पटना हाईकोर्ट को मिली नई मुख्य न्यायाधीश: जस्टिस मीनाक्षी एम. राय ने ली शपथ, बनीं 48वीं चीफ जस्टिस
पटना उच्च न्यायालय को नई मुख्य न्यायाधीश मिल गई हैं। वरिष्ठ न्यायाधीश जस्टिस मीनाक्षी एम. राय ने शुक्रवार को पटना हाईकोर्ट की 48वीं मुख्य न्यायाधीश के रूप में पद एवं गोपनीयता की शपथ ली।
पटना: पटना उच्च न्यायालय को नई मुख्य न्यायाधीश मिल गई हैं। वरिष्ठ न्यायाधीश जस्टिस मीनाक्षी एम. राय ने शुक्रवार को पटना हाईकोर्ट की 48वीं मुख्य न्यायाधीश के रूप में पद एवं गोपनीयता की शपथ ली। राजधानी पटना स्थित लोकभवन में आयोजित एक गरिमामय समारोह में राज्यपाल सैयद अता हसनैन ने उन्हें शपथ दिलाई। शपथ ग्रहण के साथ ही उन्होंने औपचारिक रूप से पटना हाईकोर्ट की मुख्य न्यायाधीश का पदभार संभाल लिया।
जस्टिस मीनाक्षी एम. राय की नियुक्ति को न्यायिक क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है। अपने लंबे न्यायिक अनुभव, प्रशासनिक दक्षता और विभिन्न महत्वपूर्ण न्यायिक पदों पर उत्कृष्ट कार्य के कारण उन्हें यह जिम्मेदारी सौंपी गई है।
लोकभवन में हुआ भव्य शपथ ग्रहण समारोह
पटना के लोकभवन में आयोजित शपथ ग्रहण समारोह में राज्य सरकार, न्यायपालिका और प्रशासन से जुड़े कई प्रमुख गणमान्य लोग उपस्थित रहे। समारोह में मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी, उपमुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी, ग्रामीण विकास मंत्री श्रवण कुमार सहित कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।

राज्यपाल सैयद अता हसनैन ने जस्टिस मीनाक्षी एम. राय को पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलाई। समारोह के दौरान उपस्थित लोगों ने नई मुख्य न्यायाधीश का स्वागत किया और उनके सफल कार्यकाल की शुभकामनाएं दीं।
शपथ के तुरंत बाद संभाला पदभार
शपथ ग्रहण के बाद जस्टिस मीनाक्षी एम. राय सीधे पटना हाईकोर्ट पहुंचीं, जहां उन्होंने मुख्य न्यायाधीश के रूप में औपचारिक रूप से कार्यभार ग्रहण किया। उच्च न्यायालय परिसर में उनके स्वागत के लिए विशेष तैयारियां की गई थीं।
दोपहर एक बजे पटना हाईकोर्ट में उनके सम्मान में एक विशेष स्वागत समारोह आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम में उच्च न्यायालय के न्यायाधीश, वरिष्ठ अधिवक्ता, न्यायिक अधिकारी और न्यायालय से जुड़े अन्य गणमान्य लोग शामिल हुए।
जस्टिस संगम कुमार साहू का लिया स्थान
जस्टिस मीनाक्षी एम. राय ने पटना हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश पद पर जस्टिस संगम कुमार साहू का स्थान लिया है। जस्टिस साहू 4 जून 2026 को सेवानिवृत्त हो गए थे, जिसके बाद मुख्य न्यायाधीश का पद रिक्त हो गया था।

अब जस्टिस राय के पदभार ग्रहण करने के साथ ही पटना हाईकोर्ट को नया नेतृत्व मिल गया है। वह इस प्रतिष्ठित न्यायालय की 48वीं मुख्य न्यायाधीश बनी हैं।
सिक्किम से शुरू हुआ न्यायिक सफर
जस्टिस मीनाक्षी एम. राय का जन्म 12 जुलाई 1964 को सिक्किम में हुआ था। उन्होंने अपनी प्रारंभिक शिक्षा पूरी करने के बाद दिल्ली विश्वविद्यालय के प्रतिष्ठित लेडी श्रीराम कॉलेज से राजनीति विज्ञान में स्नातक की डिग्री हासिल की।
इसके बाद उन्होंने दिल्ली विश्वविद्यालय के कैंपस लॉ सेंटर से कानून की पढ़ाई (एलएलबी) पूरी की और विधि क्षेत्र में अपने पेशेवर जीवन की शुरुआत की। शिक्षा के दौरान ही उन्होंने न्यायिक सेवा में जाने का लक्ष्य तय कर लिया था।
