दानापुर में सांप काटने से एक महिला की मौत, परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल
दानापुर के माधोपुर में बाढ़ के बीच सांप के काटने से महिला की मौत
निष्कर्ष भारत संवाददाता पटना। जिले के दानापुर में बाढ़ के बीच एक दर्दनाक घटना सामने आई है। शाहपुर थाना क्षेत्र के बाढ़ प्रभावित माधोपुर गांव में घर में सो रही 60 वर्षीय महिला को जहरीले सांप ने काट लिया। सर्पदंश के बाद महिला की तबीयत बिगड़ गई और इलाज के लिए अस्पताल पहुंचने से पहले ही उनकी मौत हो गई। घटना शनिवार देर रात की बताई जा रही है।
मृतका की पहचान दानापुर के हेतनपुर पंचायत के माधोपुर निवासी स्वर्गीय अशोक सिंह की पत्नी गायत्री देवी के रूप में हुई है। घटना के बाद परिवार में मातम पसरा हुआ है। वहीं, बाढ़ प्रभावित दियारा क्षेत्र में आपात स्थिति के दौरान समय पर अस्पताल पहुंचने की व्यवस्था को लेकर ग्रामीणों ने चिंता जताई है।
दानापुर में बाढ़ के पानी के साथ घर तक पहुंचा सांप
परिजनों के अनुसार, दानापुर के माधोपुर समेत पूरा दियारा क्षेत्र इस समय बाढ़ के पानी से घिरा हुआ है। देर रात गायत्री देवी अपने घर में सो रही थीं। इसी दौरान बाढ़ के पानी के साथ बहकर आया जहरीला सांप घर में पहुंच गया और उसने महिला को काट लिया।
सांप के काटने के बाद महिला की हालत तेजी से बिगड़ने लगी। परिजनों ने उन्हें बचाने की कोशिश की, लेकिन उनकी स्थिति गंभीर होती चली गई। परिवार के अनुसार, उन्हें तत्काल अस्पताल ले जाने की जरूरत थी, लेकिन बाढ़ के कारण आवागमन की समस्या सामने आ गई।
दानापुर के बाढ़ प्रभावित गांवों में बढ़ी परेशानी
दानापुर दियारा के क्षेत्र में बाढ़ का पानी फैलने के बाद ग्रामीणों की रोजमर्रा की जिंदगी बुरी तरह प्रभावित है। सामान्य आवागमन से लेकर जरूरी सामान और चिकित्सा सुविधा तक पहुंचना चुनौती बना हुआ है। ऐसे में रात के समय किसी व्यक्ति की तबीयत अचानक खराब होने पर समस्या और गंभीर हो जाती है।

गायत्री देवी के मामले में भी परिजनों का कहना है कि समय पर नाव उपलब्ध नहीं होने के कारण उन्हें अस्पताल ले जाने में परेशानी हुई। परिवार का दावा है कि यदि महिला को समय पर इलाज मिल जाता तो शायद उनकी जान बचाई जा सकती थी।
दानापुर में नाव की कमी पर ग्रामीणों ने उठाए सवाल
वह इस घटना के बाद दानापुर में बाढ़ प्रभावित इलाकों में नावों की उपलब्धता को लेकर सवाल उठने लगे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि दिन के समय किसी तरह आवागमन संभव हो जाता है, लेकिन रात में आपात स्थिति होने पर परेशानी कई गुना बढ़ जाती है।
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बाढ़ के पानी से घिरे गांवों में अस्पताल तक पहुंचने के लिए नाव ही प्रमुख साधन बन जाती है। ऐसे में सर्पदंश, बीमारी या किसी अन्य आपात स्थिति में तत्काल नाव उपलब्ध नहीं होने पर मरीज को समय पर इलाज मिलना मुश्किल हो सकता है।
