पटना में फिर शुरू होगी मेगा स्क्रीनिंग, अब हर सप्ताहांत फ्री में देख सकेंगे फिल्में; गांधी मैदान में दिखेगी ‘पुष्पा’
पटना स्मार्ट सिटी लिमिटेड की ओर से गांधी मैदान गेट नंबर-4 के पास स्थापित इस विशाल मेगा स्क्रीन को वर्षों बाद फिर से चालू किया जा रहा है।
पटना स्मार्ट सिटी लिमिटेड की ओर से गांधी मैदान गेट नंबर-4 के पास स्थापित इस विशाल मेगा स्क्रीन को वर्षों बाद फिर से चालू किया जा रहा है। स्क्रीन के पुनः संचालन के साथ ही शहरवासियों को एक अनोखा मनोरंजन मंच मिलने जा रहा है, जहां हजारों लोग एक साथ बैठकर बड़े पर्दे पर फिल्में देख सकेंगे।
इस सप्ताह दिखाई जाएगी ‘पुष्पा’
मेगा स्क्रीन की शुरुआत लोकप्रिय फिल्म ‘पुष्पा’ से की जा रही है। निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार 13 जून को ‘पुष्पा: द राइज’ (पुष्पा-1) और 14 जून को ‘पुष्पा: द रूल’ (पुष्पा-2) का प्रदर्शन किया जाएगा। दोनों दिनों में शाम 6 बजे से फिल्म स्क्रीनिंग शुरू होगी।
प्रशासन की ओर से बताया गया है कि आगे भी प्रत्येक शनिवार और रविवार को विभिन्न लोकप्रिय फिल्मों, खेल आयोजनों और सांस्कृतिक कार्यक्रमों का प्रसारण किया जाएगा। इससे परिवारों, युवाओं और बच्चों को सप्ताहांत में मुफ्त मनोरंजन का अवसर मिलेगा।
एक साथ 5 हजार लोग देख सकते हैं फिल्म
गांधी मैदान में स्थापित यह मेगा स्क्रीन अपनी विशाल क्षमता के कारण पूरे देश में चर्चा का विषय रही है। यहां एक समय में लगभग 5,000 लोग बैठकर कार्यक्रमों का आनंद ले सकते हैं। इतनी बड़ी संख्या में लोगों के लिए एक साथ फिल्म देखने की सुविधा देश के चुनिंदा शहरों में ही उपलब्ध है।
विशेषज्ञों के अनुसार, इस तरह के सार्वजनिक मनोरंजन स्थलों से न केवल लोगों को बेहतर सुविधाएं मिलती हैं, बल्कि सामाजिक और सांस्कृतिक गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलता है।
70 फीट लंबा और 40 फीट चौड़ा है पर्दा
मेगा स्क्रीन का आकार लगभग 70 फीट × 40 फीट है। इसकी विशालता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि इसे 30 फीट से लेकर 320 फीट तक की दूरी से आसानी से देखा जा सकता है। स्क्रीन पर फुल एचडी क्वालिटी की तस्वीरें दिखाई जाती हैं, जिससे दर्शकों को सिनेमाघर जैसा अनुभव मिलता है।
इसके अलावा स्क्रीन में एज-ब्लेंडिंग तकनीक का उपयोग किया गया है, जो चित्रों को और अधिक स्पष्ट तथा आकर्षक बनाती है। बड़े आकार और आधुनिक तकनीक के कारण यह स्क्रीन शहर के प्रमुख आकर्षणों में शामिल है।
डॉल्बी सराउंड साउंड बढ़ाएगा रोमांच
फिल्म देखने का असली मजा बेहतरीन साउंड सिस्टम से आता है। गांधी मैदान की इस मेगा स्क्रीन में डॉल्बी डिजिटल सराउंड साउंड सिस्टम लगाया गया है, जिससे दर्शकों को शानदार ऑडियो अनुभव मिलता है।
विशेषज्ञों का कहना है कि खुले मैदान में भी इस तकनीक की मदद से सिनेमा हॉल जैसी ध्वनि गुणवत्ता प्राप्त होती है। यही कारण है कि यहां फिल्म देखने का रोमांच सामान्य स्क्रीनिंग की तुलना में कहीं अधिक होता है।
देश की सबसे बड़ी आउटडोर स्क्रीन होने का दावा
पटना स्मार्ट सिटी मिशन के तहत स्थापित इस स्क्रीन को देश की सबसे बड़ी आउटडोर स्क्रीन बताया जाता है। मुंबई, दिल्ली और बड़ोदरा जैसे शहरों में ड्राइव-इन थिएटर मौजूद हैं, जहां लोग अपनी गाड़ियों में बैठकर फिल्में देखते हैं।
हालांकि गांधी मैदान की यह स्क्रीन आकार और दर्शक क्षमता दोनों मामलों में उन व्यवस्थाओं से बड़ी मानी जाती है। जहां अन्य शहरों की आउटडोर स्क्रीनिंग में एक समय में लगभग 650 से 1000 लोग ही शामिल हो पाते हैं, वहीं पटना में करीब 5 हजार लोग एक साथ कार्यक्रम देख सकते हैं।
इनफ्लेटेबल तकनीक से तैयार होता है पर्दा
इस मेगा स्क्रीन की एक खास विशेषता यह भी है कि यह पूरी तरह इनफ्लेटेबल यानी हवा भरकर खड़ी की जाने वाली स्क्रीन है। प्रत्येक शो से पहले इसमें हवा भरी जाती है और विशेष ट्रस संरचना की सहायता से इसे स्थापित किया जाता है।
कार्यक्रम समाप्त होने के बाद स्क्रीन को हटाकर सुरक्षित रूप से पैक कर दिया जाता है। इस विशाल स्क्रीन का कुल वजन लगभग 1200 किलोग्राम बताया जाता है।
गांधी मैदान की उपयोगिता बनी रहती है बरकरार
इस परियोजना की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि इसके लिए किसी प्रकार का स्थायी निर्माण नहीं किया गया है। इससे गांधी मैदान का मूल स्वरूप प्रभावित नहीं होता और मैदान का उपयोग अन्य सार्वजनिक कार्यक्रमों के लिए पहले की तरह किया जा सकता है।
गांधी मैदान में समय-समय पर राजनीतिक रैलियां, मेले, प्रदर्शनियां, सांस्कृतिक कार्यक्रम और प्रशिक्षण शिविर आयोजित होते रहते हैं। मेगा स्क्रीन की अस्थायी व्यवस्था के कारण इन गतिविधियों पर कोई असर नहीं पड़ता।
पटना के लोगों को मिलेगा नया मनोरंजन केंद्र
मेगा स्क्रीन की दोबारा शुरुआत राजधानी के लोगों के लिए किसी तोहफे से कम नहीं है। बढ़ती गर्मी और महंगे मनोरंजन विकल्पों के बीच मुफ्त में फिल्में और बड़े खेल आयोजनों का आनंद लेने का अवसर बड़ी संख्या में लोगों को आकर्षित कर सकता है।
आने वाले दिनों में यह स्थान परिवारों, युवाओं और सिनेमा प्रेमियों के लिए सप्ताहांत का पसंदीदा मनोरंजन केंद्र बन सकता है। गांधी मैदान की यह पहल पटना को देश के उन चुनिंदा शहरों में शामिल करती है, जहां सार्वजनिक स्तर पर इतने बड़े पैमाने पर मुफ्त आउटडोर मनोरंजन की सुविधा उपलब्ध है।
पटना से भूमि आर्या की रिपोर्ट
