बाढ़ के बीच बड़ी राहत! भागलपुर में गंगा का बढ़ना हुआ धीमा, अब घटने का इंतजार
भागलपुर में गंगा की रफ्तार थमी
निष्कर्ष भारत संवाददाता-भागलपुर: कई दिनों से लगातार बढ़ रही गंगा के जलस्तर में अब कमी आने की उम्मीद जगी है। भागलपुर में बुधवार सुबह नदी का जलस्तर 33.47 मीटर पर पहुंच गया। मंगलवार शाम छह बजे गंगा का जलस्तर 33.41 मीटर था, जो बुधवार सुबह छह बजे तक बढ़कर 33.47 मीटर हो गया। यानी 12 घंटे में सिर्फ छह सेंटीमीटर की वृद्धि दर्ज की गई। जलस्तर बढ़ने की रफ्तार कम होने से बाढ़ की आशंका के बीच राहत की उम्मीद बढ़ी है।
जल संसाधन विभाग के बाढ़ नियंत्रण प्रमंडल, भागलपुर के कार्यपालक अभियंता आदित्य प्रकाश के अनुसार, बुधवार शाम तक गंगा का जलस्तर स्थिर होने की संभावना है। इसके बाद देर रात से नदी के घटने का सिलसिला शुरू हो सकता है। हालांकि, निचले इलाकों में पहले से फैला बाढ़ का पानी अभी लोगों की परेशानी बढ़ा रहा है।
12 घंटे में सिर्फ छह सेंटीमीटर बढ़ा पानी
गंगा के जलस्तर में पिछले कुछ दिनों से लगातार वृद्धि हो रही थी। मंगलवार शाम छह बजे नदी का जलस्तर 33.41 मीटर दर्ज किया गया था। बुधवार सुबह छह बजे यह 33.47 मीटर हो गया। इस तरह 12 घंटे में केवल छह सेंटीमीटर की बढ़ोतरी हुई।
इससे पहले जलस्तर जिस गति से बढ़ रहा था, उसकी तुलना में वर्तमान वृद्धि काफी कम है। औसतन करीब आधा सेंटीमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से पानी बढ़ने के बाद अब इसके स्थिर होने के संकेत मिल रहे हैं।
भागलपुर में गंगा का खतरे का निशान 33.68 मीटर है। बुधवार सुबह दर्ज 33.47 मीटर जलस्तर खतरे के निशान से 21 सेंटीमीटर नीचे रहा। हालांकि, नदी चेतावनी स्तर 32.68 मीटर को पहले ही पार कर चुकी है। ऐसे में तटवर्ती और निचले इलाकों में प्रशासन की निगरानी अभी भी जरूरी बनी हुई है।
देखिये हमारी ख़बर यूट्यूब चैनल पर भी: मिथिलेश तिवारी के ब्राह्मण चाणक्य रिसर्च सेंटर की मांग को CM सम्राट ने दी हरी झंडी
फरक्का बराज के अधिकतर फाटक खुले
जल संसाधन विभाग के अधिकारियों के अनुसार, गंगा के ऊपरी हिस्सों में जलस्तर में कमी आने लगी है। बनारस और प्रयागराज समेत गंगा के ऊपरी क्षेत्रों में पानी घट रहा है। इसके अलावा फरक्का बराज के अधिकतर फाटक खुले हैं, जिससे पानी की निकासी बढ़ी है।
हालांकि फरक्का से बढ़ी निकासी का असर भागलपुर में तुरंत देखने को नहीं मिलेगा। अधिकारियों का कहना है कि इसका प्रभाव अगले एक-दो दिनों में अधिक स्पष्ट हो सकता है। यदि ऊपरी क्षेत्रों में पानी घटने का सिलसिला जारी रहा और फरक्का से पानी की निकासी बनी रही, तो भागलपुर में भी गंगा के जलस्तर में गिरावट आने की संभावना मजबूत होगी।
निचले इलाकों में अब भी बाढ़ का दबाव
