मोकामा के नए डबल लाइन रेल पुल पर जल्द दौड़ेंगी ट्रेनें, 20 सितंबर से मेगा ब्लॉक

रेल पुल

 बिहार में रेल यात्रियों के लिए बड़ी खबर है। मोकामा में गंगा नदी पर बने नए डबल लाइन रेल पुल

निष्कर्ष भारत संवाददाता पटना: बिहार में रेल यात्रियों के लिए बड़ी खबर है। मोकामा में गंगा नदी पर बने नए डबल लाइन रेल पुल रेल पुल को मुख्य रेल नेटवर्क से जोड़ने का काम तेजी से चल रहा है। पुराने राजेंद्र सेतु के समानांतर तैयार किए गए इस नए रेल पुल के चालू होने के बाद मोकामा-बरौनी रेलखंड की क्षमता बढ़ने की उम्मीद है। रेलवे की तैयारियों के मुताबिक, सभी तकनीकी काम समय पर पूरे हुए तो अक्टूबर 2026 से नए पुल पर ट्रेनों का परिचालन शुरू हो सकता है।

ईस्ट सेंट्रल रेलवे के दस्तावेजों में भी पुराने राजेंद्र सेतु के समानांतर नए डबल लाइन पुल और संबंधित डबलिंग परियोजना का उल्लेख किया गया है।

1. पुराने राजेंद्र सेतु के समानांतर बना नया रेल पुल

मोकामा में गंगा नदी पर बना पुराना राजेंद्र सेतु लंबे समय से रेल संपर्क का महत्वपूर्ण हिस्सा रहा है। इस पुल पर रेल रेल पुल परिचालन के लिए सिंगल लाइन की व्यवस्था होने के कारण ट्रेनों की बढ़ती संख्या के साथ परिचालन पर दबाव भी बढ़ता रहा है।

इसी को देखते हुए पुराने पुल के समानांतर नए डबल लाइन रेल पुल का निर्माण किया गया है। नए पुल के चालू होने के बाद दोनों लाइनों की उपलब्धता से इस रेलखंड पर ट्रेनों की आवाजाही को अधिक सुचारू तरीके से संचालित करने में मदद मिलने की उम्मीद है।

2. 20 सितंबर से 4 अक्टूबर तक रहेगा मेगा ब्लॉक

नए पुल को मुख्य रेल नेटवर्क से जोड़ने के लिए रेलवे की ओर से महत्वपूर्ण तकनीकी काम किया जाएगा। इसके लिए 20 सितंबर से 4 अक्टूबर 2026 तक मेगा ब्लॉक लिया जाना प्रस्तावित है।

इस दौरान नॉन-इंटरलॉकिंग का काम किया जाएगा। नए डबल लाइन रेल पुल को मौजूदा रेल नेटवर्क से जोड़ने के साथ सिग्नलिंग सिस्टम, इलेक्ट्रॉनिक इंटरलॉकिंग और अलग-अलग पैनल को आपस में कनेक्ट करने का काम भी किया जाएगा।

तकनीकी काम पूरा होने के बाद नए पुल पर ट्रेनों के परिचालन का रास्ता साफ होगा।

3. कई ट्रेनों के परिचालन पर पड़ेगा असर

मेगा ब्लॉक के दौरान निर्माण और नॉन-इंटरलॉकिंग कार्य के कारण इस रूट से गुजरने वाली कई ट्रेनों के परिचालन में बदलाव किया जा सकता है।

कुछ ट्रेनों को डायवर्ट किया जाएगा, जबकि कुछ ट्रेनों के रूट और परिचालन समय में अस्थायी बदलाव किया जा सकता है। ऐसे में यात्रियों को सलाह दी गई है कि वे यात्रा से पहले अपनी ट्रेन के रूट, समय और परिचालन की स्थिति की जानकारी रेलवे के आधिकारिक माध्यमों से जरूर जांच लें।

इस दौरान दिल्ली-कामाख्या एक्सप्रेस, हावड़ा-प्रयागराज रामबाग विभूति एक्सप्रेस, पूर्वा एक्सप्रेस, वंदे भारत एक्सप्रेस और अमृतसर-हावड़ा मेल समेत कई ट्रेनों के परिचालन पर असर पड़ने की जानकारी दी गई है।

4. मोकामा-बरौनी और हावड़ा-दिल्ली रेल नेटवर्क को मिलेगा फायदा

नया रेल पुल मोकामा-बरौनी रेलखंड और हावड़ा-दिल्ली मुख्य रेल मार्ग के बीच कनेक्टिविटी को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।

