बिहार में शिक्षकों के ट्रांसफर का इंतजार बढ़ा, अब 4 अक्टूबर से आवेदन, बाढ़ के कारण बदला शेड्यूल

ट्रांसफर

बिहार शिक्षक ट्रांसफर के लिए 4 से 10 अक्टूबर तक आवेदन

निष्कर्ष भारत, संवाददाता (पटना)। बिहार शिक्षक ट्रांसफर का इंतजार कर रहे सरकारी शिक्षकों के लिए एक बार फिर तारीख बदल गई है। राज्य के कई जिलों में बाढ़ और प्राकृतिक आपदा की स्थिति के कारण शिक्षा विभाग ने सामान्य यानी तीसरे चरण के स्थानांतरण की समय-सारणी आगे बढ़ा दी है। अब स्कूलवार संशोधित रिक्तियों की सूची 1 अक्टूबर 2026 को जारी होगी, जबकि शिक्षक 4 से 10 अक्टूबर तक ऑनलाइन आवेदन कर सकेंगे।

शिक्षा विभाग की ओर से जारी संशोधित कार्यक्रम के बाद उन हजारों शिक्षकों को नई तारीख का इंतजार करना होगा, जो सामान्य या ऐच्छिक स्थानांतरण के जरिए अपने पसंदीदा स्कूल में जाने की उम्मीद लगाए बैठे हैं। पहले सामान्य स्थानांतरण के लिए आवेदन 17 से 23 सितंबर तक प्रस्तावित थे। अब इसे अक्टूबर में शिफ्ट कर दिया गया है।

बाढ़ ने फिर रोकी ट्रांसफर प्रक्रिया

शिक्षा विभाग ने समय-सारणी में बदलाव के पीछे राज्य के कई हिस्सों में बाढ़ और प्राकृतिक आपदा की गंभीर स्थिति को प्रमुख कारण बताया है। पहले और दूसरे चरण की गतिविधियों में देरी होने का सीधा असर तीसरे चरण के सामान्य ट्रांसफर पर पड़ा है।

पहले सरप्लस शिक्षकों के समायोजन और पारस्परिक स्थानांतरण की प्रक्रिया पूरी होनी है। इसके बाद इन प्रक्रियाओं के आधार पर स्कूलवार खाली पदों की संख्या में बदलाव होगा। इसी वजह से सामान्य ट्रांसफर के लिए नई रिक्तियों की सूची पहले जारी की जाएगी और फिर शिक्षक आवेदन कर सकेंगे।

1 अक्टूबर को आएगी स्कूलवार रिक्तियों की सूची

नए शेड्यूल में 1 अक्टूबर की तारीख शिक्षकों के लिए बेहद महत्वपूर्ण है। इसी दिन समायोजन और पारस्परिक स्थानांतरण के बाद संशोधित विद्यालयवार रिक्तियों का प्रकाशन किया जाएगा।

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इस सूची से शिक्षकों को यह जानकारी मिलेगी कि सामान्य स्थानांतरण के लिए किन स्कूलों में पद उपलब्ध हैं। इसके बाद शिक्षक अपनी पसंद और प्राथमिकता के अनुसार विद्यालयों का विकल्प चुनते हुए आवेदन कर सकेंगे। यानी आवेदन करने से पहले शिक्षकों के लिए नई रिक्तियों की सूची देखना जरूरी होगा। उपलब्ध पदों के आधार पर ही वे अपनी पसंद के स्कूलों का विकल्प तय कर पाएंगे।

4 से 10 अक्टूबर तक होगा सामान्य ट्रांसफर

बिहार शिक्षक ट्रांसफर के तीसरे चरण के तहत ऑनलाइन आवेदन की प्रक्रिया 4 अक्टूबर से शुरू होगी। शिक्षक 10 अक्टूबर तक आवेदन जमा कर सकेंगे। आवेदन के दौरान उन्हें उपलब्ध विद्यालयों में अपनी पसंद और प्राथमिकता के अनुसार विकल्प देना होगा।

