नंदीग्राम-रेजीनगर उपचुनाव से पहले शुभेंदु अधिकारी बोले- 6 अक्टूबर को अल्पसंख्यकों की ‘परीक्षा’

नंदीग्राम

ChatGPT said: नंदीग्राम-रेजीनगर उपचुनाव से पहले शुभेंदु अधिकारी ने अल्पसंख्यक मतदाताओं के लिए 6 अक्टूबर को ‘टेस्ट’ की बात कही, बयान पर सियासी विवाद।

निष्कर्ष भारत संवाददाता कोलकाता: पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने नंदीग्राम और रेजीनगर विधानसभा सीटों पर होने वाले उपचुनाव से पहले अल्पसंख्यक मतदाताओं को लेकर बयान दिया है। उन्होंने 6 अक्टूबर को होने वाले उपचुनाव को अल्पसंख्यक मतदाताओं के लिए ‘टेस्ट’ बताया और कहा कि उन्हें तय करना है कि वे सरकार और मुख्यमंत्री के साथ रहना चाहते हैं या नहीं। उनके बयान पर विपक्षी दलों की ओर से आपत्ति जताई गई है।

दोनों सीटों पर 6 अक्टूबर 2026 को मतदान होना है, जबकि मतगणना 9 अक्टूबर को होगी। नंदीग्राम सीट शुभेंदु अधिकारी के इस्तीफे के बाद खाली हुई है, जबकि रेजीनगर सीट हुमायूं कबीर के इस्तीफे के बाद रिक्त हुई।

1.हल्दिया में बोले शुभेंदु अधिकारी- 6 अक्टूबर को टेस्ट

शुभेंदु अधिकारी ने मंगलवार को हल्दिया में बीजेपी उम्मीदवार हासिरानी रथ के नामांकन के दौरान आयोजित कार्यक्रम में यह बयान दिया। उन्होंने अल्पसंख्यक मतदाताओं को संबोधित करते हुए कहा कि यदि वे सरकार और मुख्यमंत्री के साथ रहना चाहते हैं तथा मिलकर काम करना चाहते हैं, तो 6 अक्टूबर उनके लिए ‘परीक्षा’ का दिन होगा।

उन्होंने यह भी कहा कि फैसला मतदाताओं को करना है कि वे इस ‘टेस्ट’ में पास होना चाहते हैं या फेल। उनके इस बयान का वीडियो और रिपोर्ट सामने आने के बाद पश्चिम बंगाल की चुनावी राजनीति में इसे लेकर चर्चा तेज हो गई है।

2. मुस्लिम मतदाताओं को लेकर क्या कहा?

रिपोर्टों के मुताबिक, शुभेंदु अधिकारी ने कहा कि वह नंदीग्राम और रेजीनगर के अल्पसंख्यक मतदाताओं से अपील करना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि जिन अल्पसंख्यक मतदाताओं ने अब तक बीजेपी को वोट नहीं दिया, उनके सामने अब यह तय करने का अवसर है कि वे सरकार के साथ रहना चाहते हैं या नहीं।

उन्होंने सरकार के साथ काम करने, सहयोग करने और विकास योजनाओं का लाभ लेने की बात भी कही। बाद में उनके बयान को इस रूप में रिपोर्ट किया गया कि उन्होंने मुस्लिम मतदाताओं से बीजेपी के साथ होने को साबित करने की बात कही।

हालांकि, उनके बयान की राजनीतिक व्याख्या को लेकर अलग-अलग प्रतिक्रियाएं सामने आई हैं। विपक्षी नेताओं ने इसे मतदाताओं पर दबाव बनाने वाला बयान बताया है, जबकि बीजेपी की ओर से इसे अल्पसंख्यक मतदाताओं से समर्थन की अपील के तौर पर पेश किया गया है।

3. नंदीग्राम और रेजीनगर में 6 अक्टूबर को उपचुनाव

चुनाव आयोग के कार्यक्रम के अनुसार नंदीग्राम और रेजीनगर में 6 अक्टूबर को मतदान होगा और 9 अक्टूबर को मतगणना होगी। नामांकन दाखिल करने की अंतिम तारीख 16 सितंबर है, जबकि नामांकन पत्रों की जांच 17 सितंबर को होगी। उम्मीदवार 19 सितंबर तक नाम वापस ले सकेंगे।

