सम्राट चौधरी का बड़ा प्रशासनिक फेरबदल: विकास वैभव को मगध रेंज की कमान, CMO से हटे नीतीश के करीबी अफसर
सरकार ने रविवार को बड़े पैमाने पर प्रशासनिक फेरबदल करते हुए 16 वरिष्ठ IPS और 12 IAS अधिकारियों का तबादला कर दिया।
बिहार में नई सत्ता संरचना की झलक, IPS-IAS तबादलों से सम्राट चौधरी ने दिए स्पष्ट संकेत
बिहार में मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने अपनी प्रशासनिक टीम को आकार देना शुरू कर दिया है। सरकार ने रविवार को बड़े पैमाने पर प्रशासनिक फेरबदल करते हुए 16 वरिष्ठ IPS और 12 IAS अधिकारियों का तबादला कर दिया। इस बदलाव को नई सरकार की कार्यशैली, प्राथमिकताओं और सत्ता संतुलन के लिहाज से बेहद अहम माना जा रहा है। खास बात यह है कि जिन अधिकारियों को नई जिम्मेदारियां दी गई हैं, उनमें कई ऐसे चेहरे शामिल हैं जो पहले विवादों, सख्त कार्रवाई या राजनीतिक समीकरणों के कारण चर्चा में रहे हैं।
इस फेरबदल में सबसे ज्यादा चर्चा IPS अधिकारी विकास वैभव की हो रही है। उन्हें मगध रेंज का IG बनाया गया है। विकास वैभव वही अधिकारी हैं जिन्होंने 2015 में पटना के SSP रहते हुए मोकामा के बाहुबली विधायक अनंत सिंह को गिरफ्तार किया था। लंबे समय से फील्ड पोस्टिंग से दूर रहे विकास वैभव को अब फिर से अहम जिम्मेदारी देकर सरकार ने बड़ा संदेश देने की कोशिश की है।
विकास वैभव की वापसी पर सियासी और प्रशासनिक नजर
विकास वैभव पिछले कुछ वर्षों में कई कारणों से चर्चा में रहे। 2023 में तत्कालीन डीजी शोभा अहोटकर के साथ विवाद के बाद उन्हें लंबे समय तक वेटिंग में रखा गया था। बाद में उन्हें बिहार राज्य योजना परिषद में सलाहकार बनाया गया। अब सम्राट सरकार ने उन्हें दोबारा सक्रिय पुलिसिंग में भेजकर यह संकेत दिया है कि सरकार कानून-व्यवस्था को लेकर सख्त और सक्रिय प्रशासनिक चेहरों पर भरोसा कर रही है।

मगध रेंज बिहार के संवेदनशील इलाकों में गिना जाता है। यहां नक्सल गतिविधियों, अपराध नियंत्रण और सामाजिक तनाव जैसे कई मुद्दे रहते हैं। ऐसे में विकास वैभव की नियुक्ति को रणनीतिक कदम माना जा रहा है।
EOU से हटे नैयर हसनैन, अमित जैन को नई जिम्मेदारी
सरकार ने आर्थिक अपराध इकाई (EOU) में भी बड़ा बदलाव किया है। नैयर हसनैन खान को EOU से हटाकर बिहार विशेष सशस्त्र पुलिस का अपर पुलिस महानिदेशक बनाया गया है। वहीं EOU की जिम्मेदारी अमित कुमार जैन को सौंपी गई है।
आर्थिक अपराध, साइबर फ्रॉड और भ्रष्टाचार से जुड़े मामलों में EOU की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण मानी जाती है। ऐसे में अमित जैन की नियुक्ति को सरकार की नई रणनीति से जोड़कर देखा जा रहा है।
इसके अलावा 1994 बैच के IPS अधिकारी डॉ. परेश सक्सेना को महानिदेशक-सह-आयुक्त, असैनिक सुरक्षा बनाया गया है। प्रमांशु कुमार को अपर पुलिस महानिदेशक, विधि-व्यवस्था की जिम्मेदारी दी गई है। वहीं कमल किशोर सिंह को रेल विभाग का ADG नियुक्त किया गया है।
अमित लोढ़ा को तकनीकी सेवाओं की जिम्मेदारी
1998 बैच के चर्चित IPS अधिकारी अमित लोढ़ा को तकनीकी सेवाएं एवं संचार विभाग में भेजा गया है। वहीं अमृत राज को साइबर अपराध एवं सुरक्षा इकाई का ADG बनाया गया है। बिहार में बढ़ते साइबर अपराध को देखते हुए यह पोस्टिंग काफी अहम मानी जा रही है।

