पटना में गांजा तस्करी का बड़ा भंडाफोड़, 27 किलो गांजे के साथ 3 गिरफ्तार
पटना में 27 किलो गांजे के साथ तीन आरोपी गिरफ्तार
निष्कर्ष भारत, संवाददाता (पटना)। पटना में गांजा तस्करी के खिलाफ पुलिस को बड़ी कामयाबी मिली है। गोपालपुर थाना पुलिस ने पासवान चौक के पास कार्रवाई करते हुए 27 किलो गांजे की बड़ी खेप बरामद की है। गांजा तस्करी मामले में पुलिस ने तीन युवकों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक बरामद गांजे की अनुमानित कीमत करीब 6 लाख रुपये है। आरोपियों के पास से 1,450 रुपये नकद और तीन मोबाइल फोन भी जब्त किए गए हैं।
पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि गांजा तस्करी में गांजे की यह खेप कहां से लाई गई थी और इसे पटना में किन लोगों तक पहुंचाया जाना था। इसके साथ ही पुलिस गांजा तस्करी के पूरे सप्लाई नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की भी जानकारी जुटा रही है।
पासवान चौक के पास पुलिस की कार्रवाई
पटना सदर पुलिस अनुमंडल पदाधिकारी रंजन कुमार के अनुसार, पुलिस को गांजा तस्करी से जुड़े एक नेटवर्क के संबंध में जानकारी मिली थी। इसके बाद गोपालपुर थाना क्षेत्र में संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखी जा रही थी।
इसी निगरानी के दौरान पुलिस को पासवान चौक के पास तीन युवकों की गतिविधियां संदिग्ध लगीं। पुलिस टीम ने उन्हें रोककर तलाशी ली। गांजा तस्करी में तलाशी के दौरान उनके पास से गांजे की बड़ी खेप बरामद हुई। इसके बाद तीनों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू की गई।
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पुलिस की कार्रवाई के बाद इलाके में भी इस मामले को लेकर चर्चा तेज हो गई। बरामदगी की मात्रा को देखते हुए पुलिस इसे केवल स्थानीय स्तर पर की गई छोटी तस्करी का मामला मानकर नहीं चल रही है। जांच का दायरा अब सप्लाई चेन और इससे जुड़े दूसरे लोगों तक बढ़ाया जा रहा है।
तीनों आरोपी सुपौल के रहने वाले
गांजा तस्करी में गिरफ्तार आरोपियों की पहचान चंदन कुमार मेहता, उम्र 21 वर्ष, पवन कुमार, उम्र 26 वर्ष और अजीत कुमार मेहता, उम्र 20 वर्ष के रूप में हुई है। पुलिस के अनुसार, तीनों सुपौल जिले के भीमपुर थाना क्षेत्र स्थित ठुथी गांव के रहने वाले हैं।
तीनों आरोपियों के एक ही क्षेत्र से होने के कारण पुलिस उनके आपसी संबंधों और पटना आने-जाने के कारणों की भी जानकारी जुटा रही है। गांजा तस्करी में पूछताछ के दौरान यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि तीनों लंबे समय से इस तरह की गतिविधि में शामिल थे या किसी विशेष खेप को पहुंचाने के लिए पटना आए थे।
गांजा तस्करी के स्रोत की जांच शुरू
गांजा तस्करी में बरामदगी के बाद पुलिस की जांच का सबसे अहम बिंदु गांजे के स्रोत का पता लगाना है। पुलिस यह जांच कर रही है कि गांजा बिहार के किसी दूसरे इलाके से पटना लाया गया था या फिर इसे नेपाल अथवा उसके आसपास के क्षेत्रों से बिहार में लाया गया।

सुपौल जिला नेपाल सीमा के नजदीक स्थित है। इसी वजह से पुलिस इस एंगल को भी जांच में शामिल कर रही है। हालांकि, फिलहाल गांजे की खेप का स्रोत नेपाल या किसी अन्य स्थान से होने की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि बरामद गांजा कहां से आया था और इसके पीछे कौन लोग सक्रिय हैं।
पटना में सप्लाई की तैयारी थी?
