WTC में टीम इंडिया को बड़ा नुकसान, कोलंबो टेस्ट हुआ ड्रा, फाइनल का बदला गणित, अब जीतने होंगे इतने मैच
WTC में ड्रॉ से भारत को झटका, अब फाइनल के लिए जीत जरूरी
निष्कर्ष भारत संवाददाता, नई दिल्ली। WTC 2025-27 में टीम इंडिया को कोलंबो टेस्ट ड्रॉ होने से बड़ा झटका लगा है। शुभमन गिल की कप्तानी वाली भारतीय टीम श्रीलंका के खिलाफ दूसरा टेस्ट जीतने में नाकाम रही। भारत ने पहली पारी में 503/9 रन बनाकर पारी घोषित की थी और श्रीलंका को 290 रन पर समेटने के बाद फॉलोऑन दिया। इसके बावजूद मेजबान टीम ने दूसरी पारी में शानदार संघर्ष किया और मैच को ड्रॉ कराने में सफल रही।
श्रीलंका ने 154 ओवर में 429/9 का स्कोर बनाया, जिसके बाद दोनों टीमों ने मैच ड्रॉ करने पर सहमति जताई। इस नतीजे का सीधा असर भारत के WTC जीत प्रतिशत पर पड़ा। भारतीय टीम का प्रतिशत 53.33 से घटकर 51.52 हो गया है।
श्रीलंका की जुझारू पारी ने बदला पूरा समीकरण
भारतीय गेंदबाजों के सामने श्रीलंका की दूसरी पारी में लगातार विकेट गिरने के बावजूद टीम ने हार नहीं मानी। सोनल दिनुषा ने शानदार बल्लेबाजी करते हुए नाबाद 133 रन बनाए। उन्होंने 264 गेंदों का सामना किया और अपनी पारी में आठ चौके तथा दो छक्के लगाए।
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दिनुषा का प्रदर्शन इसलिए भी खास रहा क्योंकि उन्होंने पहली पारी में भी शतक लगाया था। उनकी इस पारी ने भारत के जीत के इंतजार को लंबा कर दिया। एक समय फॉलोऑन झेलने वाली श्रीलंकाई टीम ने आखिरकार मैच को ड्रॉ तक पहुंचाकर भारत को पूरे तीन अंक हासिल करने से रोक दिया।
हालांकि भारत ने दो मैचों की टेस्ट सीरीज 1-0 से अपने नाम कर ली है, लेकिन WTC के लिहाज से दूसरा टेस्ट टीम इंडिया के लिए निराशाजनक रहा।
WTC में पांचवें नंबर पर भारत
कोलंबो टेस्ट के बाद WTC अंक तालिका में टीमों की रैंकिंग में कोई बदलाव नहीं हुआ। भारत अभी भी पांचवें स्थान पर है। हालांकि ड्रॉ के कारण उसके जीत प्रतिशत में गिरावट आई है।
भारत ने मौजूदा WTC चक्र में अब तक 11 टेस्ट खेले हैं। इनमें टीम ने पांच मुकाबले जीते, चार में हार का सामना किया और दो टेस्ट ड्रॉ रहे। इस प्रदर्शन के बाद भारत के पास 51.52 प्रतिशत अंक हैं।
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WTC के नियमों के मुताबिक फाइनल में पहुंचने के लिए अंक तालिका में शीर्ष दो स्थान हासिल करना जरूरी है। ऐसे में पांचवें स्थान पर मौजूद भारत के सामने अब आने वाले मुकाबलों में लगातार बेहतर प्रदर्शन करने की चुनौती है।
फाइनल के लिए अब कितने मैच जीतने होंगे?