रंजीत कुमार मिश्रा को अपराध अनुसंधान विभाग में IG बनाया गया है और उन्हें साइबर अपराध एवं सुरक्षा इकाई का अतिरिक्त प्रभार भी सौंपा गया है। संजय कुमार को विशेष शाखा, बिहार पटना का पुलिस महानिरीक्षक बनाया गया है।
सरकार का कहना है कि यह फेरबदल प्रशासनिक व्यवस्था को मजबूत करने, कानून-व्यवस्था सुधारने और तकनीकी पुलिसिंग को प्रभावी बनाने के उद्देश्य से किया गया है।
CMO से हटे नीतीश कुमार के करीबी अधिकारी
IAS अधिकारियों के तबादले में सबसे बड़ा संदेश मुख्यमंत्री सचिवालय (CMO) से जुड़े बदलावों में दिखा। नीतीश कुमार के करीबी माने जाने वाले 2005 बैच के IAS अधिकारी कुमार रवि और डॉ. चंद्रशेखर सिंह को CMO से हटा दिया गया है।

कुमार रवि को स्वास्थ्य विभाग का सचिव बनाया गया है। यह नियुक्ति इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि हाल ही में सम्राट कैबिनेट विस्तार में नीतीश कुमार के बेटे निशांत कुमार को स्वास्थ्य मंत्री बनाया गया है। निशांत पहली बार मंत्री बने हैं, ऐसे में विभाग को प्रशासनिक रूप से संभालने के लिए अनुभवी अधिकारी कुमार रवि को तैनात किया गया है।
राजनीतिक गलियारों में इसे सम्राट चौधरी और नीतीश कुमार के बीच प्रशासनिक संतुलन साधने की कोशिश के रूप में भी देखा जा रहा है।
डॉ. चंद्रशेखर सिंह को जल संसाधन विभाग
CM सचिवालय के सचिव डॉ. चंद्रशेखर सिंह को जल संसाधन विभाग भेजा गया है। हालांकि उनके पास सूचना एवं जनसंपर्क विभाग (IPRD) का अतिरिक्त प्रभार बना रहेगा। बिहार में हर साल बाढ़ और जल प्रबंधन बड़ी चुनौती होती है, इसलिए जल संसाधन विभाग की जिम्मेदारी को काफी महत्वपूर्ण माना जाता है।
वहीं स्वास्थ्य सचिव लोकेश कुमार सिंह की CM सचिवालय में एंट्री हुई है। उन्हें CM सचिवालय के सचिव पद का अतिरिक्त प्रभार दिया गया है। उनके पास पर्यटन और विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग की जिम्मेदारी भी बनी रहेगी।
आनंद किशोर वित्त विभाग से हटे
1996 बैच के वरिष्ठ IAS अधिकारी आनंद किशोर को वित्त विभाग के अपर मुख्य सचिव पद से हटा दिया गया है। हालांकि वे बिहार विद्यालय परीक्षा समिति (BSEB) के अध्यक्ष बने रहेंगे। उनके कार्यकाल में बिहार बोर्ड ने कई प्रशासनिक और तकनीकी सुधार किए थे।

जल संसाधन विभाग के प्रधान सचिव संतोष कुमार मल्ल को आपदा प्रबंधन विभाग का प्रधान सचिव बनाया गया है। बिहार जैसे बाढ़ प्रभावित राज्य में यह विभाग बेहद अहम माना जाता है।
इसके अलावा एचआर श्रीनिवास को समाज कल्याण विभाग भेजा गया है। उद्योग विभाग के सचिव कुंदन कुमार को बिहार भवन का स्थानीय आयुक्त बनाया गया है।
ऊर्जा, भवन निर्माण और अन्य विभागों में बदलाव
मद्य निषेध एवं निबंधन विभाग के सचिव अजय यादव को ऊर्जा विभाग का सचिव बनाया गया है। वहीं कला एवं संस्कृति विभाग के सचिव प्रणव कुमार को भवन निर्माण विभाग का सचिव बनाया गया है। उन्हें भवन निर्माण निगम का अतिरिक्त प्रभार भी दिया गया है।
ऊर्जा विभाग के सचिव रहे मनोज कुमार सिंह को बिहार भवन का स्थानीय आयुक्त नियुक्त किया गया है।
नई सरकार की प्रशासनिक दिशा साफ
सम्राट सरकार के इस बड़े फेरबदल को केवल नियमित ट्रांसफर नहीं माना जा रहा। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह बदलाव नई सत्ता संरचना, प्रशासनिक नियंत्रण और आगामी राजनीतिक रणनीति का संकेत है।
एक तरफ सख्त छवि वाले पुलिस अधिकारियों को अहम जिम्मेदारी दी गई है, तो दूसरी तरफ मुख्यमंत्री सचिवालय और महत्वपूर्ण विभागों में नए चेहरों की एंट्री कराकर सरकार ने यह दिखाने की कोशिश की है कि अब प्रशासनिक प्राथमिकताएं बदल रही हैं।
आने वाले दिनों में इन अधिकारियों के कामकाज और फैसलों से यह साफ होगा कि सम्राट चौधरी की सरकार बिहार की प्रशासनिक व्यवस्था में किस तरह का बदलाव लाना चाहती है।
पटना से भूमि आर्या की रिपोर्ट