गंगा के स्थिर होने और घटने की संभावना से राहत जरूर मिली है, लेकिन शहर के निचले इलाकों में संकट अभी खत्म नहीं हुआ है। माणिक सरकार, बूढ़ानाथ और आदमपुर के गंगा से सटे इलाकों में पानी का दबाव बना हुआ है। नाथनगर के कई निचले हिस्सों में भी जलजमाव के कारण लोगों को परेशानी हो रही है।
बाढ़ का पानी गलियों और संपर्क मार्गों तक पहुंच जाने के कारण लोगों की आवाजाही प्रभावित है। रोजमर्रा के जरूरी कामों के लिए लोगों को पानी से होकर गुजरना पड़ रहा है। स्कूली बच्चों को भी आने-जाने में परेशानी हो रही है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि अब उनकी सबसे बड़ी चिंता गंगा के बढ़ने से ज्यादा पानी के उतरने की है। जलस्तर स्थिर होने के बाद भी जिन इलाकों में पानी फैल चुका है, वहां से पानी निकलने में समय लग सकता है।
सबौर के कई गांवों में घर-आंगन तक पानी
सबौर प्रखंड के कई गांवों में बाढ़ का प्रभाव अभी भी बना हुआ है। रजंदीपुर, बाबूपुर, बगडेर, घोषपुर, फरका, इंग्लिश, मासाढ़ू, ममलखा, अठगामा और राजपुर समेत कई गांवों के निचले हिस्सों में पानी फैल गया है।
कई जगह ग्रामीण सड़कों पर पानी जमा होने से संपर्क व्यवस्था प्रभावित हुई है। जिन रास्तों से लोग रोजाना बाजार, स्कूल, अस्पताल और अन्य जरूरी स्थानों तक पहुंचते हैं, वहां पानी भर जाने से ग्रामीणों की दिनचर्या प्रभावित हो गई है।
ग्रामीणों को अब इस बात का इंतजार है कि गंगा का जलस्तर कब घटने लगेगा और गांवों में फैला पानी कब वापस लौटेगा। जलस्तर में गिरावट आने के बाद भी निचले इलाकों से पानी निकलने में कुछ समय लगने की संभावना है।
प्रशासन और जल संसाधन विभाग की निगरानी जारी
गंगा के जलस्तर में वृद्धि की रफ्तार कम होने के बावजूद प्रशासन और जल संसाधन विभाग की निगरानी जारी है। तटवर्ती क्षेत्रों में जलस्तर पर लगातार नजर रखी जा रही है। अधिकारियों के अनुसार, बुधवार शाम तक नदी के स्थिर होने और देर रात से घटने की संभावना है।
यदि गंगा का जलस्तर अनुमान के मुताबिक घटने लगता है तो भागलपुर के लोगों को बड़ी राहत मिल सकती है। खासकर पिछले कई दिनों से बाढ़ की आशंका के बीच रह रहे तटवर्ती इलाकों के लोगों को जलस्तर में गिरावट का इंतजार है।
हालांकि, फिलहाल खतरे का निशान पार नहीं हुआ है और निचले इलाकों में पानी फैला हुआ है। इसलिए प्रशासन की ओर से लोगों को सतर्क रहने की जरूरत बनी हुई है। आने वाले 24 से 48 घंटे भागलपुर में बाढ़ की स्थिति के लिहाज से महत्वपूर्ण माने जा रहे हैं।
गंगा के जलस्तर में बढ़ोतरी की रफ्तार थमने के बाद अब भागलपुर के लोगों की नजर इस बात पर है कि बुधवार रात से नदी कितनी तेजी से घटती है और निचले इलाकों में जमा बाढ़ का पानी कब तक निकलता है।
देखिये हमारी ख़बर यूट्यूब चैनल पर भी: बिहार हिंदी साहित्य सम्मेलन का नवगठन: पहली बैठक में जुटे दिग्गज, जानिए साहित्यकारों ने क्या कहा
भूमि आर्या की रिपोर्ट
