Ishan Kishan बनेंगे Mahendra Singh Dhoni के पड़ोसी, रांची में बनाएंगे लग्जरी मल्टीस्टोरी बिल्डिंग
भारतीय क्रिकेट टीम के स्टार विकेटकीपर-बल्लेबाज Ishan Kishan अब जल्द ही Mahendra Singh Dhoni के पड़ोसी बनने जा रहे हैं।
रांची के दलादली में बनेगा ईशान किशन का नया आशियाना
भारतीय क्रिकेट टीम के स्टार विकेटकीपर-बल्लेबाज Ishan Kishan अब जल्द ही Mahendra Singh Dhoni के पड़ोसी बनने जा रहे हैं। झारखंड की राजधानी Ranchi के नगड़ी अंचल स्थित दलादली इलाके में ईशान किशन का ड्रीम प्रोजेक्ट आकार लेने वाला है। रिंग रोड के किनारे बनने वाली यह बहुमंजिला लग्जरी बिल्डिंग महेंद्र सिंह धोनी के फार्म हाउस से करीब 300 मीटर की दूरी पर स्थित होगी। इस खबर के सामने आने के बाद क्रिकेट प्रेमियों और स्थानीय लोगों के बीच काफी उत्साह देखा जा रहा है।
RRDA ने पास किया जी प्लस 10 बिल्डिंग का नक्शा
जानकारी के मुताबिक, नगड़ी अंचल के मौजा दलादली स्थित खाता संख्या-1 और प्लॉट संख्या-515 की करीब 75 डिसमिल जमीन पर यह परियोजना विकसित की जाएगी। Ranchi Regional Development Authority यानी आरआरडीए ने इस प्रोजेक्ट के लिए जी प्लस 10 मंजिला बिल्डिंग का नक्शा मंजूर कर दिया है।
बताया जा रहा है कि बिल्डिंग के दो फ्लोर बिजनेस और कमर्शियल गतिविधियों के लिए होंगे, जबकि बाकी आठ मंजिलों पर लग्जरी आवासीय फ्लैट बनाए जाएंगे। यह पूरा प्रोजेक्ट आधुनिक सुविधाओं से लैस होगा और इसे हाई-एंड रेजिडेंशियल सोसाइटी के रूप में विकसित किया जाएगा।
आधुनिक सुविधाओं से लैस होगी सोसाइटी
ईशान किशन के इस ड्रीम प्रोजेक्ट में कई लग्जरी सुविधाएं दी जाएंगी। स्वीकृत नक्शे के अनुसार, सोसाइटी में ओपन प्लेग्राउंड, इंडोर गेम्स एरिया, स्विमिंग पूल, जिम, कम्युनिटी हॉल, गार्डन, गेस्ट हाउस, सैलून-पार्लर, मेडिकल स्टोर और डिपार्टमेंटल स्टोर जैसी सुविधाएं होंगी।
प्रोजेक्ट में ओपन स्पेस को अधिक महत्व दिया गया है ताकि निवासियों को खुला और बेहतर वातावरण मिल सके। इसके अलावा बिल्डिंग के सामने के हिस्से में फ्रंट सेटबैक को भी ज्यादा रखा गया है, जिससे इसका फ्रंट लुक आकर्षक दिखाई दे। माना जा रहा है कि यह प्रोजेक्ट रांची के सबसे प्रीमियम रिहायशी परिसरों में शामिल हो सकता है।
2022 में हुआ था भूमि पूजन
Ishan Kishan ने दिसंबर 2022 में इस जमीन पर भूमि पूजन किया था। उसी दौरान उन्होंने “शगुन ईशान इंफ्रा” नाम से अपनी इंफ्रास्ट्रक्चर कंपनी की शुरुआत की थी। अब इसी कंपनी के तहत इस पूरे प्रोजेक्ट को विकसित किया जा रहा है।
ईशान किशन के पिता प्रणव कुमार पांडे ने बताया कि यह बिल्डिंग आधुनिक तकनीक और सुविधाओं के साथ तैयार की जाएगी। उन्होंने कहा कि जल्द ही यह प्रोजेक्ट रांची की पहचान बनने वाला है। भूमि पूजन के समय से ही यह तय माना जा रहा था कि ईशान अब महेंद्र सिंह धोनी के पड़ोसी बनने वाले हैं।
