सुपौल में 4 छात्राओं की तबीयत बिगड़ी, मिठाई-समोसा खाने के बाद हुई थी बेहोश, एक की मौत
सुपौल मदरसे में 4 छात्राएं बीमार, एक की मौत, जांच शुरू
निष्कर्ष भारत, संवाददाता सुपौल। सुपौल मदरसा में चार छात्राओं की अचानक तबीयत बिगड़ने का मामला सामने आया है। सभी छात्राओं को बेहोशी की हालत में सुपौल शहर के एक निजी क्लीनिक में भर्ती कराया गया। इलाज के दौरान नेमुआ निवासी कमरे आलम की 10 वर्षीय बेटी अल्फिशा की मौत हो गई। घटना के बाद मदरसा परिसर में अफरा-तफरी मच गई। सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासन की टीम मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी।
यह पूरा मामला सुपौल सदर थाना क्षेत्र के बसबिट्टी वार्ड-19 स्थित जामियअतुस सालिहात एजुकेशनल ट्रस्ट द्वारा संचालित निजी मदरसे का है। घटना देर रात की बताई जा रही है। छात्राओं की तबीयत बिगड़ने के बाद मंगलवार सुबह उन्हें अस्पताल ले जाया गया, जहां इलाज के दौरान अल्फिशा की मौत हो गई। अन्य छात्राओं का उपचार जारी है।
सुपौल में मिठाई-समोसा खाने के बाद बिगड़ी तबीयत
मदरसा संचालक खलील रहमान के अनुसार, सोमवार को अल्फिशा की मां अपनी बेटी से मिलने मदरसा आई थीं। बताया गया कि उन्होंने अपनी बेटी को मिठाई और समोसा दिया था। इसके बाद वह वापस चली गईं।
मदरसा प्रबंधन के मुताबिक, मिठाई और समोसा खाने के बाद चार छात्राओं की तबीयत अचानक खराब हो गई। आफिया, सहाना खातून, हलीमा सादिया और अल्फिशा बेहोश हो गईं। इसके बाद मदरसा प्रबंधन की ओर से सभी को तत्काल इलाज के लिए निजी चिकित्सक के पास ले जाया गया।

इलाज के दौरान अल्फिशा की हालत गंभीर हो गई और उसकी मौत हो गई। वहीं बाकी छात्राओं का उपचार चल रहा है। शुरुआती जांच में अधिकारियों ने फूड प्वाइजनिंग की आशंका जताई है, लेकिन इसकी पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही होगी।
सुपौल मदरसे में 60 से 65 छात्राएं रहती हैं
मदरसा प्रबंधन के अनुसार, संस्थान में करीब 60 से 65 छात्राएं रहकर पढ़ाई करती हैं। यह संस्था लगभग दो वर्षों से संचालित है। मृत छात्रा अल्फिशा भी करीब डेढ़ से दो वर्षों से मदरसा परिसर में रह रही थी।
सुपौल में हुई घटना के बाद इतनी बड़ी संख्या में छात्राओं के आवासीय रूप से रहने की व्यवस्था को लेकर भी प्रशासन ने जानकारी जुटानी शुरू कर दी है। अधिकारियों की जांच में यह देखा जा रहा है कि संस्था के पास छात्राओं को आवासीय रूप से रखने की अनुमति है या नहीं और इसके लिए निर्धारित नियमों का पालन किया जा रहा है या नहीं।
पुलिस ने मदरसे पहुंचकर शुरू की जांच
घटना की सूचना मिलने के बाद पुलिस टीम मदरसा पहुंची। पुलिस ने परिसर का निरीक्षण करने के साथ संचालक और वहां मौजूद शिक्षकों से पूछताछ की। सदर एसडीपीओ ने भी मदरसा प्रबंधन से घटना के संबंध में जानकारी ली।
पुलिस छात्राओं की अचानक तबीयत बिगड़ने के कारणों की जांच कर रही है। इसके साथ ही भोजन की गुणवत्ता और छात्राओं को दिए गए खाद्य पदार्थ से जुड़े पहलुओं की भी पड़ताल की जा रही है।
मृत छात्रा के परिजनों ने शव का पोस्टमार्टम कराने से इनकार कर दिया है। ऐसे में घटना के वास्तविक कारणों को लेकर जांच और चिकित्सकीय जानकारी महत्वपूर्ण होगी।
डीएम के निर्देश पर अधिकारियों ने खंगाले दस्तावेज
मामले की गंभीरता को देखते हुए डीएम सावन कुमार के निर्देश पर जिला शिक्षा कार्यालय की टीम मदरसा पहुंची। अधिकारियों ने संस्था के संचालन, उपलब्ध सुविधाओं और छात्राओं के रहने की व्यवस्था की जानकारी ली।
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जिला शिक्षा कार्यालय की टीम और डीपीओ समेत संबंधित अधिकारियों की ओर से संस्था के दस्तावेजों की जांच की जा रही है। प्रशासन यह भी देख रहा है कि मदरसे में छात्राओं के लिए आवासीय व्यवस्था निर्धारित नियमों के अनुरूप है या नहीं।
सदर एसडीएम मनोहर कुमार साह ने बताया कि सूचना मिलने के बाद वह एसडीपीओ और थाना प्रभारी के साथ मौके पर पहुंचे। उन्होंने बताया कि मदरसे में बड़ी संख्या में बच्चियां आवासीय व्यवस्था के तहत रह रही हैं। एक छात्रा की मौत हुई है, जबकि दो-तीन अन्य छात्राओं के अलग-अलग अस्पतालों में इलाजरत होने की जानकारी मिली है।
सुपौल में फूड प्वाइजनिंग की आशंका, जांच जारी
सदर एसडीपीओ के अनुसार, शुरुआती जांच में मामला फूड प्वाइजनिंग से जुड़ा प्रतीत हो रहा है। हालांकि, उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि घटना की वास्तविक वजह जांच पूरी होने के बाद ही सामने आएगी।
पुलिस और प्रशासन की टीम सभी संभावित पहलुओं को ध्यान में रखकर जांच कर रही है। डॉक्टरों से बातचीत और इलाज से जुड़ी जानकारी भी जुटाई जा रही है, ताकि छात्राओं की तबीयत बिगड़ने के सही कारण का पता लगाया जा सके।
एसपी बोले- जांच के बाद स्पष्ट होगी घटना की वजह
सुपौल एसपी शरथ आर.एस. ने बताया कि पुलिस को बसबिट्टी स्थित मदरसे में एक बच्ची की मौत की सूचना मिली थी। एक अन्य बच्ची के गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती होने की जानकारी भी पुलिस को मिली है। इसके अलावा दो-तीन अन्य बच्चों के इलाजरत होने की सूचना है।

एसपी के अनुसार, पूरे मामले की जांच की जा रही है। डॉक्टरों से जानकारी लेने और जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि छात्राओं की तबीयत किस वजह से बिगड़ी।
फिलहाल पुलिस और प्रशासन की जांच जारी है। अधिकारियों की टीम मदरसे के दस्तावेजों, छात्राओं की आवासीय व्यवस्था और घटना से जुड़े खाद्य पदार्थों समेत अन्य पहलुओं की पड़ताल कर रही है। जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
अमन कुमार की रिपोर्ट