शिक्षा विभाग की नई समय-सारणी के मुताबिक आवेदन की अवधि समाप्त होने के बाद विभागीय स्तर पर आवेदनों की जांच और स्थानांतरण से जुड़ी अगली प्रक्रिया शुरू होगी। शिक्षकों को इस अवधि में आवेदन की अंतिम तारीख का विशेष ध्यान रखना होगा।

ट्रांसफर की पूरी टाइमलाइन समझिए

संशोधित कार्यक्रम के अनुसार 1 अक्टूबर को स्कूलवार संशोधित रिक्तियों का प्रकाशन होगा। इसके बाद 4 से 10 अक्टूबर तक सामान्य स्थानांतरण के लिए ऑनलाइन आवेदन और विद्यालयों का विकल्प चयन किया जाएगा।

12 अक्टूबर से स्थानांतरण सूची तैयार करने, उसके प्रकाशन और आपत्ति या अपील से जुड़ी प्रक्रिया शुरू होगी। उपलब्ध संशोधित कार्यक्रमों के अनुसार यह प्रक्रिया नवंबर तक चलेगी। अलग-अलग रिपोर्टों में अंतिम तारीख 16 और 18 नवंबर बताई गई है, इसलिए शिक्षकों को विभाग की अंतिम अधिसूचना को प्राथमिकता देनी चाहिए।

पहले दो चरणों के बाद क्या स्थिति बनी?

बिहार में शिक्षक स्थानांतरण प्रक्रिया को तीन चरणों में आगे बढ़ाया जा रहा है। शुरुआती चरणों में सरप्लस शिक्षकों का समायोजन और पारस्परिक यानी म्यूचुअल ट्रांसफर शामिल रहा। इसके बाद सामान्य या ऐच्छिक स्थानांतरण की बारी है।

पहले चरण में बड़ी संख्या में शिक्षकों ने आवेदन किया था। उपलब्ध रिपोर्ट के अनुसार सरप्लस/समायोजन से जुड़े आवेदन 73 हजार से अधिक रहे हैं। अब तीसरे चरण में उन शिक्षकों की नजर है जो अपनी पसंद के विद्यालय में स्थानांतरण चाहते हैं। उनके लिए स्कूलवार रिक्तियों का प्रकाशन सबसे महत्वपूर्ण चरण होगा।

दूर-दराज में तैनात शिक्षकों की उम्मीदें

स्थानांतरण प्रक्रिया को लेकर शिक्षकों के बीच सबसे ज्यादा उम्मीद सामान्य ट्रांसफर से जुड़ी है। विशेष रूप से ऐसे शिक्षक जो लंबे समय से अपने गृह क्षेत्र से दूर स्कूलों में तैनात हैं, वे सामान्य स्थानांतरण के जरिए नजदीकी विद्यालय पाने की कोशिश करेंगे।

बिहार की 2026 स्थानांतरण नियमावली में ऑनलाइन प्रक्रिया और विभिन्न श्रेणियों के लिए प्राथमिकता का प्रावधान किया गया है। गंभीर बीमारी, दिव्यांगता और कुछ अन्य परिस्थितियों वाले शिक्षकों के लिए प्राथमिकता संबंधी प्रावधान भी बताए गए हैं।  इसी वजह से सामान्य ट्रांसफर में आवेदन करने वाले शिक्षकों की नजर केवल रिक्तियों पर नहीं, बल्कि निर्धारित प्राथमिकता और चयन प्रक्रिया पर भी रहेगी।

‘संपर्क’ और मनपसंद पोस्टिंग के आरोप

पहले और दूसरे चरण की प्रक्रिया के बाद कुछ शिक्षकों की ओर से यह सवाल भी उठाए जा रहे हैं कि क्या सभी मामलों में पारदर्शी तरीके से नियमों का पालन हुआ। कुछ शिक्षकों का दावा है कि आपसी संपर्क और नेटवर्किंग का लाभ कुछ लोगों को मिला, जबकि दूर-दराज में लंबे समय से तैनात शिक्षक अब भी स्थानांतरण का इंतजार कर रहे हैं।

