बिहार की प्रमुख शहरों में बनेगीं सिग्नेचर रोड, नाइट मार्केट से निखरेंगे शहर

सिग्नेचर रोड

बिहार के हर शहर में बनेगी सिग्नेचर रोड, नाइट मार्केट भी होगा

निष्कर्ष भारत, संवाददाता (पटना)। सिग्नेचर रोड के जरिए बिहार के शहरों की तस्वीर बदलने की तैयारी शुरू हो गई है। राज्य के सभी नगर निगम, नगर परिषद और नगर पंचायत क्षेत्रों में प्रमुख सड़कों को विकसित कर उन्हें आकर्षक और आधुनिक रूप देने की योजना बनाई गई है। इसके तहत प्रत्येक नगर निकाय में करीब एक से दो किलोमीटर लंबी मुख्य सड़क को सिग्नेचर रोड के रूप में विकसित किया जाएगा। इन सड़कों पर आधुनिक प्रकाश व्यवस्था, पौधरोपण, चौड़ीकरण और नागरिक सुविधाओं को बेहतर बनाने पर जोर रहेगा।

नगर विकास एवं आवास विभाग ने राज्य के सभी नगर निकायों में सड़क विकास और सौंदर्यीकरण की योजनाओं को गति देने का निर्देश दिया है। विभाग का उद्देश्य सिर्फ सड़कों को बेहतर बनाना नहीं है, बल्कि शहरों के प्रमुख हिस्सों को व्यवस्थित, सुविधाजनक और देखने में आकर्षक बनाना भी है।

हर शहर में चुनी जाएगी प्रमुख सड़क

विभाग की योजना के अनुसार नगर निगम, नगर परिषद और नगर पंचायत क्षेत्र में ऐसी मुख्य सड़क का चयन किया जाएगा, जो शहर के महत्वपूर्ण हिस्से से होकर गुजरती हो और जिस पर यातायात तथा लोगों की आवाजाही अधिक रहती हो। इसी सड़क को सिग्नेचर रोड के तौर पर विकसित किया जाएगा।

इसके लिए पर्याप्त चौड़ाई वाली सड़क को प्राथमिकता देने को कहा गया है। जरूरत के अनुसार सड़क का चौड़ीकरण भी किया जा सकेगा। सड़क के किनारे उपलब्ध जगह और स्थानीय परिस्थितियों को देखते हुए विकास कार्यों की रूपरेखा तैयार की जाएगी।

सिग्नेचर रोड पर दिखेगा आधुनिक शहर का रूप

बता दे की चयनित सड़कों पर सिग्नेचर रोड से आधुनिक सुविधाओं को विकसित करने की योजना है। सड़क की प्रकाश व्यवस्था को बेहतर बनाया जाएगा, ताकि रात के समय भी प्रमुख मार्ग रोशन और व्यवस्थित नजर आएं। इसके साथ ही सड़क के आसपास व्यापक स्तर पर पौधरोपण और हरियाली विकसित करने पर भी जोर दिया गया है।

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सौंदर्यीकरण के तहत सड़क के किनारे के हिस्सों को व्यवस्थित करने, उपलब्ध स्थान का बेहतर इस्तेमाल करने और शहर के प्रमुख मार्ग को एक अलग पहचान देने की कोशिश की जाएगी। स्थानीय जरूरत के अनुसार अन्य नागरिक सुविधाओं को भी योजना में शामिल किया जा सकता है।

नाइट मार्केट से बढ़ेगी बाजार की गतिविधि

सिग्नेचर रोड योजना का एक महत्वपूर्ण हिस्सा नाइट मार्केट भी है। विभाग ने इन चुनिंदा सड़कों पर आवश्यकता के अनुसार व्यवस्थित नाइट मार्केट विकसित करने की योजना बनाई है। इसका उद्देश्य स्थानीय व्यापार और बाजार की गतिविधियों को बढ़ावा देना है।

सिग्नेचर रोड के साथ नाइट मार्केट विकसित होने से शाम के बाद भी शहर के प्रमुख इलाकों में व्यवस्थित तरीके से बाजार संचालित किया जा सकेगा। इससे छोटे दुकानदारों और स्थानीय कारोबारियों को भी अपनी गतिविधियां बढ़ाने का अवसर मिल सकता है। हालांकि, नाइट मार्केट का स्वरूप और स्थान स्थानीय जरूरतों के आधार पर तय किया जाएगा।

