Patna University छात्र संघ चुनाव 2026: उम्मीदवारों की सूची जारी, कई नामांकन रद्द, प्रेसिडेंशियल डिबेट रद्द
Patna University छात्र संघ चुनाव को लेकर गुरुवार को उम्मीदवारों की प्रारंभिक सूची जारी कर दी गई। नॉमिनेशन पेपर की स्क्रूटनी के बाद तैयार इस सूची में सेंट्रल पैनल के पांच पदों के लिए कुल 44 उम्मीदवारों और काउंसलर के 22 पदों के लिए 47 उम्मीदवारों के नाम फाइनल किए गए हैं।
पटना, 20 फरवरी 2026। Patna University छात्र संघ चुनाव को लेकर गुरुवार को उम्मीदवारों की प्रारंभिक सूची जारी कर दी गई। नॉमिनेशन पेपर की स्क्रूटनी के बाद तैयार इस सूची में सेंट्रल पैनल के पांच पदों के लिए कुल 44 उम्मीदवारों और काउंसलर के 22 पदों के लिए 47 उम्मीदवारों के नाम फाइनल किए गए हैं। विश्वविद्यालय प्रशासन के अनुसार, आज उम्मीदवारों को आपत्ति दर्ज कराने का अवसर दिया गया है, जबकि 21 फरवरी को अंतिम सूची प्रकाशित की जाएगी।
अध्यक्ष पद पर 11 उम्मीदवार मैदान में
जारी सूची के अनुसार, अध्यक्ष पद के लिए 11 उम्मीदवारों के नाम फाइनल हुए हैं। महासचिव पद के लिए 8, उपाध्यक्ष पद के लिए 9, संयुक्त सचिव के लिए 8 और कोषाध्यक्ष पद के लिए 8 प्रत्याशी चुनावी मैदान में हैं। इस बार सेंट्रल पैनल के पदों पर मुकाबला कड़ा माना जा रहा है, क्योंकि अधिकांश पदों पर कई प्रमुख छात्र संगठनों से जुड़े उम्मीदवार आमने-सामने हैं।

हालांकि स्क्रूटनी के दौरान कुछ नामांकन रद्द भी किए गए। अध्यक्ष पद के चार उम्मीदवार—रिंकल यादव, प्रिंस, शांतनु शेखर और श्रुति—का नामांकन रद्द कर दिया गया। जानकारी के मुताबिक, रिंकल यादव और प्रिंस का नामांकन पांच साल से अधिक पुराना पाया गया, जो नियमों के विरुद्ध है। वहीं शांतनु शेखर और श्रुति के दस्तावेजों में त्रुटियां पाई गईं, जिसके कारण उनका पर्चा खारिज कर दिया गया।
अन्य पदों पर भी पर्चे रद्द
महासचिव पद के उम्मीदवार मंजीत कुमार और कोषाध्यक्ष पद के प्रत्याशी अंगद का नामांकन भी निरस्त कर दिया गया है। इसके अलावा काउंसलर पद पर भी कई उम्मीदवारों के पर्चे रद्द किए गए हैं।
B. N. College से राम प्रकाश, उत्तम कुमार, अविनाश और सत्यदेव का नामांकन रद्द हुआ है। Patna Women’s College से खुशी कुमारी, Magadh Mahila College से अनुषा राज तथा Government College of Art & Crafts Patna से शुभम और शशि शेखर सिंह के पर्चे भी खारिज किए गए हैं।
विश्वविद्यालय प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि जिन उम्मीदवारों का नामांकन रद्द हुआ है, उन्हें 20 फरवरी को अपील करने का अवसर दिया गया है। अपील के बाद यदि दस्तावेज सही पाए जाते हैं तो नामांकन पर पुनर्विचार किया जा सकता है।
प्रेसिडेंशियल डिबेट रद्द, जांच कमेटी गठित
छात्र संघ चुनाव के बीच एक और बड़ा घटनाक्रम सामने आया है। 25 फरवरी को Patna Women’s College में आयोजित होने वाली प्रेसिडेंशियल डिबेट को फिलहाल रद्द कर दिया गया है। यह फैसला कॉलेज परिसर में जबरन चुनाव प्रचार के एक कथित मामले के बाद लिया गया।
बताया जा रहा है कि बुधवार को एक छात्र संगठन के कुछ सदस्यों ने कॉलेज में जबरदस्ती प्रवेश कर चुनाव प्रचार किया। इस पूरी घटना को कॉलेज की प्रिंसिपल ने रिकॉर्ड किया और वीडियो व तस्वीरें विश्वविद्यालय प्रशासन को जांच के लिए भेज दीं।
मामले की गंभीरता को देखते हुए विश्वविद्यालय की ओर से तीन सदस्यीय जांच समिति गठित की गई है। समिति को निर्देश दिया गया है कि वह वीडियो और तस्वीरों के आधार पर संबंधित छात्रों की पहचान कर तीन दिन के भीतर कुलपति को अपनी रिपोर्ट सौंपे। दोषी पाए जाने पर नियमानुसार कार्रवाई की अनुशंसा की जाएगी।
चुनावी माहौल गरम, प्रशासन सतर्क
पटना विश्वविद्यालय छात्र संघ चुनाव को लेकर कैंपस में राजनीतिक सरगर्मी तेज हो गई है। विभिन्न छात्र संगठन अपने-अपने उम्मीदवारों के समर्थन में प्रचार अभियान चला रहे हैं। हालांकि प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि चुनाव प्रक्रिया को पारदर्शी और शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं।
विश्वविद्यालय अधिकारियों ने कहा है कि आचार संहिता का सख्ती से पालन कराया जाएगा और किसी भी प्रकार की अव्यवस्था या नियम उल्लंघन पर त्वरित कार्रवाई की जाएगी। प्रेसिडेंशियल डिबेट के रद्द होने से चुनावी चर्चा का एक प्रमुख मंच फिलहाल स्थगित हो गया है, लेकिन उम्मीदवार सोशल मीडिया और जनसंपर्क के माध्यम से छात्रों तक पहुंच बनाने में जुटे हैं।
21 फरवरी को अंतिम सूची
अब सभी की नजर 21 फरवरी को जारी होने वाली अंतिम उम्मीदवार सूची पर है। अपील प्रक्रिया के बाद यदि किसी नामांकन पर पुनर्विचार होता है तो उम्मीदवारों की संख्या में बदलाव संभव है।
छात्र संघ चुनाव को लोकतांत्रिक प्रक्रिया का महत्वपूर्ण हिस्सा माना जाता है, जहां छात्र नेतृत्व उभरकर सामने आता है। ऐसे में इस बार का चुनाव कई मायनों में अहम माना जा रहा है—चाहे वह बड़ी संख्या में उम्मीदवारों की भागीदारी हो या फिर हालिया विवादों के बीच प्रशासन की सख्ती।
आने वाले दिनों में चुनावी गतिविधियां और तेज होने की संभावना है। विश्वविद्यालय प्रशासन और छात्र संगठनों के बीच समन्वय बनाकर शांतिपूर्ण चुनाव कराना बड़ी चुनौती होगी।
पटना से भूमि आर्या की रिपोर्ट
