पटना में गौशाला में मद्य निषेध विभाग की छापेमारी, विदेशी शराब की बड़ी खेप बरामद, 1 गिरफ्तार
फतेहपुर की गौशाला से विदेशी शराब की खेप बरामद, एक व्यक्ति गिरफ्तार
निष्कर्ष भारत, संवाददाता (पटना)। पटना में शराब तस्करी के खिलाफ मद्य निषेध विभाग की कार्रवाई लगातार जारी है। इसी क्रम में बुधवार सुबह दीदारगंज थाना क्षेत्र के फतेहपुर में एक गौशाला से विदेशी शराब की बड़ी खेप बरामद की गई। विभाग की टीम ने गुप्त सूचना के आधार पर गौशाला में छापेमारी की, जहां अलग-अलग ब्रांड की शराब छिपाकर रखी गई थी। कार्रवाई के दौरान मौके से एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया गया है।
गौशाला में मद्य निषेध विभाग की इस कार्रवाई के बाद शराब की सप्लाई और उससे जुड़े नेटवर्क को लेकर जांच तेज कर दी गई है। विभाग की टीम यह पता लगाने में जुटी है कि बरामद शराब कहां से लाई गई थी और इसे किन लोगों तक पहुंचाया जाना था। अधिकारियों का कहना है कि जांच आगे बढ़ने पर इस मामले में और लोगों की भूमिका सामने आ सकती है।
गुप्त सूचना पर गौशाला में पहुंची टीम
एक्साइज इंस्पेक्टर मोहम्मद शमी के अनुसार, विभाग को सूचना मिली थी कि फतेहपुर स्थित एक गौशाला में भारी मात्रा में विदेशी शराब छिपाकर रखी गई है। सूचना मिलने के बाद अधिकारियों ने पहले इसकी पुष्टि की और फिर छापेमारी के लिए टीम तैयार की गई।
बुधवार सुबह टीम बताए गए गौशाला पर पहुंची और गौशाला परिसर की तलाशी शुरू की। तलाशी के दौरान अलग-अलग जगहों पर रखी शराब की बोतलें बरामद हुईं। अचानक हुई कार्रवाई से वहां मौजूद लोगों में हड़कंप मच गया।
शराब के कई ब्रांड बरामद
छापेमारी के दौरान टीम को कई ब्रांड की विदेशी शराब मिली है। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, बरामद शराब में बैलेंडर प्राइज, रॉयल चैलेंज और ओल्ड हैबिट ब्रांड शामिल हैं। हालांकि, अधिकारियों ने बताया कि बरामद शराब की पूरी जांच अभी बाकी है।
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मद्य निषेध विभाग के अनुसार, शराब की गिनती और अलग-अलग ब्रांड की पहचान विभागीय कार्यालय में की जाएगी। इसी प्रक्रिया के बाद बरामद शराब की कुल मात्रा का सही आकलन हो सकेगा। फिलहाल विभाग की ओर से शराब की अंतिम मात्रा की पुष्टि नहीं की गई है।
गौशाला में शराब मिलने से उठे सवाल
फतेहपुर में गौशाला जैसे स्थान से विदेशी शराब की खेप बरामद होने के बाद कई सवाल भी खड़े हुए हैं। जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि शराब को गौशाला में कब लाया गया और इसे वहां कितने समय से छिपाकर रखा गया था।
जांच का एक अहम पहलू यह भी है कि शराब की खेप को किस माध्यम से फतेहपुर तक पहुंचाया गया। इसके अलावा टीम यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि बरामद शराब को स्थानीय स्तर पर खपाया जाना था या इसे किसी दूसरे इलाके में भेजने की तैयारी थी।
एक व्यक्ति गिरफ्तार, पूछताछ जारी
कार्रवाई के दौरान मद्य निषेध विभाग की टीम ने चितरंजन कुमार नामक व्यक्ति को गिरफ्तार किया है। शुरुआती पूछताछ में उसने अधिकारियों को बताया कि वह करीब 15 दिनों से शराब के कारोबार से जुड़ा हुआ था। उसने यह भी दावा किया कि बरामद खेप उसकी पहली खेप थी।

हालांकि, विभाग ने उसके इस दावे को फिलहाल अंतिम रूप से स्वीकार नहीं किया है। अधिकारियों की ओर से आरोपी के बयान की स्वतंत्र रूप से जांच की जा रही है। पूछताछ के जरिए यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि वह शराब के कारोबार में किस-किस व्यक्ति के संपर्क में था।
शराब सप्लाई नेटवर्क की जांच तेज
मद्य निषेध विभाग अब बरामद शराब के स्रोत का पता लगाने में जुट गया है। जांच टीम यह जानकारी जुटाने की कोशिश कर रही है कि शराब की खेप किस जगह से फतेहपुर पहुंची थी। इसके लिए आरोपी से पूछताछ के साथ अन्य संभावित कड़ियों की भी जांच की जा रही है।
अधिकारियों को आशंका है कि मामले में केवल एक व्यक्ति की भूमिका तक जांच सीमित नहीं हो सकती। अगर पूछताछ में किसी अन्य व्यक्ति या समूह की संलिप्तता सामने आती है तो उनके खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी।
पटना में शराब के खिलाफ अभियान
बिहार में शराबबंदी लागू होने के बाद मद्य निषेध विभाग और पुलिस की ओर से अवैध शराब के खिलाफ लगातार अभियान चलाया जाता रहा है। इसी अभियान के तहत अलग-अलग इलाकों में छापेमारी कर शराब की बरामदगी और तस्करी से जुड़े लोगों पर कार्रवाई की जाती है।
फतेहपुर की यह कार्रवाई भी इसी अभियान का हिस्सा है। विभाग का कहना है कि गुप्त सूचना के आधार पर की गई कार्रवाई में मिली शराब को जब्त कर लिया गया है और गिरफ्तार व्यक्ति के खिलाफ नियमानुसार कानूनी प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
आगे और खुलासे की उम्मीद
फिलहाल विभाग की जांच दो प्रमुख बिंदुओं पर केंद्रित है। पहला, बरामद शराब की वास्तविक मात्रा और पूरी ब्रांड सूची तैयार करना और दूसरा, इस खेप के पीछे मौजूद सप्लाई नेटवर्क का पता लगाना।
आरोपी से पूछताछ के आधार पर पुलिस और मद्य निषेध विभाग शराब के स्रोत तक पहुंचने की कोशिश कर रहे हैं। अधिकारियों के अनुसार, जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगा कि यह केवल एक व्यक्ति की गतिविधि थी या इसके पीछे कोई बड़ा नेटवर्क काम कर रहा था।
बरामद शराब को विभागीय प्रक्रिया के तहत सुरक्षित रखा गया है। वहीं गिरफ्तार चितरंजन कुमार के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जा रही है। मामले में आगे की जांच के दौरान सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर कार्रवाई का दायरा बढ़ सकता है।
राजकुमार सिंह की रिपोर्ट
