बिहार में JDU हुई मजबूत, लोजपा छोड़ हजारों समर्थकों के साथ जदयू में शामिल हुए कृष्ण बिहारी सिंह

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JDU में शामिल हुए कृष्ण बिहारी, हजारों समर्थकों के साथ सियासी एंट्री

निष्कर्ष भारत संवाददाता भोजपुर। JDU में कृष्ण बिहारी सिंह की एंट्री से भोजपुर की सियासत में हलचल तेज हो गई है। आरा शहर के धनुपरा स्थित एक रिसॉर्ट में फरक्का जलसंधि एवं नीतीश संवाद को लेकर आयोजित बड़े राजनीतिक कार्यक्रम में लोक जनशक्ति पार्टी के पारस गुट के पूर्व प्रदेश उपाध्यक्ष कृष्ण बिहारी सिंह उर्फ तेज नारायण यादव अपने हजारों समर्थकों के साथ JDU की सदस्यता ग्रहण कर रहे हैं। उनके जदयू में शामिल होने के कार्यक्रम को लेकर पार्टी कार्यकर्ताओं और समर्थकों में खासा उत्साह देखने को मिल रहा है।

कार्यक्रम में JDU के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष संजय कुमार झा, प्रदेश अध्यक्ष उमेश कुशवाहा समेत पार्टी के कई वरिष्ठ नेता मौजूद रहेंगे। ऐसे में कृष्ण बिहारी सिंह का अपने समर्थकों के साथ जदयू में शामिल होना भोजपुर की स्थानीय राजनीति के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

सैकड़ों गाड़ियों के काफिले के साथ पहुंचे कृष्ण बिहारी

JDU में शामिल होने के लिए कृष्ण बिहारी सिंह अपने समर्थकों के साथ सैकड़ों गाड़ियों के काफिले में कार्यक्रम स्थल की ओर रवाना हुए। काफिले में बड़ी संख्या में उनके समर्थक शामिल रहे। इस दौरान कार्यकर्ताओं में काफी उत्साह नजर आया।

हजारों समर्थकों के साथ कृष्ण बिहारी सिंह की राजनीतिक एंट्री ने कार्यक्रम को खास बना दिया है। उनके समर्थकों की संख्या और वाहनों के बड़े काफिले को देखते हुए इलाके में इस आयोजन को लेकर राजनीतिक चर्चा भी तेज हो गई है।

JDU के मंच पर दिखेगा भोजपुर का बड़ा सियासी चेहरा

कृष्ण बिहारी सिंह भोजपुर के कद्दावर नेताओं में गिने जाते हैं। वह इससे पहले लोक जनशक्ति पार्टी के पारस गुट में प्रदेश उपाध्यक्ष की जिम्मेदारी संभाल चुके हैं। अब उनके जदयू में शामिल होने से भोजपुर में पार्टी के संगठन को नई मजबूती मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।

उनके साथ बड़ी संख्या में समर्थकों का JDU में आना पार्टी के लिए राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। हालांकि, इसका स्थानीय चुनावी समीकरणों और भोजपुर की राजनीति पर कितना असर पड़ेगा, इसका वास्तविक आकलन आने वाले समय में ही हो सकेगा।

नीतीश कुमार के प्रति जताई गहरी आस्था

जदयू में शामिल होने के फैसले को लेकर कृष्ण बिहारी सिंह ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के प्रति अपनी आस्था व्यक्त की। उन्होंने कहा कि नीतीश कुमार के प्रति उनकी काफी पहले से गहरी आस्था रही है।

कृष्ण बिहारी सिंह के मुताबिक, उनकी नीतीश कुमार से मुलाकात भी हुई थी। इस दौरान नीतीश कुमार ने उन्हें जदयू में शामिल होकर पार्टी के सिद्धांतों को आगे बढ़ाने की अपील की थी। उन्होंने कहा कि नीतीश कुमार के कार्यों और उनकी अपील से प्रभावित होकर उन्होंने जदयू में शामिल होने का निर्णय लिया।