दिल्ली हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट में की वकालत
वर्ष 1990 में जस्टिस मीनाक्षी एम. राय का नामांकन दिल्ली बार में हुआ। इसके बाद उन्होंने दिल्ली हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट में अधिवक्ता के रूप में कार्य किया। इस दौरान उन्होंने अनेक महत्वपूर्ण मामलों में पक्षकारों का प्रतिनिधित्व किया और कानून की गहरी समझ विकसित की।
उसी वर्ष उन्होंने सिक्किम न्यायिक सेवा परीक्षा भी उत्तीर्ण की। परीक्षा में सफलता मिलने के बाद उन्हें न्यायिक दंडाधिकारी प्रथम श्रेणी सह सिविल जज के पद पर नियुक्त किया गया। इस उपलब्धि के साथ वह सिक्किम में इस पद तक पहुंचने वाली पहली महिला बनीं। यह उनके करियर की एक ऐतिहासिक उपलब्धि मानी जाती है।
न्यायिक सेवा में निभाईं कई महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां
अपने तीन दशक से अधिक लंबे न्यायिक करियर में जस्टिस राय ने कई महत्वपूर्ण पदों पर कार्य किया। उन्होंने जिला एवं सत्र न्यायाधीश, फैमिली कोर्ट की न्यायाधीश, रजिस्ट्रार जनरल, एनडीपीएस कोर्ट की न्यायाधीश तथा भ्रष्टाचार निरोधक अधिनियम के तहत विशेष न्यायाधीश जैसी महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां संभालीं।
न्यायिक और प्रशासनिक दोनों क्षेत्रों में उनके अनुभव ने उन्हें एक सक्षम, निष्पक्ष और अनुभवी न्यायाधीश के रूप में पहचान दिलाई। न्यायिक व्यवस्था को बेहतर बनाने और मामलों के त्वरित निपटारे के लिए उनके प्रयासों की सराहना होती रही है।
2015 में बनीं सिक्किम हाईकोर्ट की न्यायाधीश
जस्टिस मीनाक्षी एम. राय की कार्यकुशलता और व्यापक अनुभव को देखते हुए 15 अप्रैल 2015 को उन्हें सिक्किम हाईकोर्ट का न्यायाधीश नियुक्त किया गया था।
सिक्किम हाईकोर्ट में अपने कार्यकाल के दौरान उन्होंने कई महत्वपूर्ण मामलों की सुनवाई की और न्यायिक प्रशासन को मजबूत बनाने में अहम भूमिका निभाई। उनके निर्णयों को कानूनी क्षेत्र में गंभीरता और संतुलन के लिए जाना जाता है।
सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने की थी सिफारिश
पटना हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश पद के लिए सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने 22 मई 2026 को जस्टिस मीनाक्षी एम. राय के नाम की सिफारिश केंद्र सरकार को भेजी थी। कॉलेजियम की अनुशंसा के बाद केंद्र सरकार ने उनकी नियुक्ति को मंजूरी दी।
इसके बाद राष्ट्रपति की स्वीकृति मिलने पर उनकी नियुक्ति की आधिकारिक अधिसूचना जारी की गई। शुक्रवार को शपथ ग्रहण के साथ उन्होंने औपचारिक रूप से अपने नए पद की जिम्मेदारी संभाल ली।
न्यायपालिका को नई दिशा मिलने की उम्मीद
जस्टिस मीनाक्षी एम. राय की नियुक्ति से बिहार की न्यायिक व्यवस्था को अनुभवी नेतृत्व मिलने की उम्मीद जताई जा रही है। न्यायिक क्षेत्र में उनके लंबे अनुभव और प्रशासनिक क्षमता को देखते हुए माना जा रहा है कि उनके नेतृत्व में पटना हाईकोर्ट न्यायिक सुधारों, मामलों के त्वरित निपटारे और न्याय तक आसान पहुंच सुनिश्चित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठा सकता है।
उनका कार्यकाल न केवल पटना हाईकोर्ट बल्कि बिहार की न्यायिक व्यवस्था के लिए भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
पटना से भूमि आर्या की रिपोर्ट
