बांकीपुर उपचुनाव 2026: अंतिम दिन नामांकन में दिखा सियासी दम, प्रशांत किशोर और नीरज सिन्हा का शक्ति प्रदर्शन, नामांकन के बाद वीणा मानवी गिरफ्तार
बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव के नामांकन के अंतिम दिन भाजपा के नीरज कुमार सिन्हा, जन सुराज के प्रशांत किशोर और जेजेडी की वीणा मानवी ने नामांकन दाखिल किया। शक्ति प्रदर्शन, रोड शो और वीणा मानवी की गिरफ्तारी से चुनावी माहौल गरमा गया।
पटना की हाई-प्रोफाइल बांकीपुर उपचुनाव के लिए सोमवार को नामांकन का अंतिम दिन पूरी तरह चुनावी रंग में रंगा नजर आया। राजधानी पटना की सड़कों से लेकर समाहरणालय परिसर तक राजनीतिक दलों के समर्थकों की भारी भीड़, जुलूस, नारेबाजी और शक्ति प्रदर्शन ने चुनावी माहौल को चरम पर पहुंचा दिया। भाजपा, जन सुराज पार्टी और जनशक्ति जनता दल (जेजेडी) के प्रमुख उम्मीदवारों ने अपने-अपने समर्थकों के साथ नामांकन दाखिल कर चुनावी अभियान को नई गति दे दी।
दिनभर की राजनीतिक हलचल के बीच सबसे ज्यादा चर्चा जन सुराज के संस्थापक प्रशांत किशोर और भाजपा उम्मीदवार नीरज कुमार सिन्हा के शक्ति प्रदर्शन की रही। वहीं, जेजेडी उम्मीदवार वीणा मानवी के नामांकन के कुछ देर बाद हुई गिरफ्तारी ने पूरे घटनाक्रम को नया राजनीतिक मोड़ दे दिया।
राजधानी पटना में दिखा चुनावी उत्साह
सुबह से ही पटना समाहरणालय और आसपास के इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई थी। अलग-अलग राजनीतिक दलों के कार्यकर्ता अपने-अपने उम्मीदवारों के समर्थन में बड़ी संख्या में पहुंचे। जगह-जगह पार्टी के झंडे, बैनर और नारेबाजी से राजधानी का माहौल पूरी तरह चुनावी दिखाई दिया।
नामांकन प्रक्रिया के दौरान प्रशासन को भी भीड़ नियंत्रित करने के लिए अतिरिक्त पुलिस बल तैनात करना पड़ा। प्रमुख दलों के जुलूस अलग-अलग समय पर समाहरणालय पहुंचे, जिससे पूरे दिन राजनीतिक गतिविधियां तेज बनी रहीं।
हरिहरनाथ मंदिर में पूजा के बाद नामांकन के लिए निकले प्रशांत किशोर
जन सुराज पार्टी के संस्थापक और बांकीपुर उपचुनाव के उम्मीदवार प्रशांत किशोर ने नामांकन से पहले सोनपुर स्थित बाबा हरिहरनाथ मंदिर में पूजा-अर्चना कर आशीर्वाद लिया। इसके बाद उन्होंने पटना के स्काउट एंड गाइड मैदान में आयोजित जनसभा को संबोधित किया।
सभा में उन्होंने बिहार की राजनीति में बदलाव और नई राजनीतिक संस्कृति की जरूरत पर जोर दिया। सभा समाप्त होने के बाद प्रशांत किशोर समर्थकों के साथ भव्य रोड शो करते हुए समाहरणालय पहुंचे और अपना नामांकन पत्र दाखिल किया।
उनके रोड शो के दौरान भोजपुर के कथित पुलिस एनकाउंटर में मारे गए भरत भूषण तिवारी के पोस्टर भी दिखाई दिए। इसने राजनीतिक गलियारों में नई चर्चा को जन्म दिया। हालांकि, इस मुद्दे पर जन सुराज की ओर से कोई अलग आधिकारिक बयान सामने नहीं आया।
नामांकन के बाद मीडिया से बातचीत करते हुए प्रशांत किशोर ने कहा कि यह सिर्फ उनका व्यक्तिगत नामांकन नहीं है, बल्कि बिहार में बेहतर शासन, नई राजनीति और बदलते भविष्य की उम्मीद का नामांकन है। उन्होंने दावा किया कि बांकीपुर की जनता इस चुनाव में बदलाव के पक्ष में मतदान करेगी।
रथ पर सवार होकर पहुंचे भाजपा उम्मीदवार नीरज कुमार सिन्हा
