नेपाल में भीषण बाढ़ से ताबाही, अबतक 95 मरें, 133 भारतीय लापता

बाढ़

नेपाल में भीषण बाढ़, 105 भारतीय समेत 384 यात्री लापता

निष्कर्ष भारत, संवाददाता नई दिल्ली। नेपाल में भीषण बाढ़ ने बुधवार सुबह भारी तबाही मचा दी। तिब्बत सीमा से लगे रसुवा जिले में भोटेकोशी नदी का जलस्तर अचानक बढ़ने के बाद आई फ्लैश फ्लड ने घरों, पुलों, सड़कों और महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे को अपनी चपेट में ले लिया। नेपाल पर्यटन बोर्ड की प्रारंभिक सूची के मुताबिक 384 यात्री लापता हैं, जिनमें 291 विदेशी और 93 नेपाली नागरिक शामिल हैं। इनमें 105 भारतीय नागरिक भी हैं। राहत और बचाव अभियान लगातार जारी है।

नेपाल में अचानक आई बाढ़ से मची तबाही

बुधवार सुबह भोटेकोशी नदी में अचानक पानी बढ़ने के बाद रसुवा के रासुवागढ़ी और तिमुरे क्षेत्र में हालात तेजी से बिगड़ गए। बाढ़ का पानी इतनी तेजी से आगे बढ़ा कि लोगों को संभलने का मौका तक नहीं मिला। कई मकान, वाहन और पुल पानी की तेज धारा में बह गए।

बाढ़ का असर रसुवा के अलावा धाडिंग और नुवाकोट सहित आसपास के इलाकों में भी देखा गया है। पहाड़ी क्षेत्रों में तेज बहाव के कारण राहत और बचाव दलों के सामने बड़ी चुनौती खड़ी हो गई है। कई इलाकों में सड़क संपर्क और संचार व्यवस्था भी प्रभावित हुई है।

नेपाल में 384 यात्री लापता, 105 भारतीय

नेपाल पर्यटन बोर्ड के मुताबिक बाढ़ प्रभावित क्षेत्र में 384 यात्रियों के बारे में फिलहाल जानकारी नहीं मिल सकी है। प्रारंभिक सूची में 291 विदेशी और 93 नेपाली नागरिक शामिल हैं। विदेशी नागरिकों में 105 भारतीयों के अलावा अमेरिका, ब्रिटेन, मलेशिया, दक्षिण अफ्रीका, ऑस्ट्रेलिया और नीदरलैंड के नागरिक भी बताए गए हैं।

इसे भी पढ़ें: पटना में 6 कट्ठा जमीन के लिए मर्डर, विवादित जमीन का मामला, मकान बनाने दो पक्ष भिड़े, आरोपी फरार

लापता भारतीयों में बड़ी संख्या कैलाश मानसरोवर यात्रा पर जाने वाले यात्रियों की बताई जा रही है। ट्रैवल एजेंसियों और स्थानीय प्रशासन की मदद से लापता लोगों की पहचान और सुरक्षित होने की जानकारी जुटाई जा रही है। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि लापता लोगों का आंकड़ा प्रारंभिक है और सत्यापन के साथ इसमें बदलाव हो सकता है।

नेपाल की बाढ़ में कैसे बिगड़े हालात

बाढ़ का पानी भोटेकोशी नदी के रास्ते तेजी से नीचे की ओर बढ़ा। देखते ही देखते नदी के किनारे बसे इलाकों में मलबा और पानी फैल गया। कई जगहों पर पुल टूट गए और सड़कें क्षतिग्रस्त हो गईं। वाहनों के बहने और घरों को नुकसान पहुंचने की तस्वीरें और वीडियो सामने आए हैं।

निष्पक्ष खबरों के लिए, हमारे यूट्यूब चैनल से जुड़े निष्पक्ष खबरों के लिए, हमारे यूट्यूब चैनल से जुड़े…..अब और नहीं सहेंगे अनियमितता’: बिहार के अभ्यर्थियों का बड़ा आंदोलन, निष्पक्ष परीक्षा प्रणाली की गुहार

