जिला पार्षद पति की हत्या पर पुलिस की बड़ी कार्रवाई, थानेदार व दरोगा को निलंबित
जिला पार्षद पति की हत्या के बाद SHO और दारोगा सस्पेंड
निष्कर्ष भारत, संवाददाता (सीतामढ़ी)। सीतामढ़ी जिला पार्षद पति हत्याकांड के बाद पुलिस की कार्यशैली पर सवाल उठने के बीच सीतामढ़ी एसपी अमित रंजन ने बड़ा एक्शन लिया है। डुमरा थाना क्षेत्र के केथरिया गांव में जिला पार्षद सदस्य खुशी देवी के पति बैद्यनाथ महतो की गोली मारकर हत्या के मामले में लापरवाही बरतने के आरोप में डुमरा थानाध्यक्ष मुकेश कुमार और मामले के अनुसंधानकर्ता दारोगा आदित्य कुमार को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। एसपी की कार्रवाई के बाद पुलिस महकमे में हड़कंप मचा हुआ है।
बता दे की जिला पार्षद बैद्यनाथ महतो की हत्या के बाद इलाके में भारी आक्रोश देखने को मिला था। बड़ी संख्या में ग्रामीण सड़क पर उतर आए और पुलिस प्रशासन के खिलाफ जमकर विरोध प्रदर्शन किया। स्थिति इस कदर बिगड़ गई कि आक्रोशित लोगों ने पुलिस की कई गाड़ियों में तोड़फोड़ कर दी। अब घटना के बाद पुलिस अधिकारियों पर हुई कार्रवाई को मामले की गंभीरता से जोड़कर देखा जा रहा है।
जिला पार्षद पति की गोली मारकर हत्या
जानकारी के अनुसार, डुमरा थाना क्षेत्र के केथरिया गांव निवासी जिला पार्षद पति बैद्यनाथ महतो किसी काम से घर से बाहर निकले थे। इसी दौरान घात लगाए अपराधियों ने उन पर ताबड़तोड़ गोलीबारी कर दी। गोली लगने से बैद्यनाथ महतो की मौके पर ही मौत हो गई।
घटना के बाद आसपास के लोगों में अफरा-तफरी मच गई। कुछ ही देर में बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर पहुंच गए। जिला पार्षद सदस्य खुशी देवी के पति की हत्या की खबर फैलते ही लोगों का आक्रोश बढ़ गया।
हत्या के बाद भड़का ग्रामीणों का गुस्सा
जिला पार्षद पति की हत्या से नाराज ग्रामीणों ने पुलिस प्रशासन के खिलाफ जमकर हंगामा किया। लोगों ने पुलिस की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए विरोध और नारेबाजी शुरू कर दी। देखते ही देखते स्थिति तनावपूर्ण हो गई।

आक्रोशित भीड़ ने सीतामढ़ी एसपी अमित रंजन के वाहन, डुमरा थाना की गाड़ी, टाउन थाना की गाड़ी समेत पुलिस की करीब आधा दर्जन गाड़ियों को क्षतिग्रस्त कर दिया। हालात को देखते हुए पुलिसकर्मियों को कुछ समय के लिए मौके से पीछे हटना पड़ा।
पुलिसकर्मियों के घायल होने की भी सूचना
हंगामे के दौरान यातायात थाना प्रभारी प्रशांत कुमार और इंस्पेक्टर अनिल कुमार के घायल होने की भी जानकारी सामने आई। घटना के बाद पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों ने स्थिति को नियंत्रित करने का प्रयास किया।
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हत्या और उसके बाद हुए बवाल ने पूरे मामले को और गंभीर बना दिया। इसके बाद पुलिस के स्तर पर भी घटना से पहले की परिस्थितियों और सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा शुरू की गई।
जिला पार्षद मामले में पुलिस की लापरवाही पर एक्शन
जांच के दौरान प्रथमदृष्टया पुलिस की ओर से लापरवाही सामने आने के बाद एसपी अमित रंजन ने डुमरा थानाध्यक्ष मुकेश कुमार और अनुसंधानकर्ता दारोगा आदित्य कुमार को निलंबित कर दिया।
एसपी कार्यालय की ओर से जारी आदेश में कहा गया है कि मामले की संवेदनशीलता और आवेदक के जीवन पर संभावित खतरे का समुचित आकलन करते हुए आवश्यक निरोधात्मक एवं सुरक्षा संबंधी कार्रवाई नहीं की गई। आदेश में पुलिस अधिकारियों की कार्यशैली और कर्तव्य के प्रति लापरवाही को गंभीर माना गया है।
सुरक्षा व्यवस्था को लेकर उठे सवाल
एसपी के आदेश के अनुसार, मामले की गंभीरता का विधिवत मूल्यांकन कर सक्षम स्तर से प्रभावी सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित किया जाना अपेक्षित था। लेकिन थानाध्यक्ष और मामले के अनुसंधानकर्ता की ओर से अपेक्षित कार्रवाई नहीं की गई।
पुलिस के मुताबिक, प्रथमदृष्टया बरती गई लापरवाही को अपराध नियंत्रण में विफलता और विधि-व्यवस्था में शिथिलता के रूप में देखा गया है। इसी आधार पर दोनों अधिकारियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित किया गया है।
निलंबन के बाद विभागीय कार्रवाई
निलंबन अवधि के दौरान दोनों पुलिस अधिकारियों का मुख्यालय पुलिस केंद्र, सीतामढ़ी निर्धारित किया गया है। आदेश में दोनों को जिलादेश की प्रति प्राप्त होने के पांच दिनों के भीतर अपना स्पष्टीकरण संबंधित कार्यालय में उपलब्ध कराने का निर्देश दिया गया है।

इसके बाद विभागीय कार्यवाही के तहत मामले की आगे समीक्षा की जाएगी। पुलिस विभाग अब यह भी देखेगा कि घटना से पहले उपलब्ध सूचनाओं और संभावित खतरे के मद्देनजर किस स्तर पर कार्रवाई की जानी चाहिए थी।
अपराधियों की गिरफ्तारी पर भी नजर
जिला पार्षद सदस्य खुशी देवी के पति बैद्यनाथ महतो की हत्या के बाद पुलिस के सामने अब अपराधियों की पहचान और गिरफ्तारी की चुनौती भी है। घटना के कारणों और इसमें शामिल लोगों का पता लगाने के लिए जांच आगे बढ़ाई जा रही है।
हत्या के बाद पुलिस अधिकारियों पर हुई कार्रवाई से साफ है कि मामले को गंभीरता से लिया जा रहा है। हालांकि, घटना के पीछे की वजह और हत्या में शामिल अपराधियों के संबंध में पुलिस जांच के बाद ही स्थिति पूरी तरह स्पष्ट हो सकेगी।
फिलहाल डुमरा थाना प्रभारी और अनुसंधानकर्ता दारोगा के निलंबन ने मामले को लेकर पुलिस महकमे में हलचल बढ़ा दी है। एसपी की कार्रवाई को पुलिसकर्मियों के लिए सख्त संदेश के तौर पर देखा जा रहा है कि संवेदनशील मामलों में सुरक्षा और अपराध नियंत्रण को लेकर किसी भी स्तर की लापरवाही को नजरअंदाज नहीं किया जाएगा।
अमन कुमार की रिपोर्ट