भारतीय जनता पार्टी के उम्मीदवार नीरज कुमार सिन्हा ने भी नामांकन से पहले धार्मिक और भावनात्मक कार्यक्रमों में हिस्सा लिया। उन्होंने सबसे पहले राजवंशी नगर स्थित पंचमुखी हनुमान मंदिर में पूजा-अर्चना की। इसके बाद दिवंगत भाजपा नेता एवं पूर्व मंत्री नितिन नवीन के पिता नवीन किशोर सिन्हा की स्मृति स्थल पर पहुंचकर श्रद्धांजलि अर्पित की।
इसके बाद भाजपा प्रदेश कार्यालय से उनका भव्य नामांकन जुलूस निकला। नीरज कुमार सिन्हा विशेष रूप से सजाए गए रथ पर सवार होकर समर्थकों के साथ समाहरणालय पहुंचे। पूरे रास्ते भाजपा कार्यकर्ताओं ने नारेबाजी करते हुए उनका स्वागत किया।
नामांकन कार्यक्रम में मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी, पूर्व मंत्री मंगल पांडेय सहित पार्टी के कई वरिष्ठ नेता मौजूद रहे। भाजपा नेताओं ने बांकीपुर सीट पर अपनी जीत का भरोसा जताते हुए इसे पार्टी की प्रतिष्ठा से जुड़ा चुनाव बताया।
भाजपा का कहना है कि बांकीपुर लंबे समय से पार्टी का मजबूत गढ़ रहा है और जनता विकास के मुद्दे पर एक बार फिर भाजपा का साथ देगी।
सबसे पहले नामांकन, फिर गिरफ्तारी
दिन की सबसे नाटकीय घटना जनशक्ति जनता दल (जेजेडी) की उम्मीदवार वीणा मानवी के साथ हुई। उन्होंने सुबह सबसे पहले समाहरणालय पहुंचकर अपना नामांकन पत्र दाखिल किया।
नामांकन की प्रक्रिया पूरी होने के कुछ ही देर बाद पुलिस ने उन्हें धोखाधड़ी से जुड़े एक पुराने मामले में जारी न्यायालय के वारंट के आधार पर गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तारी की सूचना मिलते ही उनके समर्थकों ने समाहरणालय परिसर के बाहर विरोध-प्रदर्शन शुरू कर दिया।
वीणा मानवी ने गिरफ्तारी को राजनीतिक साजिश बताते हुए भाजपा पर निशाना साधा। उनका आरोप था कि चुनाव के दौरान उन्हें राजनीतिक रूप से नुकसान पहुंचाने के उद्देश्य से यह कार्रवाई की गई है। वहीं पुलिस अधिकारियों का कहना है कि गिरफ्तारी पूरी तरह न्यायालय के आदेश और पहले से जारी वारंट के आधार पर की गई है।
वीणा मानवी की गिरफ्तारी के बाद राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई और विपक्षी दलों ने भी इस कार्रवाई पर सवाल उठाने शुरू कर दिए।
बांकीपुर सीट पर क्यों है सबकी नजर?
बांकीपुर विधानसभा सीट इस बार बिहार की सबसे चर्चित सीटों में शामिल हो गई है। भाजपा के वरिष्ठ नेता नितिन नवीन के राज्यसभा सदस्य बनने के बाद यह सीट खाली हुई थी, जिसके कारण यहां उपचुनाव कराया जा रहा है।
हालांकि इस उपचुनाव से सरकार के बहुमत पर कोई असर नहीं पड़ेगा, लेकिन इसके राजनीतिक संदेश को बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। खासकर जन सुराज के संस्थापक प्रशांत किशोर पहली बार किसी विधानसभा चुनाव में खुद उम्मीदवार बने हैं। ऐसे में इस सीट पर सभी प्रमुख राजनीतिक दलों की प्रतिष्ठा दांव पर लगी हुई है।
अब जांच और चुनाव प्रचार पर नजर
नामांकन की प्रक्रिया पूरी होने के बाद अब चुनाव आयोग निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार नामांकन पत्रों की जांच करेगा। जांच के बाद प्रत्याशियों की अंतिम सूची जारी होगी और चुनाव प्रचार का दौर पूरी तरह शुरू हो जाएगा।
बांकीपुर उपचुनाव के नामांकन के अंतिम दिन जिस तरह शक्ति प्रदर्शन, रोड शो, धार्मिक कार्यक्रमों और वीणा मानवी की गिरफ्तारी जैसे घटनाक्रम सामने आए, उससे साफ है कि आने वाले दिनों में यह चुनाव और अधिक राजनीतिक रूप से गर्माने वाला है। सभी प्रमुख दल अब मतदाताओं को अपने पक्ष में करने के लिए पूरी ताकत झोंकने की तैयारी में जुट गए हैं।
पटना से भूमि आर्या की रिपोर्ट
