BPSC 70वीं परीक्षा का अंतिम परिणाम जारी, यूपी की श्रद्धा पांडे बनीं टॉपर, 2027 अभ्यर्थियों का चयन
बिहार लोक सेवा आयोग (BPSC) ने आखिरकार 70वीं संयुक्त प्रतियोगिता परीक्षा (CCE) का अंतिम परिणाम जारी कर दिया है।
पटना: बिहार लोक सेवा आयोग (BPSC) ने आखिरकार 70वीं संयुक्त प्रतियोगिता परीक्षा (CCE) का अंतिम परिणाम जारी कर दिया है। कई महीनों तक चले विरोध-प्रदर्शन, कानूनी चुनौतियों और देरी के बाद परिणाम घोषित होने से हजारों अभ्यर्थियों का इंतजार खत्म हो गया है। इस परीक्षा में उत्तर प्रदेश की श्रद्धा पांडे ने 593 अंक हासिल कर पहला स्थान प्राप्त किया है। वहीं, शशांक गौरव और आयुष बिजॉय ने 592-592 अंक हासिल करते हुए क्रमशः दूसरा और तीसरा स्थान प्राप्त किया है।
आयोग के अध्यक्ष रवि मनुभाई परमार ने पटना में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में परिणाम जारी करते हुए बताया कि कुल 2,035 रिक्तियों के मुकाबले 2,027 अभ्यर्थियों का चयन किया गया है। कुछ पद आरक्षण और अन्य तकनीकी कारणों से फिलहाल रिक्त रह गए हैं, जिन्हें आगे की प्रक्रिया में भरा जाएगा।
विरोध और विवादों के बीच पूरी हुई भर्ती प्रक्रिया
70वीं BPSC परीक्षा की शुरुआत 4 जनवरी 2025 को प्रारंभिक परीक्षा (PT) से हुई थी। लेकिन परीक्षा के दौरान पटना के बापू परीक्षा परिसर में भारी हंगामा हुआ था। कई अभ्यर्थियों ने प्रश्नपत्र और परीक्षा प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए प्रदर्शन किया था। इसके बाद आयोग ने कुछ केंद्रों की परीक्षा रद्द कर दोबारा परीक्षा आयोजित कराई थी।
इस घटनाक्रम के बाद बिहार में लगभग तीन महीने तक अभ्यर्थियों का आंदोलन चला। प्रदर्शनकारी छात्रों की मांग थी कि पूरी परीक्षा को रद्द कर नई परीक्षा आयोजित की जाए। हालांकि आयोग अपने फैसले पर कायम रहा और उसने कहा कि अधिकांश केंद्रों पर परीक्षा निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से हुई है, इसलिए पूरी परीक्षा को रद्द करने का कोई आधार नहीं है।
आयोग के इस फैसले को लेकर कई बार विरोध प्रदर्शन हुए और मामला अदालत तक भी पहुंचा, लेकिन अंततः भर्ती प्रक्रिया जारी रही और अब अंतिम परिणाम भी घोषित कर दिया गया है।
यूपी की श्रद्धा पांडे बनीं टॉपर
70वीं BPSC परीक्षा में उत्तर प्रदेश की श्रद्धा पांडे ने 593 अंक प्राप्त कर टॉप किया है। उनकी इस सफलता की चर्चा बिहार के साथ-साथ अन्य राज्यों में भी हो रही है। वहीं, शशांक गौरव और आयुष बिजॉय ने 592 अंक हासिल कर शानदार प्रदर्शन किया है।

टॉप-3 अभ्यर्थियों के अंक बेहद करीब रहे, जिससे यह स्पष्ट होता है कि इस बार प्रतियोगिता काफी कड़ी थी। आयोग के अनुसार, मेरिट सूची पूरी तरह अंक और आरक्षण नियमों के आधार पर तैयार की गई है।
BPSC के इतिहास की सबसे बड़ी भर्ती