नंदीग्राम सीट शुभेंदु अधिकारी के इस्तीफे के बाद खाली हुई। 2026 के विधानसभा चुनाव में उन्होंने नंदीग्राम और भवानीपुर दोनों सीटों से चुनाव जीता था, लेकिन बाद में नंदीग्राम सीट छोड़ दी। रेजीनगर सीट हुमायूं कबीर के इस्तीफे के बाद खाली हुई।

4. बीजेपी ने नंदीग्राम से हासिरानी रथ को उतारा

बीजेपी ने नंदीग्राम से हासिरानी रथ को उम्मीदवार बनाया है। वह शुभेंदु अधिकारी के करीबी सहयोगी रहे चंद्रनाथ रथ की मां हैं। चंद्रनाथ रथ की मई 2026 में गोली मारकर हत्या कर दी गई थी और इस मामले की जांच सीबीआई कर रही है।

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रेजीनगर से बीजेपी ने शाखाराव सरकार को उम्मीदवार बनाया है। दोनों सीटों पर बीजेपी ने अपने उम्मीदवारों की घोषणा कर दी है।

वहीं, तृणमूल कांग्रेस के ममता बनर्जी गुट ने नंदीग्राम से संचिता प्रधान डे और रेजीनगर से रबिउल आलम चौधरी को उम्मीदवार बनाया है। कांग्रेस ने नंदीग्राम से मिलन प्रधान और रेजीनगर से मोहम्मद अब्दुल्लाहिल काफ़ी को मैदान में उतारा है।

5. रेजीनगर में मुस्लिम मतदाताओं की बड़ी मौजूदगी

नंदीग्राम और रेजीनगर दोनों सीटों में अल्पसंख्यक मतदाताओं की उल्लेखनीय संख्या है।मुस्लिम मतदाताओं की हिस्सेदारी करीब 65 प्रतिशत और नंदीग्राम में करीब 26 प्रतिशत बताई गई है। यही वजह है कि उपचुनाव से पहले अल्पसंख्यक मतदाताओं को लेकर नेताओं के बयान चुनावी चर्चा का हिस्सा बने हुए हैं।

6. नंदीग्राम को लेकर शुभेंदु का दावा

शुभेंदु अधिकारी ने नंदीग्राम में बीजेपी के प्रदर्शन को लेकर भी बड़ा दावा किया है। उन्होंने कहा कि बीजेपी यहां बड़ी जीत दर्ज करेगी। हालांकि चुनाव के नतीजे को लेकर किसी भी दावे को अभी परिणाम के रूप में नहीं देखा जा सकता।

नंदीग्राम शुभेंदु अधिकारी के राजनीतिक करियर का महत्वपूर्ण क्षेत्र रहा है। 2021 के विधानसभा चुनाव में उन्होंने तत्कालीन मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को हराया था। 2026 के विधानसभा चुनाव में भी उन्होंने नंदीग्राम सीट से जीत दर्ज की थी। बाद में उनके सीट छोड़ने के कारण यहां उपचुनाव कराया जा रहा है।

7. उपचुनाव से पहले बयानबाजी तेज

नंदीग्राम और रेजीनगर उपचुनाव पश्चिम बंगाल में 2026 विधानसभा चुनाव के बाद होने वाले प्रमुख चुनावी मुकाबलों में शामिल हैं। दोनों सीटों पर अलग-अलग दलों ने अपने उम्मीदवार घोषित कर दिए हैं और प्रचार अभियान भी तेज हो रहा है।

ऐसे में शुभेंदु अधिकारी का अल्पसंख्यक मतदाताओं को लेकर दिया गया ‘टेस्ट’ वाला बयान चुनावी बहस का मुद्दा बन गया है। अब देखना होगा कि आने वाले दिनों में अलग-अलग दल इस बयान पर क्या प्रतिक्रिया देते हैं और दोनों सीटों पर प्रचार अभियान किस मुद्दे के इर्द-गिर्द आगे बढ़ता है।

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नंदीग्राम और रेजीनगर में 6 अक्टूबर को मतदान और 9 अक्टूबर को मतगणना होगी। फिलहाल शुभेंदु अधिकारी का अल्पसंख्यक मतदाताओं को लेकर दिया गया ‘टेस्ट’ वाला बयान चुनावी चर्चा के केंद्र में है।

Nishkarsh Bharat

पटना से कीमती कुमारी का रिपोर्ट