हालांकि, ऐसे आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। इसलिए इन्हें शिकायत या शिक्षकों के दावे के रूप में ही देखा जाना चाहिए। आधिकारिक रूप से शिक्षा विभाग ने ऑनलाइन प्रक्रिया और निर्धारित नियमों के तहत स्थानांतरण कराने की व्यवस्था की है।

म्यूचुअल ट्रांसफर में भी सामने आई अलग तस्वीर

पारस्परिक स्थानांतरण यानी म्यूचुअल ट्रांसफर में दो शिक्षकों की सहमति और निर्धारित शर्तों के आधार पर प्रक्रिया आगे बढ़ती है। इस चरण के बाद खाली पदों की तस्वीर बदल सकती है। यही कारण है कि सामान्य ट्रांसफर शुरू करने से पहले संशोधित स्कूलवार रिक्तियों को प्रकाशित किया जा रहा है। शिक्षकों के लिए यह सूची इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि पहले से उपलब्ध रिक्तियों और समायोजन के बाद बची रिक्तियों में अंतर हो सकता है।

क्या 5 साल का इंतजार करना पड़ेगा?

स्थानांतरण नीति को लेकर शिक्षकों के बीच पांच साल की बाध्यता को लेकर भी चर्चा है। नियमों में स्थानांतरण के बाद कुछ परिस्थितियों में दोबारा आवेदन की पात्रता से संबंधित प्रावधान हैं। हालांकि, किसी शिक्षक के आवेदन या स्थानांतरण के मामले में 2031 तक निश्चित रूप से रोक लगेगी या नहीं, यह संबंधित नियम और उस शिक्षक की स्थिति पर निर्भर करेगा।

इसलिए केवल ट्रांसफर नहीं होने को हर मामले में पांच साल की निश्चित रोक मानना उचित नहीं होगा। शिक्षकों को अपने मामले में लागू नियमों और विभागीय आदेश को देखना चाहिए।

शिक्षा मंत्री ने भी दिया था प्रक्रिया आगे बढ़ाने का भरोसा

शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी पहले कह चुके हैं कि स्थानांतरण और समायोजन से जुड़े मामलों को निर्धारित समयसीमा में निपटाने की कोशिश की जा रही है। विभाग की ओर से ऑनलाइन प्रक्रिया को लागू करने का उद्देश्य स्थानांतरण व्यवस्था को अधिक व्यवस्थित और पारदर्शी बनाना बताया गया है।

अब तीसरे चरण की तारीख आगे बढ़ने के बाद शिक्षकों को अक्टूबर में आवेदन का नया अवसर मिलेगा। हालांकि, आवेदन के बाद वास्तविक स्थानांतरण रिक्तियों, प्राथमिकता और विभागीय स्क्रीनिंग के आधार पर होगा।

अब शिक्षकों की नजर 1 अक्टूबर पर

बिहार शिक्षक ट्रांसफर को लेकर अब शिक्षकों की सबसे बड़ी नजर 1 अक्टूबर पर रहेगी। इसी दिन संशोधित स्कूलवार रिक्तियों की सूची जारी होगी। इसके तीन दिन बाद यानी 4 अक्टूबर से सामान्य स्थानांतरण के लिए आवेदन शुरू होंगे। 4 से 10 अक्टूबर तक शिक्षक ऑनलाइन आवेदन और विद्यालयों का विकल्प चयन कर सकेंगे। इसके बाद 12 अक्टूबर से विभागीय स्तर पर सूची, आपत्ति और अपील की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी।

बाढ़ और प्राकृतिक आपदा के कारण तारीख भले ही आगे बढ़ गई हो, लेकिन अब शिक्षकों के लिए जरूरी है कि वे नई समय-सारणी के अनुसार तैयारी रखें। खासकर लंबे समय से स्थानांतरण का इंतजार कर रहे शिक्षकों के लिए 1 अक्टूबर को जारी होने वाली रिक्तियों की सूची और 4 से 10 अक्टूबर की आवेदन अवधि महत्वपूर्ण रहेगी।

Nishkarsh Bharat

राजकुमार सिंह की रिपोर्ट

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