भारत को मौजूदा WTC चक्र में अभी सात टेस्ट मैच खेलने हैं। फाइनल की दौड़ में बने रहने के लिए टीम इंडिया को इन मुकाबलों में कम से कम पांच जीत हासिल करनी होंगी। इसके अलावा सिर्फ अपनी जीत पर्याप्त नहीं होगी, बल्कि शीर्ष टीमों के नतीजे भी भारत के पक्ष में आने जरूरी होंगे।
आने वाले सात टेस्ट में भारत के सामने न्यूजीलैंड और ऑस्ट्रेलिया जैसी मजबूत टीमें होंगी। इसलिए टीम के लिए हर मुकाबला बेहद अहम होने वाला है। एक और हार या लगातार ड्रॉ होने की स्थिति में फाइनल की राह और कठिन हो सकती है।
न्यूजीलैंड और ऑस्ट्रेलिया से होगी असली परीक्षा
भारत नवंबर 2026 में न्यूजीलैंड दौरे पर जाएगा, जहां उसे दो टेस्ट मैच खेलने हैं। इसके बाद जनवरी 2027 से घरेलू मैदान पर ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ पांच मैचों की टेस्ट सीरीज होगी।
यानी भारत के बचे हुए सभी सात टेस्ट न्यूजीलैंड और ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ हैं। इन दोनों टीमों के खिलाफ प्रदर्शन WTC फाइनल की तस्वीर काफी हद तक तय कर सकता है।
खासकर ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ पांच टेस्ट की घरेलू सीरीज भारत के लिए निर्णायक साबित हो सकती है। लगातार जीत हासिल करने पर भारत अंक तालिका में तेजी से ऊपर जा सकता है, जबकि खराब परिणाम फाइनल की उम्मीदों को बड़ा झटका दे सकते हैं।
ऑस्ट्रेलिया सबसे ऊपर, दक्षिण अफ्रीका दूसरे स्थान पर
WTC अंक तालिका में फिलहाल ऑस्ट्रेलिया 80.00 प्रतिशत अंकों के साथ पहले स्थान पर है। उसने 10 टेस्ट खेले हैं, जिनमें आठ में जीत और दो में हार मिली है।
दक्षिण अफ्रीका 75.00 प्रतिशत अंकों के साथ दूसरे स्थान पर है, जबकि न्यूजीलैंड 72.22 प्रतिशत के साथ तीसरे नंबर पर है। इन टीमों की मजबूत स्थिति के कारण भारत के लिए शीर्ष दो में जगह बनाना आसान नहीं होगा।

भारत 51.52 प्रतिशत अंकों के साथ पांचवें स्थान पर है। ऐसे में टीम इंडिया को सिर्फ अपने प्रदर्शन में सुधार नहीं करना होगा, बल्कि शीर्ष दावेदारों के बीच होने वाले मुकाबलों के परिणामों पर भी नजर रखनी होगी।
WTC में श्रीलंका की स्थिति भी नहीं बदली
कोलंबो टेस्ट ड्रॉ होने के बाद श्रीलंका के प्रतिशत अंकों में कोई बदलाव नहीं हुआ। टीम 33.33 प्रतिशत अंकों के साथ छठे स्थान पर बनी हुई है।
श्रीलंका ने मौजूदा चक्र में छह टेस्ट खेले हैं। उसे केवल एक मुकाबले में जीत मिली, जबकि दो में हार और तीन टेस्ट ड्रॉ रहे हैं। भारत के खिलाफ सीरीज ड्रॉ कराने का मौका श्रीलंका के पास था, लेकिन पहला टेस्ट हारने के कारण सीरीज भारत ने 1-0 से अपने नाम कर ली।
इंग्लैंड और पाकिस्तान की हालत खराब
WTC तालिका में इंग्लैंड 29.76 प्रतिशत अंकों के साथ सातवें स्थान पर है। इंग्लैंड ने 14 टेस्ट में पांच मुकाबले जीते हैं, आठ में हार झेली है और एक मैच ड्रॉ रहा है। टीम इस समय पाकिस्तान के खिलाफ तीन टेस्ट की सीरीज खेल रही है।

पाकिस्तान की स्थिति सबसे ज्यादा खराब है। टीम 19.05 प्रतिशत अंकों के साथ तालिका में नौवें और आखिरी स्थान पर है। पाकिस्तान ने सात टेस्ट खेले हैं, जिनमें दो में जीत मिली है।
भारत के लिए अब हर टेस्ट होगा अहम
कोलंबो में ड्रॉ के बाद भारत के लिए WTC फाइनल का रास्ता पहले से ज्यादा चुनौतीपूर्ण हो गया है। टीम को अब बचे हुए सात टेस्ट में लगातार जीत दर्ज करनी होगी। पांच जीत का लक्ष्य हासिल करना भी आसान नहीं होगा, क्योंकि सभी मुकाबले न्यूजीलैंड और ऑस्ट्रेलिया जैसी मजबूत टीमों के खिलाफ हैं।
फिलहाल भारत की फाइनल की उम्मीदें खत्म नहीं हुई हैं, लेकिन अब किसी भी मुकाबले में अंक गंवाना भारी पड़ सकता है। शुभमन गिल की टीम के सामने आने वाले मैचों में जीत के साथ-साथ लगातार बेहतर प्रदर्शन करने की बड़ी चुनौती होगी।
राजकुमार सिंह की रिपोर्ट