दानापुर में बाढ़ के साथ बढ़ रहा जहरीले जीवों का खतरा
बाढ़ के दौरान केवल जलभराव और आवागमन की समस्या ही नहीं बढ़ती, बल्कि पानी के साथ सांप और दूसरे जहरीले जीव भी आबादी वाले क्षेत्रों में पहुंचने लगते हैं। खेत, घरों के आसपास और पानी से घिरे इलाकों में सांप निकलने की घटनाओं का खतरा बढ़ जाता है।
माधोपुर में हुई घटना इसी खतरे की गंभीर तस्वीर सामने लाती है। ग्रामीणों के लिए बाढ़ के पानी के बीच घर से बाहर निकलना भी जोखिम भरा है। रात में अंधेरे के कारण खतरा और बढ़ जाता है। ऐसे में बाढ़ प्रभावित परिवारों को अतिरिक्त सावधानी बरतने की जरूरत है।
घटना के बाद जनप्रतिनिधियों ने परिजनों से की मुलाकात
महिला की मौत की जानकारी मिलने के बाद पूर्व जिला पार्षद ओम प्रकाश यादव, जिला पार्षद प्रतिनिधि रंजीत कुमार यादव, पूर्व मुखिया कन्हाई राय और विकास कुमार मृतका के घर पहुंचे। उन्होंने परिजनों से मुलाकात कर उन्हें सांत्वना दी और दुख की इस घड़ी में परिवार के साथ खड़े रहने की बात कही।
घटना के बाद स्थानीय स्तर पर भी बाढ़ प्रभावित परिवारों की सुरक्षा और जरूरत के समय तत्काल सहायता उपलब्ध कराने की मांग उठ रही है। ग्रामीणों का कहना है कि बाढ़ के दौरान केवल दिन के समय ही नहीं, बल्कि रात में भी आपातकालीन परिवहन की व्यवस्था होनी चाहिए।
पुलिस ने कराया पोस्टमार्टम
शाहपुर थानाध्यक्ष नवीन कुमार सिंह ने बताया कि सांप के काटने से एक वृद्ध महिला की मौत हुई है। पुलिस ने शव को अनुमंडलीय अस्पताल भेजकर पोस्टमार्टम कराया। पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया। पुलिस की कार्रवाई के बाद शव का अंतिम संस्कार परिजनों द्वारा किया गया। घटना ने पूरे इलाके में शोक का माहौल पैदा कर दिया है।
बाढ़ में सावधानी ही सबसे बड़ा बचाव
माधोपुर में हुई घटना बाढ़ प्रभावित इलाकों में रहने वाले लोगों के लिए एक गंभीर चेतावनी भी है। बाढ़ के पानी के साथ सांप और अन्य जीव घरों तक पहुंच सकते हैं। इसलिए पानी से भरे स्थानों पर बिना सावधानी के जाने से बचना जरूरी है।

ग्रामीणों के लिए सबसे बड़ी चुनौती फिलहाल सुरक्षित आवागमन और आपात स्थिति में चिकित्सा सुविधा तक पहुंचना है। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि बाढ़ प्रभावित दियारा क्षेत्रों में पर्याप्त संख्या में नावों की व्यवस्था की जाए, ताकि रात के समय भी जरूरत पड़ने पर मरीजों और प्रभावित लोगों को सुरक्षित स्थान तक पहुंचाया जा सके।
दानापुर के माधोपुर गांव में हुई यह घटना बाढ़ के दौरान सामने आने वाले उन खतरों को उजागर करती है, जो अक्सर पानी बढ़ने के साथ दिखाई नहीं देते। जलभराव के बीच जहरीले जीवों का खतरा और चिकित्सा सहायता तक पहुंचने में देरी लोगों के लिए जानलेवा साबित हो सकती है। ऐसे में बाढ़ प्रभावित इलाकों में प्रशासनिक तैयारी के साथ ग्रामीणों की सतर्कता भी बेहद जरूरी है।
अमन कुमार की रिपोर्ट
