बिहार के 5 मेडिकल कॉलेजों में 366 सहायक प्राध्यापकों की होगी नियुक्ति, कैबिनेट बैठक में 17 एजेंडों पर मुहर

कैबिनेट बैठक

बिहार के 5 मेडिकल कॉलेजों में 366 सहायक प्राध्यापकों की होगी नियुक्ति

निष्कर्ष भारत, संवाददाता (पटना)। बिहार मेडिकल कॉलेज 366 सहायक प्राध्यापक की नियुक्ति का रास्ता साफ हो गया है। राज्य के पांच सरकारी मेडिकल कॉलेजों में खाली पदों पर 366 सहायक प्राध्यापकों की संविदा के आधार पर नियुक्ति की जाएगी। मंगलवार को मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में इस प्रस्ताव को मंजूरी दी गई। कैबिनेट बैठक में कुल 17 एजेंडों पर सरकार ने मुहर लगाई।

स्वास्थ्य विभाग के इस फैसले का उद्देश्य मेडिकल कॉलेजों में शिक्षकों की उपलब्धता सुनिश्चित करना है। राष्ट्रीय आयुर्विज्ञान आयोग यानी NMC के निर्धारित मानकों के अनुरूप शिक्षकों की संख्या पूरी करने के लिए संविदा नियुक्ति की जाएगी। इसके साथ ही राज्य के राजकीय डेंटल कॉलेज में रिक्त शिक्षकीय पदों पर भी नियुक्ति का फैसला लिया गया है।

पांच मेडिकल कॉलेजों में होगी नियुक्ति

कैबिनेट बैठक के बाद जिन पांच मेडिकल कॉलेजों में सहायक प्राध्यापकों की नियुक्ति होगी, उनमें बेतिया, पूर्णिया, जननायक कर्पूरी ठाकुर चिकित्सा महाविद्यालय मधेपुरा, राजकीय चिकित्सा महाविद्यालय छपरा और श्री राम जानकी चिकित्सा महाविद्यालय समस्तीपुर शामिल हैं।

इन संस्थानों में 366 सहायक प्राध्यापक संविदा के आधार पर नियुक्त किए जाएंगे। नियुक्तियों का उद्देश्य मेडिकल कॉलेजों में शिक्षकों की कमी दूर करना और चिकित्सा शिक्षा से जुड़े मानकों को पूरा करना है।

निष्पक्ष ख़बर देखिये हमारे यूट्यूब चैनल पर: क्या BJP को फिर गच्चा देने की तैयारी में नीतीश बाढ़ के बीच JDU विधायकों को क्यों बुलाया…..

मेडिकल कॉलेजों में शिक्षकों की पर्याप्त संख्या केवल शैक्षणिक गतिविधियों के लिए ही जरूरी नहीं है, बल्कि यह कॉलेजों की मान्यता और विभिन्न पाठ्यक्रमों के संचालन से जुड़े नियामकीय मानकों के लिए भी महत्वपूर्ण होती है।

कैबिनेट बैठक में NMC मानकों पर जोर

स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, शिक्षकों की उपलब्धता राष्ट्रीय आयुर्विज्ञान आयोग के मानकों के अनुरूप सुनिश्चित की जाएगी। संविदा के आधार पर होने वाली नियुक्तियों के जरिए मेडिकल कॉलेजों में आवश्यक फैकल्टी उपलब्ध कराने का प्रयास किया जाएगा।

NMC की ओर से मेडिकल कॉलेजों में अलग-अलग विभागों और पाठ्यक्रमों के अनुसार शिक्षकों की आवश्यकता तय की जाती है। ऐसे में शिक्षकों की कमी का असर चिकित्सा शिक्षा की व्यवस्था पर पड़ सकता है।

सरकार की ओर से अब संविदा नियुक्तियों के जरिए इस कमी को दूर करने की दिशा में कदम उठाया गया है। हालांकि, नियुक्ति की विस्तृत प्रक्रिया, आवेदन और चयन से जुड़ी जानकारी संबंधित विभाग की ओर से आगे जारी की जाएगी।

डेंटल कॉलेज में भी खाली पद भरे जाएंगे

मेडिकल कॉलेजों के साथ राजकीय डेंटल कॉलेज में भी रिक्त पदों पर नियुक्ति का निर्णय लिया गया है। यहां प्राध्यापक, सह-प्राध्यापक, रीडर, व्याख्याता और सहायक प्राध्यापक के खाली पदों को संविदा के आधार पर भरा जाएगा।

कैबिनेट बैठक फैसले से डेंटल शिक्षा से जुड़े संस्थान में शिक्षकों की कमी को दूर करने में मदद मिलने की उम्मीद है। अलग-अलग पदों पर नियुक्ति होने के बाद शिक्षण व्यवस्था को अधिक व्यवस्थित करने का प्रयास किया जाएगा। कैबिनेट बैठक में सरकार का जोर मेडिकल और डेंटल शिक्षा संस्थानों में आवश्यक शिक्षकों की उपलब्धता बनाए रखने पर है।

कैबिनेट बैठक में पाम ऑयल की खेती को भी मंजूरी

मंगलवार की कैबिनेट बैठक में केवल मेडिकल शिक्षा से जुड़े प्रस्तावों पर ही फैसला नहीं हुआ। राज्य में पाम ऑयल की खेती को बढ़ावा देने का भी निर्णय लिया गया।

इसके लिए सरकार की ओर से 2.10 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। पाम ऑयल की खेती को प्रोत्साहित करने का उद्देश्य कृषि क्षेत्र में एक वैकल्पिक फसल को बढ़ावा देना और किसानों के लिए आय के नए अवसर तैयार करना है।