ताजा रिपोर्टों के मुताबिक आपदा की वजह तिब्बत सीमा के पास पहाड़ी क्षेत्र में हुए रॉकस्लाइड और उसके बाद आई अचानक बाढ़ को माना जा रहा है। प्रारंभिक सैटेलाइट विश्लेषण में अस्थिर पहाड़ी चट्टानों के खिसकने से बर्फ और मलबे के नदी तंत्र में गिरने की संभावना जताई गई है। हालांकि आपदा के सटीक कारणों की जांच अभी जारी है।

हाइड्रोपावर परियोजनाओं को भी भारी नुकसान

नेपाल की इस प्राकृतिक आपदा ने बिजली से जुड़े बुनियादी ढांचे को भी प्रभावित किया है। बाढ़ की चपेट में कई हाइड्रोपावर परियोजनाएं और ट्रांसमिशन सुविधाएं आई हैं। बिजली उत्पादन और आपूर्ति व्यवस्था प्रभावित होने से कई इलाकों में परेशानी बढ़ गई है।

भारी मलबे और तेज पानी के कारण परियोजनाओं तक पहुंचना भी मुश्किल हो गया है। अधिकारियों की टीमें नुकसान का आकलन करने में जुटी हैं। आपदा के कारण सड़क और बिजली व्यवस्था बाधित होने से राहत अभियान भी प्रभावित हो रहा है।

नेपाल में सेना और सुरक्षाबल राहत अभियान में जुटे

नेपाल सेना और सुरक्षा एजेंसियों ने प्रभावित क्षेत्रों में बचाव अभियान शुरू किया है। हेलिकॉप्टर और राहत दलों को तैनात किया गया है। हालांकि कई स्थानों पर खराब मौसम, क्षतिग्रस्त सड़कों और मलबे के कारण राहत टीमों को पहुंचने में मुश्किल हो रही है।

नेपाल पर्यटन बोर्ड, टूरिस्ट पुलिस, स्थानीय प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियां मिलकर लापता यात्रियों का पता लगाने में जुटी हैं। अधिकारियों की कोशिश है कि प्रभावित क्षेत्रों में फंसे लोगों को जल्द सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाया जाए।

बिहार तक पहुंच सकता है बाढ़ का असर

नेपाल में आई इस भीषण बाढ़ ने भारत के सीमावर्ती राज्यों में भी चिंता बढ़ा दी है। खासकर बिहार में नदियों के जलस्तर को लेकर प्रशासन सतर्क हो गया है। रिपोर्टों के मुताबिक नेपाल से आने वाले पानी के कारण बिहार और उत्तर प्रदेश के कुछ हिस्सों में भी बाढ़ का खतरा बढ़ सकता है।

बिहार के सीमावर्ती और नदी किनारे वाले इलाकों में निगरानी बढ़ाई गई है। राहत और बचाव एजेंसियों को तैयार रहने को कहा गया है। किसी भी संभावित स्थिति से निपटने के लिए प्रशासन नदी के जलस्तर और नेपाल से आने वाले पानी पर नजर बनाए हुए है।

भारतीय नागरिकों की सुरक्षा पर नजर

नेपाल में बड़ी संख्या में भारतीय यात्रियों के लापता होने की खबर के बाद भारतीय अधिकारियों की चिंता भी बढ़ गई है। भारतीय दूतावास ने नेपाल सरकार और स्थानीय प्रशासन के साथ संपर्क बनाए रखा है और प्रभावित भारतीय नागरिकों की जानकारी जुटाने की कोशिश की जा रही है।

फिलहाल सबसे बड़ी चुनौती लापता यात्रियों का पता लगाना और प्रभावित क्षेत्रों तक राहत पहुंचाना है। बचाव अभियान आगे बढ़ने के साथ मृतकों और लापता लोगों की संख्या में बदलाव की संभावना है। प्रशासन ने लोगों से नदी और बाढ़ प्रभावित इलाकों से दूर रहने तथा आधिकारिक सूचनाओं पर भरोसा करने की अपील की है।

नेपाल में आई यह अचानक बाढ़ हिमालयी क्षेत्र में प्राकृतिक आपदाओं के बढ़ते खतरे की गंभीर तस्वीर पेश करती है। अगले कुछ घंटों में राहत अभियान और पानी के बहाव की स्थिति पर सभी की नजर बनी रहेगी।

Nishkarsh Bharat

राजकुमार सिंह की रिपोर्ट