सड़क किनारे सुविधाओं को किया जाएगा व्यवस्थित

शहरों की मुख्य सड़कों पर अक्सर फुटपाथ, पार्किंग, ठेला-खोमचा और अन्य गतिविधियों के कारण अव्यवस्था देखने को मिलती है। ऐसे में सिग्नेचर रोड विकसित करते समय उपलब्ध स्थान और स्थानीय जरूरतों के अनुसार इन पहलुओं को भी ध्यान में रखा जा सकता है।

विभाग की योजना का उद्देश्य प्रमुख मार्गों को सिर्फ चमकदार बनाना नहीं, बल्कि उन्हें बेहतर तरीके से विकसित करना है। इसके लिए सड़क, प्रकाश, हरियाली और नागरिक सुविधाओं को एक साथ जोड़कर काम करने की तैयारी है।

दो चरणों में पूरा होगा विकास कार्य

नगर विकास एवं आवास विभाग ने इन योजनाओं को समयबद्ध तरीके से पूरा करने के लिए दो चरण निर्धारित किए हैं। विभाग के निर्देश के अनुसार अल्पकालिक योजनाओं को अक्टूबर 2026 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।

वहीं, दीर्घकालिक योजनाओं को दिसंबर 2028 तक पूरा किया जाना है। इससे नगर निकायों को अपनी प्राथमिकताओं के अनुसार योजनाओं को आगे बढ़ाने के लिए स्पष्ट समयसीमा मिल गई है।

नगर निकायों को बनानी होगी कार्ययोजना

सिग्नेचर रोड के लिए सिर्फ सड़क का नाम तय करना पर्याप्त नहीं होगा। संबंधित नगर निकायों को सड़क की स्थिति, चौड़ाई, उपलब्ध स्थान और विकास की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए कार्ययोजना तैयार करनी होगी।

इसके बाद चयनित योजनाओं को विभाग के सामने उपलब्ध कराना होगा। इससे राज्य स्तर पर अलग-अलग नगर निकायों में चल रहे विकास कार्यों की निगरानी करना आसान होगा।

एमआईएस पोर्टल पर देनी होगी रिपोर्ट

विभाग ने योजनाओं की निगरानी के लिए एमआईएस पोर्टल का इस्तेमाल करने का निर्देश दिया है। सभी नगर निगमों के नगर आयुक्तों, बुडको के प्रबंध निदेशक तथा नगर परिषद और नगर पंचायतों के कार्यपालक पदाधिकारियों को चयनित विकास योजनाओं और सिग्नेचर रोड की सूची पोर्टल पर उपलब्ध कराने को कहा गया है।

इस व्यवस्था से विभाग को यह जानकारी मिल सकेगी कि किस नगर निकाय में कौन सी सड़क को चुना गया है और वहां किस तरह के विकास कार्य प्रस्तावित हैं। योजनाओं की प्रगति की निगरानी में भी डिजिटल रिपोर्टिंग की भूमिका अहम होगी।

शहरों की पहचान मजबूत करने की कोशिश

बिहार के शहरों में प्रमुख सड़कों का विकास होने से शहर के प्रवेश मार्ग, बाजार क्षेत्र और महत्वपूर्ण इलाकों का स्वरूप बदल सकता है। सिग्नेचर रोड को स्थानीय शहर की पहचान से जोड़ने की कोशिश भी की जा सकती है। सड़क के आसपास हरियाली, बेहतर रोशनी और व्यवस्थित बाजार होने से इन इलाकों में लोगों की आवाजाही भी बढ़ सकती है।

हालांकि, योजना की वास्तविक तस्वीर काम शुरू होने और उसके पूरा होने के बाद ही स्पष्ट होगी। इसके लिए नगर निकायों की योजना, जमीन की उपलब्धता, बजट और स्थानीय परिस्थितियां महत्वपूर्ण रहेंगी।

अक्टूबर 2026 से दिसंबर 2028 तक का लक्ष्य

सरकार की इस योजना में तत्काल और दीर्घकालिक दोनों तरह के काम शामिल किए गए हैं। अक्टूबर 2026 तक अल्पकालिक योजनाओं को पूरा करने का लक्ष्य है, जबकि दिसंबर 2028 तक दीर्घकालिक विकास कार्यों को पूरा किया जाना है।

अब नगर निकायों की ओर से सड़कों के चयन और योजनाओं की सूची उपलब्ध कराने के बाद आगे की प्रक्रिया तेज होने की उम्मीद है। यदि तय समयसीमा के अनुसार काम आगे बढ़ता है तो आने वाले वर्षों में बिहार के शहरों के प्रमुख मार्गों का स्वरूप पहले की तुलना में अधिक व्यवस्थित और आधुनिक दिखाई दे सकता है।

Nishkarsh Bharat

अमन कुमार की रिपोर्ट

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