पटना नगर निगम अप्रैल से पूरी तरह होगा डिजिटल, ई-ऑफिस सिस्टम से बढ़ेगी पारदर्शिता और सुविधा

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राजधानी पटना के नागरिकों के लिए बड़ी खबर है। पटना नगर निगम (PMC) अप्रैल महीने से पूरी तरह डिजिटल सिस्टम की ओर कदम बढ़ाने जा रहा है।

पटना। राजधानी पटना के नागरिकों के लिए बड़ी खबर है। पटना नगर निगम (PMC) अप्रैल महीने से पूरी तरह डिजिटल सिस्टम की ओर कदम बढ़ाने जा रहा है। निगम प्रशासन ने कामकाज में पारदर्शिता लाने, फाइलों की ट्रैकिंग को आसान बनाने और आम जनता को बेहतर सुविधाएं देने के उद्देश्य से ई-ऑफिस सिस्टम लागू करने का फैसला लिया है। वित्तीय वर्ष 2026-27 तक निगम के सभी कार्यों को पूर्ण रूप से डिजिटाइज्ड करने की योजना है।

तेज हुई फाइलों की स्कैनिंग, डिजिटल रिकॉर्ड तैयार

ई-ऑफिस लागू करने की तैयारी के तहत नगर निगम मुख्यालय में पुरानी और नई फाइलों की स्कैनिंग का काम तेज कर दिया गया है। अब तक मैन्युअल तरीके से संचालित होने वाली फाइल प्रणाली को डिजिटल प्लेटफॉर्म पर शिफ्ट किया जा रहा है। अधिकारियों के अनुसार, फाइलों के डिजिटल होने के बाद उन्हें सुरक्षित रखना, खोज पाना और ट्रैक करना बेहद आसान हो जाएगा।

डिजिटल रिकॉर्ड तैयार होने से किसी भी विभाग की फाइल की स्थिति कुछ ही क्लिक में देखी जा सकेगी। इससे फाइलों के गुम होने या अनावश्यक देरी की समस्या काफी हद तक खत्म हो जाएगी।

मुख्यालय में खुलेंगे दो स्पेशल हेल्प डेस्क

नागरिकों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए पटना नगर निगम मुख्यालय में दो विशेष हेल्प डेस्क काउंटर भी शुरू किए जा रहे हैं। इन काउंटरों पर आम जनता अपनी समस्याओं से संबंधित जानकारी प्राप्त कर सकेगी और उन्हें उचित मार्गदर्शन मिलेगा।

अभी तक छोटी-छोटी जानकारियों या शिकायतों के समाधान के लिए लोगों को सीधे अधिकारियों के चेंबर तक जाना पड़ता था। इससे अधिकारियों के नियमित कार्य प्रभावित होते थे और नागरिकों को भी असुविधा होती थी। अब हेल्प डेस्क के माध्यम से नागरिकों को एक ही स्थान पर जरूरी जानकारी और सहायता उपलब्ध कराई जाएगी।

ऑनलाइन ट्रैकिंग से बढ़ेगी पारदर्शिता

नगर आयुक्त यशपाल मीणा ने बताया कि ई-ऑफिस सिस्टम लागू होने से कामकाज में पारदर्शिता आएगी। सभी फाइलें डिजिटल होने के बाद उनकी ऑनलाइन ट्रैकिंग संभव होगी। नागरिक यह जान सकेंगे कि उनकी फाइल किस विभाग में है और किस स्तर पर लंबित है।

अब तक लोगों को यह स्पष्ट नहीं होता था कि उनका काम किस खिड़की या किस अधिकारी के पास अटका हुआ है। डिजिटल ट्रैकिंग सिस्टम से यह भ्रम खत्म होगा और जवाबदेही तय करना भी आसान हो जाएगा। इससे भ्रष्टाचार पर भी अंकुश लगाने में मदद मिलेगी।

पेपरलेस होगा पूरा सिस्टम

ई-ऑफिस लागू होते ही नगर निगम का पूरा सिस्टम पेपरलेस हो जाएगा। इससे न केवल कागज की बचत होगी, बल्कि पर्यावरण संरक्षण की दिशा में भी यह एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगा। डिजिटल फाइल मूवमेंट से समय की बचत होगी और कार्यों के निष्पादन में तेजी आएगी।

वर्तमान में पटना नगर निगम में फाइलों का प्रबंधन मैन्युअल तरीके से किया जाता है, जिसके कारण एक फाइल को एक टेबल से दूसरी टेबल तक पहुंचने में काफी समय लग जाता है। कई बार दस्तावेजों की कमी या फाइल ट्रेस न होने के कारण काम अटक जाता है। ई-ऑफिस सिस्टम इन सभी समस्याओं का समाधान करेगा।

नागरिक सेवाओं में आएगा सुधार

डिजिटल सिस्टम लागू होने से जन्म प्रमाण पत्र, मृत्यु प्रमाण पत्र, होल्डिंग टैक्स, ट्रेड लाइसेंस, भवन निर्माण अनुमति जैसे कई नागरिक सेवाओं की प्रक्रिया तेज और पारदर्शी होगी। लोग घर बैठे अपने आवेदन की स्थिति ऑनलाइन देख सकेंगे।

इसके साथ ही, शिकायत निवारण प्रणाली को भी डिजिटल प्लेटफॉर्म से जोड़ा जाएगा, जिससे शिकायतों का समयबद्ध समाधान सुनिश्चित किया जा सकेगा। इससे नागरिकों का भरोसा नगर निगम प्रशासन पर और मजबूत होगा।

डिजिटल पटना की ओर बड़ा कदम

पटना नगर निगम का यह कदम ‘डिजिटल इंडिया’ अभियान के तहत एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है। ई-ऑफिस सिस्टम न केवल प्रशासनिक कार्यप्रणाली को आधुनिक बनाएगा, बल्कि नागरिकों को भी तेज, पारदर्शी और जवाबदेह सेवाएं उपलब्ध कराएगा।

अप्रैल से शुरू होने वाली यह व्यवस्था पटना के शहरी प्रशासन में एक नई शुरुआत मानी जा रही है। यदि योजना तय समय पर पूरी तरह लागू हो जाती है, तो पटना नगर निगम डिजिटल गवर्नेंस के क्षेत्र में एक उदाहरण बन सकता है।

निगम प्रशासन का मानना है कि तकनीक के उपयोग से सरकारी कामकाज में सुधार होगा और आम जनता को अनावश्यक चक्कर लगाने से राहत मिलेगी। आने वाले समय में यह पहल राजधानी के विकास और स्मार्ट सिटी मिशन को भी मजबूती देगी।

Nishkarsh Bharat

पटना से भूमि आर्या की रिपोर्ट

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