धोनी के फार्म हाउस के बाद इलाके की बढ़ी अहमियत
Mahendra Singh Dhoni का फार्म हाउस बनने के बाद से ही रांची का दलादली और रिंग रोड इलाका चर्चा में रहा है। अब ईशान किशन के इस बड़े प्रोजेक्ट के आने से इस क्षेत्र की व्यावसायिक और रियल एस्टेट वैल्यू और तेजी से बढ़ रही है।
स्थानीय लोगों के अनुसार, इलाके में जमीन की कीमतों में जबरदस्त उछाल आया है। मुख्य सड़क के किनारे अब प्लॉट मिलना मुश्किल हो गया है, जबकि अंदरूनी इलाकों में भी जमीन की कीमत 10 लाख रुपये प्रति डिसमिल के पार पहुंच चुकी है। रियल एस्टेट कारोबारियों का मानना है कि आने वाले वर्षों में यह क्षेत्र रांची का बड़ा कॉमर्शियल और रेजिडेंशियल हब बन सकता है।
टी-20 विश्व कप जीत के बाद बिहार सरकार ने किया सम्मानित
हाल ही में Ishan Kishan ने भारतीय टीम की टी-20 विश्व कप 2026 जीत में अहम भूमिका निभाई थी। इसके बाद बिहार में उनका भव्य स्वागत किया गया। Samrat Choudhary ने पटना में उन्हें एक करोड़ रुपये का चेक और विशेष स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया था।
ईशान मूल रूप से बिहार के पटना से हैं। उन्होंने बेहद कम उम्र में क्रिकेट खेलना शुरू कर दिया था। पटना के बेली रोड स्थित आशियाना इलाके में बचपन बिताने वाले ईशान शुरू से ही क्रिकेट के प्रति बेहद जुनूनी थे।
राहुल द्रविड़ के मार्गदर्शन में निखरा करियर
Ishan Kishan का क्रिकेट करियर Rahul Dravid के मार्गदर्शन में नई ऊंचाइयों तक पहुंचा। उन्हें अंडर-19 भारतीय टीम की कप्तानी का मौका भी मिला। अपनी आक्रामक बल्लेबाजी और विकेटकीपिंग के दम पर उन्होंने जल्द ही भारतीय टीम में जगह बना ली।
ईशान बचपन से ही क्रिकेट को लेकर इतने गंभीर थे कि पढ़ाई पर उनका ध्यान कम हो गया था। उनके दोस्तों और शिक्षकों का कहना था कि वह हर समय क्रिकेट के बारे में ही सोचते रहते थे।
क्रिकेट के लिए छोड़ दी थी पढ़ाई
ईशान किशन की क्रिकेट के प्रति दीवानगी इतनी ज्यादा थी कि उन्होंने स्कूल तक छोड़ दिया था। उनके बचपन के दोस्त यशस्वी सिंह बताते हैं कि ईशान को क्रिकेट के अलावा कुछ और दिखाई नहीं देता था। वे खाना-पीना तक भूल जाते थे और हर समय मैदान पर नजर आते थे।
स्कूल के शिक्षकों ने उन्हें कई बार पढ़ाई और क्रिकेट में से एक चुनने की सलाह दी। आखिरकार ईशान ने क्रिकेट को चुना और स्कूल छोड़ दिया। बाद में उन्होंने फुलवारी शरीफ के एक निजी स्कूल से अपनी मैट्रिक की पढ़ाई पूरी की।
दोस्तों के बीच ‘डेफिनेट’ नाम से मशहूर
ईशान किशन को उनके दोस्त “डेफिनेट” नाम से बुलाते हैं। यह नाम फिल्म Gangs of Wasseypur के एक किरदार से प्रेरित है। दोस्तों का कहना है कि ईशान जो ठान लेते हैं, उसे पूरा करके ही दम लेते हैं। यही जिद और मेहनत आज उन्हें भारतीय क्रिकेट के बड़े सितारों में शामिल कर चुकी है।
पटना से भूमि आर्या की रिपोर्ट