इस योजना के तहत खेती से जुड़े किसानों को किस प्रकार की सहायता दी जाएगी, इसकी विस्तृत जानकारी आगे संबंधित विभाग की ओर से सामने आ सकती है।

गया के विष्णुपद मंदिर क्षेत्र का होगा कायाकल्प

कैबिनेट बैठक के महत्वपूर्ण फैसलों में गया के प्रसिद्ध विष्णुपद मंदिर क्षेत्र के विकास का प्रस्ताव भी शामिल है। सरकार ने इस क्षेत्र को वाराणसी के काशी विश्वनाथ कॉरिडोर की तर्ज पर विकसित करने की योजना को प्रशासनिक स्वीकृति दी है।

इस परियोजना के लिए 2520 करोड़ रुपये की प्रशासनिक स्वीकृति दी गई है। योजना के तहत विष्णुपद मंदिर क्षेत्र में विकास कार्यों के साथ श्रद्धालुओं के लिए सुविधाओं का विस्तार किया जाएगा।

गया धार्मिक दृष्टि से देश और विदेश के श्रद्धालुओं के लिए महत्वपूर्ण केंद्र है। ऐसे में मंदिर क्षेत्र के पुनर्विकास की योजना को धार्मिक पर्यटन से जोड़कर भी देखा जा रहा है।

कैबिनेट बैठक के फैसले से धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा

विष्णुपद मंदिर क्षेत्र के विकास के पीछे सरकार का उद्देश्य श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराना है। देश के अलग-अलग हिस्सों के अलावा विदेशों से भी श्रद्धालु गया पहुंचते हैं।

परियोजना के तहत मंदिर क्षेत्र में बुनियादी सुविधाओं का विस्तार किए जाने की योजना है। इससे श्रद्धालुओं के आवागमन और धार्मिक गतिविधियों को सुविधाजनक बनाने में मदद मिल सकती है।

सरकार का लक्ष्य गया को बेहतर धार्मिक और पर्यटन सुविधाओं से लैस करना है। काशी विश्वनाथ कॉरिडोर की तर्ज पर विकास की योजना को इसी व्यापक उद्देश्य से जोड़ा जा रहा है।

17 प्रस्तावों पर लगी सरकार की मुहर

मंगलवार को हुई कैबिनेट बैठक में कुल 17 एजेंडों को मंजूरी दी गई। इनमें चिकित्सा शिक्षा, कृषि और धार्मिक पर्यटन से जुड़े महत्वपूर्ण प्रस्ताव शामिल रहे।

कैबिनेट बैठक में 366 सहायक प्राध्यापकों की नियुक्ति का फैसला स्वास्थ्य और चिकित्सा शिक्षा के क्षेत्र से जुड़ा अहम निर्णय है। वहीं डेंटल कॉलेज में शिक्षकीय पदों को भरने की मंजूरी भी इसी दिशा में महत्वपूर्ण है। इसके अलावा पाम ऑयल की खेती के लिए 2.10 करोड़ रुपये और विष्णुपद मंदिर क्षेत्र के विकास के लिए 2520 करोड़ रुपये की प्रशासनिक स्वीकृति दी गई है।

मेडिकल शिक्षा में शिक्षकों की कमी दूर करने की कोशिश

राज्य के नए और विस्तार पा रहे मेडिकल कॉलेजों में पर्याप्त फैकल्टी उपलब्ध कराना सरकार के सामने लगातार महत्वपूर्ण चुनौती रही है। मेडिकल कॉलेजों में शिक्षकों की संख्या कम होने पर शैक्षणिक गतिविधियों के साथ नियामकीय मानकों को लेकर भी परेशानी पैदा हो सकती है।

इसी वजह से सरकार ने संविदा नियुक्ति का रास्ता अपनाया है। पांच मेडिकल कॉलेजों में 366 सहायक प्राध्यापकों की नियुक्ति से अलग-अलग विभागों में शिक्षकों की उपलब्धता बढ़ सकती है।

अब नियुक्ति की प्रक्रिया आगे बढ़ने के बाद यह स्पष्ट होगा कि इन पदों पर चयन किस प्रक्रिया और समयसीमा के तहत किया जाता है।

फैसलों के लागू होने पर रहेगी नजर

कैबिनेट की मंजूरी के बाद अब संबंधित विभागों की भूमिका महत्वपूर्ण होगी। मेडिकल कॉलेजों में 366 सहायक प्राध्यापकों की नियुक्ति की प्रक्रिया शुरू करनी होगी। डेंटल कॉलेज के रिक्त पदों को भरने के लिए भी आगे की कार्रवाई होगी।

वहीं पाम ऑयल की खेती और विष्णुपद मंदिर क्षेत्र के विकास से जुड़े फैसलों को जमीन पर लागू करना सरकार के लिए अगला चरण होगा।

मंगलवार की कैबिनेट बैठक में लिए गए 17 फैसलों में स्वास्थ्य, कृषि और धार्मिक पर्यटन से जुड़े कई महत्वपूर्ण निर्णय सामने आए। पांच मेडिकल कॉलेजों में 366 सहायक प्राध्यापकों की नियुक्ति से चिकित्सा शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में कदम उठाया गया है, जबकि गया के विष्णुपद मंदिर क्षेत्र के विकास की बड़ी योजना से धार्मिक पर्यटन को नया स्वरूप देने की तैयारी है।

Nishkarsh Bharat

राजकुमार सिंह की रिपोर्ट

You may have missed