70वीं संयुक्त प्रतियोगिता परीक्षा को BPSC के इतिहास की सबसे बड़ी भर्ती प्रक्रिया माना जा रहा है। इस परीक्षा के माध्यम से कुल 2,035 पदों पर नियुक्ति की जानी थी। इन पदों के लिए लाखों अभ्यर्थियों ने आवेदन किया था।
मुख्य परीक्षा के बाद इंटरव्यू के लिए 5,450 अभ्यर्थियों को बुलाया गया। इतनी बड़ी संख्या में साक्षात्कार आयोजित करना आयोग के लिए एक बड़ी प्रशासनिक चुनौती थी। यही वजह रही कि अंतिम परिणाम घोषित होने में अपेक्षा से अधिक समय लगा।

आयोग के अधिकारियों ने बताया कि बड़ी संख्या में अभ्यर्थियों के दस्तावेजों की जांच, साक्षात्कार और मेरिट सूची तैयार करने में काफी समय लगा। इसी कारण भर्ती प्रक्रिया में देरी हुई, लेकिन पारदर्शिता और निष्पक्षता से कोई समझौता नहीं किया गया।
पिछली परीक्षाओं से कई गुना बड़ी रही प्रक्रिया
अगर पिछले वर्षों की परीक्षाओं से तुलना करें तो 70वीं BPSC परीक्षा का आकार काफी बड़ा रहा है। 68वीं संयुक्त प्रतियोगिता परीक्षा में केवल 324 पद थे और 817 अभ्यर्थियों को इंटरव्यू के लिए बुलाया गया था।
इसी तरह 69वीं परीक्षा में 475 रिक्तियां थीं, जबकि इंटरव्यू के लिए 1,252 उम्मीदवारों का चयन हुआ था। इसके मुकाबले 70वीं परीक्षा में 2,035 पद और 5,450 इंटरव्यू उम्मीदवार रहे, जो आयोग के इतिहास में अब तक की सबसे बड़ी संख्या है।
विशेषज्ञों का मानना है कि बिहार में प्रशासनिक पदों पर बड़े पैमाने पर भर्ती होने से सरकारी विभागों में खाली पदों की संख्या कम होगी और प्रशासनिक व्यवस्था को मजबूती मिलेगी।
अब आगे क्या होगा?
अंतिम परिणाम जारी होने के बाद सफल अभ्यर्थियों को अब विभिन्न विभागों में पद आवंटन की प्रक्रिया से गुजरना होगा। आयोग ने बताया है कि जल्द ही चयनित उम्मीदवारों को उनके विभागों की जानकारी दी जाएगी और संबंधित विभाग नियुक्ति पत्र जारी करेंगे।
इसके बाद चयनित अभ्यर्थियों की ट्रेनिंग और पदस्थापन की प्रक्रिया शुरू होगी। माना जा रहा है कि अगले कुछ महीनों के भीतर अधिकांश चयनित उम्मीदवार अपनी-अपनी सेवाओं में योगदान देना शुरू कर देंगे।
अगली परीक्षा की तैयारी में जुटेगा आयोग
BPSC ने संकेत दिए हैं कि 70वीं परीक्षा की औपचारिकताएं पूरी होने के बाद आयोग अगली संयुक्त प्रतियोगिता परीक्षा की तैयारियां शुरू करेगा। आयोग का कहना है कि इस भर्ती प्रक्रिया ने यह साबित किया है कि बड़े पैमाने पर भी पारदर्शी और मेरिट आधारित चयन संभव है।
हालांकि, परीक्षा के दौरान हुए विवाद और लंबे आंदोलन ने कई सवाल भी खड़े किए हैं। भविष्य में आयोग के सामने सबसे बड़ी चुनौती यह होगी कि वह परीक्षा प्रक्रिया को और अधिक पारदर्शी, तकनीकी रूप से मजबूत और विवादों से मुक्त बनाए।
फिलहाल, 70वीं BPSC परीक्षा का अंतिम परिणाम हजारों अभ्यर्थियों के लिए खुशियों की सौगात लेकर आया है। लंबे इंतजार के बाद घोषित हुए इस परिणाम ने बिहार की सबसे प्रतिष्ठित प्रतियोगी परीक्षाओं में से एक के नए अध्याय की शुरुआत कर दी है।
पटना से भूमि आर्या की रिपोर्ट
