राजगीर नेचर सफारी का विस्तार, 11 एकड़ में बनेगें डायनासोर पार्क, टॉय ट्रेन चलाने का भी प्रस्ताव

राजगीर में बनेगा डायनासोर पार्क

निष्कर्ष भारत, संवाददाता (नालंदा)। नालंदा के अंतरराष्ट्रीय पर्यटन स्थल राजगीर में पर्यटकों को जल्द ही प्रागैतिहासिक दुनिया का रोमांच देखने को मिलेगा। राजगीर नेचर सफारी में करीब 22 करोड़ रुपए की लागत से भव्य डायनासोर पार्क विकसित किया जा रहा है। ग्लास ब्रिज की लोकप्रियता के बाद यह परियोजना पर्यटकों के लिए एक नया आकर्षण बनने जा रही है। वन विभाग ने दिसंबर 2026 तक पार्क का निर्माण पूरा कर इसे पर्यटकों के लिए खोलने का लक्ष्य रखा है।

करीब 4.5 हेक्टेयर क्षेत्र में विकसित किए जा रहे इस पार्क में अत्याधुनिक तकनीक से तैयार किए गए विशाल डायनासोर मॉडल लगाए जाएंगे। परियोजना की टेंडर प्रक्रिया पूरी हो चुकी है और कार्यादेश जारी होने के बाद निर्माण कार्य तेजी से आगे बढ़ रहा है। डायनासोर के सभी मॉडल भी तैयार किए जा चुके हैं।

राजगीर में दिखेगी डायनासोर की दुनिया

डायनासोर पार्क को सिर्फ मॉडल प्रदर्शित करने वाली जगह के रूप में विकसित नहीं किया जा रहा है। इसे एक संपूर्ण थीम पार्क का स्वरूप दिया जाएगा, जहां पर्यटकों को मनोरंजन के साथ प्रागैतिहासिक जीव-जगत की जानकारी भी मिलेगी।

पार्क में थीमैटिक लैंडस्केपिंग के साथ आधुनिक इंटरप्रिटेशन सेंटर विकसित किया जाएगा। यहां आने वाले पर्यटकों को विलुप्त हो चुके जीवों, उनके जीवन और प्रागैतिहासिक काल से जुड़ी जानकारी उपलब्ध कराने की योजना है।

पार्क का निर्माण राजगीर नेचर सफारी के नेचर कैंप वाले इलाके में किया जा रहा है। बारिश का मौसम समाप्त होने के बाद तैयार डायनासोर मॉडलों को निर्धारित स्थानों पर स्थापित करने और लैंडस्केपिंग के काम में तेजी आने की उम्मीद है।

29 विशाल डायनासोर मॉडल होंगे मुख्य आकर्षण

राजगीर डायनासोर पार्क में कुल 29 लाइफ-साइज डायनासोर मॉडल लगाए जाएंगे। इन मॉडलों को आधुनिक सेंसर तकनीक और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित सिस्टम से तैयार किया गया है।

पर्यटकों को इन मॉडलों में डायनासोर के जीवंत होने जैसा अनुभव देने की कोशिश की गई है। सेंसर की मदद से मॉडल आंखें झपकाने, गर्दन घुमाने और दूसरी गतिविधियां करने में सक्षम होंगे। पर्यटकों के करीब पहुंचने पर डायनासोर की दहाड़ भी सुनाई देगी।

इस तरह पार्क में प्रवेश करने वाले लोगों को प्रागैतिहासिक काल की दुनिया के बीच होने जैसा रोमांचक अनुभव देने की योजना है। खासकर बच्चों और परिवारों के लिए यह पार्क राजगीर पर्यटन का नया आकर्षण बन सकता है।

राजगीर में ग्लास ब्रिज से पार्क तक टॉय ट्रेन

डायनासोर पार्क को राजगीर नेचर सफारी के मौजूदा आकर्षणों से जोड़ने की भी योजना है। पर्यटकों की सुविधा के लिए ग्लास ब्रिज से डायनासोर पार्क तक विशेष ‘डिनो थीम टॉय ट्रेन’ चलाने का प्रस्ताव रखा गया है।