पुलिस को आशंका है कि बरामद गांजे की खेप को पटना में ही सप्लाई किया जाना था। हालांकि, अभी यह स्पष्ट नहीं हुआ है कि गांजा शहर के किस इलाके में पहुंचाया जाना था और इसके खरीदार कौन थे।
गांजा तस्करी की जानकारी को हासिल करने के लिए पुलिस गिरफ्तार आरोपियों से लगातार पूछताछ कर रही है। पूछताछ में उनके पटना आने के उद्देश्य, संभावित संपर्कों और गांजे की खेप से जुड़े लोगों के बारे में जानकारी जुटाई जा रही है। जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि तीनों आरोपी केवल कैरियर के रूप में काम कर रहे थे या इस नेटवर्क में उनकी भूमिका इससे बड़ी थी।
तीन मोबाइल फोन से खुल सकते हैं राज
पुलिस ने आरोपियों के पास से तीन मोबाइल फोन भी जब्त किए हैं। अब इन मोबाइल फोन में मौजूद संपर्कों, कॉल डिटेल और अन्य उपलब्ध जानकारी की जांच की जा रही है।
जांच में पुलिस को उम्मीद है कि मोबाइल फोन से गांजे की सप्लाई से जुड़े महत्वपूर्ण सुराग मिल सकते हैं। संभावित खरीदारों, सप्लायरों और अन्य संपर्कों की जानकारी सामने आने पर पुलिस जांच को आगे बढ़ा सकती है।
गांजा तस्करी के नेटवर्क की कड़ियां जोड़ने में मोबाइल फोन की जांच को महत्वपूर्ण माना जा रहा है। पुलिस यह जानने का प्रयास कर रही है कि आरोपियों के संपर्क में कौन-कौन लोग थे और गिरफ्तारी से पहले किन लोगों से उनकी बातचीत हुई थी।
क्या अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क से कनेक्शन?
मामले की जांच में पुलिस इस पहलू पर भी ध्यान दे रही है कि कहीं आरोपियों का संपर्क किसी बड़े या अंतरराष्ट्रीय तस्करी नेटवर्क से तो नहीं है। फिलहाल इस संबंध में कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
पुलिस के सामने अब कई सवाल हैं। गांजा कहां से आया? पटना में इसकी सप्लाई किसे होनी थी? क्या आरोपी पहले भी ऐसी खेप पहुंचा चुके हैं? और इस नेटवर्क में उनके अलावा कितने लोग शामिल हैं? इन सवालों के जवाब आरोपियों से पूछताछ और जब्त मोबाइल फोन की जांच के बाद सामने आने की उम्मीद है।
सुपौल से पटना तक नेटवर्क की जांच
तीनों आरोपियों के सुपौल निवासी होने के कारण पुलिस उनकी गतिविधियों की कड़ी को सुपौल से पटना तक जोड़कर देख रही है। जांच में यह भी पता लगाया जा रहा है कि आरोपी किस माध्यम से पटना पहुंचे और बरामद गांजे की खेप उनके पास कैसे आई।

नेपाल सीमा से नजदीकी के कारण सुपौल को लेकर पुलिस की जांच का एक पहलू सीमा क्षेत्र से संभावित कनेक्शन पर भी केंद्रित है। हालांकि, केवल भौगोलिक स्थिति के आधार पर गांजे का स्रोत नेपाल मान लेना सही नहीं होगा। इसकी पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगी।
पुलिस का अगला फोकस सप्लाई चेन पर
27 किलो गांजे की बरामदगी के बाद पुलिस का अगला फोकस पूरे नेटवर्क का पता लगाने पर है। पुलिस यह जानना चाहती है कि इस खेप के पीछे कौन लोग हैं और इसका अंतिम ठिकाना क्या था। गिरफ्तार तीनों युवकों से पूछताछ के साथ-साथ उनके मोबाइल फोन और संपर्कों की जांच की जा रही है। यदि पूछताछ और तकनीकी जांच में नए नाम सामने आते हैं तो पुलिस उनके खिलाफ भी कार्रवाई कर सकती है।
गोपालपुर थाना पुलिस की कार्रवाई के बाद मामले की जांच जारी है। पुलिस गांजा तस्करी से जुड़े इस नेटवर्क की कड़ियों को जोड़ने और बरामद खेप के स्रोत से लेकर संभावित खरीदार तक पहुंचने की कोशिश कर रही है। जांच आगे बढ़ने के साथ इस मामले में और गिरफ्तारियां या नए खुलासे होने की संभावना से इनकार नहीं किया जा रहा है।
राजकुमार सिंह की रिपोर्ट
