PM-शाह से मिलते हैं तेजस्वी? PK के दावे से बिहार में हलचल…बाढ़ राहत व विशेष पैकेज पर सियासत

PK का तेजस्वी पर बड़ा सियासी दावा

PK का तेजस्वी यादव पर बड़ा दावा, PM-शाह से मुलाकात का जिक्र

निष्कर्ष भारत, संवाददाता (पटना)। तेजस्वी यादव पर PK का दावा सामने आने के बाद बिहार की सियासत में हलचल तेज हो गई है। जन सुराज पार्टी के प्रमुख और बांकीपुर विधायक प्रशांत किशोर ने आरजेडी नेता तेजस्वी यादव पर बड़ा राजनीतिक हमला बोला है। प्रशांत किशोर ने दावा किया कि तेजस्वी यादव पर्दे के पीछे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात कर सकते हैं।

PK ने यह बयान पत्रकारों के सवाल के जवाब में दिया। उन्होंने कहा कि तेजस्वी यादव बिहार विधानसभा में विपक्ष के नेता हैं और उन्हें बिहार के मुद्दों को लेकर प्रधानमंत्री से मिलना चाहिए। हालांकि, तेजस्वी यादव की ओर से प्रशांत किशोर के इस दावे पर फिलहाल कोई प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।

PK ने तेजस्वी यादव पर क्या कहा?

पत्रकारों ने प्रशांत किशोर से तेजस्वी यादव के उस बयान को लेकर सवाल किया था, जिसमें उन्होंने बिहार में बाढ़ की स्थिति और केंद्र से आर्थिक मदद को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी को पत्र लिखने की बात कही थी।

इसके जवाब में PK ने कहा कि तेजस्वी यादव नेता प्रतिपक्ष हैं और उन्हें प्रधानमंत्री से मिलने में कोई हिचक नहीं होनी चाहिए। उन्होंने सवाल उठाया कि यदि तेजस्वी अपनी सुरक्षा से जुड़े मामलों को लेकर प्रधानमंत्री और केंद्रीय गृह मंत्री से पर्दे के पीछे मुलाकात कर सकते हैं, तो बिहार की बेहतरी और बाढ़ प्रभावित लोगों की मदद के लिए भी उन्हें उनसे मिलना चाहिए। प्रशांत किशोर का यह बयान ऐसे समय आया है, जब बिहार में बाढ़ की स्थिति को लेकर राज्य सरकार और विपक्ष के बीच राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप तेज हैं।

तेजस्वी यादव ने मांगी 5 हजार करोड़ की मदद

बिहार में बाढ़ से पैदा हुई स्थिति को लेकर तेजस्वी यादव ने केंद्र और राज्य सरकार पर निशाना साधा था। उन्होंने कहा था कि बाढ़ से राज्य के कई हिस्सों में भारी परेशानी है और बड़ी संख्या में लोग प्रभावित हुए हैं।

तेजस्वी यादव के मुताबिक, उन्होंने बिहार के लिए केंद्र सरकार से विशेष आर्थिक सहायता की मांग की है। उन्होंने तत्काल 5 हजार करोड़ रुपये की मदद देने की मांग उठाई थी। उनका कहना था कि इस संबंध में उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी को पत्र भी लिखा है। तेजस्वी ने आरोप लगाया था कि बाढ़ की गंभीर स्थिति के बावजूद केंद्र की ओर से बिहार के लिए पर्याप्त मदद की घोषणा नहीं की गई है।

PK के बयान से फिर गरमाई बिहार की सियासत

प्रशांत किशोर के बयान के बाद बाढ़ के मुद्दे पर चल रही राजनीतिक बहस में एक नया एंगल जुड़ गया है। एक तरफ तेजस्वी यादव केंद्र सरकार से आर्थिक मदद और विशेष पैकेज की मांग कर रहे हैं, वहीं PK उनके प्रधानमंत्री और गृह मंत्री से मिलने के तरीके पर सवाल उठा रहे हैं।

PK ने अपने बयान के जरिए यह संदेश देने की कोशिश की कि विपक्ष के नेता के तौर पर तेजस्वी यादव को बिहार की समस्याओं को लेकर सीधे केंद्र के शीर्ष नेतृत्व से बातचीत करनी चाहिए।