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पुल के चालू होने के बाद इस व्यस्त रेलखंड पर ट्रेनों को संचालित करने के लिए अतिरिक्त लाइन उपलब्ध होगी। इससे सिंगल लाइन वाले पुराने पुल पर निर्भरता कम होगी और रेल यातायात के प्रबंधन में सहूलियत मिलने की उम्मीद है।

रेलवे की योजना के अनुसार, नए रेल कनेक्शन का प्रभाव अपर हथीदह, ताल जंक्शन, रामपुर दुमरा, दिनकर ग्राम सिमरिया और बरौनी जंक्शन जैसे स्टेशनों से जुड़े रेल परिचालन पर भी पड़ेगा।

5. करीब 1700 करोड़ की परियोजना

मोकामा डबल लाइन रेल ब्रिज परियोजना पर करीब 1700 करोड़ रुपये खर्च होने की जानकारी दी गई है। मुख्य रेल पुल की लंबाई लगभग 1.86 किलोमीटर है, जबकि कनेक्टिंग ट्रैक और अन्य निर्माण कार्यों को मिलाकर पूरी परियोजना की लंबाई करीब 14 किलोमीटर बताई गई है।

इस परियोजना का उद्देश्य केवल गंगा नदी पर नया रेल पुल बनाना नहीं है, बल्कि पूरे रेल नेटवर्क की क्षमता को बढ़ाना भी है।

ईस्ट सेंट्रल रेलवे ने भी बिहार में रेल नेटवर्क के विस्तार और मल्टी-ट्रैकिंग परियोजनाओं के तहत राजेंद्र पुल के समानांतर नए डबल लाइन पुल की प्रगति का उल्लेख किया है।

6. ट्रेनों को आउटर पर रुकने से मिल सकती है राहत

नए डबल लाइन पुल के शुरू होने के बाद पुराने सिंगल लाइन पुल पर ट्रेनों का दबाव कम होने की उम्मीद है। इसका असर ट्रेनों के परिचालन पर भी पड़ सकता है।

अतिरिक्त लाइन उपलब्ध होने से ट्रेनों को क्रॉसिंग और परिचालन संबंधी बाधाओं के कारण लंबे समय तक इंतजार कराने की जरूरत कम हो सकती है। इससे व्यस्त रेलखंड पर ट्रेनों की आवाजाही को बेहतर तरीके से मैनेज करने में मदद मिलेगी।

हालांकि, वास्तविक परिचालन लाभ नए पुल के पूरी तरह चालू होने और उससे जुड़े सभी तकनीकी कार्य पूरे होने के बाद ही स्पष्ट होगा।

7. उत्तर और दक्षिण बिहार के बीच रेल कनेक्टिविटी होगी मजबूत

मोकामा का यह रेल पुल बिहार के कई महत्वपूर्ण क्षेत्रों के बीच रेल संपर्क को प्रभावित करेगा। इसके जरिए पटना, बेगूसराय, लखीसराय, समस्तीपुर, खगड़िया और सीमांचल क्षेत्र की ओर जाने वाली रेल सेवाओं के संचालन में क्षमता बढ़ाने में मदद मिल सकती है।

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खासकर हावड़ा-दिल्ली जैसे व्यस्त रेल कॉरिडोर से जुड़े इस क्षेत्र में अतिरिक्त रेल लाइन उपलब्ध होना परिचालन की दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

8. अक्टूबर में शुरू हो सकता है ट्रेनों का परिचालन

फिलहाल रेलवे की प्राथमिकता नॉन-इंटरलॉकिंग, सिग्नलिंग और इलेक्ट्रॉनिक सिस्टम से जुड़े सभी तकनीकी कार्यों को पूरा करना है।

20 सितंबर से 4 अक्टूबर के बीच प्रस्तावित मेगा ब्लॉक के दौरान मुख्य काम पूरा होने के बाद नए पुल को रेल नेटवर्क से जोड़ने की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी। यदि सभी काम निर्धारित समय के अनुसार पूरे होते हैं तो अक्टूबर 2026 में मोकामा के नए डबल लाइन रेल पुल से ट्रेनों का परिचालन शुरू होने की संभावना है।

नए पुल के शुरू होने के बाद बिहार के इस महत्वपूर्ण रेल कॉरिडोर में क्षमता बढ़ेगी और मोकामा-बरौनी रेलखंड पर ट्रेनों के परिचालन को नई गति मिलने की उम्मीद है।

Nishkarsh Bharat

पटना से कीमती कुमारी का रिपोर्ट