JDU के सिद्धांतों को आगे बढ़ाने की बात

JDU की सदस्यता ग्रहण करने से पहले कृष्ण बिहारी सिंह ने कहा कि अब वह पार्टी के एक सिपाही और सामान्य कार्यकर्ता के तौर पर संगठन के सिद्धांतों को आगे बढ़ाने का काम करेंगे। उन्होंने स्पष्ट किया कि पार्टी उन्हें जो भी जिम्मेदारी देगी, उसका पूरी निष्ठा के साथ निर्वहन करेंगे।

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उन्होंने यह भी कहा कि नीतीश कुमार द्वारा किए गए कार्यों और सरकार की उपलब्धियों को जन-जन तक पहुंचाने की दिशा में वह काम करेंगे। उनके बयान से साफ है कि जदयू में शामिल होने के बाद वह संगठनात्मक गतिविधियों में सक्रिय भूमिका निभाने की तैयारी में हैं।

धनुपरा में जुटेंगे जदयू के कई बड़े नेता

आरा के धनुपरा स्थित रिसॉर्ट में आयोजित कार्यक्रम में JDU के कई वरिष्ठ नेताओं की मौजूदगी रहेगी। फरक्का जलसंधि एवं नीतीश संवाद को लेकर आयोजित इस कार्यक्रम को पार्टी की ओर से महत्वपूर्ण राजनीतिक आयोजन के तौर पर देखा जा रहा है।

राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष संजय कुमार झा और प्रदेश अध्यक्ष उमेश कुशवाहा समेत कई नेताओं की मौजूदगी में कृष्ण बिहारी सिंह की सदस्यता ग्रहण करने की प्रक्रिया पूरी होगी। इससे कार्यक्रम का राजनीतिक महत्व और बढ़ गया है।

भोजपुर में JDU संगठन को मिल सकती है मजबूती

कृष्ण बिहारी सिंह के साथ हजारों समर्थकों के जदयू में आने को पार्टी के संगठनात्मक विस्तार से जोड़कर देखा जा रहा है। किसी प्रभावशाली स्थानीय नेता के साथ बड़ी संख्या में समर्थकों का किसी राजनीतिक दल में शामिल होना संगठन के लिए निश्चित तौर पर महत्वपूर्ण घटनाक्रम होता है।

भोजपुर में जदयू पहले से राजनीतिक रूप से सक्रिय है। ऐसे में कृष्ण बिहारी सिंह की एंट्री से पार्टी को स्थानीय स्तर पर नए कार्यकर्ताओं और समर्थकों का आधार मिलने की उम्मीद है। पार्टी आने वाले दिनों में इस राजनीतिक जुड़ाव को किस तरह संगठन के विस्तार में बदलती है, यह महत्वपूर्ण होगा।

स्थानीय सियासत पर असर पर टिकी नजर

कृष्ण बिहारी सिंह के जदयू में शामिल होने के बाद भोजपुर की राजनीति में नए समीकरण बनने की चर्चा शुरू हो गई है। उनके समर्थकों की बड़ी संख्या और राजनीतिक पृष्ठभूमि को देखते हुए इस घटनाक्रम को नजरअंदाज करना आसान नहीं होगा।

हालांकि, किसी राजनीतिक दल में शामिल होने के तत्काल बाद उसके प्रभाव का आकलन करना जल्दबाजी होगी। आने वाले दिनों में संगठन में उन्हें क्या जिम्मेदारी मिलती है और वह किस तरह सक्रिय होते हैं, इससे उनकी भूमिका स्पष्ट होगी।

फिलहाल धनुपरा में होने वाला यह आयोजन जदयू और कृष्ण बिहारी सिंह दोनों के लिए अहम माना जा रहा है। एक तरफ पार्टी को भोजपुर में संगठनात्मक मजबूती की उम्मीद है, तो दूसरी तरफ कृष्ण बिहारी सिंह नीतीश कुमार के नेतृत्व में नई राजनीतिक पारी शुरू कर रहे हैं। हजारों समर्थकों और सैकड़ों वाहनों के काफिले के साथ उनकी जदयू में एंट्री ने भोजपुर की सियासत में नई चर्चा जरूर छेड़ दी है।

Nishkarsh Bharat

अमन कुमार की रिपोर्ट

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