उनका कहना है कि राजनीतिक मतभेद अपनी जगह हो सकते हैं, लेकिन राज्य के हित से जुड़े मुद्दों पर बातचीत जरूरी है। हालांकि, उनके बयान का राजनीतिक असर भी देखा जा रहा है।

बिहार बाढ़ को लेकर तेजस्वी का हमला

तेजस्वी यादव ने बाढ़ की स्थिति को लेकर सरकार पर गंभीर आरोप लगाए थे। उन्होंने दावा किया था कि बिहार में बाढ़ से हाहाकार की स्थिति है और लाखों लोग प्रभावित हैं।

उनके अनुसार, बाढ़ के कारण अब तक 50 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है और हजारों करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है। उन्होंने करीब 45 लाख लोगों के बाढ़ से प्रभावित होने का दावा भी किया था।

तेजस्वी ने केंद्र सरकार से तत्काल आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने की मांग करते हुए कहा था कि प्रभावित परिवारों और किसानों को राहत देने के लिए बड़े पैमाने पर मदद की जरूरत है।

PK ने उठाया सीधे संवाद का सवाल

PK के बयान का मुख्य फोकस तेजस्वी यादव और केंद्र सरकार के बीच संवाद को लेकर रहा। उन्होंने कहा कि यदि बिहार के नेता प्रतिपक्ष को राज्य के लिए आर्थिक मदद चाहिए तो उन्हें प्रधानमंत्री और केंद्रीय गृह मंत्री से सीधे मिलकर अपनी बात रखनी चाहिए।

उन्होंने यह भी कहा कि बिहार की समस्याओं के समाधान के लिए राजनीतिक नेतृत्व को अपनी बात केंद्र तक मजबूती से पहुंचानी चाहिए। इसी क्रम में उन्होंने तेजस्वी यादव की कथित पर्दे के पीछे होने वाली मुलाकातों का जिक्र किया।

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हालांकि, PK की ओर से लगाए गए इस दावे की स्वतंत्र पुष्टि इस खबर में उपलब्ध नहीं है और तेजस्वी यादव की ओर से भी इस पर कोई सार्वजनिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।

बाढ़ राहत और विशेष पैकेज पर सियासत

बिहार में बाढ़ हर साल एक बड़ा मुद्दा बनकर सामने आता है। इस बार भी बाढ़ प्रभावित इलाकों में राहत, बचाव और आर्थिक सहायता को लेकर राजनीतिक बयानबाजी तेज है।

विपक्ष केंद्र और राज्य सरकार से अतिरिक्त सहायता की मांग कर रहा है। वहीं सरकार की ओर से बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में राहत और बचाव कार्य चलाए जाने की बात कही जाती रही है।

ऐसे में 5 हजार करोड़ रुपये की मांग को लेकर तेजस्वी यादव का पत्र और उस पर प्रशांत किशोर की टिप्पणी राजनीतिक बहस का नया विषय बन गई है।

तेजस्वी की प्रतिक्रिया का इंतजार

प्रशांत किशोर के बयान के बाद अब राजनीतिक हलकों में तेजस्वी यादव की प्रतिक्रिया का इंतजार है। खासकर PM मोदी और अमित शाह से पर्दे के पीछे मुलाकात वाले PK के दावे पर तेजस्वी क्या जवाब देते हैं, इस पर सबकी नजर है।

फिलहाल बिहार की सियासत में बाढ़ और आर्थिक सहायता का मुद्दा केंद्र में है। तेजस्वी यादव जहां केंद्र से तत्काल 5 हजार करोड़ रुपये की मदद की मांग उठा रहे हैं, वहीं प्रशांत किशोर ने उनके केंद्र के शीर्ष नेतृत्व से सीधे संवाद को लेकर सवाल खड़ा किया है। दोनों नेताओं के बयानों के बीच यह मुद्दा आने वाले दिनों में बिहार की राजनीति में और तूल पकड़ सकता है।

Nishkarsh Bharat

अमन कुमार की रिपोर्ट

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