जाता है, तो हर बार एक ही जवाब दिया जाता है कि “रोस्टर क्लियरेंस नहीं हुआ है, जल्द वैकेंसी जारी होगी।”

खुशबू पाठक ने कहा कि चुनाव से पहले लगातार वैकेंसी निकालने की बात कही जाती रही, लेकिन चुनाव समाप्त हुए कई महीने बीत चुके हैं और अब तक TRE-4 की अधिसूचना सामने नहीं आई है। उन्होंने सवाल उठाया कि शिक्षा मंत्री का “वैकेंसी शीघ्र जारी होगी” वाला बयान आखिर कब खत्म होगा।

बजट सत्र के दौरान बड़े आंदोलन की चेतावनी

छात्र नेता ने सरकार को साफ शब्दों में चेतावनी देते हुए कहा कि अगर जल्द ही TRE-4 की वैकेंसी जारी नहीं की गई, तो आने वाले विधानसभा के बजट सत्र के दौरान अभ्यर्थी सड़क पर उतरकर बड़ा आंदोलन करेंगे।

उन्होंने कहा कि हजारों अभ्यर्थी पिछले कई वर्षों से लगातार परीक्षा की तैयारी कर रहे हैं, लेकिन बार-बार की देरी ने उन्हें मानसिक और आर्थिक रूप से परेशान कर दिया है। कई अभ्यर्थियों की उम्र सीमा भी निकलती जा रही है, जिससे उनके सामने रोजगार का संकट खड़ा हो गया है।

अभ्यर्थियों में बढ़ता आक्रोश

गांधी मैदान में जुटे अभ्यर्थियों का कहना था कि सरकार एक ओर शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करने की बात करती है, वहीं दूसरी ओर शिक्षक बहाली जैसी अहम प्रक्रिया को लगातार टाला जा रहा है। प्रदर्शन कर रहे युवाओं ने मांग की कि सरकार स्पष्ट समय-सीमा तय करे और जल्द से जल्द TRE-4 की अधिसूचना जारी करे।

अभ्यर्थियों का यह भी कहना है कि यदि सरकार रोस्टर क्लियरेंस की प्रक्रिया को समय पर पूरा नहीं कर पा रही है, तो इसकी जिम्मेदारी युवाओं पर नहीं डाली जानी चाहिए। पारदर्शिता के अभाव में अफवाहें भी फैल रही हैं, जिससे असमंजस की स्थिति बनी हुई है।

शिक्षा मंत्री ने क्या कहा?

TRE-4 को लेकर शिक्षा मंत्री ने हाल ही में दैनिक भास्कर से बातचीत में अपनी स्थिति स्पष्ट की थी। उन्होंने कहा था कि देश में ऐसा कोई राज्य नहीं है, जहां दो वर्षों में 2.70 लाख शिक्षकों की नियुक्ति की गई हो। अब तक शिक्षकों की नियुक्ति और तबादलों पर कोई गंभीर सवाल नहीं उठा है।

शिक्षा मंत्री ने कहा कि यह प्राइवेट स्कूलों की तरह सीधी नियुक्ति नहीं है, बल्कि पूरी तरह सरकारी प्रक्रिया है, जिसमें रोस्टर क्लियरेंस अनिवार्य होता है। आरक्षण नियमों का पालन करना सरकार की संवैधानिक जिम्मेदारी है।

रोस्टर क्लियरेंस में देरी की वजह

मंत्री के अनुसार, हालिया चुनावों के कारण भर्ती प्रक्रिया में देरी हुई है। फिलहाल राज्य के करीब आधे जिलों का रोस्टर क्लियरेंस मिल चुका है, जबकि बाकी जिलों से रिपोर्ट आने का इंतजार किया जा रहा है।

उन्होंने बताया कि रोस्टर क्लियरेंस मिलने के बाद सामान्य प्रशासन विभाग भी प्रक्रिया में शामिल होता है, ताकि आरक्षण से जुड़े सभी नियमों का सही तरीके से अनुपालन हो सके। इसी वजह से पूरी प्रक्रिया में समय लग रहा है।

25 हजार पदों पर बहाली की संभावना

शिक्षा मंत्री ने यह भी संकेत दिया कि TRE-4 के तहत करीब 25 हजार पदों पर शिक्षक बहाली होने की संभावना है। फिलहाल यह आकलन किया जा रहा है कि किस विषय में कितने शिक्षकों की जरूरत है।

मंत्री ने अभ्यर्थियों को भरोसा दिलाया कि जनवरी के बाद TRE-4 की प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी और सरकार किसी भी अभ्यर्थी के साथ अन्याय नहीं होने देगी।

आगे क्या?

फिलहाल अभ्यर्थियों का धैर्य जवाब देने लगा है और आंदोलन की आहट साफ सुनाई दे रही है। अगर समय रहते सरकार ने TRE-4 को लेकर ठोस कदम नहीं उठाए, तो आने वाले दिनों में यह मामला और तूल पकड़ सकता है। अब देखना यह होगा कि सरकार अपने वादों को कितनी जल्दी अमल में लाती है और हजारों अभ्यर्थियों को राहत कब मिलती है।

Nishkarsh Bharat

पटना से भूमि आर्या की रिपोर्ट

You may have missed