निशु आजाद को जान का खतरा! पुलिस से मांगी सुरक्षा, रेप की धमकी, FIR दर्ज

निशु आजाद

निशु आजाद ने जान का खतरा बताया, पुलिस से मांगी सुरक्षा, FIR दर्ज

निष्कर्ष भारत संवाददाता, नई दिल्ली। निशु आजाद ने अपनी और अपने परिवार की सुरक्षा को लेकर चिंता जताई है। CJP प्रोटेस्ट में शामिल होने के बाद धमकियां मिलने का आरोप लगाते हुए उन्होंने पुलिस से सुरक्षा की मांग की है। निशु आजाद का दावा है कि उन्हें जान से मारने की धमकी दी जा रही है। इसके अलावा सोशल मीडिया पर अभद्र टिप्पणियां और रेप की धमकी मिलने का भी उन्होंने आरोप लगाया है। मामले में संसद मार्ग थाने में FIR दर्ज होने की जानकारी सामने आई है।

निशु आजाद ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट के जरिए अपनी स्थिति के बारे में जानकारी दी। उन्होंने कहा कि प्रोटेस्ट में शामिल होने के बाद से ही उन्हें लगातार धमकी भरे फोन और मैसेज मिल रहे हैं। उनका आरोप है कि सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर भी उनके खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणियां की जा रही हैं। पुलिस शिकायत में उन्होंने खुद के साथ-साथ परिवार के सदस्यों की सुरक्षा को लेकर भी आशंका जताई है।

प्रोटेस्ट के बाद बढ़ा विवाद

निशु आजाद के मुताबिक, बीजेपी के प्रोटेस्ट में शामिल होने के बाद से विवाद बढ़ा। उन्होंने एक टीवी चैनल से बातचीत में दावा किया कि उनके खिलाफ लगातार आपत्तिजनक भाषा का इस्तेमाल किया जा रहा है।

उनका कहना है कि उनके आसपास रहने वाले कुछ लोगों की ओर से भी उनके खिलाफ कथित तौर पर अभद्र बातें कही गईं। निशु आजाद ने आरोप लगाया कि कुछ लोग खुद को बीजेपी समर्थक बताते हुए स्वतंत्र भारद्वाज के साथ होने की बात कह रहे थे।

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हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। पुलिस शिकायत के आधार पर मामले की जांच कर रही है और धमकी देने वाले लोगों की पहचान तथा आरोपों की वास्तविकता जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।

निशु आजाद ने लगाए गंभीर आरोप

निशु आजाद ने दावा किया कि अलग-अलग मोबाइल नंबरों से उन्हें धमकी भरे फोन और मैसेज प्राप्त हो रहे हैं। सोशल मीडिया अकाउंट्स पर भी उनके खिलाफ कथित तौर पर आपत्तिजनक और भद्दे कमेंट किए जा रहे हैं।

उन्होंने पुलिस से पूरे मामले को गंभीरता से लेने और धमकी देने वालों के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की है। उनका कहना है कि मामला केवल उनके तक सीमित नहीं है, बल्कि उनके परिवार की सुरक्षा को लेकर भी चिंता बनी हुई है।

निशु आजाद की शिकायत पर FIR

मामले में संसद मार्ग थाने में FIR दर्ज किए जाने की बात सामने आई है। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, FIR में POCSO एक्ट और IT Act समेत संबंधित कानूनी धाराएं लगाई गई हैं। पुलिस अब शिकायत में लगाए गए आरोपों, फोन कॉल, मैसेज और सोशल मीडिया गतिविधियों से जुड़े साक्ष्यों की जांच करेगी।

ऐसे मामलों में पुलिस के सामने सबसे बड़ी चुनौती धमकी देने वाले लोगों की पहचान करना और डिजिटल साक्ष्यों को सुरक्षित तरीके से जुटाना होती है। मोबाइल नंबर, सोशल मीडिया अकाउंट, पोस्ट और कमेंट की तकनीकी जांच के आधार पर जांच को आगे बढ़ाया जा सकता है।

परिवार की सुरक्षा को लेकर चिंता

निशु आजाद ने पुलिस से सिर्फ अपने लिए नहीं, बल्कि अपने पूरे परिवार के लिए सुरक्षा की मांग की है। उनका कहना है कि धमकियों की वजह से परिवार के लोग भी चिंतित हैं।

उन्होंने मांग की है कि धमकी देने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए और यह सुनिश्चित किया जाए कि उन्हें या उनके परिवार को किसी तरह का नुकसान न पहुंचे। पुलिस की जांच के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि धमकियों के पीछे कौन लोग हैं और उनके खिलाफ किस तरह की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

स्वतंत्र भारद्वाज की गिरफ्तारी से भी जुड़ा विवाद

यह पूरा मामला स्वतंत्र भारद्वाज से जुड़े विवाद के बीच सामने आया है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, स्वतंत्र भारद्वाज को उनके वायरल पॉडकास्ट के बाद पुलिस ने गिरफ्तार किया था। इसके बाद उन्हें अदालत में पेश किया गया, जहां उन्हें एक दिन की पुलिस रिमांड पर भेजे जाने की जानकारी सामने आई है।

स्वतंत्र भारद्वाज की ओर से मामले में कानूनी पक्ष भी रखा गया है। उनके वकील ने एक दिन की पुलिस रिमांड दिए जाने पर सवाल उठाया है। ऐसे में एक तरफ स्वतंत्र भारद्वाज से जुड़ी पुलिस कार्रवाई जारी है, तो दूसरी तरफ निशु आजाद की ओर से धमकियों की शिकायत सामने आने के बाद विवाद का दायरा और बढ़ गया है।

सोशल मीडिया पर बढ़ा विवाद

पूरे मामले में सोशल मीडिया की भूमिका भी महत्वपूर्ण हो गई है। निशु आजाद का आरोप है कि सोशल मीडिया पर उनके खिलाफ लगातार आपत्तिजनक टिप्पणियां की जा रही हैं। इसके अलावा अलग-अलग नंबरों से कथित तौर पर धमकी भरे संदेश और फोन आने की बात कही गई है।

पुलिस के लिए सोशल मीडिया पोस्ट और डिजिटल कमेंट की जांच अहम होगी। जांच एजेंसियां यह पता लगा सकती हैं कि कथित धमकियां किन अकाउंट्स या नंबरों से भेजी गईं और उनके पीछे कौन लोग हैं। यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो संबंधित लोगों के खिलाफ कानून के तहत कार्रवाई की जा सकती है।

पुलिस जांच से साफ होगी तस्वीर

निशु आजाद की ओर से लगाए गए आरोपों की जांच होना बाकी है। FIR दर्ज होने के बाद पुलिस अब उपलब्ध डिजिटल और अन्य साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई करेगी। CJP प्रोटेस्ट से शुरू हुआ विवाद अब धमकी, सुरक्षा और पुलिस कार्रवाई के सवाल तक पहुंच चुका है। निशु आजाद ने अपनी सुरक्षा को लेकर पुलिस से हस्तक्षेप की मांग की है।

Nishkarsh Bharat

राज कुमार की रिपोर्ट

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