दलाई लामा ने रचा इतिहास: 68वें ग्रैमी अवॉर्ड्स में पहली बार जीता ग्रैमी, आध्यात्मिक विमर्श को मिला वैश्विक मंच
दलाई लामा ने 68वें Grammy Awards 2026 में पहली बार ग्रैमी अवॉर्ड जीतकर इतिहास रच दिया। जानिए उनके ग्रैमी विजेता एल्बम, स्पोकन-वर्ड प्रोजेक्ट और इस ऐतिहासिक उपलब्धि की पूरी कहानी।
दलाई लामा ने 68वें Grammy Awards 2026 में पहली बार ग्रैमी अवॉर्ड जीतकर इतिहास रच दिया। जानिए उनके ग्रैमी विजेता एल्बम, स्पोकन-वर्ड प्रोजेक्ट और इस ऐतिहासिक उपलब्धि की पूरी कहानी।
लॉस एंजेलिस। 68वें ग्रैमी अवॉर्ड्स 2026 में संगीत की दुनिया के बीच एक ऐसा ऐतिहासिक और अप्रत्याशित क्षण देखने को मिला, जिसने सांस्कृतिक सीमाओं को तोड़ दिया। तिब्बती आध्यात्मिक गुरु दलाई लामा ने अपने जीवन का पहला ग्रैमी अवॉर्ड जीतकर इतिहास रच दिया। उन्हें यह सम्मान “Best Audiobook, Narration and Storytelling Recording” श्रेणी में दिया गया। यह जीत न सिर्फ उनके व्यक्तिगत योगदान की पहचान है, बल्कि इस बात का भी संकेत है कि आध्यात्मिक विचार और ध्यान अब वैश्विक सांस्कृतिक मुख्यधारा में अपनी जगह बना रहे हैं।

यह घोषणा ग्रैमी के प्री-टेलीकास्ट समारोह के दौरान की गई, जिसने कार्यक्रम की शुरुआत में ही एक चिंतनशील और शांत माहौल बना दिया। आमतौर पर संगीत और मनोरंजन के लिए जाने जाने वाले ग्रैमी अवॉर्ड्स में इस तरह का आध्यात्मिक सम्मान अपने आप में दुर्लभ माना जा रहा है।
ग्रैमी विजेता एल्बम: ध्यान और संगीत का अनोखा संगम
दलाई लामा को यह अवॉर्ड उनके स्पोकन-वर्ड प्रोजेक्ट “Meditations: The Reflections of His Holiness the Dalai Lama” के लिए मिला। यह एल्बम केवल एक ऑडियोबुक नहीं है, बल्कि ध्यान, करुणा और आंतरिक संतुलन पर आधारित एक संपूर्ण श्रवण अनुभव है। इसमें दलाई लामा की शिक्षाओं को हिंदुस्तानी शास्त्रीय संगीत से प्रेरित रचनाओं के साथ जोड़ा गया है, जिससे श्रोता एक गहरे ध्यानात्मक सफर पर निकल पड़ते हैं।

एल्बम का मुख्य विषय करुणा, मानसिक शांति, सामूहिक सद्भाव और आंतरिक संतुलन है। आज के तनावपूर्ण और तेज़-रफ्तार जीवन में यह रिकॉर्डिंग श्रोताओं के लिए एक सुकून भरा अनुभव बनकर उभरी है। यही कारण है कि इस एल्बम ने रिकॉर्डिंग अकादमी के सदस्यों का ध्यान आकर्षित किया और शीर्ष सम्मान हासिल किया।
कड़े मुकाबले में मिली जीत
इस श्रेणी में मुकाबला बेहद कड़ा था। दलाई लामा के सामने ग्रैमी होस्ट ट्रेवर नोआ और अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट की जज केतनजी ब्राउन जैक्सन जैसे प्रभावशाली नाम नामांकित थे। ऐसे प्रतिष्ठित और लोकप्रिय प्रतियोगियों के बीच दलाई लामा की जीत यह दर्शाती है कि रिकॉर्डिंग अकादमी अब कला की परिभाषा को और व्यापक रूप में देख रही है, जहां विचार, कथा और प्रभाव भी उतने ही महत्वपूर्ण हैं जितना मनोरंजन।
रुफस वेनराइट ने किया अवॉर्ड स्वीकार
दलाई लामा की ओर से यह ग्रैमी अवॉर्ड मशहूर सिंगर-सॉन्गराइटर रुफस वेनराइट ने स्वीकार किया, जिन्होंने इस प्रोजेक्ट में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। मंच पर आते ही वेनराइट ने हल्के-फुल्के अंदाज़ में कहा कि यह ग्रैमी शायद अब तक का सबसे शांत और ध्यानपूर्ण पुरस्कार है।

उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि यह प्रोजेक्ट किसी प्रदर्शन या प्रसिद्धि के लिए नहीं, बल्कि ज्ञान और करुणा से प्रेरित था। वेनराइट ने दलाई लामा की शिक्षाओं को इस रिकॉर्डिंग की आत्मा बताते हुए कहा कि यह एल्बम संगीत से अधिक एक आध्यात्मिक अनुभव है।
आध्यात्मिक कंटेंट के लिए नया दौर
दलाई लामा की यह ग्रैमी जीत एक बड़े सांस्कृतिक बदलाव की ओर इशारा करती है। यह दिखाता है कि अब ध्यान, नैरेशन और आध्यात्मिक स्टोरीटेलिंग भी वैश्विक मंचों पर उतनी ही अहमियत पा रहे हैं जितनी पॉप, रॉक या हिप-हॉप संगीत को मिलती है।
विशेषज्ञों का मानना है कि मानसिक स्वास्थ्य, माइंडफुलनेस और आत्मिक शांति पर बढ़ती वैश्विक चर्चा ने इस तरह के कंटेंट को लोकप्रिय बनाया है। ग्रैमी जैसे प्रतिष्ठित मंच पर इस तरह की रिकॉर्डिंग का सम्मानित होना आने वाले वर्षों में और भी आध्यात्मिक व चिंतनशील प्रोजेक्ट्स के लिए रास्ता खोल सकता है।
एक ऐतिहासिक उपलब्धि
दलाई लामा का पहला ग्रैमी अवॉर्ड उनके आध्यात्मिक संदेशों की वैश्विक स्वीकृति का प्रतीक है। यह जीत यह साबित करती है कि संगीत और कला केवल मनोरंजन का साधन नहीं, बल्कि मानवता, शांति और करुणा का संदेश देने का माध्यम भी हो सकते हैं।
68वें ग्रैमी अवॉर्ड्स में यह पल लंबे समय तक याद रखा जाएगा—एक ऐसा क्षण जब ध्यान और संगीत ने मिलकर इतिहास रच दिया।
पटना से भूमि आर्या की रिपोर्ट