यदि यह योजना लागू होती है तो बच्चे और परिवार टॉय ट्रेन के जरिए प्राकृतिक नजारों का आनंद लेते हुए पार्क तक पहुंच सकेंगे। इससे नेचर सफारी के अलग-अलग आकर्षणों को एक साथ जोड़ने में भी मदद मिलेगी।

ग्लास ब्रिज और टॉय ट्रेन पहले से ही राजगीर आने वाले पर्यटकों के बीच आकर्षण का केंद्र हैं। ऐसे में डायनासोर पार्क जुड़ने से यहां घूमने का अनुभव और व्यापक होने की उम्मीद है।

राजगीर पर्यटन को मिलेगा नया आकर्षण

डायनासोर पार्क के निर्माण का उद्देश्य राजगीर में पर्यटकों के लिए नए अनुभव तैयार करना भी है। वर्तमान में नेचर सफारी में रोजाना करीब एक हजार पर्यटक पहुंचते हैं। पार्क के शुरू होने के बाद इस संख्या को बढ़ाकर करीब दो हजार प्रतिदिन करने की योजना है।

पर्यटन से जुड़े अधिकारियों को उम्मीद है कि नए आकर्षण के जुड़ने से पर्यटक राजगीर में ज्यादा समय बिताएंगे। इसका असर स्थानीय कारोबार, होटल, परिवहन और अन्य पर्यटन गतिविधियों पर भी पड़ सकता है।

राजगीर पहले से ही धार्मिक, ऐतिहासिक और प्राकृतिक पर्यटन के लिए जाना जाता है। अब नेचर सफारी में डायनासोर पार्क जैसी विज्ञान और मनोरंजन आधारित परियोजना जुड़ने से पर्यटन के दायरे को और विस्तार मिलने की संभावना है।

राजगीर में प्रकृति और रोमांच का नया सर्किट

ग्लास ब्रिज, नेचर सफारी, टॉय ट्रेन और प्रस्तावित डायनासोर पार्क को एक साथ जोड़कर राजगीर में पर्यटन का नया सर्किट विकसित करने की योजना है। इससे पर्यटकों को एक ही क्षेत्र में प्रकृति, रोमांच, मनोरंजन और विज्ञान से जुड़े अलग-अलग अनुभव मिल सकेंगे।

डायनासोर पार्क में इंटरप्रिटेशन सेंटर के जरिए पर्यटकों को जानकारी देने की योजना इसे सामान्य मनोरंजन पार्क से अलग बनाएगी। बच्चों के लिए यह मनोरंजन के साथ सीखने का भी माध्यम बन सकता है।

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पर्यटन विशेषज्ञों के मुताबिक, किसी पर्यटन स्थल पर लगातार नए आकर्षण विकसित होने से पर्यटकों की रुचि बनी रहती है। राजगीर में पहले से मौजूद प्राकृतिक और ऐतिहासिक स्थलों के साथ यह नया पार्क भी जुड़ने जा रहा है।

दिसंबर 2026 तक पूरा करने का लक्ष्य

परियोजना की टेंडर प्रक्रिया पूरी होने के बाद कार्यादेश जारी किया जा चुका है। करीब 22 करोड़ रुपए की लागत वाली इस परियोजना को दिसंबर 2026 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।

डायनासोर के मॉडल तैयार हो चुके हैं और निर्माण स्थल पर अन्य जरूरी कार्य किए जा रहे हैं। बारिश का मौसम समाप्त होने के बाद मॉडलों की स्थापना और लैंडस्केपिंग का काम तेजी पकड़ सकता है।

अगर निर्धारित समयसीमा के अनुसार परियोजना पूरी होती है तो दिसंबर 2026 से राजगीर आने वाले पर्यटकों को डायनासोर की दुनिया का नया अनुभव मिल सकेगा। इससे राजगीर नेचर सफारी के आकर्षण में इजाफा होने के साथ नालंदा के पर्यटन को भी नई पहचान मिलने की उम्मीद है।

Nishkarsh Bharat

अमन कुमार की रिपोर्ट

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